Suresh Chandra Agrawal: सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 2 *श्लोक:* 71 *श्लोक:* विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति निःस्पृहः । निर्ममो निरहङ्कार स शान्तिमधिगच्छति ॥ ७१ ॥ *अनुवाद:* जिस व्यक्ति ने इन्द्रियतृप्ति की समस्त इच्छाओं का परित्याग कर दिया है, जो इच्छाओं से रहित रहता है और जिसने सारी ममता त्याग दी है तथा अहंकार से रहित है, वही वास्तविक शान्ति को प्राप्त कर सकता है। *तात्पर्य:* निस्पृह होने का अर्थ है—इन्द्रियतृप्ति के लिए कुछ भी इच्छा न करना। दूसरे शब्दों में, कृष्णभावनाभावित होने की इच्छा वास्तव में इच्छाशून्यता या निस्पृहता है। इस शरीर को मिथ्या ही आत्मा माने बिना तथा संसार की किसी वस्तु में कल्पित स्वामित्व रखे बिना श्रीकृष्ण के नित्य दास के रूप में अपनी यथार्थ स्थिति को जान लेना कृष्णभावनामृत की सिद्ध अवस्था है। जो इस सिद्ध अवस्था में स्थित है वह जानता है कि श्रीकृष्ण ही प्रत्येक वस्तु के स्वामी हैं, अत: प्रत्येक वस्तु का उपयोग उनकी तुष्टि के लिए किया जाना चाहिए। अर्जुन आत्म-तुष्टि के लिए युद्ध नहीं करना चाहता था, किन्तु जब वह पूर्ण रूप से कृष्णभावनाभावित हो गया तो उसने युद्ध किया, क्योंकि कृष्ण चाहते थे कि वह युद्ध करे। उसे अपने लिए युद्ध करने की कोई इच्छा न थी, किन्तु वही अर्जुन कृष्ण के लिए अपनी शक्ति भर लड़ा। वास्तविक इच्छाशून्यता कृष्ण-तुष्टि के लिए इच्छा है, यह इच्छाओं को नष्ट करने का कोई कृत्रिम प्रयास नहीं है। जीव कभी भी इच्छाशून्य या इन्द्रियशून्य नहीं हो सकता, किन्तु उसे अपनी इच्छाओं की गुणवत्ता बदलनी होती है। भौतिक दृष्टि से इच्छाशून्य व्यक्ति जानता है कि प्रत्येक वस्तु कृष्ण की है (ईशावास्यमिदं सर्वम्), अत: वह किसी वस्तु पर अपना स्वामित्व घोषित नहीं करता। यह दिव्य ज्ञान आत्म-साक्षात्कार पर आधारित है—अर्थात् इस ज्ञान पर कि प्रत्येक जीव कृष्ण का अंश स्वरूप है और जीव की शाश्वत स्थिति कभी न तो कृष्ण के तुल्य होती है न उनसे बढक़र। इस प्रकार कृष्णभावनामृत का यह ज्ञान ही वास्तविक शान्ति का मूल सिद्धान्त है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 स्वाध्याय 💬भाग:- 1 🧏 _प्रणव (ओंकार का जप) और मोक्ष संबंधी शास्त्रों का अध्ययन चिंतन और मनन करना स्वाध्याय कहलाता है।_ *स्वाध्याय के दो अर्थ समझे जा सकते हैं।* 1️⃣ *स्व + अध्याय अर्थात आत्म चिंतन या आत्म निरीक्षण करना स्वाध्याय कहलाता है।* 📚 *स्मृति ग्रंथो में कहा है:-* *जैसे दुकानदार सायं काल में दिन भर की आय और व्यय का लेखा देखता है वैसे ही व्यक्ति को अपने दिन भर किए गए कर्मों का निरीक्षण करना चाहिए उसे यह विचार करना है कि मेरे कौन से कर्म पशुता तथा कौन से कर्म मानवता के प्रतीक हैं ।* ✅ _*आहार, निद्रा, शक्तिशाली से डरना और दुर्बल को डराना एवं बच्चे उत्पन्न करना यह कार्य तो मनुष्यों और पशुओं के समान हैं केवल एकमात्र धर्म का आचरण करना ही मनुष्यों में पशुओं से अधिक है जो कि पशुओं के लिए करना संभव नहीं है।*_ *धर्म के बिना मनुष्य पशुओं के समान या उससे भी नीचा है।* ‼️ *केवल मनुष्य योनि को छोड़कर सभी जीवो का जन्म कर्म फल के भोगने के लिए होता है तथा मनुष्य जन्म कर्मों को करने तथा कर्मों के फल भोगने इन दोनों के लिए होता है।* _इसके अतिरिक्त यह चिंतन भी करना चाहिए कि मैं❓ कौन हूं?, मेरा जन्म किस लिए हुआ है?, मैं *जो कार्य कर रहा हूं उनसे क्या मेरी आत्मिक संतुष्टि हो रही है?,*_ *जिन वस्तुओं को मैं एकत्रित कर रहा हूं क्या वह मेरे साथ जाएगी? इस प्रकार आत्म चिंतन करके दुर्गुणों का परित्याग और सद्गुणों का धारण करना स्वाध्याय कहलाता है।* *56 साल की उम्र में दिवंगत हुए अरबपति स्टीव जॉब्स के आखिरी शब्द!!!* *“मैं व्यापार जगत में सफलता के शिखर पर पहुंच गया हूं। दूसरों की नज़र में मेरा जीवन एक उपलब्धि है।* *हालाँकि, काम के अलावा, मुझे कोई खुशी नहीं थी। अंत में, धन बस एक सच्चाई है जिसका मैं आदी हो गया हूँ* *इस क्षण मैं, अपने अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए और अपने पूरे जीवन को याद करते हुए, मुझे एहसास होता है कि जिस पहचान और धन पर मुझे इतना गर्व था, वह मृत्यु के सामने फीकी और महत्वहीन हो गई है* *आप अपनी कार चलाने या अपने लिए पैसे कमाने के लिए किसी को काम पर रख सकते हैं, लेकिन आप किसी को बीमारी सहने और आपके लिए मरने के लिए काम पर नहीं रख सकते* *खोई हुई भौतिक वस्तुएं मिल सकती हैं। लेकिन एक चीज़ है जो खो जाने पर कभी नहीं मिलती "ज़िंदगी"* *हम अभी जीवन के जिस भी चरण में हैं, समय के साथ हमारा सामना उस दिन से होगा जब पर्दा बंद हो जाएगा।* *अपने परिवार, जीवनसाथी और दोस्तों से प्यार करें,उनके साथ अच्छा व्यवहार करें, उन्हें संजोना सीखे,जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, और समझदार होते हैं, हमें धीरे-धीरे एहसास होता है कि $300 या $30 की घड़ी पहनना दोनों एक ही समय देते है* *चाहे हमारे पास $300 का बटुआ हो या पर्स या $30,अंदर की राशि समान है* *चाहे हम 150,000 डॉलर की कार चलाएं या 30,000 डॉलर की कार, मार्ग और दूरी समान है, और हम एक ही गंतव्य पर पहुंचते हैं।* *हम जिस घर में रहते हैं वह चाहे 300 वर्ग फुट का हो या 3000 वर्ग फुट का - अकेलापन एक ही है* *आपको एहसास होगा कि आपकी सच्ची आंतरिक ख़ुशी इस दुनिया की भौतिक चीज़ों से नहीं आती हैं, चाहे आप प्रथम श्रेणी में उड़ान भरें या इकोनॉमी क्लास में, यदि विमान नीचे गिरता है, तो आप उसके साथ नीचे जाते हैं* *इसलिए मुझे आशा है कि आपको एहसास होगा,जब आपके पास दोस्त हो,भाई और बहनें हैं, जिनके साथ आप बातचीत करते हैं, हंसते हैं,गाते हैं,उत्तर,दक्षिण,पूर्व,पश्चिम या स्वर्ग और पृथ्वी के बारे में बात करते है* ...."यही है सच्चा सुख"* *जीवन का एक निर्विवाद तथ्य: अपने बच्चों को अमीर बनने के लिए शिक्षा न दें। उन्हें खुश रहना सिखाएं,इसलिए जब वे बड़े होंगे तो उन्हें चीजों का मूल्य पता चलेगा न कि कीमत* *जिंदगी क्या है* ❓ *जीवन को बेहतर ढंग से समझने के लिए तीन स्थान हैं* - *अस्पताल* - *कारागार* - *श्मशान* *अस्पताल में आप समझ जाएंगे कि स्वास्थ्य से बेहतर कुछ भी नहीं है।* *जेल में आप देखेंगे कि आज़ादी कितनी अनमोल चीज़ है* *श्मशान में आपको एहसास होगा कि जीवन कुछ भी नहीं है।* *आज हम जिस ज़मीन पर चल रहे हैं वह कल हमारी छत होगी।* *बुरी खबर-: "हम कुछ नहीं लेकर आये थे और कुछ नहीं लेकर जायेंगे"* *आइए अब से विनम्र बनें और हर चीज़ के लिए भगवान को धन्यवाद दें।* *मंगलमय प्रभात* *प्रभात* *दूध में तुलसी डालकर पीने के 5 बेहतरीन फायदे, जो आपने कहीं नहीं सुने होंगे* 1 दमा के मरीजों के लिए यह उपाय फायदेमंद है। खास तौर से मौसम में बदलाव होने पर होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दूध और तुलसी का यह मिश्रण बेहद लाभकारी होता है। 2 सिर में दर्द या माइग्रेन की समस्या होने पर यह उपाय आपको रोहत देगा। जब भी माइग्रेन का दर्द हो आप इसे पी सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करने से आपकी समस्या भी खत्म हो सकती है। 3 तनाव अगर आपके जीवन का भी अभिन्न अंग बन गया है, तो दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं, आपका तनाव दूर होगा और धीरे-धीरे तनाव की समस्या ही समाप्त हो जाएगी। 4 हृदय की समस्याओं में भी यह लाभदायक है। सुबह खाली पेट इस दूध को पीने से हृदय संबंधी रोगों में लाभ पाया जा सकता है। इसके अलावा यह किडनी में होने वाली पथरी के लिए भी अच्छा उपचार है। 5 तुलसी में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने का गुण होता है, अत: इसका सेवन आपको कैंसर से बचा सकता है। इसके अलावा सर्दी के कारण होने वाली सेहत समस्याओं में भी यह कारगर उपाय साबित होगा। जय श्री राधे राधे 🙏🌹
Suresh Chandra Agrawal: सदा जपिये हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे I हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे और हमेशा खुश रहिये Ii हमेशा प्रसन्न रहो 🌹🙏🏾 *।।श्रीकृष्ण।।* *श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,* *हे नाथ नारायण वासुदेवाय!!!* सभी कृष्ण भक्तों को सादर दंडवत प्रणाम 🙏🌹 *Bhagavad Gita App* *Chapter:* 2 *श्लोक:* 71 *श्लोक:* विहाय कामान्यः सर्वान्पुमांश्चरति निःस्पृहः । निर्ममो निरहङ्कार स शान्तिमधिगच्छति ॥ ७१ ॥ *अनुवाद:* जिस व्यक्ति ने इन्द्रियतृप्ति की समस्त इच्छाओं का परित्याग कर दिया है, जो इच्छाओं से रहित रहता है और जिसने सारी ममता त्याग दी है तथा अहंकार से रहित है, वही वास्तविक शान्ति को प्राप्त कर सकता है। *तात्पर्य:* निस्पृह होने का अर्थ है—इन्द्रियतृप्ति के लिए कुछ भी इच्छा न करना। दूसरे शब्दों में, कृष्णभावनाभावित होने की इच्छा वास्तव में इच्छाशून्यता या निस्पृहता है। इस शरीर को मिथ्या ही आत्मा माने बिना तथा संसार की किसी वस्तु में कल्पित स्वामित्व रखे बिना श्रीकृष्ण के नित्य दास के रूप में अपनी यथार्थ स्थिति को जान लेना कृष्णभावनामृत की सिद्ध अवस्था है। जो इस सिद्ध अवस्था में स्थित है वह जानता है कि श्रीकृष्ण ही प्रत्येक वस्तु के स्वामी हैं, अत: प्रत्येक वस्तु का उपयोग उनकी तुष्टि के लिए किया जाना चाहिए। अर्जुन आत्म-तुष्टि के लिए युद्ध नहीं करना चाहता था, किन्तु जब वह पूर्ण रूप से कृष्णभावनाभावित हो गया तो उसने युद्ध किया, क्योंकि कृष्ण चाहते थे कि वह युद्ध करे। उसे अपने लिए युद्ध करने की कोई इच्छा न थी, किन्तु वही अर्जुन कृष्ण के लिए अपनी शक्ति भर लड़ा। वास्तविक इच्छाशून्यता कृष्ण-तुष्टि के लिए इच्छा है, यह इच्छाओं को नष्ट करने का कोई कृत्रिम प्रयास नहीं है। जीव कभी भी इच्छाशून्य या इन्द्रियशून्य नहीं हो सकता, किन्तु उसे अपनी इच्छाओं की गुणवत्ता बदलनी होती है। भौतिक दृष्टि से इच्छाशून्य व्यक्ति जानता है कि प्रत्येक वस्तु कृष्ण की है (ईशावास्यमिदं सर्वम्), अत: वह किसी वस्तु पर अपना स्वामित्व घोषित नहीं करता। यह दिव्य ज्ञान आत्म-साक्षात्कार पर आधारित है—अर्थात् इस ज्ञान पर कि प्रत्येक जीव कृष्ण का अंश स्वरूप है और जीव की शाश्वत स्थिति कभी न तो कृष्ण के तुल्य होती है न उनसे बढक़र। इस प्रकार कृष्णभावनामृत का यह ज्ञान ही वास्तविक शान्ति का मूल सिद्धान्त है। जय श्री कृष्ण 🙏🌹 स्वाध्याय 💬भाग:- 1 🧏 _प्रणव (ओंकार का जप) और मोक्ष संबंधी शास्त्रों का अध्ययन चिंतन और मनन करना स्वाध्याय कहलाता है।_ *स्वाध्याय के दो अर्थ समझे जा सकते हैं।* 1️⃣ *स्व + अध्याय अर्थात आत्म चिंतन या आत्म निरीक्षण करना स्वाध्याय कहलाता है।* 📚 *स्मृति ग्रंथो में कहा है:-* *जैसे दुकानदार सायं काल में दिन भर की आय और व्यय का लेखा देखता है वैसे ही व्यक्ति को अपने दिन भर किए गए कर्मों का निरीक्षण करना चाहिए उसे यह विचार करना है कि मेरे कौन से कर्म पशुता तथा कौन से कर्म मानवता के प्रतीक हैं ।* ✅ _*आहार, निद्रा, शक्तिशाली से डरना और दुर्बल को डराना एवं बच्चे उत्पन्न करना यह कार्य तो मनुष्यों और पशुओं के समान हैं केवल एकमात्र धर्म का आचरण करना ही मनुष्यों में पशुओं से अधिक है जो कि पशुओं के लिए करना संभव नहीं है।*_ *धर्म के बिना मनुष्य पशुओं के समान या उससे भी नीचा है।* ‼️ *केवल मनुष्य योनि को छोड़कर सभी जीवो का जन्म कर्म फल के भोगने के लिए होता है तथा मनुष्य जन्म कर्मों को करने तथा कर्मों के फल भोगने इन दोनों के लिए होता है।* _इसके अतिरिक्त यह चिंतन भी करना चाहिए कि मैं❓ कौन हूं?, मेरा जन्म किस लिए हुआ है?, मैं *जो कार्य कर रहा हूं उनसे क्या मेरी आत्मिक संतुष्टि हो रही है?,*_ *जिन वस्तुओं को मैं एकत्रित कर रहा हूं क्या वह मेरे साथ जाएगी? इस प्रकार आत्म चिंतन करके दुर्गुणों का परित्याग और सद्गुणों का धारण करना स्वाध्याय कहलाता है।* *56 साल की उम्र में दिवंगत हुए अरबपति स्टीव जॉब्स के आखिरी शब्द!!!* *“मैं व्यापार जगत में सफलता के शिखर पर पहुंच गया हूं। दूसरों की नज़र में मेरा जीवन एक उपलब्धि है।* *हालाँकि, काम के अलावा, मुझे कोई खुशी नहीं थी। अंत में, धन बस एक सच्चाई है जिसका मैं आदी हो गया हूँ* *इस क्षण मैं, अपने अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हुए और अपने पूरे जीवन को याद करते हुए, मुझे एहसास होता है कि जिस पहचान और धन पर मुझे इतना गर्व था, वह मृत्यु के सामने फीकी और महत्वहीन हो गई है* *आप अपनी कार चलाने या अपने लिए पैसे कमाने के लिए किसी को काम पर रख सकते हैं, लेकिन आप किसी को बीमारी सहने और आपके लिए मरने के लिए काम पर नहीं रख सकते* *खोई हुई भौतिक वस्तुएं मिल सकती हैं। लेकिन एक चीज़ है जो खो जाने पर कभी नहीं मिलती "ज़िंदगी"* *हम अभी जीवन के जिस भी चरण में हैं, समय के साथ हमारा सामना उस दिन से होगा जब पर्दा बंद हो जाएगा।* *अपने परिवार, जीवनसाथी और दोस्तों से प्यार करें,उनके साथ अच्छा व्यवहार करें, उन्हें संजोना सीखे,जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, और समझदार होते हैं, हमें धीरे-धीरे एहसास होता है कि $300 या $30 की घड़ी पहनना दोनों एक ही समय देते है* *चाहे हमारे पास $300 का बटुआ हो या पर्स या $30,अंदर की राशि समान है* *चाहे हम 150,000 डॉलर की कार चलाएं या 30,000 डॉलर की कार, मार्ग और दूरी समान है, और हम एक ही गंतव्य पर पहुंचते हैं।* *हम जिस घर में रहते हैं वह चाहे 300 वर्ग फुट का हो या 3000 वर्ग फुट का - अकेलापन एक ही है* *आपको एहसास होगा कि आपकी सच्ची आंतरिक ख़ुशी इस दुनिया की भौतिक चीज़ों से नहीं आती हैं, चाहे आप प्रथम श्रेणी में उड़ान भरें या इकोनॉमी क्लास में, यदि विमान नीचे गिरता है, तो आप उसके साथ नीचे जाते हैं* *इसलिए मुझे आशा है कि आपको एहसास होगा,जब आपके पास दोस्त हो,भाई और बहनें हैं, जिनके साथ आप बातचीत करते हैं, हंसते हैं,गाते हैं,उत्तर,दक्षिण,पूर्व,पश्चिम या स्वर्ग और पृथ्वी के बारे में बात करते है* ...."यही है सच्चा सुख"* *जीवन का एक निर्विवाद तथ्य: अपने बच्चों को अमीर बनने के लिए शिक्षा न दें। उन्हें खुश रहना सिखाएं,इसलिए जब वे बड़े होंगे तो उन्हें चीजों का मूल्य पता चलेगा न कि कीमत* *जिंदगी क्या है* ❓ *जीवन को बेहतर ढंग से समझने के लिए तीन स्थान हैं* - *अस्पताल* - *कारागार* - *श्मशान* *अस्पताल में आप समझ जाएंगे कि स्वास्थ्य से बेहतर कुछ भी नहीं है।* *जेल में आप देखेंगे कि आज़ादी कितनी अनमोल चीज़ है* *श्मशान में आपको एहसास होगा कि जीवन कुछ भी नहीं है।* *आज हम जिस ज़मीन पर चल रहे हैं वह कल हमारी छत होगी।* *बुरी खबर-: "हम कुछ नहीं लेकर आये थे और कुछ नहीं लेकर जायेंगे"* *आइए अब से विनम्र बनें और हर चीज़ के लिए भगवान को धन्यवाद दें।* *मंगलमय प्रभात* *प्रभात* *दूध में तुलसी डालकर पीने के 5 बेहतरीन फायदे, जो आपने कहीं नहीं सुने होंगे* 1 दमा के मरीजों के लिए यह उपाय फायदेमंद है। खास तौर से मौसम में बदलाव होने पर होने वाली सांस संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दूध और तुलसी का यह मिश्रण बेहद लाभकारी होता है। 2 सिर में दर्द या माइग्रेन की समस्या होने पर यह उपाय आपको रोहत देगा। जब भी माइग्रेन का दर्द हो आप इसे पी सकते हैं, रोजाना इसका सेवन करने से आपकी समस्या भी खत्म हो सकती है। 3 तनाव अगर आपके जीवन का भी अभिन्न अंग बन गया है, तो दूध में तुलसी के पत्तों को उबालकर पिएं, आपका तनाव दूर होगा और धीरे-धीरे तनाव की समस्या ही समाप्त हो जाएगी। 4 हृदय की समस्याओं में भी यह लाभदायक है। सुबह खाली पेट इस दूध को पीने से हृदय संबंधी रोगों में लाभ पाया जा सकता है। इसके अलावा यह किडनी में होने वाली पथरी के लिए भी अच्छा उपचार है। 5 तुलसी में कैंसर कोशिकाओं से लड़ने का गुण होता है, अत: इसका सेवन आपको कैंसर से बचा सकता है। इसके अलावा सर्दी के कारण होने वाली सेहत समस्याओं में भी यह कारगर उपाय साबित होगा। जय श्री राधे राधे 🙏🌹
- *बड़ी खबर* *पचपदरा रिफाइनरी में आग के बाद पीएम का दौरा स्थगित , कल मोदी करने वाले थे उद्घाटन*1
- Post by BL Maan (Ujaladarpan.com)1
- बालोतरा-रिफाईनरी में लगी भीषण आग, CDU यूनिट में आग लगने की खबर, बड़ी संख्या में दमकल आग पर काबू पाने का कर रही प्रयास, रिफाईनरी में मची अफरातफरी, कल प्रधानमंत्री करने वाले है लोकार्पण, 4 बजे सीएम का भी रिफाइनरी पहुचें का कार्यक्रम, इससे पहले हो गया ये बड़ा हादसा।2
- जयपुर: सड़क पर सवारियां बैठाना पड़ा भारी, पीछे से घुसी पिकअप जयपुर के चौमू-बराला बाईपास पर बड़ा हादसा हो गया। बस रास्ते में यात्रियों को बैठाने के लिए अचानक रुक गई, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही सब्जियों से भरी पिकअप बस में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में बैठे कई यात्रियों को चोटें आई हैं, वहीं पिकअप चालक भी घायल बताया जा रहा है। आसपास के लोगों ने तुरंत राहत-बचाव कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सड़क पर अचानक बस रोकना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। लापरवाही की एक चूक… और कई जिंदगियां खतरे में।1
- पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी दौरे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अलग अंदाज देखने को मिला, जब उन्होंने सड़क किनारे रुककर मसालेदार झालमुड़ी का स्वाद लिया। दुकानदार के साथ उनकी बातचीत और हल्के-फुल्के अंदाज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस दौरान मोदी का स्थानीय स्वाद से जुड़ाव और आम लोगों से संवाद चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- Post by Just Jaipur Live1
- जे डी ऐ, पुलिस तथा भू माफियाओं द्वाराकोट स्टे मे कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी बसाई जयपुर प्रार्थी बनवारी लाल शर्मा पुत्र श्री श्याम सुंदर शर्मा निवासी नागल जैसा बोरा झोटवाड़ा जयपुर की संयुक्त खातेदारी की कृषि आराजियात ग्राम नांगल जैसा बोहरा जयपुर राजस्थान में स्थित है जिसमें न्याय लयो में विभिन्न मुकदमे विचाराघिन होने के बावजूद बिना तकासमा न्यायालय से स्थगन होने के बावजूद बनवारी लाल शर्मा की संयुक्त कृषि आराजियात पर सोसाइटी राजहंस गृह निर्माण सहकारी समिति कीर्ति नगर गुह निर्माण सरकारी समिति से मिली भगत कर फर्जी पट्टे आवटन पत्र जारी कर दिए और अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही है बनवारी लाल शर्मा द्वारा इसके संबंध में एक पुलिस रिपोर्टआर/12/2024, पुलिस थाना करघनी में अपराध अंतर्गत धारा 420 406 467 468 471 447 448 323 341 व 120 बी आईपीसी में दर्ज कराई जिसमें पुलिस थाना करधनी ने कोई कार्रवाई नहीं की तथा प्रकरण में सिविल मानते हुए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसमें परिवादी बनवारी लाल शर्मा ने उक्त रिपोर्ट के विरुद्ध पुने,दिनांक 2.9.2024 को न्यायालय में अग्रिम अनुसंधान हेतुपाथना पत प्रस्तुत किया न्यायालय ने बनवारी लाल शर्मा का प्रार्थना पत्र दिनांक 4 सितंबर 2024 को स्वीकार फरमाते हुए प्रार्थना पत्र में वर्णित तथो पर अग्रिम अनुसंधान के आदेश फरमाए तथा पत्रावली पुने अनुसंधान हेतु पुलिस थाना करधनी को प्रेषित की गई उक्त पत्रावली में पुलिस थाना करधनी में कोई अनुसंधान नहीं किया तथा आरोपी श्रीनाथ मुरारी लाल धन्य लाल जगदीश मांड्या बीरबल यह दोनों राजस्थान पुलिस कर्मी है वह अनीता पतनी प्रवीण कुमार सोसाइटी राजहंस वह कीर्तिकोपरेटी हाऊसिह समिति समिति के साथ मिली भगत करके पत्रावली को करीब एक वर्ष 6 माह से भी ज्यादा समय तक रोक के रखा तथा पुने परिवादी द्वारा न्यायालय में चार जोही करने पर सिंवल नेचर मेंएफ आर प्रस्तुत की परिवादी बनवारी लाल शर्मा ने पुने न्यायालय में अपनी पीड़ा जाहिर की तथा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए न्यायालय द्वारा प रिबादी की पीड़ा सुनने के पश्चात उक्त रिपोर्ट पर पुने अनुसंधान के आदेश दिनांक 10 अप्रैल 2026 को फरमाए पत्रावली न्यायालय से पुलिस थाना करधनी चली गई परिवारी द्वारा थाना करधनी में संपर्क किया गया तो परिवादी को कोई भी संतुष्टि पूर्वक जवाब नहीं दिया जा रहा है संपूर्ण प्रकरण में अवैध कालोनी बसाने में थाना करधनी के पुलिस कर्मचारी मिले हुए हैं तथा अनुसंधान अधिकारी धर्मेंद्र सिंह है अवैध रूप से कॉलोनी में पुलिस कर्मियों ने ओने पोने दामों में प्लॉट खरीद कर परिवादी को उसकी जमीन से बेदखल कर रहे हैं इसके संबंध में परिवादी द्वारा जयपुर विकास प्राधिकरण में कई मर्तबा शिकायत कर चुका है लेकिन अवैध रूप से बसी कॉलोनी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रहीहे इसके संबंध में परिवादी द्वारा धमकाया जा रहा है परिवादी को मुलजिमान के द्वारा आए दिन डराया धमकाया जा रहा है इस प्रकार पुलिस थाना करधनी जेडीए के सहयोग से भू माफियाओं मैं परिवादी की जमीन पर अवैध कॉलोनी बसा दी है2
- पचपदरा रिफाइनरी में आगजनी हादसा है या फिर साजिश...? पचपदरा रिफाइनरी का कल उद्घाटन से पूर्व चढ़ी भीषण आगजनी के चपेट में , कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले थे उद्घाटन,1