मंगलवार को सहारनपुर में दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई, जहाँ पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने आई पत्नी के सामने ही पति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। यह पूरी घटना सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज के पास हुई। जानकारी के अनुसार, शामली जनपद के खेड़ी बैरागी निवासी शिव कुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए सहारनपुर लेकर आए थे। आरोप है कि इसी दौरान आकांक्षा का भाई मनजीत, जो उनके प्रेम विवाह से नाराज था, अपने मामा और कुछ साथियों के साथ कॉलेज पहुंच गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद मनजीत ने अपनी बहन आकांक्षा पर घर चलने का दबाव बनाया, जिस बात को लेकर शिव कुमार और मनजीत के बीच कहासुनी शुरू हो गई। यह कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई, और आरोप है कि इसी दौरान मनजीत ने तमंचा निकालकर शिव कुमार की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। घटना में गंभीर रूप से घायल हुए शिव कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी मनजीत तथा उसके साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
मंगलवार को सहारनपुर में दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई, जहाँ पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने आई पत्नी के सामने ही पति को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। यह पूरी घटना सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज के पास हुई। जानकारी के अनुसार, शामली जनपद के खेड़ी बैरागी निवासी शिव कुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए सहारनपुर लेकर आए थे। आरोप है कि इसी दौरान आकांक्षा का भाई मनजीत, जो उनके प्रेम विवाह से नाराज था, अपने मामा और कुछ साथियों के साथ कॉलेज पहुंच गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद मनजीत ने अपनी बहन आकांक्षा पर घर चलने का दबाव बनाया, जिस बात को लेकर शिव कुमार और मनजीत के बीच कहासुनी शुरू हो गई। यह कहासुनी देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई, और आरोप है कि इसी दौरान मनजीत ने तमंचा निकालकर शिव कुमार की कनपटी पर सटाकर गोली मार दी। घटना में गंभीर रूप से घायल हुए शिव कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी मनजीत तथा उसके साथियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
- नगर निगम कर्मचारियों ने मेयर द्वारा उनके मान सम्मान की रक्षा के आश्वासन के बाद अपना धरना समाप्त कर दिया है। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि वे कल से नियमित रूप से काम पर लौट आएंगे और निगम कार्यालयों में काम सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। इससे पहले, दिनभर दोनों पक्ष अपने मान सम्मान को बचाने के प्रयासों में लगे रहे। सुबह से ही नगर निगम कर्मचारियों ने निगम के कार्यालयों में ताले जड़ दिए थे और किसी को काम नहीं करने दिया। इस दौरान निगम कर्मचारियों की सभी यूनियनें और कई पार्षद धरना स्थल पर मौजूद रहकर अपना समर्थन दे रहे थे। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना था कि जब तक अधिकारियों और कर्मचारियों से कथित अभद्रता करने वाले व्यापारी नेता माफी नहीं मांगेंगे, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। दूसरी ओर, व्यापारी नेताओं ने भी अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की थी। शाम को, मेयर किरण जैसल कर्मचारियों के धरना स्थल पर पहुंचीं और उन्हें आश्वासन दिया कि उनका मान सम्मान सुरक्षित रखा जाएगा। मेयर जैसल ने इस अवसर पर कहा कि कर्मचारी और व्यापारी दोनों ही शहर की समस्याओं को हल करने में हमेशा से मिलकर योगदान देते रहे हैं और उन्हें एक-दूसरे के सहयोग की आवश्यकता होती है, हालांकि कई बार मतभेद उत्पन्न हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों सहित सभी का सम्मान अत्यंत आवश्यक है, लेकिन साथ ही व्यवस्थाएं भी बनी रहनी चाहिए। मेयर से बातचीत के बाद, कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने और अगले दिन से काम पर लौटने की घोषणा कर दी। इस मौके पर एम एन ए नंदन कुमार सहित विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी, यूनियन नेता और पार्षद उपस्थित थे।1
- देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगदारी और जानलेवा हमले के आरोपी अमन को अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लक्ष्मीपुर निवासी सीमा राजपूत द्वारा 25 मई को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अर्जुन, दीपिका, विकास बलारा और अमन ने उनके पति संजय से ₹30 लाख की रंगदारी मांगी थी और उनके घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया था। पुलिस जाँच में सामने आया कि संजय और अर्जुन पहले एक हत्या के मामले में साथ जेल में बंद थे, जहाँ दोनों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि जेल में बंद अर्जुन ने ही अपने साथियों अमन, विकास और दीपिका को संजय के घर पर फायरिंग कर धमकाने का निर्देश दिया था। इसी निर्देश पर 20 मई की सुबह आरोपियों ने संजय के घर के बाहर धमकी भरा पत्र फेंका और फिर फायरिंग की थी। दून पुलिस ने 9 जून को बिधौली क्षेत्र से आरोपी अमन को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, अमन के खिलाफ हत्या, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले का मुख्य आरोपी अर्जुन पहले से ही जेल में बंद है, जबकि विकास और दीपिका की तलाश अभी जारी है। दून पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- जनपद हरिद्वार में पुलिस ने अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसते हुए वाहन चोरी और एक ज्वैलर्स की दुकान में हुई नकबजनी के मामलों का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। पुलिस की सतर्कता, तेज जांच और प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश हुआ है। वाहन चोरी के मामलों में, पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए चोरी किए गए कुल 11 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पुलिस की निरंतर निगरानी और उनके सक्रिय सूचना तंत्र ने आरोपियों की सभी साजिशों को विफल कर दिया। इसके अतिरिक्त, ज्वैलर्स की दुकान में हुई नकबजनी की घटना को भी पुलिस ने सफलतापूर्वक उजागर किया है, जिसमें चोरी किए गए सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस के सटीक सूचना संकलन और त्वरित जांच से इस मामले का खुलासा संभव हो सका। हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों को हर हाल में न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा, क्योंकि अपराध करने वालों के लिए जनपद में कोई जगह नहीं है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा के दौरान गूगल मैप की गलत लोकेशन के कारण चार अभ्यर्थी भ्रमवश शामली पहुँच गए। इस गलती की वजह से उनकी परीक्षा छूट गई, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि वे इस संबंध में गूगल और भर्ती बोर्ड से पत्राचार करेंगे। साथ ही, भविष्य में प्रवेश पत्र पर परीक्षा केंद्र की लोकेशन के लिए क्यूआर कोड अंकित करने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आज जिलाधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें दूधली-बुढ़नपुर मार्ग पर बसें चलाने की गुहार लगाई गई है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की खस्ताहाल व्यवस्था में सुधार और ग्रामीणों की सहूलियत के लिए की गई है। सौंपे गए पत्र में ग्राम दूधली, धिमानपुरा, बुढ़नपुर (बुढ्ढाखेड़ा) वाया बिरालसी होते हुए जनपद मुजफ्फरनगर मुख्यालय तक के मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने का आग्रह किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस रूट पर सार्वजनिक साधनों की भारी कमी है, जिसके चलते उन्हें रोजमर्रा के कामों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला मुख्यालय आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी असुविधा को दूर करने के लिए 'मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना' के तहत इस मार्ग पर कम से कम 2 बसें लगवाने की मांग की गई है, जिससे ग्रामीणों का सफर सुगम हो सके। इस जनहित की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी मोर्चा संभाला है। जिलाधिकारी को पत्र सौंपने वालों में मुख्य रूप से भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य बृजपाल सिंह और जिला समिति कार्यकारिणी के सुरेंद्र कश्यप शामिल रहे। ग्रामीणों और भाजपा नेताओं ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द इस रूट पर बस सेवा बहाल कराएगा।1
- हस्तिनापुर में पत्रकार कुलदीप भारद्वाज को खनन माफिया से जुड़ी खबर छापने का कथित तौर पर भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्हें अगवा कर लिया गया और चार घंटे तक बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया। आरोप है कि इस घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद स्थानीय थाने में कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसएसपी के आदेश पर पत्रकार का रात करीब 2 बजे मेडिकल परीक्षण तो कराया गया, लेकिन इसके बावजूद मामले में कोई प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई। न्याय न मिलने से अत्यधिक नाराज और हताश होकर, पत्रकार कुलदीप भारद्वाज ने आत्मदाह करने का प्रयास किया।1
- BPCL ने नागरिकों से आह्वान किया है कि वे PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) को अपनाकर एक स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दें। इस अवसर पर BPCL के नॉर्थ हेड श्री लाला प्रभु, टेरिटरी मैनेजर श्री विशाल पालीवाल, अंशुल सोनी, तथा मीडिया फेडरेशन ऑफ इंडिया (हरियाणा) के प्रदेश अध्यक्ष तरुण शर्मा सहित BPCL टीम के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।1
- राष्ट्रपति के 12 और 13 जून को प्रस्तावित देहरादून दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। महामहिम राष्ट्रपति भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित होने वाली पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारियों और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा चुकी है। राष्ट्रपति के एंटॉराज के ठहरने, उनके आवागमन और अन्य संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। प्रशासन द्वारा एडवांस सिक्योरिटी लायजन के तहत रूट निरीक्षण किया गया है और आईएमए के साथ समन्वय स्थापित कर मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही है। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए एक विशेष रूट प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम जनता को होने वाली असुविधा को कम से कम करना है। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति के दौरे से जुड़ी सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं, और प्रत्येक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि कोई कमी न रहे।1
- दिनांक 10 जून 2026 को जनपद हरिद्वार में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक यातायात के मार्गदर्शन और पुलिस उपाधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में, यातायात पुलिस हरिद्वार, सीपीयू टीम और परिवहन विभाग ने मिलकर एक विशेष जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बसों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। अभियान के दौरान, इलेक्ट्रिक बसों सहित अन्य यात्री बसों का गहनता से निरीक्षण किया गया। चालकों और परिचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक किया गया। निरीक्षण में बसों में उपलब्ध अग्निशमन यंत्रों की स्थिति, उनकी वैधता और उपयोगिता की जाँच की गई, साथ ही वाहन चालकों एवं परिचालकों को इनके सही उपयोग, समय-समय पर जाँच और रखरखाव के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, बसों के आपातकालीन निकास द्वार और निकासी मार्गों को हर समय अवरोध मुक्त एवं सुगम बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बसों में स्थापित अन्य सुरक्षा उपकरणों का भी परीक्षण किया गया और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों को बसों की खिड़कियों व अन्य प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया। यातायात पुलिस हरिद्वार, सीपीयू और परिवहन विभाग ने घोषणा की है कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता एवं निरीक्षण अभियान लगातार संचालित किए जाते रहेंगे, ताकि यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। सुरक्षित यात्रा के लिए वाहन संचालकों से निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने का आह्वान किया गया है, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।1