रचनाकार व प्रसिद्ध कथावाचक चतुर्भुज मिश्रा ने थाना प्रभारी को सौंपी गीता भारतामृत दिगौड़ा 25 अगस्त टीकमगढ़ जिले के थाना दिगौड़ा में आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान टीकमगढ़ जिले के जाने-माने व प्रसिद्ध कथा वाचक, रचनाकार व रिटायर्ड शिक्षक पंडित चतुर्भुज मिश्रा निवासी दिगौड़ा ने थाना प्रभारी मनीष मिश्रा को गीता भारतामृत की नवीन पुस्तक सौंपी। इस दौरान कथावाचक चतुर्भुज मिश्रा ने कहा कि उन्होंने इस पुस्तक की स्वयं ही रचना की है। उन्होंने श्रीमद भागवत गीता में संस्कृत के श्लोकों को हिंदी में अनुवाद कर सरल भाषा में लिखकर इस पुस्तक को लिखा है। उन्होंने कहा कि अब यह पुस्तक गीता भारतामृत के नाम से प्रकाशित हो चुकी है, जो टीकमगढ़ जिले के प्रमुख बुक सेंटरों पर उपलब्ध की गई है। कथावाचक व रचनाकार ने बैठक में उपस्थित नागरिकों को श्रीमद भागवत गीता, श्री रामचरित मानस व कुरान ग्रंथ को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने आने वाले त्योहारों को लेकर हिंदू व मुस्लिम समाज से अपील की है कि वह आगामी सभी त्योहार शांतिपूर्वक व आपसी भाईचारे के साथ मनाएं।
रचनाकार व प्रसिद्ध कथावाचक चतुर्भुज मिश्रा ने थाना प्रभारी को सौंपी गीता भारतामृत दिगौड़ा 25 अगस्त टीकमगढ़ जिले के थाना दिगौड़ा में आगामी त्यौहारों को लेकर शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान टीकमगढ़ जिले के जाने-माने व प्रसिद्ध कथा वाचक, रचनाकार व रिटायर्ड शिक्षक पंडित चतुर्भुज मिश्रा निवासी दिगौड़ा ने थाना प्रभारी मनीष मिश्रा को गीता भारतामृत की नवीन पुस्तक सौंपी। इस दौरान कथावाचक चतुर्भुज मिश्रा ने कहा कि उन्होंने इस पुस्तक की स्वयं ही रचना की है। उन्होंने श्रीमद भागवत गीता में संस्कृत के श्लोकों को हिंदी में अनुवाद कर सरल भाषा में लिखकर इस पुस्तक को लिखा है। उन्होंने कहा कि अब यह पुस्तक गीता भारतामृत के नाम से प्रकाशित हो चुकी है, जो टीकमगढ़ जिले के प्रमुख बुक सेंटरों पर उपलब्ध की गई है। कथावाचक व रचनाकार ने बैठक में उपस्थित नागरिकों को श्रीमद भागवत गीता, श्री रामचरित मानस व कुरान ग्रंथ को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने आने वाले त्योहारों को लेकर हिंदू व मुस्लिम समाज से अपील की है कि वह आगामी सभी त्योहार शांतिपूर्वक व आपसी भाईचारे के साथ मनाएं।
- धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी दिगौड़ा टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धामना में बीती रात को अज्ञात चोरों ने रविराज यादव के मकान से लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में सोने चांदी के जेवरात सहित एक लाख रुपए से अधिक की चोरी की गई। आज सुबह पीड़ित युवक अपने परिजनों व ग्रामवासियों के साथ पुलिस थाने में पहुंचा और चोरी की घटना की जानकारी दी। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की गई है और परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।4
- धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी दिगौड़ा 25 अगस्त दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धामना में बीती सोमवार की रात को अज्ञात चोरों ने रविराज यादव के मकान से लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में सोने चांदी के जेवरात सहित एक लाख रुपए से अधिक की चोरी की गई। आज सुबह पीड़ित युवक अपने परिजनों व ग्रामवासियों के साथ पुलिस थाने में पहुंचा और चोरी की घटना की जानकारी दी। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की गई है और परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में पहाड़ी तिलवारन मडूमर रोड़ पर बरसात के मौसम में एक ट्रक नियंत्रित रूप से फिसल कर पलट गया मौका पर तुरंत जेसीबी मशीन से सीधा कर ले जाया गया1
- कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं। बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है। फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।1
- आहार गांव में भगवान भरोसे चल रहे स्कूल जिम्मेदारों अधिकारीयों पर सवाल अहार गांव में भगवान भरोसे चल रहे स्कूल स्कूल सरकारें नियम बनाती हैं, दावे होते हैं, लेकिन अगर कुछ नहीं बदलता, तो वो है गांव के इन गरीब बच्चों की किस्मत। अहार गांव की यह हकीकत देखकर सच में दिल भर आता है और बहुत रंज होता है। जिन गुरुओं के हाथों में इन मासूमों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने शिक्षा को महज एक 'डिजिटल जुगाड़' बनाकर रख दिया है। शिक्षक सुबह आते हैं, अपने मोबाइल पर हाजिरी लगाते हैं और बच्चों को उनके हाल पर लावारिस छोड़कर चले जाते हैं। दिन ढलने पर फिर फुरसत से लौटते हैं, शाम की हाजिरी लगाते हैं और इनकी ड्यूटी पूरी हो जाती है। क्लासरूम में खाली बैठे और खेलते इन बच्चों की आँखों में झांककर देखिए, बहुत तकलीफ होती है यह सोचकर कि क्या इनके हिस्से में सिर्फ यही धोखा लिखा है? आज बेहद भारी मन से हमने अहार गांव के एक शिक्षक महोदय की इस करतूत को अपने कैमरे में कैद किया है।1
- गरीबों के हक का राशन गायब! पांच महीने से पर्ची लेकर भटक रहे हितग्राही, सेल्समैन पर डराने-धमकाने के आरोप गरीबों के हक का राशन गायब! पांच महीने से पर्ची लेकर भटक रहे हितग्राही, सेल्समैन पर डराने-धमकाने के आरोप जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी स्थान– पिपरा मढ़ौरी, टीकमगढ़ सरकार गरीब परिवारों तक उनके हक का राशन पहुंचाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड के ग्राम पिपरा मढ़ौरी से सामने आए आरोप सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। ग्रामीण हितग्राहियों का आरोप है कि वे पिछले करीब पांच महीनों से राशन की पर्चियां लेकर उचित मूल्य दुकान के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक उनका हक का राशन नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों के अनुसार, उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन विजय ठाकुर द्वारा राशन देने में लगातार टालमटोल की जा रही है। कई हितग्राहियों का कहना है कि वे बार-बार दुकान पहुंचते हैं, लेकिन राशन नहीं मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। हितग्राहियों ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे अपने हक का राशन मांगते हैं तो उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से कई लोग अपनी शिकायत लेकर अधिकारियों तक पहुंचने से भी बच रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि पात्र हितग्राहियों को लगातार कई महीनों से राशन नहीं मिल रहा है, तो खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? क्या राशन दुकानों की नियमित जांच और स्टॉक का सत्यापन केवल कागजों तक सीमित है? ग्रामीणों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की आशंका भी जताई है, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामला जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ग्रामीणों की मांग है कि पिपरा मढ़ौरी की उचित मूल्य दुकान का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और पिछले पांच महीनों के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर, पीओएस मशीन का रिकॉर्ड, ऑनलाइन वितरण विवरण और हितग्राहियों की राशन पर्चियों का मिलान कराया जाए। यदि रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण में अंतर सामने आता है तो यह भी जांच का विषय होगा कि हितग्राहियों के हिस्से का राशन आखिर कहां गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। हितग्राहियों ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, पात्र परिवारों को उनका लंबित राशन दिलाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पांच महीने से राशन के लिए भटक रहे गरीब परिवारों की पर्चियां आखिर कब राशन में बदलती हैं और जांच के बाद इस पूरे मामले की असली तस्वीर कब सामने आती है। गरीबों के हिस्से का राशन आखिर गया कहां? और पांच महीने तक जिम्मेदारों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? बाइट: महिला हितग्राही एवं ग्रामीण1
- टीकमगढ़ जिले के थाना खरगापुर क्षेत्र में डायल-112 की टीम ने त्वरित एवं मानवीय पहल करते हुए रात्रि के समय गंभीर रूप से घायल एक 27 वर्षीय युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीकमगढ़ जिले के थाना खरगापुर क्षेत्र में डायल-112 की टीम ने त्वरित एवं मानवीय पहल करते हुए रात्रि के समय गंभीर रूप से घायल एक 27 वर्षीय युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1