जीआई टैग से सम्मानित पारंपरिक कलाकारों एवं संस्थाओं का समाहरणालय सभागार में हुआ सम्मान समारोह...* *सूचना भवन दुमका* *जिला जनसंपर्क कार्यालय,दुमका* *=========================* *दिनांक-16 सितंबर 2026* *प्रेस विज्ञप्ति संख्या-622* *=========================* * समाहरणालय सभागार में दुमका की समृद्ध लोक परंपरा एवं पारंपरिक कला को जीआई टैग के माध्यम से मिली विशिष्ट पहचान के उपलक्ष्य में स्थानीय कलाकारों तथा जीआई संरक्षण एवं प्रोत्साहन में योगदान देने वाली संस्थाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने जीआई टैग से सम्मानित पांच क्राफ्ट से जुड़े कलाकारों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शॉल देकर सम्मानित किया। *“जीआई टैग केवल सम्मान नहीं, पीढ़ियों से चली आ रही कला और कलाकारों की मेहनत की पहचान है”* उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सभी कलाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुमका की लोक परंपरा और पारंपरिक कला को जीआई टैग मिलना अपने आप में गौरव की बात है। यह उपलब्धि केवल किसी एक कलाकार या संस्था की नहीं, बल्कि दुमका की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं और उन कलाकारों की मेहनत का सम्मान है, जिन्होंने अपनी कला को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि दुमका की कला और यहां के कलाकारों की प्रतिभा की पहचान केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी पहचान देश और पूरी दुनिया में दिखनी चाहिए। यहां की पारंपरिक कलाओं में दुमका की संस्कृति, जनजीवन, इतिहास और स्थानीय परंपराओं की झलक मिलती है। इन कलाओं को व्यापक मंच प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। *कलाकारों की आमदनी बढ़ाने और बाजार से जोड़ने की दिशा में होगा प्रयास* उपायुक्त ने कहा कि जीआई टैग मिलने से निश्चित रूप से पारंपरिक कलाकारों के लिए नए बाजार और बेहतर आमदनी के अवसर तैयार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार जिस कला को वर्षों से साधना और मेहनत के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, वह उनकी पहचान के साथ-साथ उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि आपकी कला को और बेहतर पहचान मिले, यह जिला प्रशासन का कर्तव्य है। आपकी समस्याओं को सुना जाएगा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। आपकी मदद के लिए जिला प्रशासन हमेशा तैयार है। *नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ना जरूरी* उपायुक्त ने कहा कि पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि युवाओं और नई पीढ़ी को इन कलाओं से जोड़ा जाए। यदि पारंपरिक कला को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, डिजाइन, बाजार और उचित मंच से जोड़ा जाए तो इसके संरक्षण के साथ कलाकारों की आजीविका को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कलाकारों से अपनी कला को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि दुमका की पहचान यहां की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा से है और कलाकार इस पहचान के महत्वपूर्ण वाहक हैं। *‘आर्ट/क्राफ्ट विलेज’ बनाने का प्रस्ताव, उपायुक्त ने दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश* कार्यक्रम के दौरान कलाकारों एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा दुमका में ‘आर्ट/क्राफ्ट विलेज’ बनाने का प्रस्ताव उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के माध्यम से पारंपरिक कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने, उनकी कला के प्रदर्शन, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने और उनकी कला को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्राप्त प्रस्ताव पर नियमानुसार आवश्यक पहल की जाए। *दुमका की पांच पारंपरिक कलाओं को मिली जीआई टैग की पहचान...* श्रेया संस्थान से जुड़ी जादोपटिया चित्रकला, डोकरा कला, पंची-पड़हान एवं बानाम-म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। वहीं जनमत शोध संस्थान की आदिवासी कठपुतली लोक कला ‘चादर बादोनी’ को भी जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इन पारंपरिक कलाओं को जीआई टैग मिलने से दुमका की विशिष्ट लोककला को औपचारिक पहचान मिली है। इससे इन कलाओं के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार-प्रसार तथा कलाकारों को व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नई संभावनाएं बनी हैं। *संस्थाओं के प्रतिनिधि भी हुए सम्मानित* इस अवसर पर श्रेया संस्थान के निदेशक अमित कुमार सिंह एवं जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह को भी जीआई टैग से जुड़ी पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं प्रोत्साहन में योगदान के लिए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा द्वारा मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित कलाकारों एवं संस्था के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सम्मान एवं प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। *==========================* *#team prd(Dumka)*
जीआई टैग से सम्मानित पारंपरिक कलाकारों एवं संस्थाओं का समाहरणालय सभागार में हुआ सम्मान समारोह...* *सूचना भवन दुमका* *जिला जनसंपर्क कार्यालय,दुमका* *=========================* *दिनांक-16 सितंबर 2026* *प्रेस विज्ञप्ति संख्या-622* *=========================* * समाहरणालय सभागार में दुमका की समृद्ध लोक परंपरा एवं पारंपरिक कला को जीआई टैग के माध्यम से मिली विशिष्ट पहचान के उपलक्ष्य में स्थानीय कलाकारों तथा जीआई संरक्षण एवं प्रोत्साहन में योगदान देने वाली संस्थाओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने जीआई टैग से सम्मानित पांच क्राफ्ट से जुड़े कलाकारों को प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शॉल देकर सम्मानित किया। *“जीआई टैग केवल सम्मान नहीं, पीढ़ियों से चली आ रही कला और कलाकारों की मेहनत की पहचान है”* उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने सभी कलाकारों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दुमका की लोक परंपरा और पारंपरिक कला को जीआई टैग मिलना अपने आप में गौरव की बात है। यह उपलब्धि केवल किसी एक कलाकार या संस्था की नहीं, बल्कि दुमका की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं और उन कलाकारों की मेहनत का सम्मान है, जिन्होंने अपनी कला को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि दुमका की कला और यहां के कलाकारों की प्रतिभा की पहचान केवल झारखंड तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसकी पहचान देश और पूरी दुनिया में दिखनी चाहिए। यहां की पारंपरिक कलाओं में दुमका की संस्कृति, जनजीवन, इतिहास और स्थानीय परंपराओं की झलक मिलती है। इन कलाओं को व्यापक मंच प्रदान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। *कलाकारों की आमदनी बढ़ाने और बाजार से जोड़ने की दिशा में होगा प्रयास* उपायुक्त ने कहा कि जीआई टैग मिलने से निश्चित रूप से पारंपरिक कलाकारों के लिए नए बाजार और बेहतर आमदनी के अवसर तैयार हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कलाकार जिस कला को वर्षों से साधना और मेहनत के साथ आगे बढ़ा रहे हैं, वह उनकी पहचान के साथ-साथ उनकी आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि आपकी कला को और बेहतर पहचान मिले, यह जिला प्रशासन का कर्तव्य है। आपकी समस्याओं को सुना जाएगा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जाएगी। आपकी मदद के लिए जिला प्रशासन हमेशा तैयार है। *नई पीढ़ी को पारंपरिक कला से जोड़ना जरूरी* उपायुक्त ने कहा कि पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ यह भी आवश्यक है कि युवाओं और नई पीढ़ी को इन कलाओं से जोड़ा जाए। यदि पारंपरिक कला को प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, डिजाइन, बाजार और उचित मंच से जोड़ा जाए तो इसके संरक्षण के साथ कलाकारों की आजीविका को भी मजबूती मिल सकती है। उन्होंने कलाकारों से अपनी कला को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि दुमका की पहचान यहां की प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा से है और कलाकार इस पहचान के महत्वपूर्ण वाहक हैं। *‘आर्ट/क्राफ्ट विलेज’ बनाने का प्रस्ताव, उपायुक्त ने दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश* कार्यक्रम के दौरान कलाकारों एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा दुमका में ‘आर्ट/क्राफ्ट विलेज’ बनाने का प्रस्ताव उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव के माध्यम से पारंपरिक कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराने, उनकी कला के प्रदर्शन, प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कलाकारों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने और उनकी कला को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में प्राप्त प्रस्ताव पर नियमानुसार आवश्यक पहल की जाए। *दुमका की पांच पारंपरिक कलाओं को मिली जीआई टैग की पहचान...* श्रेया संस्थान से जुड़ी जादोपटिया चित्रकला, डोकरा कला, पंची-पड़हान एवं बानाम-म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। वहीं जनमत शोध संस्थान की आदिवासी कठपुतली लोक कला ‘चादर बादोनी’ को भी जीआई टैग प्राप्त हुआ है। इन पारंपरिक कलाओं को जीआई टैग मिलने से दुमका की विशिष्ट लोककला को औपचारिक पहचान मिली है। इससे इन कलाओं के संरक्षण, संवर्धन, प्रचार-प्रसार तथा कलाकारों को व्यापक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में नई संभावनाएं बनी हैं। *संस्थाओं के प्रतिनिधि भी हुए सम्मानित* इस अवसर पर श्रेया संस्थान के निदेशक अमित कुमार सिंह एवं जनमत शोध संस्थान के सचिव अशोक सिंह को भी जीआई टैग से जुड़ी पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं प्रोत्साहन में योगदान के लिए उपायुक्त अभिजीत सिन्हा द्वारा मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में उपस्थित कलाकारों एवं संस्था के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सम्मान एवं प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। *==========================* *#team prd(Dumka)*
- मसलिया प्रखंड क्षेत्र के बसकीडीह पंचायत के आस्ताजोड़ा में गणेशोत्सव में बांकुड़ा के कलाकारों ने दिखाई सजीव झांकी बसकीडीह पंचायत के आस्ताजोड़ा बीचकोड़ा में गणेशोत्सव पर सोमवार रात सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। बांकुड़ा के कलाकारों ने महिषासुर मर्दन की सजीव झांकी प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। पूरा परिसर भक्तिमय रहा। कमिटी सदस्य ब्रजकिशोर पांडे ने बताया कि मंगलवार रात जमुई के जगत मोहन पांडे का प्रवचन होगा।1
- जामताड़ा से बड़ी खबर:SIR विवाद में गरमाई सियासत, इरफान के आरोपों पर रणधीर ने घेरा। जामताड़ा। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर जामताड़ा में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि SIR के नाम पर बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक एवं आदिवासी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जामताड़ा जिले में करीब 41हजार नाम प्रभावित किए जा रहे हैं तथा फॉर्म भेजकर कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को भ्रमित किया जा रहा है। मंत्री के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री-सारठ के पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. इरफान अंसारी SIR की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में यदि कहीं संदिग्ध या गलत नाम दर्ज हैं, तो उनकी जांच होना आवश्यक है। उनके अनुसार, जांच में सामने आ रहे नामों को बचाने के लिए भाजपा पर आरोप लगाया जा रहा है। रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम हटाना नहीं है, बल्कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं। ऐसे नामों की जांच और सत्यापन की आवश्यकता है। रणधीर सिंह ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। SIR को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच निर्वाचन प्रक्रिया पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आधिकारिक स्तर पर SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना तथा पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है।1
- जिले के 8 केंद्रों में शिक्षकों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर का द्वितीय दिवस प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस एम एस वर्ड एवं मेल मर्ज से संबंधित कई जानकारियां साझा की गई झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद रांची एवं स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में आइसीटी 754 परियोजना के अंतर्गत गिरिडीह जिला के 10 केंद्रों में शिक्षकों का पांच दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण शिविर 15 सितंबर 2026 का द्वितीय दिवस का समापन हुआ .प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर प्रशिक्षु द्वारा एम एस वर्ड एवं मेल मर्ज से संबंधित कई जानकारियां दिया गया तथा प्रायोगिक प्रशिक्षण भी प्रशिक्षु आनंद कुमार वर्मा एवं आदित्य कुमार द्वारा दिया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के शिक्षकों को कंप्यूटर ज्ञान बढ़ाना है. प्रशिक्षण के पहले सत्र में स्कूलनेट इंडिया लिमिटेड के क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पवन कुमार ने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय पचंबा में मौके पर उपस्थित शिक्षकों को बताया कि इस पांच दिवसीय कंप्यूटर प्रशिक्षण में झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा उपलब्ध कंप्यूटर के बारे में बुनियादी जानकारी, साथ ही जे-गुरुजी की विस्तृत जानकारी दी जाएगी| यह झारखंड सरकार द्वारा विकसित एक अभिनव डिजिटल शिक्षा मंच है, जो शिक्षकों और छात्रों को वेब पोर्टल एवं ऑफलाइन संसाधनों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण सामग्री प्रदान करता है. जे-गुरुजी, संवादात्मक डिजिटल कंटेंट, शिक्षक प्रशिक्षण, मूल्यांकन उपकरण, लाइव क्लासेस और व्यापक मॉनीटरिंग जैसी सुविधाओं के माध्यम से राज्य में डिजिटल शिक्षा को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौद्योगिकी के उपयोग और एकीकरण पर जोर दिया गया है. इसका उद्देश्य शिक्षा के सभी स्तरों पर प्रौद्योगिकी को शामिल करना है, जिसमें ई-पुस्तकालयों, ऑनलाइन शिक्षण प्लेटफार्मों और डिजिटल उपकरणों का उपयोग शामिल हैं. झारखंड सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि आइसीटी 754 परियोजना के अंतर्गत राज्य के आठ जिलों के 754 विद्यालयों में आइसीटी लैब्स और स्मार्ट क्लासेस की स्थापना की गई है. इसमें गिरिडीह जिले के 303 विद्यालय भी शामिल हैं. प्रशिक्षण के पांच दिनों में स्कूल नेट इंडिया लिमिटेड के मास्टर ट्रेनर आनंद कुमार वर्मा, आदित्य कुमार के द्वारा तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने हेतु शिक्षकों में कंप्यूटर के बारे में बुनियादी जानकारी दी जायेगी. प्रशिक्षण में झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा उपलब्ध कराये गये रिसोर्स के उपयोग के बारे में भी बताया जायेगा. स्कूल नेट के 20 ट्रेनर एवं क्लस्टर कोऑर्डिनेटर पवन कुमार, मिहिर तिवारी, संतोष प्रमाणिक, प्रतीक रंजन और पवन कुमार राय 129 विद्यालयों के कुल 185 शिक्षकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।5
- अज्ञात मैसेज के बाद मोबाइल पर आए 15-20 ओटीपी, कुछ ही देर में अलग-अलग खातों और क्रेडिट कार्ड से उड़ाए ₹2.42 लाख साइबर ठगी का शिकार हुआ उदयपुर निवासी, बिना जानकारी के हुए कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन; साइबर थाना पुलिस ने दर्ज की एफआईआर उदयपुर । शहर में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। अज्ञात नंबर से आए मैसेज के बाद पीड़ित हिरण मगरी सेक्टर-4 निवासी यशवंत कुमार बोकड़िया (46) के मोबाइल पर अचानक 20-25 ओटीपी आने लगे। पीड़ित कुछ समझ पाता, इससे पहले ही अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज मोबाइल पर आने लगे। कुछ ही समय में कुल ₹2,42,298 की राशि अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से निकल गई। मामले में साइबर पुलिस थाना उदयपुर ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अज्ञात नंबर से आया मैसेज, फिर लगातार आने लगे ओटिपी पीड़ित यशवंत कुमार बोकड़िया के अनुसार, घटना की शुरुआत एक अज्ञात नंबर से आए मैसेज से हुई। उन्होंने उस मैसेज पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। इसके कुछ समय बाद अचानक उनके मोबाइल पर लगातार 20-25 ओटीपी आने लगे। एक साथ इतने ओटीपी आने से उन्हें कुछ असामान्य होने का अंदेशा हुआ। वे इस पूरे घटनाक्रम को समझ पाते, इससे पहले ही मोबाइल पर अलग-अलग बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से रकम डेबिट होने के मैसेज आने लगे। एक के बाद एक ट्रांजेक्शन के संदेश आने से उन्हें पता चला कि उनके खातों से रकम निकाली जा रही है। पीड़ित के अनुसार, लगातार ओटीपी और बैंकिंग से जुड़े मैसेज आने तथा कुछ ही देर में अलग-अलग ट्रांजेक्शन होने से उन्हें मोबाइल और उससे जुड़ी संवेदनशील जानकारी साइबर ठगों के नियंत्रण में पहुंचने तथा मोबाइल हैक होने की आशंका हुई। उनका कहना है कि इस दौरान मोबाइल पर आने वाले मैसेज और बैंकिंग संबंधी जानकारी भी ठगों तक पहुंच रही थी। कुछ ही मिनटों में कई ट्रांजेक्शन उपलब्ध ट्रांजेक्शन दस्तावेजों के अनुसार, अलग-अलग माध्यमों से रकम निकाली गई। इनमें स्विगी इंस्टामार्ट को ₹83,903 और ₹73,906, जबकि जोमैटो से जुड़े कई ट्रांजेक्शन में ₹9,998-₹9,998 की राशि शामिल है। इसके अलावा जोमैटो वॉलेट से ₹9,998 का ट्रांजेक्शन भी सामने आया है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार, पीड़ित की कुल ₹2,42,298 की राशि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में निकाली गई। फर्जी पहचान और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के इस्तेमाल का आरोप पीड़ित ने साइबर पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्ति ने गलत पहचान बताकर उसे विश्वास में लिया और धोखे से उसकी रकम हासिल की। शिकायत में फर्जी दस्तावेज अथवा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल किए जाने की बात भी कही गई है। एफआईआर में आरोपी को अज्ञात बताया गया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस थाना, उदयपुर में दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत प्रकरण दर्ज किया है। लेनदेन की कड़ियों की जांच में जुटी पुलिस साइबर पुलिस अलग-अलग ट्रांजेक्शन, संबंधित UPI आईडी, बैंकिंग माध्यमों और जिन खातों/मर्चेंट्स तक राशि पहुंची, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम और कथित फर्जी पहचान से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।2
- झामुमो का खान खनिज संशोधन अधिनियम के खिलाफ 19 सितंबर को करमाटांड प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन, आर.के. प्लेस में हुई अहम बैठक1
- राँची में बड़ा एक्शन! HEC साइड 5 खाली कराने पहुंचा प्रशासन। राँची के हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (HEC) इलाके के साइड-5 में अवैध कब्जों और निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन लगातार जारी है। सरकारी जमीन पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह बड़ी कार्रवाई की गई। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया, जहां प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- चांदन-शांतिपूर्ण एवं आस-पास के क्षेत्रों में गणेश पूजा शांतिपूर्ण संपन्न चांदन (बांका)आज बुधवार को चांदन मुख्यालय स्थित हेडटोला एवं इसके आसपास तीन दिवसीय गणेश पूजा का धूमधाम से प्रतिमा विसर्जन के साथ समापन हो गया।चांदन नदी तट एवं पुर्णाबांध में प्रतिस्थापित गणपति प्रतिमा का आज बुधवार रात्रि को ग्रामीणों द्वारा पूजा पाठ के बाद देर रात को चांदन नदी में जल प्रवाह कर दिया गया। इन सभी गणपति पुजा पंडालों में श्रद्धालुओं द्वारा कीर्तन भजन एवं भंडारे के साथ ही रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया था। गणपति विसर्जन में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु शामिल रहे।1
- सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्ध की तैयारी तेज, जायजा लेने पहुंचीं कल्पना मुर्मू सोरेन—आवास पर अंतिम तैयारियों का दौर दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर गिरिडीह में तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को उनके आवास पर श्राद्ध कर्म का आयोजन किया जाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोग व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। इसी बीच बुधवार को गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन गिरिडीह पहुंचीं। उन्होंने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आवास पहुंचकर श्राद्ध कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर चल रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आयोजन से जुड़े लोगों के साथ आवश्यक चर्चा की। श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात नियंत्रण, पार्किंग, आगंतुकों के आवागमन और कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दिवंगत मंत्री के श्राद्ध कार्यक्रम में राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की चुनौती रहेगी। वहीं, सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद से उनके आवास और पूरे इलाके में भावुक माहौल बना हुआ है। समर्थक, शुभचिंतक और आम लोग लगातार उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। गुरुवार को होने वाले श्राद्ध कार्यक्रम को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं और प्रशासन से लेकर आयोजन समिति तक हर स्तर पर व्यवस्था को व्यवस्थित और सुचारू बनाने में जुटा हुआ है।5