बेरीनाग के लिटिल एंजेल नर्सरी एंड पब्लिक स्कूल में शनिवार को विद्यालय की छात्र परिषद और विभिन्न हाउसों के पदाधिकारियों का सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके उपरांत विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को आगे बढ़ाया। इस समारोह में विद्यालय की नवगठित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कराया गया। छात्र परिषद में प्रियांशु पंत को जनरल मॉनिटर, शिखा पांडे को हेड गर्ल, प्रज्ञान पंत को हेड बॉय, किरण पंत को वाइस हेड गर्ल और रितेश को वाइस हेड बॉय का दायित्व सौंपा गया। वहीं, सांस्कृतिक परिषद में यशस्वी और रोहित को प्रेसिडेंट, मनस्वी और हितेश को वाइस प्रेसिडेंट तथा रितिका को सचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही, विद्यालय के आजाद हाउस, सी.वी. रमन हाउस, अरविंदो हाउस एवं टैगोर हाउस के कैप्टन, लीडर, कमांडर और स्पीकर पदों पर चयनित विद्यार्थियों को अध्यापकों द्वारा सैश पहनाकर, नेम प्लेट लगाकर तथा हाउस ध्वज प्रदान कर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ उपाध्याय, उपप्रधानाचार्य श्री चारु प्रकाश पंत, शिक्षक बी.पी. पंत, पूरन लाल, अक्षत कुमार, जय पांडे तथा शिक्षिकाएं प्राची, मंजूषा, अंजनी, कल्पना सहित अन्य शिक्षकों ने पदाधिकारियों को ध्वज और अन्य प्रतीक चिह्न प्रदान किए। सभी शिक्षकों ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल नेतृत्व की कामना की। प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि छात्र परिषद विद्यालय और विद्यार्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती है तथा विद्यालय के समग्र विकास में इसकी अहम भूमिका होती है। इस हर्षोल्लास भरे समारोह के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। रंगारंग प्रस्तुतियों और हर्षोल्लास के बीच विद्यार्थियों ने इन्वेस्टिचर सेरेमनी को एक उत्सव की तरह मनाया। कार्यक्रम का समापन सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।
बेरीनाग के लिटिल एंजेल नर्सरी एंड पब्लिक स्कूल में शनिवार को विद्यालय की छात्र परिषद और विभिन्न हाउसों के पदाधिकारियों का सम्मान एवं शपथ ग्रहण समारोह बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके उपरांत विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर समारोह को आगे बढ़ाया। इस समारोह में विद्यालय की नवगठित छात्र परिषद के पदाधिकारियों को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कराया गया। छात्र परिषद में प्रियांशु पंत को जनरल मॉनिटर, शिखा पांडे को हेड गर्ल, प्रज्ञान पंत को हेड बॉय, किरण पंत को वाइस हेड गर्ल और रितेश को वाइस हेड बॉय का दायित्व सौंपा गया। वहीं, सांस्कृतिक परिषद में यशस्वी और रोहित को प्रेसिडेंट, मनस्वी और हितेश को वाइस प्रेसिडेंट तथा रितिका को सचिव नियुक्त किया गया। इसके साथ ही, विद्यालय के आजाद हाउस, सी.वी. रमन हाउस, अरविंदो हाउस एवं टैगोर हाउस के कैप्टन, लीडर, कमांडर और स्पीकर पदों पर चयनित विद्यार्थियों को अध्यापकों द्वारा सैश पहनाकर,
नेम प्लेट लगाकर तथा हाउस ध्वज प्रदान कर पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य गोविंद बल्लभ उपाध्याय, उपप्रधानाचार्य श्री चारु प्रकाश पंत, शिक्षक बी.पी. पंत, पूरन लाल, अक्षत कुमार, जय पांडे तथा शिक्षिकाएं प्राची, मंजूषा, अंजनी, कल्पना सहित अन्य शिक्षकों ने पदाधिकारियों को ध्वज और अन्य प्रतीक चिह्न प्रदान किए। सभी शिक्षकों ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल नेतृत्व की कामना की। प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि छात्र परिषद विद्यालय और विद्यार्थियों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती है तथा विद्यालय के समग्र विकास में इसकी अहम भूमिका होती है। इस हर्षोल्लास भरे समारोह के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। रंगारंग प्रस्तुतियों और हर्षोल्लास के बीच विद्यार्थियों ने इन्वेस्टिचर सेरेमनी को एक उत्सव की तरह मनाया। कार्यक्रम का समापन सभी पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देने के साथ हुआ।
- उत्तराखंड के चम्पावत जिले के फूंगर गांव में वन विभाग ने एक गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह वन्यजीव तार में फंसा हुआ था और मौत के करीब पहुँच गया था। वन विभाग की टीम ने समय रहते कार्रवाई करते हुए गुलदार को सकुशल बाहर निकालकर नया जीवन दिया, जिससे वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को बल मिला है।1
- कत्युर घाटी के अधिकांश गाँवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ये सूअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। गागरीगोल के समीप रामपुर से मिली तस्वीर में देखा जा सकता है कि सूअरों का एक पूरा झुंड खेत में किसानों की कड़ी मेहनत को किस तरह बर्बाद कर रहा है।1
- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में एक विवाहिता और एक किशोरी के बीच प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। पुलिस ने इन दोनों को कोई आत्मघाती कदम उठाने से पहले ही बचा लिया।1
- उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित श्यामला ताल व्यू पॉइंट पर दीपक पहाड़ी ठाट ढाबा पर्यटकों के लिए उचित व्यवस्थाएँ प्रदान कर रहा है। इस ढाबे में शाकाहारी, मांसाहारी और फास्ट फूड की उचित व्यवस्था के साथ-साथ वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा भी उपलब्ध है। यहां बेहद स्वादिष्ट और ज़ायकेदार भोजन मिलता है, जिससे ग्राहकों को बेहतरीन अनुभव प्राप्त होता है। गर्मियों के दिनों में लोग दूर-दूर से श्यामला ताल घूमने आते हैं और दीपक दा के होटल में फास्ट फूड का आनंद लेते हुए ताजी, ठंडी हवा का लुत्फ़ उठाते हैं। परिवार के साथ आने वाले पर्यटक भी पहाड़ी ठाट ढाबा में घूमने का आनंद लेते हैं। यह जानकारी भारत पब्लिक न्यूज़ के संवाददाता उमेश विश्वकर्मा द्वारा दी गई है।4
- उत्तराखंड के सितारगंज-किच्छा हाईवे पर स्थित कथिन्गारी पुल में 2024 में दरार आ गई थी, जिसके चलते इसे उसी साल बंद कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि 2026 तक भी इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे यह लगातार बंद पड़ा है। इस लंबी अवधि के बंद होने के कारण, हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, जिससे आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि दो साल से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी का ध्यान नहीं गया है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।1
- भारतीय डाक (स्पीड पोस्ट) के भरोसे के साथ, हिकमो शुगर अब आपके लिए आयुर्वेदिक समाधान लेकर आया है, जो शुगर (मधुमेह) से परेशान लोगों को एक स्वस्थ और खुशहाल जीवनशैली का वादा करता है। यह दावा किया जाता है कि अनियंत्रित शुगर शरीर के अंगों को अंदर से धीरे-धीरे कमजोर करती है, लेकिन हिकमो शुगर के साथ अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह आयुर्वेद का एक अचूक मिश्रण प्रस्तुत करता है। कंपनी गर्व के साथ कहती है कि उसकी दवा भारत सरकार के डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) के माध्यम से सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय तरीके से सीधे आपके घर तक पहुंचाई जाती है। बेहतर और तेज़ परिणामों के लिए, हिकमो शुगर का सेवन इस प्रकार बताया गया है: सुबह नाश्ते से पहले 1 कैप्सूल और 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है, जबकि रात के खाने के बाद 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है। गुनगुने पानी के साथ सेवन से दवा शरीर में तेजी से अवशोषित होती है और बेहतर परिणाम देती है। हिकमो शुगर को चुनने के कई कारण बताए गए हैं, जिनमें शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को जगाने में मदद, 100% शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार होने के कारण शून्य दुष्प्रभाव, सुबह की कमजोरी और सुस्ती को दूर करके थकान से राहत, और सरकारी डाक सेवा के माध्यम से लाइव ट्रैकिंग सुविधा के साथ स्पीड पोस्ट द्वारा दवा का सुरक्षित प्रेषण शामिल है। ऑर्डर और डिलीवरी के विवरण के अनुसार, अपना ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए 50% अग्रिम भुगतान आवश्यक है। पूरे भारत में मुफ्त होम डिलीवरी उपलब्ध है, और दवा को सुरक्षित आप तक पहुँचाने के लिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से स्पीड पोस्ट का उपयोग किया जाता है। ऑर्डर बुक करने के लिए 98371 43446 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि यह एक आयुर्वेदिक पूरक है जिसे स्वस्थ जीवनशैली का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। संगठन या इसकी दवा कोई चिकित्सीय गारंटी नहीं देती है, न ही किसी विशिष्ट परिणाम की जिम्मेदारी लेती है। उपयोग से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है।1
- लंबे समय से जारी बारिश का सिलसिला फिलहाल थम गया है, जिसके चलते चारों ओर का मौसम बेहद सुहावना हो गया है। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर, खासकर कौसानी और बैजनाथ में, पर्यटक इस खुशनुमा मौसम का भरपूर आनंद ले रहे हैं।1
- शनिवार शाम तीर्थनगरी हरिद्वार में अचानक आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण हर की पौड़ी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के दबाव से हर की पौड़ी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों के शीशे अचानक टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे। इस हादसे में वहां से गुजर रहा एक तीर्थयात्री सिर पर शीशा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीशों की भारी मारक क्षमता के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय जब श्रद्धालु हर की पौड़ी पर संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के कारण बाजार तथा घाटों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक व्यावसायिक इमारत के शीशे भरभराकर नीचे गिर गए। घायल तीर्थयात्री को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बाकी बचे ढीले शीशों से किसी और को नुकसान न पहुंचे।1