जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण में खुली पोल: प्रसूति वार्ड की जर्जर छत, एक कमरे में 16 मरीज एमसीबी जिले के जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उस वक्त सामने आ गई, जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया। बढ़ती गर्मी और संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए किए गए इस निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसूति वार्ड बना खतरा, छत क्षतिग्रस्त—कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा निरीक्षण के दौरान सबसे चिंताजनक स्थिति प्रसूति वार्ड में देखने को मिली। यहां वार्ड की छत क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि यह कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं, एक कमरे में बार-बार शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। एक ही कमरे में 16 बेड, अव्यवस्था चरम पर अस्पताल में जगह और संसाधनों की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही कमरे में करीब 16 बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की भारी कमी, इलाज प्रभावित निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। इसके चलते मरीजों को समय पर और पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। जनप्रतिनिधियों का आश्वासन: जल्द होगा समाधान इस दौरान भरतपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में आता है, इसलिए यहां की समस्याओं को प्राथमिकता से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान कराया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण में खुली पोल: प्रसूति वार्ड की जर्जर छत, एक कमरे में 16 मरीज एमसीबी जिले के जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत उस वक्त सामने आ गई, जब स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अस्पताल का निरीक्षण किया। बढ़ती गर्मी और संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए किए गए इस निरीक्षण में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रसूति वार्ड
बना खतरा, छत क्षतिग्रस्त—कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा निरीक्षण के दौरान सबसे चिंताजनक स्थिति प्रसूति वार्ड में देखने को मिली। यहां वार्ड की छत क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसे लेकर जनप्रतिनिधियों ने आशंका जताई कि यह कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं, एक कमरे में बार-बार शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। एक ही कमरे
में 16 बेड, अव्यवस्था चरम पर अस्पताल में जगह और संसाधनों की कमी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक ही कमरे में करीब 16 बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों की भारी कमी, इलाज प्रभावित निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी है। इसके
चलते मरीजों को समय पर और पर्याप्त इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। जनप्रतिनिधियों का आश्वासन: जल्द होगा समाधान इस दौरान भरतपुर जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनपद सदस्य एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में आता है, इसलिए यहां की समस्याओं को प्राथमिकता से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाएगा और जल्द समाधान कराया जाएगा।
- बैकुंठपुर/सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा के नेतृत्व में रेंज स्तर पर संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में वाहन ठगी से संबंधित एक बड़े प्रकरण का खुलासा किया गया है। आरोपी विकास जायसवाल उर्फ विक्की जायसवाल, निवासी कोरिया, सूरजपुर, सरगुजा एवं मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में वाहन मालिकों को अपने झांसे में लेकर ठगी करता था। आरोपी द्वारा वाहन स्वामियों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि उनके ट्रैक्टर, कार (आर्टिका) एवं अन्य वाहनों को रेलवे के ठेके में लगाकर प्रति माह ₹25,000 से ₹50,000 तक किराया दिलाया जाएगा। इस प्रलोभन में आकर कई लोगों ने अपने नए वाहन आरोपी को किराए पर दिए, जिन्हें आरोपी द्वारा अन्य स्थानों पर कम कीमत में बेच दिया जाता था। इसी संबंध में थाना पटना में प्रार्थी संदीप साहू की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 94/2026 धारा 316, 317(1), 3(5), भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में आरोपी द्वारा प्रार्थी का वाहन (आर्टिका) क्रमांक CG 16 cn 3128 को ₹40,000 प्रति माह किराए के नाम पर लेकर समय लाल निवासी अगस्तपुर को बेच दिया गया था। विवेचना के दौरान दिनांक 12.04.2026 को उक्त वाहन को समय लाल के कब्जे से जप्त किया गया। आरोपी विकास जायसवाल अन्य थानों में दर्ज प्रकरणों में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है। वहीं, समय लाल राजवाड़ेको गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन या संदेहास्पद प्रस्तावों से सतर्क रहें एवं ऐसे मामलों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। अपराधियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- सरगुजा बतौली पुलिस की बड़ी कार्रवाही छेड़छाड़ करने आरोपी गिरफ्तार...........1
- chattisgarh ambikapur Wark by golden sharma carpenter1
- vandematram sampurn gayan💐💐🙏🙏 vandematram sampurn gayan sarswati mahavidyalaya subhashnagar ambikapur me varshikotsv me gyan ka savbhagya prapt huaa thanks 🙏 🙏1
- 🎙️ एंकर: छत्तीसगढ़ में एक बार फिर अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। लुचकी के पास कांतिप्रकाशपुर से लगे पहाड़ों को भू-माफियाओं द्वारा लगातार काटा जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुरुम उत्खनन का यह खेल वर्षों से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक खामोश है। क्या है पूरा मामला, देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट— 🎤 रिपोर्टर (ग्राउंड रिपोर्ट): मैं इस वक्त मौजूद हूँ लुचकी के पास कांतिप्रकाशपुर क्षेत्र में, जहाँ साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह पहाड़ों को काटकर मुरुम निकाला जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अवैध उत्खनन वर्षों से जारी है और इसमें भू-माफियाओं की सीधी भूमिका है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि खनिज विभाग की कथित सेटिंग के चलते यह पूरा खेल बेखौफ तरीके से चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद भी विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि अधिकारियों को इस पूरे मामले की पूरी जानकारी है। 👉 इस अवैध उत्खनन से न सिर्फ पहाड़ों का अस्तित्व खतरे में है, बल्कि पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। अब सवाल यह उठता है कि— क्या प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा? या फिर यूँ ही भू-माफियाओं का खेल चलता रहेगा? 🎙️ पत्रकार(क्लोजिंग): फिलहाल देखना होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। कैमरामैन के साथ ___, ___ न्यूज़।4
- कोरबा से एक मामला सामने आया है, जहां एक बालिग युवती पिछले कई दिनों से अपने घर से लापता है। परिजनों का कहना है कि युवती से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है, और उन्होंने पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप लगाया है। लेमरू थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अरसेना से यह मामला सामने आया है। कुटरूंवा गांव के निवासी सुनील कुजुर की बालिग पुत्री संध्या कुजूर 4 अप्रैल की शाम से घर से गई हुई है। परिजनों के अनुसार, युवती गांव के ही एक युवक के साथ गई है, लेकिन अब तक उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है, जिससे परिवार में चिंता का माहौल है। हालांकि युवती बालिग बताई जा रही है, ऐसे में यह मामला स्वेच्छा से जाने का भी हो सकता है… लेकिन परिवार का कहना है कि संपर्क नहीं होना चिंता का विषय है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने लेमरू थाना में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई और उनके साथ दुर्व्यवहार भी हुआ। अब परिजन पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाकर युवती का पता लगाने और मामले की जांच कराने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1
- रामानुजगंज वन परिक्षेत्र अंतर्गत वन वाटिका पार्क में शुरू हुई इस सुविधा से अब यहां आने वाले पर्यटक बोटिंग का आनंद ले सकेंगे। इससे पार्क की आकर्षण क्षमता बढ़ेगी और दूर-दराज से आने वाले लोगों की संख्या में इजाफा होगा। साथ ही स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को इससे जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। वन विभाग और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ कार्यक्रम इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी आलोक वाजपेई, रामानुजगंज वन परिक्षेत्राधिकारी दिलरुबा बानो, बलरामपुर वन परिक्षेत्राधिकारी निखिल सक्सेना सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- sarswati mahavidyalaya subhashnagar ambikapur me varshikotsv Manya gya jisme natak , geet , singing , dance etc..... program huva1
- ब्यौहारी, रविवार: दोपहर के वक्त ब्यौहारी रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया, जब साइडिंग में खड़ी ट्रैक मशीन की एक बोगी में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों और लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग बुझा दी गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि असली कारणों की जांच जारी है। घटना करीब दोपहर 3 बजे की बताई जा रही है। 👉 फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।2