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यह संदेश व्यक्त करता है कि भले ही किसी व्यक्ति के दिन बुरे हों, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसकी किस्मत खराब है। इसमें इस अटल विश्वास को दोहराया गया है कि अंततः वही होगा जो भाग्य में लिखा है।
V k Vishwakarma
यह संदेश व्यक्त करता है कि भले ही किसी व्यक्ति के दिन बुरे हों, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसकी किस्मत खराब है। इसमें इस अटल विश्वास को दोहराया गया है कि अंततः वही होगा जो भाग्य में लिखा है।
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- इंदौर में उद्योग नगर से बायपास तक की सड़क भारी वाहनों के लिए एक पार्किंग स्थल में तब्दील हो गई है। इस स्थिति के कारण सड़क पर लगातार रेती गिर रही है, जिससे इस मार्ग पर हादसों का खतरा बढ़ता जा रहा है।1
- देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर आज अपने वार्ड क्रमांक 1 के सिरपुर क्षेत्र की खराब सड़कों के कारण सवालों के घेरे में है। पहली ही बारिश में यहां की सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे स्कूली बच्चों, स्थानीय रहवासियों और राहगीरों को हर दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि लगभग एक साल से चली आ रही है। बार-बार शिकायतें करने के बावजूद, अब तक इस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता में नंबर 1 के तमगे वाले इंदौर के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुध आखिर कब ली जाएगी और क्या जनप्रतिनिधियों व नगर निगम को इस बदहाल स्थिति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए?1
- इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के एक ठिकाने पर एक साथ तीन टीमों के साथ छापा मारा। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकारी के पास आय से अधिक संपत्ति है, उनकी कुल वैध आय लगभग ढाई करोड़ रुपये होनी थी, जबकि उनकी कुल अर्जित संपत्ति साढ़े नौ करोड़ रुपये पाई गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर राजेश सहाय को मिली शिकायत और उसके सत्यापन के बाद विशेष न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर यह कार्रवाई की गई। लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक आशुतोष मिठास ने बताया कि जांच में पता चला है कि कंडवाल ने अपने लगभग 30 वर्षों के सेवाकाल के दौरान इंदौर, पीथमपुर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया था। अब तक कुल 14 संपत्तियों की जानकारी मिली है, जिनमें शहर के पॉश इलाके स्कीम 140 में कीमती रिहायशी प्लॉट, कई कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इंदौर के स्कीम नंबर-103 स्थित एक चार मंजिला भवन भी जांच के दायरे में है, जिसकी तीन मंजिलों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है और अधिकारी वहां खुद एक जिम संचालित करते हैं, जबकि ऊपरी मंजिल पर उनका निवास है। लोकायुक्त की टीम इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और निवेश के रिकॉर्ड खंगाल रही है, साथ ही एक बैंक लॉकर की जानकारी मिलने के बाद उसकी भी जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, छापे की कार्रवाई अभी जारी है, और जांच पूरी होने पर संपत्तियों का आंकड़ा तथा उनका कुल मूल्यांकन और बढ़ने की संभावना है।1
- Available for Sale Locality : Economics Super Corridor Area (dimensions) : 765 Expected Price : 3060000 Property Type : Residential Plot सुपर कॉरिडोर टच कॉलोनी तीनों साईं से 250 ft रोड रहेगा 4 एंट्री गेट रहेंगे 100 ft रोड, 30 ft मकान के सामने, east west फेसिंग कॉलोनी , अंडरग्राउंड इलेक्ट्रिसिटी ,नल फिटिंग के साथ। 1 क्लब हाउस covered compass RERA अपरूप कॉलोनी है 90% लोन हो जाएगा ऑल बैंक5
- इंदौर में अत्याधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सुविधा का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्घाटन विधायक गोलू शुक्ला ने किया। यह विशेषज्ञ सेवाएँ डॉ. गिरीश गुप्ता के नेतृत्व में प्रदान की जाएँगी। इस सुविधा के तहत घुटना, कूल्हा, कोहनी सहित सभी प्रकार की जॉइंट सर्जरी रोबोटिक तकनीक का उपयोग करके की जा सकेंगी, जिससे मरीजों को ऑपरेशन के अगले ही दिन चलने-फिरने में सक्षम होने का लाभ मिलेगा।1
- कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीप ने घोषणा की है कि वे आगामी 12 जून को लखनऊ में प्रदर्शन करने आ रहे हैं।1
- जनसुनवाई के बाद हुई तीखी बहस से माहौल गरमा गया, जिसके कारण तहसीलदार को हस्तक्षेप के लिए पहुँचना पड़ा। इसी घटनाक्रम के बीच पत्रकार संगठनों ने मोर्चा खोलते हुए आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कैमरे बंद किए जा रहे हैं।1
- इंदौर के नेमावर रोड पर रेती से भरे ट्रकों और भारी वाहनों का अतिक्रमण प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में की गई कार्रवाई के बावजूद, सड़क किनारे वाहनों की कतारें अभी भी लग रही हैं, जिससे सड़क पर गिरती रेती से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विडंबना यह है कि इस समस्या के बावजूद करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पार्किंग व्यवस्था का उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आखिर कब प्रभावी और स्थायी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय रहवासियों, व्यापारिक संगठनों और वाहन चालकों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, नगर निगम, यातायात पुलिस और खनिज विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कार्रवाई की मांग की है। उनका स्पष्ट मत है कि केवल एक-दो दिन की कार्रवाई से यह समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इसके लिए नियमित निगरानी, भारी जुर्माना लगाना, अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों की जब्ती करना और सड़क पर रेती गिराने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करना बेहद आवश्यक है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो नेमावर रोड किसी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकता है, और शहर की यातायात व्यवस्था को सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाए रखने के लिए इस समस्या का स्थायी समाधान अब समय की आवश्यकता बन चुका है।1