डूंगरपुर शहर के नए बस स्टैंड पर रविवार दोपहर करीब 2 बजे 10 से 12 बदमाशों ने एक क्रूजर चालक पर फिल्मी अंदाज में हमला कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बदमाशों ने चालक को लाठियों और पत्थरों से बेरहमी से पीटा, जिसके बाद चालक को अपनी जान बचाने के लिए सड़क छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। हीराता धरती माता फला निवासी अजय पुत्र बंशीलाल रोत, जो डूंगरपुर-सागवाड़ा रूट पर क्रूजर गाड़ी चलाता है, ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में आराम कर रहा था, तभी दूसरी क्रूजर गाड़ी में सवार होकर आए 10-12 बदमाशों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी और पत्थरों से मारपीट शुरू कर दी। हमले से बचने के लिए अजय तीजवड़ की ओर भागा, लेकिन बदमाश उसका पीछा करते रहे। कुछ देर बाद जब हमलावर लौटे, तो अजय अपनी गाड़ी लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहा था। इस दौरान अस्पताल चौराहे पर बदमाश फिर सामने आ गए और गाड़ी अड़ाकर उसे रोकने का प्रयास किया। अजय किसी तरह अपनी गाड़ी लेकर उदयपुर रोड की तरफ निकल गया, लेकिन बदमाशों ने रामपुर गांव तक उसका पीछा किया। बाद में अजय ने रामपुर के आगे जंगल में अपनी गाड़ी छिपाकर जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अजय को लेकर कोतवाली थाने पहुंचे, जहां रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
डूंगरपुर शहर के नए बस स्टैंड पर रविवार दोपहर करीब 2 बजे 10 से 12 बदमाशों ने एक क्रूजर चालक पर फिल्मी अंदाज में हमला कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। बदमाशों ने चालक को लाठियों और पत्थरों से बेरहमी से पीटा, जिसके बाद चालक को अपनी जान बचाने के लिए सड़क छोड़कर जंगल की ओर भागना पड़ा। हीराता धरती माता फला निवासी अजय पुत्र बंशीलाल रोत, जो डूंगरपुर-सागवाड़ा रूट पर क्रूजर गाड़ी चलाता है, ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में आराम कर रहा था, तभी दूसरी क्रूजर गाड़ी में सवार होकर आए 10-12 बदमाशों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने लाठी और पत्थरों से मारपीट शुरू कर दी। हमले से बचने के लिए अजय तीजवड़ की ओर भागा, लेकिन बदमाश उसका पीछा करते रहे। कुछ देर बाद जब हमलावर लौटे, तो अजय अपनी गाड़ी लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहा था। इस दौरान अस्पताल चौराहे पर बदमाश फिर सामने आ गए और गाड़ी अड़ाकर उसे रोकने का प्रयास किया। अजय किसी तरह अपनी गाड़ी लेकर उदयपुर रोड की तरफ निकल गया, लेकिन बदमाशों ने रामपुर गांव तक उसका पीछा किया। बाद में अजय ने रामपुर के आगे जंगल में अपनी गाड़ी छिपाकर जान बचाई। घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल अजय को लेकर कोतवाली थाने पहुंचे, जहां रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
- डुंगरपुर में सोमवार को "वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान" का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर शहर की गेपसागर झील को गंगा मानकर पूजा अर्चना की गई और जल संरक्षण का संदेश देने के लिए मंगल जल कलश यात्रा भी निकाली गई। जल संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से यह कार्यक्रम गेपसागर झील की पाल पर सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जिले के प्रभारी सचिव एवं आबकारी आयुक्त नमित मेहता, कलेक्टर देशलदान, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पटेल, महामंत्री पंकज जैन, उपाध्यक्ष हंसमुख पण्ड्या और जिला परिषद सीईओ हनुमान सिंह राठौड सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रभारी सचिव नमित मेहता ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि "वंदे गंगा जल अभियान" के तहत शहर से लेकर गांवों तक सभी जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाएगा। यह अभियान 5 जून तक चलाया जाएगा।4
- दिल्ली के लाल किला मैदान में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के पावन अवसर पर देशभर से जनजाति समाज एकत्र हुआ। यह महासमागम जनजाति सांस्कृतिक आस्था, संस्कृति एवं परंपरा की रक्षा तथा जन जागृति के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस समागम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देश के गृहमंत्री आदरणीय अमित शाह ने लाल किले से जनजाति समाज को संबोधित किया। इस अवसर पर देशभर के जनजाति समाज ने सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सनातन धर्म के संरक्षण का संकल्प लिया। डूंगरपुर जिले से जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक भंवरलाल कटारा भारतीय ने बताया कि डूंगरपुर से 1440 जनजाति बंधु एक विशेष ट्रेन से इस सांस्कृतिक समागम में शामिल होने दिल्ली पहुँचे। ये सभी अपनी पारंपरिक वेशभूषा, कला एवं संस्कृति के साथ हर्षोल्लास से नृत्य करते हुए और गीत-भजन मंडलियों के गीत गाते हुए उपस्थित रहे। डूंगरपुर से पूर्व लोकसभा सांसद कनकमाल कटारा, पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा आसपुर, शंकरलाल डेचा विधायक सागवाड़ा, विधायक प्रत्याशी बंसीलाल कटारा, चौरासी विधानसभा प्रत्याशी कारीलाल ननोमा सहित जनजाति सुरक्षा मंच के विभाग संगठन मंत्री बाबूलाल परमार, सुरेंद्रसिंह, विष्णु कटारा, सुभाष रोत, उमेश भणात, सुरेश, राकेश, कांतिलाल डामोर, ईश्वरलाल चरपोटा, लक्ष्मण कोटेड, वासुदेव कटारा, अनुराग कटारा और करुण ननोमा आदि सदस्य एवं पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह दल दिल्ली समागम में शामिल हुआ।1
- जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है। इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप, सीमलवाड़ा के अमरपुरा बांध पर रविवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया, जहाँ जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गंगा पूजन, कलश यात्रा और पीपल पूजन के साथ की गई, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों को जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और अधिक से अधिक वृक्षारोपण का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान कारीलाल ननोमा ने अपने संबोधन में कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी उचित देखभाल सुनिश्चित करे। ननोमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'कैच द रेन' जैसी सोच पर आधारित जल संरक्षण अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य देश में जल संकट को कम करना और नदियों, तालाबों व अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने भूजल स्तर के लगातार घटते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए इस लक्ष्य को समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पूरा करने पर जोर दिया। विकास अधिकारी ललित पंड्या ने अभियान के विस्तृत उद्देश्यों की जानकारी दी, जिसमें जल स्रोतों की सफाई, वर्षा जल का संग्रहण, पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और लोगों में जल बचाने के प्रति जागरूकता पैदा करना शामिल है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम का संचालन सीबीईओ हमराज सिंह ने किया, जबकि अंत में विकास अधिकारी ललित पंड्या ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रधान कारीलाल ननोमा, सरपंच संघ अध्यक्ष बाबूलाल, भाजपा जिला महामंत्री ईश्वरलाल लबाना, रतनसिंह, तहसीलदार अशोक शाह, नायब तहसीलदार राजेश मीणा, सहायक कृषि अधिकारी जयदीप सिंह, बीसीएमओ नरेंद्र प्रजापत, वन विभाग के रेंजर धंबोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम विकास अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।2
- धंबोला के ब्राइट डे स्कूल में 12 मई से आयोजित ग्रीष्मकालीन शिविर इन दिनों भरपूर उत्साह के साथ जारी है। यह शिविर बच्चों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बन गया है, जहाँ वे मोबाइल फोनों से दूरी बनाकर खेलों की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।4
- Post by Bapulal Ahari1
- Post by Bhagirath Megwh राजलदेसर गोगा22
- राजस्थान के डूंगरपुर में जल के महत्व को समझते हुए उसके संरक्षण के लिए 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान 2026' का भव्य आगाज हो गया है। सोमवार को इस बड़े जन अभियान के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई, जो आगामी 5 जून तक चलेगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक जल स्रोतों को बचाना और पर्यावरण के प्रति जनता को जागरूक करना है। सोमवार सुबह 9:30 बजे ऐतिहासिक गेप सागर की पाल पर इस महा-अभियान की विधिवत शुरुआत हुई। कार्यक्रम में प्रभारी सचिव और आबकारी विभाग के आयुक्त, आईएएस नमित मेहता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जल स्रोतों का पूजन, पीपल वृक्ष का पूजन और एक भव्य कलश यात्रा के माध्यम से आमजन को जल बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अभियान का क्रम जारी रहेगा, जिसके तहत 26 मई, मंगलवार सुबह 8:30 बजे डूंगरपुर के वागदरी तालाब पर एक और बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री और जिला प्रभारी मंत्री बाबूलाल खराड़ी होंगे। जिला प्रशासन ने सभी आम जनता से इस 11 दिवसीय अभियान को सफल बनाने के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।1