डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने शुक्रवार, 12 जून को नगर क्षेत्र का विस्तृत दौरा कर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नगर परिषद डीग में आयोजित शहरी सेवा शिविर, ग्राम भटपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में टेढ़े बिजली के पोल और ढीले लटकते तारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल पाइपलाइनों में लीकेज की समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश मिले। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने और विभिन्न पोर्टल पर उनके पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को देखते हुए आयुर्वेद विभाग को सक्रिय सहभागिता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया। राजस्व विभाग के काउंटरों पर जमाबंदी, नाम शुद्धिकरण और भूमि विभाजन के लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया गया, जबकि पंचायती राज विभाग को पट्टे जारी करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि ग्राम पंचायत स्तर पर किसी भी राजकीय विभाग को विकास कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता है, तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके पश्चात, जिला कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। उन्होंने अस्पताल के दवा वितरण केंद्र, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड और लैब का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जो जांचें अस्पताल परिसर में संभव नहीं हैं, उनके बारे में मरीजों को पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया जाए ताकि उनका समय व्यर्थ न हो। डीडीसी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और आपातकालीन स्थिति के लिए जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। नगर में निर्माणाधीन उप-जिला अस्पताल के संबंध में, उन्होंने निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने और संबंधित कार्यदायी एजेंसी से निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा। कलेक्टर ने नगर परिषद डीग में आयोजित शहरी सेवा शिविर में विभिन्न विभागीय स्टॉल्स पर अब तक हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सीधे आमजन से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्र के नागरिकों को योजनाओं से लाभान्वित करने और उनकी स्थानीय समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए शिविर की भावना के अनुरूप कार्य किया जाए। इस दौरे के दौरान विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
डीग जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने शुक्रवार, 12 जून को नगर क्षेत्र का विस्तृत दौरा कर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप संचालित विभिन्न लोक-कल्याणकारी गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं का गहनता से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नगर परिषद डीग में आयोजित शहरी सेवा शिविर, ग्राम भटपुरा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हकदारों और समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक हर हाल में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। अपने निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में टेढ़े बिजली के पोल और ढीले लटकते तारों को सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल पाइपलाइनों में लीकेज की समस्याओं पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश मिले। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने और विभिन्न पोर्टल पर उनके पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया। आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के महत्व को देखते हुए आयुर्वेद विभाग को सक्रिय सहभागिता और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया। राजस्व विभाग के काउंटरों पर जमाबंदी, नाम शुद्धिकरण और भूमि विभाजन के लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर बल दिया गया, जबकि पंचायती राज विभाग को पट्टे जारी करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए। तहसीलदार को यह भी निर्देशित किया गया कि यदि ग्राम पंचायत स्तर पर किसी भी राजकीय विभाग को विकास कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता है, तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके पश्चात, जिला कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगर का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं की पड़ताल की। उन्होंने अस्पताल के दवा वितरण केंद्र, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड और लैब का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जो जांचें अस्पताल परिसर में संभव नहीं हैं, उनके बारे में मरीजों को पहले ही स्पष्ट रूप से सूचित कर दिया जाए ताकि उनका समय व्यर्थ न हो। डीडीसी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और आपातकालीन स्थिति के लिए जीवन रक्षक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। नगर में निर्माणाधीन उप-जिला अस्पताल के संबंध में, उन्होंने निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने और संबंधित कार्यदायी एजेंसी से निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा। कलेक्टर ने नगर परिषद डीग में आयोजित शहरी सेवा शिविर में विभिन्न विभागीय स्टॉल्स पर अब तक हुए कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और सीधे आमजन से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरी क्षेत्र के नागरिकों को योजनाओं से लाभान्वित करने और उनकी स्थानीय समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के लिए शिविर की भावना के अनुरूप कार्य किया जाए। इस दौरे के दौरान विभिन्न विभागों के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- हरियाणा की गायिका काजल चौधरी को अपनी सासु मां को 'टफ' में बिठाकर ब्रज गोवर्धन परिक्रमा करते हुए देखा गया। इस दौरान वे भक्तिमय वातावरण में लगातार "राधे राधे राधे कृष्णा" का जाप करती हुई आगे बढ़ रही थीं, जो उनकी सेवा और श्रद्धा भाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।2
- डीग पुलिस ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देते हुए एक पैदल मार्च निकाला। यह मार्च पुलिस अधीक्षक डीग कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशानुसार शहर कोतवाली डीग के उप निरीक्षक अमर सिंह के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। पैदल मार्च शहर कोतवाली से शुरू होकर घंटाघर, नई सड़क, जिला अस्पताल, गणेश मंदिर और लक्ष्मण मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों से होते हुए वापस कोतवाली पहुंचा। इस दौरान, पुलिस कर्मियों ने आम जनता से यातायात नियमों का पालन करने, वाहनों को सही दिशा में चलाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उप निरीक्षक अमर सिंह ने बताया कि इस पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य शहर में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना, यातायात व्यवस्था को सुचारु रखना और नागरिकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। पुलिस ने एक बार फिर नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया।3
- मथुरा के थाना जैत क्षेत्र में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को अवैध वसूली, अवैध पार्किंग संचालन और बाहरी व्यक्तियों के जरिए उगाही कराने के आरोपों की जांच में पुष्टि होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने इस पूरे मामले पर बयान दिया है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठाने को रेखांकित करता है।1
- मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के ग्राम कमई स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अस्पताल वर्षों से ज्यादातर समय बंद रहता है और यहां न तो नियमित डॉक्टर दिखते हैं, न नर्स और न ही अन्य कर्मचारी। परिसर में गंदगी, झाड़ियां और मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल भवन बने हुए लगभग एक दशक से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से शुरू नहीं हो पाई हैं। इसके चलते मरीजों को उपचार के लिए गोवर्धन, मथुरा या अन्य दूर के स्थानों पर जाना पड़ता है। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण लाखों रुपये की लागत से बना यह स्वास्थ्य केंद्र जनता के लिए किसी काम का नहीं है। इन गंभीर समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से इस अस्पताल की वास्तविक स्थिति की जांच करने और तत्काल नियमित चिकित्सा सेवाएं शुरू कराने की मांग की है। यह घटना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टरों और सुविधाओं की कमी की उस व्यापक समस्या को भी दर्शाती है, जो अन्य क्षेत्रों में भी अक्सर सामने आती रहती है और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाती है। कमई के ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत यही है कि "अस्पताल है, लेकिन इलाज नहीं; भवन है, लेकिन सुविधा नहीं"।4
- मथुरा के कारागार में एक निरीक्षण किया गया। इस खबर को ब्यूरो चीफ ओमप्रकाश लवानिया ने रिपोर्ट किया है।1
- बच्चों को मन का सच्चा बताते हुए, यह कामना की गई है कि उन्हें किसी की बुरी नज़र न लगे। उनकी मासूमियत को ध्यान में रखते हुए, बुरी नज़र को उतार दिया गया है। यह संदेश एक हल्के-फुल्के और चंचल अंदाज़ में बच्चों के भोलेपन पर खुशी और सुरक्षा का भाव व्यक्त करता है।1
- डीग शहर के संतोषी माता मंदिर गोवर्धन गेट में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पाँचवें दिन, पूज्य भागवताचार्य पंडित त्रिलोकचंद शास्त्री ने कहा कि व्यक्ति को हमेशा धर्म के मार्ग पर चलकर समाज सेवा में आगे आना चाहिए। श्रीमती लक्ष्मी देवी की स्मृति में ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कथा में शास्त्री जी ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि मानव जन्म के साथ चार व्याधियाँ आती हैं – रोग, शोक, वृद्धापन और मौत, और इन्हीं से घिरा इंसान इस मायारूपी संसार से विदा लेता है। शास्त्री जी ने समझाया कि सांसारिक बंधनों में जितना बंधोगे, पाप के उतने ही करीब पहुंचोगे, इसलिए सांसारिक बंधन से मुक्त होकर परमात्मा की शरण में जाना ही जीवन रूपी नैय्या को पार लगाने का मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में बढ़ती परेशानी और अविश्वास के कारण समाज में खींचतान, स्वार्थ, लोभ, दुख, पतन और विकृतियों का अम्बार लगा हुआ है। भागवत आचार्य शास्त्री ने गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन करते हुए अहंकार और अभियान को एक-दूसरे का पूरक बताया। उन्होंने पौराणिक मान्यता का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार श्री कृष्ण ने देखा कि ब्रजवासी इंद्र देव की पूजा की तैयारी कर रहे हैं। माता यशोदा ने बताया कि इंद्र वर्षा करते हैं, जिससे अन्न और गायों को चारा मिलता है। इस पर कान्हा ने तर्क दिया कि वर्षा करना तो इंद्रदेव का कर्तव्य है, जबकि गोवर्धन पर्वत गायों को चरागाह और फल-फूल, सब्जियाँ देता है, इसलिए उसकी पूजा होनी चाहिए। ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू की, जिससे देवराज इंद्र ने अपना अपमान समझा और क्रोध में प्रलयदायक मूसलाधार बारिश कर दी। चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, और ब्रजवासी अपनी रक्षा के लिए भागे, यह मानते हुए कि यह सब कृष्ण की बात मानने का परिणाम है। तब भगवान कृष्ण ने इंद्र का अहंकार दूर करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया, जिसके नीचे सभी ने शरण ली। बाद में इंद्रदेव को अपनी भूल का अहसास हुआ और उन्होंने श्री कृष्ण से क्षमा याचना की। इस अवसर पर संतोषी माता ट्रस्ट के पदाधिकारी मनमोहन गुप्ता, प्रकाश चंद गुप्ता, श्यामसुंदर शर्मा, रश्मि कांत शर्मा, सतीश शर्मा, पंकज गुप्ता, विष्णु दुबे, दाऊ दयाल शर्मा, जगदीश प्रसाद और गिरिराज प्रसाद गुप्ता नोनेरा वाले सहित कई लोग उपस्थित रहे।4
- डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र के मुरार गांव में जमीनी रंजिश ने एक बेहद हिंसक रूप ले लिया है। यहाँ दो पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा जमीन का विवाद अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस भीषण गोलीबारी में महिलाओं सहित कुल 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और 5 की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हिंसक टकराव सर्वसुख और सोहनला पक्षों के बीच हुआ। गोलीबारी में सर्वसुख पक्ष के 7 लोग और सोहनला पक्ष के 2 लोग घायल हुए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सर्वसुख पक्ष के सभी घायलों को कामां के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने 5 लोगों की हालत को अत्यंत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया है। वहीं, सोहनला पक्ष के दोनों घायलों का इलाज कामां अस्पताल में ही जारी है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जमीन के एक टुकड़े को लेकर काफी समय से अदालती और सामाजिक स्तर पर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को इसी विवाद के चलते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि एक पक्ष ने हथियार निकालकर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा गांव थर्रा उठा और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना की सूचना मिलते ही कामां थाना पुलिस भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर वहाँ से खाली कारतूस के खोल बरामद किए हैं। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है।2