Shuru
Apke Nagar Ki App…
मेरठ तहसील स्तर पर 27 अप्रैल को एसडीएम को दिए जाने वाले गौ वंश की सुरक्षा और गो माता को राष्ट्र माता का दर्ज दिए जाने के सम्बंध में लोगों से जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने के लिए किया जा रहा आह्वान
PARUL SIROHI ( M.M.PARBHARI)
मेरठ तहसील स्तर पर 27 अप्रैल को एसडीएम को दिए जाने वाले गौ वंश की सुरक्षा और गो माता को राष्ट्र माता का दर्ज दिए जाने के सम्बंध में लोगों से जागरूकता अभियान का हिस्सा बनने के लिए किया जा रहा आह्वान
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Vijay rathi1
- Post by Rohit Kumar1
- हथियार साफ करते समय चली गोली बैंक कर्मचारियों की गई जान1
- Post by Aviraj Rathi1
- मंसूरपुर के ग्राम पुरा और वलीदपुर के श्री परमधाम में आयोजित विशाल जनसभाओं को संबोधित करते हुए श्री चंद्रमोहन जी ने कहा कि फसल बर्बाद होने पर दोबारा पैदा की जा सकती है1
- मेरठ के सरधना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दहेज हत्या के आरोपों ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसे चुपचाप दफना देने का आरोप लगने पर प्रशासन हरकत में आया और डीएम के आदेश पर शव को कब्र से बाहर निकलवाया गया। मायके पक्ष का आरोप है कि विवाह के बाद से ही उनकी बेटी को दहेज के लिए लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि उन्हें न तो बेटी की हालत के बारे में सही जानकारी दी गई और न ही उसकी मौत की सूचना समय पर दी गई। सबसे गंभीर आरोप यह है कि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया और सूचना के, ससुराल पक्ष ने जल्दबाजी में शव को दफना दिया, जिससे मामले पर और भी संदेह गहरा गया। जैसे ही यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया, जिला अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। नायब तहसीलदार, पुलिस और फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में कब्र से शव को बाहर निकाला गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा रही और माहौल काफी तनावपूर्ण बना रहा। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यदि दहेज हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा की भयावह सच्चाई को उजागर करता है, जहां लालच के कारण एक महिला की जिंदगी खत्म हो जाती है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजरें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमयी मौत से पर्दा उठाने में अहम भूमिका निभाएगी।1
- गाँव की गूल: किसानों की जीवनरेखा 💧 | पानी ही बनाता है खेतों को हरा-भरा1
- Post by Vijay rathi1
- मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को CM योगी का आगमन, प्रशासन ने संभाली कमान — चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच ऐतिहासिक जनसभा की तैयारी मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के 13 अप्रैल को प्रस्तावित दौरे को लेकर जनपद में उत्साह और सुरक्षा दोनों अपने चरम पर हैं। मुख्यमंत्री की जनसभा को ऐतिहासिक और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह से मुस्तैदी के साथ जुटी हुई हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के तहत हर छोटी से छोटी व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखी जा रही है, जिससे कार्यक्रम निर्विघ्न और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके। प्रशासन की सतर्कता बनी मिसाल जनपद मुजफ्फरनगर में जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक मशीनरी जिस सक्रियता और समर्पण के साथ कार्य कर रही है, वह सराहनीय है। अधिकारियों द्वारा लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं तक हर पहलू को गंभीरता से लिया गया है। कपिल देव अग्रवाल ने लिया जायजा राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल स्वयं मौके पर पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम में आने वाली जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मंत्री की सक्रियता ने तैयारियों को और अधिक गति प्रदान की है। सुरक्षा व्यवस्था के अभेद्य इंतजाम मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जनसभा स्थल से लेकर पूरे शहर में पुलिस बल की व्यापक तैनाती की गई है। प्रवेश और निकास मार्गों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, वहीं संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है कि हर स्तर पर एक मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट इस पूरे आयोजन में खुफिया एजेंसियों की भूमिका भी बेहद अहम और सराहनीय रही है। एजेंसियां लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और संभावित खतरों को समय रहते चिन्हित कर प्रशासन को सतर्क कर रही हैं। उनकी सक्रियता के चलते सुरक्षा व्यवस्था और भी मजबूत और विश्वसनीय बनी हुई है। जनता में उत्साह, प्रशासन पर भरोसा मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जनता में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं प्रशासन की सक्रियता और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने लोगों के मन में विश्वास भी बढ़ाया है कि कार्यक्रम पूरी तरह सुरक्षित और सफल रहेगा। कुल मिलाकर, मुजफ्फरनगर में 13 अप्रैल को होने वाली यह जनसभा न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता और सुरक्षा प्रबंधन का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण बनने जा रही है।1