कुल्लू में मानव जीवन को सही दिशा देने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण और स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों के माध्यम से सफलता और आत्म-नियंत्रण के सूत्र साझा किए गए हैं। भगवद्गीता के नौवें अध्याय के श्लोकों के अनुसार, मनुष्य को इस क्षणभंगुर शरीर को प्राप्त कर निरंतर ईश्वर की शरण में रहकर उनका भजन करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश है कि जो व्यक्ति सुख में हर्षित नहीं होता और अशुभ होने पर दुखी नहीं होता, वही पूर्ण ज्ञान में स्थिर रहता है। इस संसार में 'अनुमान' को मन की कल्पना और 'अनुभव' को जीवन की सच्ची सीख बताया गया है, इसलिए सभी के साथ विनम्र रहने और किसी को भी अपना विश्वास देने से पहले अच्छी तरह परखने की सलाह दी गई है। मन को नियंत्रित करने के लिए गीता के छठे अध्याय के माध्यम से अभ्यास और वैराग्य को ही एकमात्र उपाय बताया गया है। चंचल मन को वश में करना कठिन जरूर है, लेकिन हर बार भटकने पर उसे बिना क्रोध किए शांतिपूर्वक वापस लाना ही असली साधना है। इसके साथ ही, सफलता के लिए पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता को परम आवश्यक बताते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा किया गया है। उनके अनुसार, महान कार्यों के लिए महान त्याग करने पड़ते हैं और स्वयं को या दूसरों को कमजोर मानना सबसे बड़ा पाप है क्योंकि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। रामायण के जीवन-मंत्र को साझा करते हुए इसे केवल पढ़ने के बजाय जीवन में उतारने पर बल दिया गया है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुसार मनुष्य को वही वचन देने चाहिए जिन्हें वह निभा सके, और ऐसा चरित्र बनाना चाहिए जिसे लोग जाने के बाद भी याद रखें। संकट के समय मनुष्य के धैर्य, विश्वास और चरित्र की परीक्षा होती है। रामायण का सबसे बड़ा संदेश यही है कि जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या पर विजय पा लेता है, तभी उसके भीतर श्रीराम के आदर्शों का प्रकाश प्रकट होता है।
कुल्लू में मानव जीवन को सही दिशा देने के लिए श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण और स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों के माध्यम से सफलता और आत्म-नियंत्रण के सूत्र साझा किए गए हैं। भगवद्गीता के नौवें अध्याय के श्लोकों के अनुसार, मनुष्य को इस क्षणभंगुर शरीर को प्राप्त कर निरंतर ईश्वर की शरण में रहकर उनका भजन करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण का संदेश है कि जो व्यक्ति सुख में हर्षित नहीं होता और अशुभ होने पर दुखी नहीं होता, वही पूर्ण ज्ञान में स्थिर रहता है। इस संसार में 'अनुमान' को मन की कल्पना और 'अनुभव' को जीवन की सच्ची सीख बताया गया है, इसलिए सभी के साथ विनम्र रहने और किसी को भी अपना विश्वास देने से पहले अच्छी तरह परखने की सलाह दी गई है। मन को नियंत्रित करने के लिए गीता के छठे अध्याय के माध्यम से अभ्यास और वैराग्य को ही एकमात्र उपाय बताया गया है। चंचल मन को वश में करना कठिन जरूर है, लेकिन हर बार भटकने पर उसे बिना क्रोध किए शांतिपूर्वक वापस लाना ही असली साधना है। इसके साथ ही, सफलता के लिए पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता को परम आवश्यक बताते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को साझा किया गया है। उनके अनुसार, महान कार्यों के लिए महान त्याग करने पड़ते हैं और स्वयं को या दूसरों को कमजोर मानना सबसे बड़ा पाप है क्योंकि आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। रामायण के जीवन-मंत्र को साझा करते हुए इसे केवल पढ़ने के बजाय जीवन में उतारने पर बल दिया गया है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुसार मनुष्य को वही वचन देने चाहिए जिन्हें वह निभा सके, और ऐसा चरित्र बनाना चाहिए जिसे लोग जाने के बाद भी याद रखें। संकट के समय मनुष्य के धैर्य, विश्वास और चरित्र की परीक्षा होती है। रामायण का सबसे बड़ा संदेश यही है कि जब मनुष्य अपने भीतर के अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या पर विजय पा लेता है, तभी उसके भीतर श्रीराम के आदर्शों का प्रकाश प्रकट होता है।
- कुल्लू जिले की सैंज घाटी में पंचायत प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पार्वती पावर स्टेशन 3 के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी से मुलाकात की है। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने घाटी की खराब हो चुकी सड़कों को सुधारने की मांग प्रमुखता से उठाई है। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति को ठीक करने के लिए प्रतिनिधियों ने मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष अपनी बात रखी।1
- मंडी जिले की पधर तहसील के गाँव सरवाला की एक होनहार बेसहारा छात्रा सानिया चौहान की उच्च शिक्षा के लिए 'चच्योट निधि बैंक लिमिटेड वेलफेयर एसोसिएशन' (मुख्यालय चैलचौक) ने आर्थिक सहायता प्रदान करने का जिम्मा उठाया है। समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को निभाते हुए एसोसिएशन ने सानिया की बी.ए. एल.एल.बी. (BA LLB) की शिक्षा के लिए यह सराहनीय पहल की है। स्वर्गीय श्री रोशन लाल की सुपुत्री सानिया एक अत्यंत निर्धन पृष्ठभूमि से आती हैं। पिता के देहांत और माता के दूसरे विवाह के कारण वे पूरी तरह से बेसहारा हो चुकी हैं। हालांकि, प्रशासन और विभागीय मुस्तैदी के चलते इस होनहार छात्रा को हिमाचल प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना' के सुरक्षा चक्र के तहत सफलतापूर्वक लाया जा चुका है। सरकारी प्रयासों को और अधिक मजबूती प्रदान करने तथा छात्रा के 'डी.डी.एम. साई लॉ कॉलेज, हमीरपुर' में प्रवेश की प्रक्रिया को अत्यंत सुगम व बाधारहित बनाने के उद्देश्य से चच्योट निधि बैंक लिमिटेड वेलफेयर एसोसिएशन ने सानिया को गोद लेने का निर्णय लिया है। छात्रा द्वारा सहायता हेतु प्रस्तुत किए गए आवेदन पर तुरंत संज्ञान लेते हुए संस्था ने उसकी तात्कालिक और प्रवेश से जुड़ी आवश्यकताओं के लिए तत्काल प्रभाव से आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की घोषणा की है, ताकि इस होनहार बेटी का वकालत का सपना साकार हो सके। एसोसिएशन का मानना है कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर शत-प्रतिशत सफल बनाने में सामाजिक संस्थाओं की सकारात्मक भागीदारी अहम है और संस्था भविष्य में भी जरूरतमंदों के कल्याण के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करने के लिए सदैव तत्पर है।1
- कुल्लू की सैंज घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों और पार्वती तीन के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर नेगी के बीच शनिवार को एक अहम बैठक हुई।1
- मंडी जिले के रिवालसर में बारिश शुरू होने से पहले ही सड़कें टूट गई हैं। सड़कों की इस खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए कमलेश शर्मा ने सरकार से एक बड़ी अपील की है।1
- हमीरपुर के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर से अब श्रद्धालु और भक्तजन ऑनलाइन भी प्रसाद प्राप्त कर सकते हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसी गंधर्व राठौड़ ने बताया कि बाबा बालक नाथ मंदिर से अब भक्तों के लिए ऑनलाइन प्रसाद प्राप्त करने की सुविधा शुरू कर दी गई है, जिससे भक्त जन अब आसानी से प्रसाद पा सकेंगे।1
- विकास खंड सुजानपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टिहरा प्रांगण में बनाए गए श्री कृष्ण लीला धाम परिसर से एक बड़ा सांप रेस्क्यू किया गया है। यह सांप वहां स्थापित किए गए कमल के फूल के बीच में मौजूद था, जहां से इसका रेस्क्यू किया गया।1
- आशापुरी माता रैला (धलियारा) को समर्पित कुल्लवी भक्ति गीत "महिमा माँ आशापुरी जी की" कल रविवार, 12 जुलाई 2026 को सायं 6:00 बजे यूट्यूब चैनल 'The Folk Studio' पर लॉन्च होने जा रहा है। बुद्धि सिंह ठाकुर की रिपोर्ट के अनुसार, इस विशेष भजन के गीतकार और मुख्य गायक D. C. Thakur हैं, जबकि संगीत और वीडियो निर्देशन M.K.Varma द्वारा किया गया है। इस कुल्लवी भजन में मीना ठाकुर, रंजना ठाकुर और वीना ठाकुर ने समूह गायक के रूप में अपनी आवाज दी है। दर्शक इस भक्ति गीत की एक झलक वीडियो के माध्यम से भी देख सकते हैं।1
- कुल्लू के सर्वपल्ली राधाकृष्णन बी.एड, एम.एड एवं डिग्री कॉलेज में आयोजित विदाई समारोह में एक लड़की ने बेहद आकर्षक किरदार निभाया है। कार्यक्रम के दौरान इस लड़की का यह प्रदर्शन लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।1