पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में कथित यातना और बर्बरता के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बक्सर जिले के मुरार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी कमल नयन पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और पुलिस की ऐसी कथित बर्बरता को सरकारी कर्तव्य का हिस्सा नहीं माना जा सकता। यह मामला 4 जुलाई 2024 का है, जब याचिकाकर्ता भूमि संबंधी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कराने चौगाई गांव की एक दुकान पर गया था। आरोप है कि वहां पहुँचे तत्कालीन थानाध्यक्ष ने उसकी पहचान पूछने के बाद जातिसूचक टिप्पणी करते हुए बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। अदालत में पेश की गई मेडिकल और एक्स-रे रिपोर्टों ने इन गंभीर चोटों की पुष्टि की है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने यह दावा किया कि चोटें बारिश में फिसलने से लगी थीं, लेकिन हाईकोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध मेडिकल साक्ष्य पुलिस के दावे का समर्थन नहीं करते और प्रथम दृष्टया यह गंभीर संज्ञेय अपराध का मामला बनता है। हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर भी गंभीर नाराजगी जताई। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो जनता का विश्वास कानून व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं से कमजोर हो सकता है। न्यायालय ने इस मामले को संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा बताते हुए नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। अपने आदेश में, कोर्ट ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि मामले की जांच CID से कराई जाए और 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। न्यायालय ने यह भी चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ऐसी कथित बर्बरता पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो कानून का शासन और नागरिक अधिकार गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।
पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में कथित यातना और बर्बरता के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बक्सर जिले के मुरार थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी कमल नयन पांडेय के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और पुलिस की ऐसी कथित बर्बरता को सरकारी कर्तव्य का हिस्सा नहीं माना जा सकता। यह मामला 4 जुलाई 2024 का है, जब याचिकाकर्ता भूमि संबंधी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड कराने चौगाई गांव की एक दुकान पर गया था। आरोप है कि वहां पहुँचे तत्कालीन थानाध्यक्ष ने उसकी पहचान पूछने के बाद जातिसूचक टिप्पणी करते हुए बेरहमी से पिटाई की, जिसके कारण उसके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हो गया। अदालत में पेश की गई मेडिकल और एक्स-रे रिपोर्टों ने इन गंभीर चोटों की पुष्टि की है। सुनवाई के दौरान पुलिस ने यह दावा किया कि चोटें बारिश में फिसलने से लगी थीं, लेकिन हाईकोर्ट ने इस दलील को पूरी तरह से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध मेडिकल साक्ष्य पुलिस के दावे का समर्थन नहीं करते और प्रथम दृष्टया यह गंभीर संज्ञेय अपराध का मामला बनता है। हाईकोर्ट ने मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की निष्क्रियता पर भी गंभीर नाराजगी जताई। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो जनता का विश्वास कानून व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं से कमजोर हो सकता है। न्यायालय ने इस मामले को संविधान के अनुच्छेद 21 से जुड़ा बताते हुए नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। अपने आदेश में, कोर्ट ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि मामले की जांच CID से कराई जाए और 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। न्यायालय ने यह भी चेतावनी दी कि यदि पुलिस की ऐसी कथित बर्बरता पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो कानून का शासन और नागरिक अधिकार गंभीर खतरे में पड़ सकते हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छबड़ा में योग और ध्यान कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग केंद्र, अमीरपुर खेड़ी और ओशो आशीष ध्यान योग केंद्र, भुवाखेड़ी में उत्साहपूर्वक मनाया गया। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि स्वामी ध्यान गगन ने इसकी अध्यक्षता और सानिध्य प्रदान किया। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस प्रोटोकॉल के तहत विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास करवाए गए, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर, स्वामी ध्यान गगन ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे अच्छे स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सकारात्मक जीवन के लिए नियमित रूप से योग और ध्यान करें। केंद्र संचालक एस.एल. नागर ने भी योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को निरंतर योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में योगी सतीश शर्मा सहित अनेक योग साधक और श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में, सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।4
- छीपाबड़ौद में वीर गुर्जर विकास समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रताप सिंह सिंघवी को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें गुर्जर समाज के छात्रों के लिए छात्रावास भूमि आवंटित करने की मांग की गई है। विधायक ने इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। समिति के पदाधिकारियों ने अपने ज्ञापन में बताया कि क्षेत्र के कई छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर से आते हैं, लेकिन उचित छात्रावास व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आवास सहित अन्य कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। समिति का मानना है कि गुर्जर समाज छात्रावास के लिए भूमि आवंटन होने से विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा मिल सकेगी और समाज को शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्राप्त होगी। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से आग्रह किया कि वे इस मांग पर सकारात्मक कार्रवाई करते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दें। विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने समिति की मांग को गंभीरता से सुना और उचित स्तर पर विचार कर आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर वीर गुर्जर विकास समिति के पदाधिकारी और समाज के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रावास निर्माण को समाज के शैक्षणिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भूमि आवंटन की मांग शीघ्र पूरी होने की अपेक्षा व्यक्त की।3
- स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग के विषय में जानकारी दी गई है।1
- आज विदिशा शहर के चार परीक्षा केंद्रों पर आयोजित री-नीट परीक्षा में गर्ल्स कॉलेज स्थित एक केंद्र पर तीन छात्राएं शामिल नहीं हो सकीं, जिसके कारण उनके परिजनों ने कॉलेज गेट पर हंगामा किया। परीक्षा से वंचित रहीं छात्राओं में स्नेहा दुबे निवासी आरएमपी नगर विदिशा और रागिनी विश्वकर्मा ग्राम कूड़ा तहसील कुरवाई शामिल हैं, जो निर्धारित समय पर कॉलेज में प्रवेश नहीं कर पाईं। प्रवेश का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक था, लेकिन ये दोनों छात्राएं 1:30 बजे के 2 मिनट बाद पहुंची थीं। जानकारी मिलने पर परीक्षा की नोडल अधिकारी और केंद्रीय विद्यालय की प्राचार्य गीता भदौरिया मौके पर पहुंचीं और दोनों छात्राओं को अंदर ले गईं। हालांकि, अंदर जाने के बाद भी उनका बायोमेट्रिक थंब सफल नहीं हो सका, जिसके चलते उन्हें परीक्षा से बाहर आना पड़ा। इसी केंद्र पर, विदिशा की ही निवासी एक तीसरी छात्रा अक्षिता श्रीवास्तव को भी परीक्षा देने से रोक दिया गया। अक्षिता ने कुछ दिन पूर्व हुई परीक्षा का ही प्रवेश फार्म निकाला था, जिसे इस री-नीट परीक्षा के लिए मान्य नहीं किया गया। इस प्रकार, तीनों छात्राओं को री-नीट परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिल सकी।4
- विदिशा जिले के गंज बासौदा में एक युवक रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने के इरादे से पहुंचा। उसके साथी ने उसे रोकने का पूरा प्रयास किया। इसी बीच, रेलवे ट्रैक के आसपास काम कर रहे रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक की जान बचाई। केबिन मास्टर और पॉइंट्स मैन ने अपनी सूझबूझ से गाड़ी क्रमांक 12708 आंध्र प्रदेश संपर्क क्रांति को समय रहते रुकवा दिया और युवक को सुरक्षित बचा लिया गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में छीपाबड़ौद के ब्लॉक खेल मैदान में आयोजित दो दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस कार्यक्रम के समापन के बाद, कस्बे में योग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें पूरा कस्बा “करें योग, रहें निरोग” जैसे नारों से गूंज उठा। रैली में बड़ी संख्या में प्रशिक्षार्थियों, विद्यार्थियों, योग साधकों, विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। यह रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने “योग अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” और “योग है जीवन का आधार” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को योग का महत्वपूर्ण संदेश दिया। दो दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के योग प्रोटोकॉल के अनुसार, योग विशेषज्ञों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम, ध्यान और योग के वैज्ञानिक लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षार्थियों ने इन आसनों का अभ्यास कर मुख्य कार्यक्रम 21 जून के लिए अपनी तैयारियाँ कीं। समापन समारोह में ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. पवन मेघवाल ने जोर देते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों से नियमित योगाभ्यास करने और आगामी 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर सहायक ब्लॉक योग नोडल अधिकारी डॉ. मधुसूदन मीणा, डॉ. पी.डी. शर्मा, योग क्रियान्वयन समिति सदस्य डॉ. गुलाब चंद मीणा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस रैली के माध्यम से आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया।3
- रविवार सुबह 9 बजे बारां जिले के शाहाबाद कस्बे में एक दुर्घटना हुई। शाहाबाद घाटी के ऊपर NH-27 हाईवे पर एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में दो युवक घायल हो गए। दुर्घटनाग्रस्त बाइक का नंबर RJ28FS8362 बताया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा। एसआई सुमेर सिंह, 112 जाप्ते के साथ घटनास्थल पहुंचे और तुरंत दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद में भर्ती कराया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। हादसे के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।1