जींद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने के मामले में दो लोगों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में प्रत्येक दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले की शुरुआत वर्ष 2015 में राजबीर द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी, जिसमें राजगढ़ निवासी दीप और रामदिया पर दुष्कर्म और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। सुनवाई के दौरान, मुख्य आरोपी दीप को कानून से बचाने के लिए उसके परिजनों ने उसे नाबालिग साबित करने की साजिश रची। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर अदालत में पेश किए गए थे। इस खुलासे के बाद थाना सदर नरवाना में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में मूल अभिलेखों के सत्यापन और साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपी को नाबालिग दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। लोक अभियोजक सुरेंद्र खटखड़ की पैरवी के बाद, अदालत ने राजगढ़ निवासी शमशेर और राजकुमार को दोषी ठहराया। दोषियों को आईपीसी की धाराओं के तहत 5-5 वर्ष, अन्य धाराओं में 4-4 वर्ष और एससी/एसटी एक्ट के तहत 1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, जो साथ-साथ चलेंगी। जींद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों को हर हाल में कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।
जींद के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय को गुमराह करने के मामले में दो लोगों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में प्रत्येक दोषी पर 45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले की शुरुआत वर्ष 2015 में राजबीर द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से हुई थी, जिसमें राजगढ़ निवासी दीप और रामदिया पर दुष्कर्म और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया था। सुनवाई के दौरान, मुख्य आरोपी दीप को कानून से बचाने के लिए उसके परिजनों ने उसे नाबालिग साबित करने की साजिश रची। इसके लिए फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कर अदालत में पेश किए गए थे। इस खुलासे के बाद थाना सदर नरवाना में एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में मूल अभिलेखों के सत्यापन और साक्ष्यों के आधार पर यह साबित हुआ कि आरोपी को नाबालिग दर्शाने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। लोक अभियोजक सुरेंद्र खटखड़ की पैरवी के बाद, अदालत ने राजगढ़ निवासी शमशेर और राजकुमार को दोषी ठहराया। दोषियों को आईपीसी की धाराओं के तहत 5-5 वर्ष, अन्य धाराओं में 4-4 वर्ष और एससी/एसटी एक्ट के तहत 1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, जो साथ-साथ चलेंगी। जींद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में दोषियों को हर हाल में कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।
- हरियाणा के भिवानी में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सिविल अस्पताल के दौरे के दौरान अस्पताल की खामियां एक बड़ा मुद्दा बन गईं। इस दौरे के दौरान सीएमओ स्वास्थ्य मंत्री के सामने सिविल अस्पताल की कमियां छुपाते नजर आए, लेकिन पत्रकारों ने वहां की जमीनी हकीकत खोलकर रख दी। अस्पताल में कमियों के इस बड़े मुद्दे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं।1
- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भिवानी के चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज नहीं किया जाएगा। मंत्री आरती राव ने अपने बयान में जोर दिया कि चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल अपनी अलग पहचान बनाए रखेगा। अस्पताल पूर्व की भांति अपनी चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह ही प्रदान करना जारी रखेगा।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के पीड़ित अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदेश के सर्व समाज के अनेक संगठनों की एक संयुक्त मीटिंग 12 जुलाई को कैथल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 30 अगस्त को रोहतक में प्रस्तावित 'न्याय महापंचायत' के आयोजन और उसकी भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के प्रदेश संगठन प्रमुख रामकुमार प्रजापति ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आगे की रूपरेखा तैयार करना है।1
- रोहतक के पहरावर में खेल मंत्री गौरव गौतम और पार्षद प्रवीण कौशिक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गौड़ ब्राह्मण संस्थाओं के नए कैंपस और वहां बनने वाले खेल स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया।1
- हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद के गांव कलसाना में मारकंडा दरिया का पानी घुस गया है। इस घटना के बाद प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया है और वहां राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।4
- हरियाणा के भिवानी में पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान किसानों को मिलने वाले बीमा क्लेम से जुड़ी जानकारी साझा की है। जेपी दलाल ने इस चर्चा के माध्यम से बीमा क्लेम की प्रक्रिया और किसानों को प्राप्त होने वाली राशि के संदर्भ में अपना पक्ष रखा और इस विषय से जुड़ी बातों को स्पष्ट किया।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर मुखर हो गए हैं और सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि उनकी सुनवाई कब होगी। योगिता यादव ने नायब सैनी सरकार पर सवाल खड़े करते हुए इस मुद्दे को उठाया है। #हमारी सुनवाई कब? के नारे के साथ अभ्यर्थी अपनी आवाज सरकार तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।1
- हरियाणा आगामी 17 जुलाई को एक नया इतिहास रचने जा रहा है, जहाँ जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ने वाली है। यह ऐतिहासिक कदम PM मोदी के विजन और CM सैनी के नेतृत्व में पूरा होने जा रहा है।1
- हरियाणा के रोहतक में हैवानियत की सारी हदें पार करने का एक बेहद खौफनाक मामला सामने आया है। यहाँ एक मासूम बच्ची को पहले थप्पड़ मारा गया और फिर उसे उठाकर बेरहमी से सड़क पर पटक दिया गया। यह पूरी वारदात गली में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। इस घटना को देखने के बाद यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर कोई इंसान इस कदर हैवान कैसे हो सकता है?1