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जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में आधुनिक फेको मशीन से मोतियाबिंद का सफल उपचार अब सरकारी अस्पताल में मिलेगी निजी अस्पतालों जैसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधा जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में आधुनिक फेको मशीन से मोतियाबिंद का सफल उपचार अब सरकारी अस्पताल में मिलेगी निजी अस्पतालों जैसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधा मनोज सोनी एडिटर इन चीफ एके एन न्यूज नर्मदापुरम। जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम के नेत्र विभाग में अब अत्याधुनिक फेको (Phacoemulsification) मशीन के माध्यम से मोतियाबिंद का सफल उपचार किया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर द्वारा इस आधुनिक तकनीक से मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे नर्मदापुरम सहित आसपास के जिलों के मरीजों को अब सरकारी अस्पताल में ही निजी अस्पतालों जैसी आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर ने बताया कि फेको तकनीक वर्तमान समय में मोतियाबिंद के उपचार की सबसे उन्नत एवं सुरक्षित विधियों में से एक है। इस प्रक्रिया में अल्ट्रासोनिक तरंगों की सहायता से आंख के धुंधले प्राकृतिक लेंस (मोतियाबिंद) को मात्र 2 से 3 मिलीमीटर के छोटे चीरे के माध्यम से निकालकर उसकी जगह आधुनिक कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस (आईओएल) प्रत्यारोपित किया जाता है। छोटे चीरे के कारण सामान्यतः टांकों की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और आंख तेजी से स्वस्थ होती है। उन्होंने बताया कि फेको तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्यतः 10 से 20 मिनट में पूरा हो जाता है। इस प्रक्रिया में संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है तथा अधिकांश मरीज उसी दिन घर लौट सकते हैं। ऑपरेशन के बाद दृष्टि में शीघ्र सुधार होने लगता है और कुछ ही दिनों में मरीज अपनी सामान्य दिनचर्या प्रारंभ कर सकता है। डॉ. गौर के अनुसार इस तकनीक के प्रमुख लाभों में छोटा चीरा, बिना टांकों के ऑपरेशन, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी, संक्रमण का कम जोखिम तथा बेहतर एवं स्पष्ट दृष्टि शामिल हैं। आधुनिक कृत्रिम लेंस लगाए जाने से कई मरीजों की चश्मे पर निर्भरता भी कम हो सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के लिए लाभकारी है तथा चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज भी सुरक्षित रूप से इसका लाभ ले सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में कठिनाई, रोशनी से परेशानी अथवा मोतियाबिंद के अन्य लक्षण महसूस हों तो उपचार में विलंब न करें। समय पर जांच एवं ऑपरेशन कराने से दृष्टि सुरक्षित रहती है और अंधत्व जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव है। जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में फेको मशीन की उपलब्धता से अब जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। सरकारी अस्पताल में आधुनिक तकनीक एवं अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

15 hrs ago
user_Manoj soni
Manoj soni
Graphic designer होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
15 hrs ago
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जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में आधुनिक फेको मशीन से मोतियाबिंद का सफल उपचार अब सरकारी अस्पताल में मिलेगी निजी अस्पतालों जैसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधा जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में आधुनिक फेको मशीन से मोतियाबिंद का सफल उपचार अब सरकारी अस्पताल में मिलेगी निजी अस्पतालों जैसी अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधा मनोज सोनी एडिटर इन चीफ एके एन न्यूज नर्मदापुरम। जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम के नेत्र विभाग में अब अत्याधुनिक फेको (Phacoemulsification) मशीन के माध्यम से मोतियाबिंद का सफल उपचार किया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर द्वारा इस आधुनिक तकनीक से मरीजों के सफल ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इससे नर्मदापुरम सहित आसपास के जिलों के मरीजों को अब सरकारी अस्पताल में ही निजी अस्पतालों जैसी आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीमती ऋचा गौर ने बताया कि फेको तकनीक वर्तमान समय में मोतियाबिंद के उपचार की सबसे उन्नत एवं सुरक्षित विधियों में से एक है। इस प्रक्रिया में अल्ट्रासोनिक तरंगों की सहायता से आंख के धुंधले प्राकृतिक लेंस (मोतियाबिंद) को मात्र 2 से 3 मिलीमीटर के छोटे चीरे के माध्यम से निकालकर उसकी जगह आधुनिक कृत्रिम इंट्राऑक्युलर लेंस (आईओएल) प्रत्यारोपित किया जाता है। छोटे चीरे के कारण सामान्यतः टांकों की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और आंख तेजी से स्वस्थ होती है। उन्होंने बताया कि फेको तकनीक से मोतियाबिंद का ऑपरेशन सामान्यतः 10 से 20 मिनट में पूरा हो

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जाता है। इस प्रक्रिया में संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है तथा अधिकांश मरीज उसी दिन घर लौट सकते हैं। ऑपरेशन के बाद दृष्टि में शीघ्र सुधार होने लगता है और कुछ ही दिनों में मरीज अपनी सामान्य दिनचर्या प्रारंभ कर सकता है। डॉ. गौर के अनुसार इस तकनीक के प्रमुख लाभों में छोटा चीरा, बिना टांकों के ऑपरेशन, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी, संक्रमण का कम जोखिम तथा बेहतर एवं स्पष्ट दृष्टि शामिल हैं। आधुनिक कृत्रिम लेंस लगाए जाने से कई मरीजों की चश्मे पर निर्भरता भी कम हो सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के लिए लाभकारी है तथा चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत मधुमेह एवं उच्च रक्तचाप से पीड़ित मरीज भी सुरक्षित रूप से इसका लाभ ले सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को धुंधला दिखाई देना, रात में देखने में कठिनाई, रोशनी से परेशानी अथवा मोतियाबिंद के अन्य लक्षण महसूस हों तो उपचार में विलंब न करें। समय पर जांच एवं ऑपरेशन कराने से दृष्टि सुरक्षित रहती है और अंधत्व जैसी गंभीर स्थिति से बचाव संभव है। जिला चिकित्सालय नर्मदापुरम में फेको मशीन की उपलब्धता से अब जिले एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी। सरकारी अस्पताल में आधुनिक तकनीक एवं अनुभवी नेत्र रोग विशेषज्ञ की देखरेख में गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध होने से आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

More news from Narmadapuram and nearby areas
  • ई-रिक्शा चालक इमरान खान ने भोपाल में ₹1.5 लाख का कीमती मोबाइल फोन उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल पेश की आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उन्होंने लालच न करके इंसानियत को चुना और पुलिस के सहयोग से फोन को सही सलामत वापस पहुँचाया। इमरान खान की ईमानदारी की मुख्य बातेंकीमती मोबाइल: इमरान को सड़क पर लगभग ₹1.5 लाख की कीमत का सैमसंग स्मार्टफोन मिला था। असली मालिक: यह फोन भोपाल के एक डॉ क्टर (डॉ. मेहता) का था।सीधे पुलिस स्टेशन: इमरान ने फोन को बेचने या छुपाने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराया। पुलिस द्वारा सम्मान: भोपाल के DSP संतोष पटेल और पुलिस टीम ने इमरान के इस नेक काम के लिए उन्हें थाने में सम्मानित किया।नशे से दूरी है जरूरी: इमरान ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया कि वह किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते हैं, जिससे उनका ईमान और निर्णय लेने की क्षमता हमेशा सही रहती है। समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेशइमरान खान का यह कदम साबित करता है कि "ईमानदारी ही सबसे बड़ी दौलत है।" आज के समय में जहाँ लोग थोड़े से लालच में आकर गलत रास्ते चुन लेते हैं, वहीं इमरान जैसे लोग समाज में मानवता और भरोसे को जिंदा रखते हैं। उनके इस हौसला अफजाई वाले संदेश "नशे से दूरी है जरूरी" को हर नागरिक को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
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    ई-रिक्शा चालक इमरान खान ने भोपाल में ₹1.5 लाख का कीमती मोबाइल फोन उसके असली मालिक को लौटाकर ईमानदारी की एक बड़ी मिसाल पेश की 
आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उन्होंने लालच न करके इंसानियत को चुना और पुलिस के सहयोग से फोन को सही सलामत वापस पहुँचाया। 
इमरान खान की ईमानदारी की मुख्य बातेंकीमती मोबाइल: इमरान को सड़क पर लगभग ₹1.5 लाख की कीमत का सैमसंग स्मार्टफोन मिला था।
असली मालिक: यह फोन भोपाल के एक डॉ
क्टर (डॉ. मेहता) का था।सीधे पुलिस स्टेशन: इमरान ने फोन को बेचने या छुपाने के बजाय नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराया।
पुलिस द्वारा सम्मान: भोपाल के DSP संतोष पटेल और पुलिस टीम ने इमरान के इस नेक काम के लिए उन्हें थाने में सम्मानित किया।नशे से दूरी है जरूरी: इमरान ने समाज को एक बड़ा संदेश दिया कि वह किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते हैं, जिससे उनका ईमान और निर्णय लेने की क्षमता हमेशा सही रहती है।
समाज के लिए एक प्रेरणादायी संदेशइमरान खान का यह कदम साबित करता है कि "ईमानदारी ही सबसे बड़ी दौलत है।" आज के समय में जहाँ लोग थोड़े से लालच में आकर गलत रास्ते चुन लेते हैं, वहीं इमरान जैसे लोग समाज में मानवता और भरोसे को जिंदा रखते हैं। उनके इस हौसला अफजाई वाले संदेश "नशे से दूरी है जरूरी" को हर नागरिक को अपने जीवन में उतारना चाहिए।
    user_ABDUL
    ABDUL
    Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
    15 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 5 अगस्त को इटारसी आगमन को लेकर प्रशासन मुस्तैद! आज अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी पहुँचकर कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ​5 हैशटैग (Hashtags) ​#Itarsi #ItarsiNews #DrMohanYadav #MadhyaPradesh #ItarsiUpdate मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 5 अगस्त को इटारसी आगमन को लेकर प्रशासन मुस्तैद! आज अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी पहुँचकर कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ​5 हैशटैग (Hashtags) ​#Itarsi #ItarsiNews #DrMohanYadav #MadhyaPradesh #ItarsiUpdate
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 5 अगस्त को इटारसी आगमन को लेकर प्रशासन मुस्तैद! आज अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी पहुँचकर कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 5 अगस्त को इटारसी आगमन को लेकर प्रशासन मुस्तैद! आज अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी पहुँचकर कार्यक्रम स्थल की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएँ समय पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
​5 हैशटैग (Hashtags)
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    user_Itarsi_update_786
    Itarsi_update_786
    Newspaper publisher इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    36 min ago
  • मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।" उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है। खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए। बार-बार आंदोलन समाधान नहीं पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।
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    मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे
मूंग खरीदी पर सरकार ने किया वादाखिलाफी, किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे: संतोष पटवारे
मूंग खरीदी को लेकर हाल ही में हुए किसान आंदोलन के बाद भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष पटवारे ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार और किसान नेताओं के बीच जो सहमति बनी थी, उसका पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
पटवारे ने बताया कि आंदोलन के दौरान सरकार पहले खरीदी को प्रतिशत के आधार पर तय करने की बात कर रही थी। उन्होंने कहा, "हमें प्रतिशत की गणना समझ में नहीं आती, इसलिए हमने प्रति एकड़ खरीदी की मांग रखी। हमारी मांग साढ़े तीन क्विंटल प्रति एकड़ थी, जबकि सरकार तीन क्विंटल प्रति एकड़ पर सहमत हो गई थी।"
उन्होंने दावा किया कि पहली बैठक बिना अंतिम सहमति के समाप्त हो गई थी, लेकिन बाद में मंत्री ने स्वयं फोन कर दोबारा चर्चा के लिए बुलाया। दूसरी बैठक में मंत्री ने स्पष्ट रूप से तीन क्विंटल प्रति एकड़ मूंग खरीदी का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद वर्तमान में किसानों के जो बिल जारी हो रहे हैं, उनमें लगभग 7 क्विंटल 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की खरीदी दिखाई दे रही है, जबकि चर्चा 7.5 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के समतुल्य खरीदी को लेकर हुई थी। पटवारे ने कहा कि व्यवहारिक रूप से किसानों को इससे भी कम उपज का भुगतान मिलेगा, क्योंकि 50 किलो से कम की मात्रा का अलग बिल नहीं बनता। ऐसे में सरकार द्वारा किया गया आश्वासन पूरी तरह लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है।
खाद वितरण व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
संतोष पटवारे ने बताया कि आंदोलन की दूसरी प्रमुख मांग खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की परेशानी को देखते हुए 10 दिनों के लिए पोर्टल बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब किसान आधार कार्ड और बही की प्रति के आधार पर भी खाद प्राप्त कर सकेंगे।
हालांकि उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ महीने पहले शुरू किए गए पोर्टल में अब तक आवश्यक सुधार नहीं हो पाए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि व्यवस्था में सुधार की गति बेहद धीमी है। उनका कहना था कि यदि तकनीकी व्यवस्था किसानों के हित में बनाई गई है तो उसका लाभ भी किसानों को समय पर मिलना चाहिए।
बार-बार आंदोलन समाधान नहीं
पटवारे ने कहा कि किसान बार-बार आंदोलन नहीं करना चाहते। सरकार और किसान संगठनों के बीच जो सहमति बनी है, उसका ईमानदारी से पालन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संगठन के वरिष्ठ नेतृत्व से भी चर्चा की जाएगी तथा क्षेत्र के सांसद और विधायकों से व्यवस्था में सुधार के लिए प्रभावी पहल करने का आग्रह किया जाएगा।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की मुलाकात नेता प्रतिपक्ष के साथ तीन अन्य विधायक भी रहे मौजूद मुलाकात को लेकर उमंग सिंगार ने बताया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है और कमलनाथ सरकार में हमने 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रहा था 9 अगस्त को हर गांव में चर्चा उनकी संस्कृति को लेकर आर्थिक स्थिति सामाजिक स्थिति को लेकर इसलिए हमने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि 9अगस्त को सार्वजनिक औकात घोषित किया जाए इसके अलावा आदिवासी क्षेत्र के आदिवासी छात्रावास और आदिवासी क्षेत्रों में जो सरकारी अस्पताल है उनका निजी हाथों में सौपा जा रहा है निजी हाथों में अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधा को यदि सौंप दिया जाएगा और यदि वहां पर डॉक्टर नहीं रहते हैं तो उसका कोई औचित्य नही है इसी प्रकार से आदिवासी अंचल दूर दराज में है और आदिवासी हॉस्टल्स को यकीन निजी हाथों में सौपा जाएगा तो क्या वहां 50 से 100 किलोमीटर दूर से आने वाले आदिवासी छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी क्या उनका समुचित विकास हो पाएगा इसी प्रकार से हमने आईटीआई को लेकर के भी चर्चा की है कि वहां आने वाले छात्रों को नए ट्रेड के हिसाब से नई मशीनों के हिसाब से पढ़ाया जाए मुख्यमंत्री ने इन सब विषयों पर हमसे चर्चा की है और कहां है कि मैं इन सब विषयों पर एक बार विचार करूंगा और सभी विषयों पर दोनों दलों के लोग बैठकर चर्चा करेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा सरकार करती है तो अच्छी बात है स्वागत है नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी अमित कॉल की हत्या के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कल हम डीजीपी से मिले थे और डीजीपी ने बोला है कि हम इसकी निष्पक्ष जांच करेंगे की उसकी हत्या के पीछे की वजह क्या है और क्योंकि उसके पिताजी भी पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं हमने मुख्यमंत्री के अभी तक सज्ञान में लाया है उन्होंने भी इस पर जांच की बात कही है दतिया उप चुनाव को लेकर कहां की मेरी जानकारी में भी आया था कि वहां पर प्रशासन ने और अधिकारियों ने बूथ कैटरिंग का प्रयास किया है हमारे कांग्रेस की उम्मीदवार घनश्याम जी ने भी मुझे बताया मुझे लगता है कि सरकार ने वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया है लेकिन मेरा विश्वास है कि वहां पर कांग्रेस जीत रही है नगर पालिका क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कहा कि अवैध होल्डिंग्स किसके लग रहे हैं कौन लगता रहा है कौन उसमें कमीशन ले रहा है क्या सरकार की नजर में नहीं है और यदि है तो उसकी जांच कारण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
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    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की मुलाकात नेता प्रतिपक्ष के साथ तीन अन्य विधायक भी रहे मौजूद मुलाकात को लेकर उमंग सिंगार ने बताया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है और कमलनाथ सरकार में हमने 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रहा था 9 अगस्त को हर गांव में चर्चा उनकी संस्कृति को लेकर आर्थिक स्थिति सामाजिक स्थिति को लेकर इसलिए हमने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि 9अगस्त को सार्वजनिक औकात घोषित किया जाए इसके अलावा आदिवासी क्षेत्र के आदिवासी छात्रावास और आदिवासी क्षेत्रों में जो सरकारी अस्पताल है उनका निजी हाथों में सौपा जा रहा है निजी हाथों में अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधा को यदि सौंप दिया जाएगा और यदि वहां पर डॉक्टर नहीं रहते हैं तो उसका कोई औचित्य नही है इसी प्रकार से आदिवासी अंचल दूर दराज में है और आदिवासी हॉस्टल्स को यकीन निजी हाथों में सौपा जाएगा तो क्या वहां 50 से 100 किलोमीटर  दूर से  आने वाले आदिवासी छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी क्या उनका समुचित विकास हो पाएगा इसी प्रकार से हमने आईटीआई को लेकर के भी चर्चा की है कि वहां आने वाले छात्रों को नए ट्रेड के हिसाब से नई मशीनों के हिसाब से पढ़ाया जाए मुख्यमंत्री ने इन सब विषयों पर हमसे चर्चा की है और कहां है कि मैं इन सब विषयों पर एक बार विचार करूंगा और सभी विषयों पर दोनों दलों के लोग बैठकर चर्चा करेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा सरकार करती है तो अच्छी बात है स्वागत है नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी

अमित कॉल की हत्या के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कल हम डीजीपी से मिले थे और डीजीपी ने बोला है कि हम इसकी निष्पक्ष जांच करेंगे की उसकी हत्या के पीछे की वजह क्या है और क्योंकि उसके पिताजी भी पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं हमने मुख्यमंत्री के अभी तक सज्ञान में लाया है उन्होंने भी इस पर जांच की बात कही है

दतिया उप चुनाव को लेकर कहां की मेरी जानकारी में भी आया था कि वहां पर प्रशासन ने और अधिकारियों ने बूथ कैटरिंग का प्रयास किया है हमारे कांग्रेस की उम्मीदवार घनश्याम जी ने भी मुझे बताया मुझे लगता है कि सरकार ने वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया है लेकिन मेरा विश्वास है कि वहां पर कांग्रेस जीत रही है

नगर पालिका क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कहा कि अवैध होल्डिंग्स किसके लग रहे हैं कौन लगता रहा है कौन उसमें कमीशन ले रहा है क्या सरकार की नजर में नहीं है और यदि है तो उसकी जांच कारण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
    user_PS24NEWS
    PS24NEWS
    Local News Reporter कोलार, भोपाल, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • शिव धाम के रास्ते में बिक रही थी कच्ची शराब आबकारी विभाग ने की कार्रवाई नागद्वारी मेले के पहले 450 किलो महुआ लाहन और 70 लीटर कच्ची शराब जप्त,अंग्रेजी शराब की बड़ी मात्रा में हो रही सप्लाई
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    शिव धाम के रास्ते में बिक रही थी कच्ची शराब आबकारी विभाग ने की कार्रवाई
नागद्वारी मेले के पहले 450 किलो महुआ लाहन और 70 लीटर कच्ची शराब जप्त,अंग्रेजी शराब की बड़ी मात्रा में हो रही सप्लाई
    user_न्यूज नर्मदापुरम
    न्यूज नर्मदापुरम
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    19 min ago
  • नर्मदा तट सांडिया से कांवड़   यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक नर्मदा तट सांडिया से कांवड़   यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक 31/7/2026 छगन कुशवाहा पिपरिया। सावन माह में आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। अखिल भारतीय माँ नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ एवं महतारी जनकल्याण समिति के तत्वावधान में वर्ष 2009 से लगातार आयोजित की जा रही कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी 31 जुलाई 2026 की प्रातःकाल नर्मदा तट स्थित सीताराम घाट, सांडिया से प्रारंभ होगी। यात्रा में शामिल शिवभक्त नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हुए पिपरिया मार्ग से पचमढ़ी के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम पहुंचेंगे। यहां प्राकृतिक पर्वतीय गुफाओं में जटाओं के मध्य विराजमान स्वयंभू भगवान शिव का नर्मदा जल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया जाएगा। आयोजक मीरा गढवाल ने बताया कि यह धार्मिक यात्रा वर्ष 2009 से निरंतर आयोजित की जा रही है। यात्रा का उद्देश्य नर्मदा मैया के प्रति श्रद्धा, सनातन संस्कृति का संरक्षण तथा समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। यात्रा के दौरान शिवभक्त "हर-हर महादेव" और "नर्मदे हर" के जयघोष के साथ आगे बढ़ेंगे, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहेगा। श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर यात्रा में सहभागी बनने तथा अनुशासन एवं सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
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    नर्मदा तट सांडिया से कांवड़   यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक
नर्मदा तट सांडिया से कांवड़   यात्रा, निकली जटाशंकर में होगा नर्मदा जल से भगवान शिव का अभिषेक
31/7/2026 छगन कुशवाहा
पिपरिया। सावन माह में आस्था और श्रद्धा का अनूठा संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा। अखिल भारतीय माँ नर्मदा परिक्रमा सेवा संघ एवं महतारी जनकल्याण समिति के तत्वावधान में वर्ष 2009 से लगातार आयोजित की जा रही कांवड़ यात्रा इस वर्ष भी 31 जुलाई 2026 की प्रातःकाल नर्मदा तट स्थित सीताराम घाट, सांडिया से प्रारंभ होगी।
यात्रा में शामिल शिवभक्त नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर पैदल यात्रा करते हुए पिपरिया मार्ग से पचमढ़ी के प्रसिद्ध जटाशंकर धाम पहुंचेंगे। यहां प्राकृतिक पर्वतीय गुफाओं में जटाओं के मध्य विराजमान स्वयंभू भगवान शिव का नर्मदा जल से विधि-विधानपूर्वक जलाभिषेक किया जाएगा।
आयोजक मीरा गढवाल ने बताया कि यह धार्मिक यात्रा वर्ष 2009 से निरंतर आयोजित की जा रही है। यात्रा का उद्देश्य नर्मदा मैया के प्रति श्रद्धा, सनातन संस्कृति का संरक्षण तथा समाज में धार्मिक और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है। यात्रा के दौरान शिवभक्त "हर-हर महादेव" और "नर्मदे हर" के जयघोष के साथ आगे बढ़ेंगे, जिससे पूरा मार्ग भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहेगा।
श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचकर यात्रा में सहभागी बनने तथा अनुशासन एवं सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
    user_Chhagan Kushawaha
    Chhagan Kushawaha
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 31 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित ₹200 करोड़ के 'चढ़ावा घोटाले' को लेकर संसद भवन परिसर (मकर द्वार) पर एक बेहद अनोखा और नाटकीय प्रदर्शन (Skit) किया। 🎭 नाटक में किसने क्या भूमिका निभाई? पुजारी बने पप्पू यादव: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर, हाथ में भगवान राम का चित्र और एक दानपात्र (दानपेटी) लेकर पुजारी के वेश में बैठ गए। राहुल गांधी ने चढ़ाया चंदा: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे, उन्होंने 'पुजारी' पप्पू यादव को प्रणाम किया और उनके दानपात्र में प्रतीकात्मक रूप से पैसे डाले। अवधेश प्रसाद के छुए पैर: नाटक के दौरान पप्पू यादव ने अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के पैर छूकर आशीर्वाद लिया दानपात्र लेकर भागे 'पुजारी': जैसे ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने चंदा डाला, पप्पू यादव उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय अपनी जेब में डालकर वहां से भागने लगे। 🛑 चोर को रंगे हाथों पकड़ाजैसे ही पप्पू यादव चढ़ावा लेकर भागने लगे, अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और अन्य सांसदों ने उन्हें बीच में ही दबोच लिया। इस पर पप्पू यादव ने मजाकिया अंदाज में चिल्लाते हुए कहा, “अयोध्या वालों ने पकड़ लिया… चंदा चोरी करते हुए पकड़ लिया!” इस दृश्य को देखकर पीछे खड़ीं प्रियंका गांधी वाद्रा और डिंपल यादव सहित तमाम विपक्षी नेता हंसने लगे और वहां का माहौल काफी हास्यपूर्ण हो गया। विपक्ष का आरोप और नारेबाजीविपक्षी सांसदों ने इस प्रतीकात्मक नाटक के जरिए “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” और “चंदा चोर कहाँ मिलेंगे? बीजेपी के दफ्तर में!” जैसी तीखी नारेबाजी की और राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इस प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के सांसद हाथों में 'अमित शाह संसद से गायब क्यों?' के पोस्टर्स लेकर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।सोशल मीडिया पर विपक्षी सांसदों के इस व्यंग्यात्मक विरोध प्रदर्शन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
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    31 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित ₹200 करोड़ के 'चढ़ावा घोटाले' को लेकर संसद भवन परिसर (मकर द्वार) पर एक बेहद अनोखा और नाटकीय प्रदर्शन (Skit) किया।
🎭 नाटक में किसने क्या भूमिका निभाई?
पुजारी बने पप्पू यादव: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र धारण कर, हाथ में भगवान राम का चित्र और एक दानपात्र (दानपेटी) लेकर पुजारी के वेश में बैठ गए। 
राहुल गांधी ने चढ़ाया चंदा: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे, उन्होंने 'पुजारी' पप्पू यादव को प्रणाम किया और उनके दानपात्र में प्रतीकात्मक रूप से पैसे डाले।
अवधेश प्रसाद के छुए पैर: नाटक के दौरान पप्पू यादव ने अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के पैर छूकर आशीर्वाद लिया
दानपात्र लेकर भागे 'पुजारी': जैसे ही राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने चंदा डाला, पप्पू यादव उन पैसों को दानपेटी में रखने के बजाय अपनी जेब में डालकर वहां से भागने लगे।
🛑 चोर को रंगे हाथों पकड़ाजैसे ही पप्पू यादव चढ़ावा लेकर भागने लगे, अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद और अन्य सांसदों ने उन्हें बीच में ही दबोच लिया। इस पर पप्पू यादव ने मजाकिया अंदाज में चिल्लाते हुए कहा, “अयोध्या वालों ने पकड़ लिया… चंदा चोरी करते हुए पकड़ लिया!” इस दृश्य को देखकर पीछे खड़ीं प्रियंका गांधी वाद्रा और डिंपल यादव सहित तमाम विपक्षी नेता हंसने लगे और वहां का माहौल काफी हास्यपूर्ण हो गया।
विपक्ष का आरोप और नारेबाजीविपक्षी सांसदों ने इस प्रतीकात्मक नाटक के जरिए “चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़” और “चंदा चोर कहाँ मिलेंगे? बीजेपी के दफ्तर में!” जैसी तीखी नारेबाजी की और राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन के दौरान विपक्ष के सांसद हाथों में 'अमित शाह संसद से गायब क्यों?' के पोस्टर्स लेकर गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।सोशल मीडिया पर विपक्षी सांसदों के इस व्यंग्यात्मक विरोध प्रदर्शन का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_ABDUL
    ABDUL
    Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
    17 hrs ago
  • कोलार के हिनोतिया में गांजा तस्करों का खूनी तांडव, शिकायत करने पर अहिरवार परिवार पर किया जानलेवा हमला आरोपी इरशाद और उसके गुर्गों ने घर में घुसकर मचाया भारी उत्पाद, लाठी-डंडों के हमले में 5 महिलाएं घायल
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    कोलार के हिनोतिया में गांजा तस्करों का खूनी तांडव, शिकायत करने पर अहिरवार परिवार पर किया जानलेवा हमला
आरोपी इरशाद और उसके गुर्गों ने घर में घुसकर मचाया भारी उत्पाद, लाठी-डंडों के हमले में 5 महिलाएं घायल
    user_DKA2580
    DKA2580
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
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