झाँसी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स सफाई कर्मी आर्थिक शोषण, न्यूनतम मजदूरी न मिलने और पिछले 8 महीने का ईपीएफ जमा न होने को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कर्मियों का आरोप है कि ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा उनका लगातार आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के अनुसार, अन्य सभी विभागों में अप्रैल 2026 से ही न्यूनतम मजदूरी की नई बढ़ी हुई दरें लागू कर दी गई हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में उन्हें आज भी मात्र ₹8509 प्रतिमाह ही वेतन मिल रहा है। ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का टेंडर मई 2023 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन वह बिना टेंडर प्रक्रिया के केवल सेवा विस्तार के नाम पर अपनी मनमानी चला रही है। वेतन बढ़ाने की मांग करने पर कंपनी सीधे तौर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा देती है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मी अमित, अर्चना और नीतू ने भी अपनी बात रखी है।
झाँसी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत आउटसोर्स सफाई कर्मी आर्थिक शोषण, न्यूनतम मजदूरी न मिलने और पिछले 8 महीने का ईपीएफ जमा न होने को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कर्मियों का आरोप है कि ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा उनका लगातार आर्थिक शोषण किया जा रहा है। सफाई कर्मचारियों के
अनुसार, अन्य सभी विभागों में अप्रैल 2026 से ही न्यूनतम मजदूरी की नई बढ़ी हुई दरें लागू कर दी गई हैं, लेकिन मेडिकल कॉलेज में उन्हें आज भी मात्र ₹8509 प्रतिमाह ही वेतन मिल रहा है। ऑल सर्विसेज ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का टेंडर मई 2023 में ही समाप्त हो चुका है, लेकिन
वह बिना टेंडर प्रक्रिया के केवल सेवा विस्तार के नाम पर अपनी मनमानी चला रही है। वेतन बढ़ाने की मांग करने पर कंपनी सीधे तौर पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा देती है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मी अमित, अर्चना और नीतू ने भी अपनी बात रखी है।
- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में चिरगांव थाना क्षेत्र के महिला गांव में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद के चलते भाइयों के बीच मारपीट हो गई। इस हिंसक झड़प के दौरान दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर मिर्च पाउडर फेंकने का आरोप लगाया है। इस घटना में एक युवती सुषमा राजपूत की आंखों में मिर्च पाउडर लग गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। इस विवाद के बाद दोनों पक्ष अपनी-अपनी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे हैं। पीड़ित युवती सुषमा राजपूत ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसके चाचा और उनके पुत्र ने उसके साथ-साथ उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की और बाल पकड़कर उसकी आंखों में मिर्ची झोंक दी। सुषमा के भाई दीपक के अनुसार, दादा-दादी के निधन के बाद उनके बड़े पापा ने सारी जमीन का बंटवारा अपने हिसाब से कर लिया। उन्होंने अपनी जमीन पर पूर्वी लगवा लिया है और अब वे खेतों की सिंचाई के लिए पानी भी नहीं लेने दे रहे हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और बात मारपीट तक आ पहुंची। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पहले पक्ष पर मारपीट करने और मिर्च पाउडर फेंकने का आरोप लगाया है। पुलिस ने फिलहाल मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।4
- निवाड़ी जिला प्रशासन द्वारा 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत ग्राम पंचायत भोजपुरा में पौधारोपण किया गया। इस दौरान निवाड़ी कलेक्टर सहित जिला प्रशासन का तमाम अमला मौके पर मौजूद रहा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जहां पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ बेहद तीखे तेवर दिखाए हैं। दतिया स्थित भाजपा कार्यालय में पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित कार्यकर्ता बैठक में भारी भीड़ उमड़ी, जिसे संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने पुलिस प्रशासन पर सीधा और तीखा हमला बोला। अपने संबोधन के दौरान डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंच से स्पष्ट लहजे में कहा कि वह कार्यकर्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़े जाने और दर्ज किए गए मामलों को भूले नहीं हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "मैं भूलने वाला व्यक्ति नहीं हूं, मैं याद रखने वाला व्यक्ति हूं। दोस्ती भी याद रखता हूं और दुश्मनी भी।" इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपनी व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर उठकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को भारी मतों से विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत से चुनाव मैदान में जुटने की अपील की। इस बैठक में उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव जीतने का संकल्प लिया है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा के इस बयान और उनकी सक्रियता के बाद दतिया उपचुनाव का राजनीतिक माहौल बेहद गर्म हो गया है और राजनीतिक गलियारों सहित विपक्षी दलों में हलचल तेज हो गई है।1
- दतिया जिले की सेवढ़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत ग्यारा में तालाब की पार पर स्थित सार्वजनिक रास्ते पर कथित अवैध भवन निर्माण का मामला सामने आया है। शासकीय आराजी क्रमांक 1049 पर हो रहे इस निर्माण के कारण ग्रामीणों और मवेशियों का वर्षों पुराना आवागमन का रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने प्रशासन को आवेदन देकर तत्काल निर्माण कार्य रुकवाने और आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम ग्यारा निवासी हमीर सिंह गुर्जर (पुत्र कोशल किशोर गुर्जर) ने तालाब की पार के सार्वजनिक रास्ते पर जबरन भवन निर्माण शुरू कर दिया है। इस मामले की सूचना मिलने पर हल्का पटवारी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए थे। इसके बावजूद आरोपी ने निर्माण कार्य बंद करने से साफ इनकार कर दिया और अवैध निर्माण को जारी रखा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से इस कथित अवैध निर्माण की निष्पक्ष जांच कराकर इसे तत्काल रुकवाने और आम रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में यहां विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।1
- झांसी के पुलिस कार्यालय परिसर में नवनिर्मित यात्री प्रतीक्षालय का लोकार्पण किया गया है। उत्तर प्रदेश के माननीय विधान परिषद सदस्य श्री रामतीर्थ सिंघल एवं झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बीबीजीटीएस मूर्ति द्वारा दिनांक 16.07.2026 को प्रातः 11:00 बजे इस यात्री प्रतीक्षालय का उद्घाटन किया गया।3
- उत्तर प्रदेश के झांसी जिला अस्पताल में कैंसर मरीजों को राहत देने के लिए करीब पांच महीने पहले तैयार किया गया कैंसर डे-केयर सेंटर अब तक शुरू नहीं हो सका है। सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने के बावजूद इस सेंटर पर आज भी ताला लटका हुआ है। इसे शुरू न कर पाने की सबसे बड़ी वजह कीमोथेरेपी समेत कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की आपूर्ति न होना है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत फरवरी 2026 में प्रदेश के 64 जिलों में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित करने की योजना के तहत झांसी जिला अस्पताल में भी इसे तैयार किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही कीमोथेरेपी और उपचार की सुविधाएं देना था ताकि उन्हें बड़े शहरों के चक्कर न काटने पड़ें। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को कीमोथेरेपी देने की प्रक्रिया का पूरा प्रशिक्षण दिया जा चुका है और अप्रैल महीने में ही उनकी ड्यूटी भी तय कर दी गई थी। सेंटर में तीन बेड और दवाओं के सुरक्षित भंडारण जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं। इसके बावजूद दवाओं की आपूर्ति न होने से मरीजों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और करोड़ों की यह योजना शुरू होने से पहले ही ठप नजर आ रही है। मरीजों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर इस सेंटर को शुरू किया जाए।1
- झांसी की टहरौली तहसील के ग्राम बंगरी बंगरा में श्मशान घाट पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते ग्रामीणों को भारी बारिश के बीच तिरपाल तानकर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। गांव के रहने वाले 40 वर्षीय कैंसर पीड़ित ओमप्रकाश अहिरवार लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझने के बाद जिंदगी की जंग हार गए। जब उनकी अंतिम यात्रा श्मशान घाट पहुंची, तो अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए टीन शेड की व्यवस्था न होने के कारण सभी के सामने शव को मुखाग्नि देने की गंभीर चिंता खड़ी हो गई। ग्रामीणों ने काफी देर तक बारिश रुकने का इंतजार किया, लेकिन जब बारिश नहीं थमी तो मजबूरन तिरपाल का सहारा लेकर मृतक को अंतिम विदाई दी गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सरकारी व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल खड़े किए हैं, जिससे विकास के बड़े-बड़े दावों की पोल खुल गई है। मृतक अपने पीछे एक 8 वर्षीय मासूम लड़का और दो लड़कियां छोड़ गए हैं, और सिर से पिता का साया उठ जाने के कारण रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है।3
- झाँसी के निर्मल हॉस्पिटल में देर रात 60 वर्षीय जंगल अहिरवार की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद मृतक के पुत्र संतोष अहिरवार ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संतोष अहिरवार छतरपुर के थाना नौगांव के निवासी हैं।3