Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज 27 जून को मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के संध्या कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस भक्तिपूर्ण अवसर पर 'जय माई की' का उद्घोष किया गया।
Satyanarayan tiwari
आज 27 जून को मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के संध्या कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन हुए। इस भक्तिपूर्ण अवसर पर 'जय माई की' का उद्घोष किया गया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना-चित्रकूट के मझगवां वन परिक्षेत्र के सरभंगा क्षेत्र में एक बार फिर टाइगर देखा गया है। यह टाइगर बरहा से डेगरहट मार्ग पर बीच रास्ते में सड़क किनारे खड़ा था, जिसकी गतिविधि वीडियो में कैद हो गई है।1
- एक बच्चे की तलाश में हुई देरी को लेकर परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। बच्चे के पिता ने रोते-बिलखते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की है, उनका कहना है कि सुबह 10 बजे से शाम के 6 बज चुके हैं, लेकिन अब तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे हैं। परिजनों को लगातार केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें भारी नाराजगी है।1
- रामनगर क्षेत्र की मार्कण्डेय नदी में शनिवार को नहाने के दौरान 15 वर्षीय एक किशोर के डूब जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना में कुल तीन बच्चे नदी में डूबे थे, जिनमें से दो को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन तीसरे बच्चे का शव घंटों की तलाश के बाद भी नहीं मिल सका है। डूबने वाले किशोर की पहचान अमरपाटन के चोरहटा निवासी वेद गुप्ता (15 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम अंजनी गुप्ता है। जानकारी के अनुसार, वेद अपने रिश्तेदारों से मिलने रामनगर आया हुआ था और नहाने के लिए मार्कण्डेय नदी गया था, जहाँ वह गहरे पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और स्थानीय लोगों की मदद से किशोर की तलाश शुरू की गई। नदी में जाल डालकर और अन्य संसाधनों का उपयोग करके घंटों तक गहन खोजबीन की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक वेद गुप्ता का शव बरामद नहीं हो पाया था। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निगरानी में नदी में लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना के बाद वेद गुप्ता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।1
- मैहर जिले के पौड़ी गांव में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। धर्मेंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस झमाझम बारिश से स्थानीय जनमानस को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- मैहर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में 27 जून 2026, शनिवार को काल भैरव के दिव्य और अलौकिक दर्शन के साथ आरती का विशेष आयोजन होगा।1
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मोहरवा गांव में तौफीक और उसके अन्य साथियों द्वारा एक गोवंश की निर्मम हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल, मैहर ने रामनगर थाने में पुलिस अधीक्षक महोदय के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया है कि गोवंश का मांस तस्करी के लिए तैयार किया जा रहा था, और इस घटना में अन्य क्षेत्र के कई लोगों का भी सीधा कनेक्शन है। पुलिस की सक्रियता से कार्रवाई हुई है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इस घटना पर तत्काल रासुका लगाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने अवैध गृह निर्माण को तत्काल जिला कलेक्टर द्वारा बेदखल करने और उच्च अधिकारियों की टीम के साथ सघन जांच कराने की भी मांग रखी है। विश्व हिंदू परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करता है, तो वे मैहर स्थित जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन करेंगे।1
- मैहर जिले के रामनगर स्थित मार्कण्डेय घाट पर एक बार फिर लापरवाही के कारण हादसा हुआ है, जिससे एक पिता रो-रोकर परेशान है, लेकिन बड़े अधिकारी कथित तौर पर AC की हवा ले रहे हैं और घटना के बाद भी उनकी नींद नहीं खुली है। यह स्थिति हर बार की कहानी बताई जा रही है। मार्कण्डेय घाट को मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने पर्यटक स्थल का दर्जा देकर चमका दिया है, जिसमें सेल्फी पॉइंट, मंदिर और घाट का प्रचार किया गया है। हालांकि, यहाँ सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है—न कोई चेतावनी बोर्ड, न रस्सी-बैरिकेड, न लाइफ गार्ड और न ही गोताखोर। घाट पर गहरे कुंड और खनन के गड्ढे मौजूद हैं, फिर भी एक रस्सी तक नहीं लगाई गई है। पिछले साल भी रामनगर की खदान में अंकुश विश्वकर्मा नाम का व्यक्ति डूब गया था, तब सुरक्षा के वादे किए गए थे, लेकिन आज फिर वही हुआ और 8 घंटे तक गोताखोर मौके पर नहीं पहुँचे। शासन-प्रशासन की घोर लापरवाही स्पष्ट रूप से दिख रही है। सुबह 10 बजे हुए हादसे के बाद भी शाम 6 बजे तक राहत और बचाव दल मौके पर नहीं पहुँचा। यह सवाल उठाया जा रहा है कि अगर मार्कण्डेय एक पर्यटक स्थल है, तो मैहर में एसडीआरएफ (SDRF) टीम क्यों तैनात नहीं है और स्थायी रूप से रेस्क्यू बोट और गोताखोरों की व्यवस्था क्यों नहीं है। पीड़ित पिता लगातार अधिकारियों से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन उन्हें सिर्फ फोन पर "भेज रहे हैं" जैसे आश्वासन मिलते रहे। मार्कण्डेय को पर्यटक स्थल घोषित करते समय आपदा प्रबंधन के लिए रखे गए बजट का कोई अता-पता नहीं है, अधिकारी AC में बैठे रहे जबकि पिता और परिवार रोते रहे।1