Shuru
Apke Nagar Ki App…
मध्य प्रदेश के छतरपुर में सैकड़ों जनजातीय किसानों ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के खिलाफ अनोखा ‘चिता आंदोलन’ किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध जताते हुए कहा कि यह परियोजना उनकी जमीन, जंगल और आजीविका छीन लेगी, जो उनके लिए मौत के समान है। किसानों का आरोप है कि उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना उन्हें विस्थापित किया जा रहा है। यह आंदोलन क्षेत्र में बढ़ती असंतोष और भविष्य को लेकर गहरी चिंता को उजागर करता है।
Satish yadav
मध्य प्रदेश के छतरपुर में सैकड़ों जनजातीय किसानों ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के खिलाफ अनोखा ‘चिता आंदोलन’ किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध जताते हुए कहा कि यह परियोजना उनकी जमीन, जंगल और आजीविका छीन लेगी, जो उनके लिए मौत के समान है। किसानों का आरोप है कि उचित पुनर्वास और मुआवजे के बिना उन्हें विस्थापित किया जा रहा है। यह आंदोलन क्षेत्र में बढ़ती असंतोष और भविष्य को लेकर गहरी चिंता को उजागर करता है।
- Yuvanshकालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश🙏1 day ago
- User4545Bhilwara, Rajasthan💣1 day ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- नौगांव में तेज धूप और गर्म हवाओं ने अपना जलवा दिखाना शुरू कर दिया है अप्रैल माह में ही 40🌞 के पार पहुंचा टेंपरेचर मौसम विभाग ने दी चेतावनी डॉक्टरों और मौसम वैज्ञानिकों ने आमजन को सलाह दी है , • दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें • अधिक पानी, ORS, नींबू पानी का सेवन करें • सिर ढककर बाहर निकलें • खेतों में कार्य सुबह या शाम के समय करें • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें1
- छतरपुर। ओरछा थाना क्षेत्र के केंड़ी गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के घर से अवैध रूप से शराब बेचने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता शिवहरे के घर में अवैध शराब बेचे जाने का वीडियो सामने आया है। जब इस संबंध में उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि यह उनका पारिवारिक व्यवसाय है और इसे रोकना उनके लिए संभव नहीं है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीसी अरुण कुमार सोनी ने बताया कि एसपी आगम जैन के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खेड़ी गांव में भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परियोजना अधिकारी ने कहा कि संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जवाब के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन अब वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है।1
- Post by लेखपाल अहिरवार1
- छतरपुर दौरे पर पहुंचे मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने जिले के विभिन्न थानों में #जहर_खाने से हुई मौतों के मामलों को गंभीरता से लिया है। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए तथा जहां भी लापरवाही या संदिग्ध परिस्थितियां सामने आएं, वहां कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि हर नागरिक का जीवन अनमोल है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग पूरी निगरानी रखेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। 📍 प्रशासन को पारदर्शिता के साथ जांच करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के निर्देश देखिए क्या बोले अध्यक्ष1
- रात के समय एंबुलेंस को पकड़ा गया तो पता चला फर्जी वाले का काम चल रहा है और वीडियो बना ली तो उसे धमकी दी जा रही है1
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- सभी से निवेदन हे कि हमारे सपोर्ट में आए और बाबा साहब को सम्मान दिलाए🙏🏻1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि नगर पालिका की कर प्रणाली का भी खुलेआम मखौल उड़ा रहा है। एक पीड़ित युवक को अपनी ही समस्या के समाधान के लिए दर-दर भटकना पड़ा। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अंततः उसे मप्र मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष के समक्ष न्याय की गुहार लगानी पड़ी। युवक का आरोप है कि नगर पालिका के एक बाबू द्वारा उसकी शिकायत को लगातार नजरअंदाज किया गया। यह लापरवाही केवल एक व्यक्ति की परेशानी नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की खामियों को उजागर करती है—जहां टैक्स वसूली तो सख्ती से होती है, लेकिन सुविधा और न्याय के नाम पर जनता को सिर्फ निराशा मिलती है। 👉 क्या अब हालात ऐसे हो गए हैं कि एक बाबू की मनमानी, कलेक्टर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों से भी ऊपर हो गई है? 👉 क्या प्रशासन इस मामले में संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेगा? 👉 और सबसे बड़ा सवाल—क्या नगर पालिका की कर प्रणाली सिर्फ वसूली तक सीमित रह गई है? 📌 अब निगाहें मानव अधिकार आयोग की कार्यवाही पर टिकी हैं—क्या पीड़ित को न्याय मिलेगा या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा?1