देश में एक बार फिर यह सवाल उठता है कि "एक देश, एक कानून" आखिर कहाँ है, क्योंकि न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आम लोगों के मन में न्याय की समानता को लेकर संदेह और असंतोष पैदा हो रहा है, खासकर जब समान प्रकृति के मामलों में कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया अलग-अलग दिखाई देती है। इस संदर्भ में, विष्णु तिवारी जैसे मामले सामने आते हैं, जहाँ एक निर्दोष व्यक्ति को लगभग 20 साल जेल में बिताने के बाद बरी होना पड़ा, जिससे उसकी पूरी जवानी सिस्टम की देरी में ही समाप्त हो गई। दूसरी ओर, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम जैसे मामलों में सजा के बावजूद बार-बार पैरोल और जेल से बाहर आने पर लोग न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। इसी तरह, टीवीशा शर्मा और अमन शर्मा के मामले में भी समाज में यह चर्चा और आरोप सामने आते हैं कि एक पक्ष पर सख्त कार्रवाई होती है, जबकि दूसरे पक्ष पर कार्रवाई या जांच की गति को लेकर प्रश्न उठाए जाते हैं। असल मुद्दा किसी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष ठहराने का नहीं है, बल्कि यह है कि जब मामले समान प्रकृति के हों, तो फिर कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया में असमानता क्यों दिखाई देती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कानून सबके लिए बराबर है, तो फिर उसका असर हर मामले में एक जैसा क्यों नहीं दिखता। "एक देश, एक कानून" तभी सार्थक होगा जब न्याय हर नागरिक के लिए बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए।
देश में एक बार फिर यह सवाल उठता है कि "एक देश, एक कानून" आखिर कहाँ है, क्योंकि न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। आम लोगों के मन में न्याय की समानता को लेकर संदेह और असंतोष पैदा हो रहा है, खासकर जब समान प्रकृति के मामलों में कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया अलग-अलग दिखाई देती है। इस संदर्भ में, विष्णु तिवारी जैसे मामले सामने आते हैं, जहाँ एक निर्दोष व्यक्ति को लगभग 20 साल जेल में बिताने के बाद बरी
होना पड़ा, जिससे उसकी पूरी जवानी सिस्टम की देरी में ही समाप्त हो गई। दूसरी ओर, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम जैसे मामलों में सजा के बावजूद बार-बार पैरोल और जेल से बाहर आने पर लोग न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हैं। इसी तरह, टीवीशा शर्मा और अमन शर्मा के मामले में भी समाज में यह चर्चा और आरोप सामने आते हैं कि एक पक्ष पर सख्त कार्रवाई होती है, जबकि दूसरे पक्ष पर कार्रवाई या जांच की गति को लेकर प्रश्न
उठाए जाते हैं। असल मुद्दा किसी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष ठहराने का नहीं है, बल्कि यह है कि जब मामले समान प्रकृति के हों, तो फिर कार्रवाई और न्याय की प्रक्रिया में असमानता क्यों दिखाई देती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर कानून सबके लिए बराबर है, तो फिर उसका असर हर मामले में एक जैसा क्यों नहीं दिखता। "एक देश, एक कानून" तभी सार्थक होगा जब न्याय हर नागरिक के लिए बिना किसी भेदभाव के समान रूप से लागू किया जाए।
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में राजनीतिक घमासान के साथ-साथ कई सामाजिक सरोकार के कार्यक्रम देखने को मिले। जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा महंगाई के मुद्दे पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें महिला कांग्रेस ने भी 'हल्ला बोल' कार्यक्रम के तहत अपनी आवाज बुलंद की। इसी क्रम में, माली समाज द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त, एक पूर्व पार्षद को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।1
- आज के मनमोहक दर्शन प्राप्त हुए, जिनके साथ जीवन के एक गहरे सत्य को साझा किया गया है। इस अनुभव के माध्यम से यह बताया गया है कि जिंदगी को बहुत करीब से देखने पर यह समझ आता है कि सांँवरिया लोग पल भर में पराया कर देते हैं।1
- एक माँ अपनी बेटी को मर्यादा का पाठ पढ़ा रही है, जिसके साथ यह संदेश दिया गया है कि बच्चों को संस्कार बचपन में ही दिए जाने चाहिए।1
- नीमच जिले के कुकड़ेश्वर में कुशवाह समाज द्वारा एक संयुक्त सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में उन सभी विद्यार्थियों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए थे। विद्यार्थियों के साथ-साथ, प्रगतिशील किसानों, विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और समाज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी विशेष सम्मान किया गया, जिससे कुकड़ेश्वर में कुशवाह समाज का यह प्रतिभा सम्मान समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- भीलवाड़ा शहर में दिनभर की तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बाद शाम को मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज आंधी के साथ हुई जोरदार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से तुरंत राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। शाम के समय आसमान में अचानक काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। कई इलाकों में हुई तेज बारिश से सड़कें जलमग्न हो गईं, वहीं तेज हवा के कारण लोगों को कुछ परेशानी का सामना भी करना पड़ा। लगातार पड़ रही गर्मी से परेशान शहरवासियों ने बारिश के बाद राहत महसूस की और मौसम ठंडा होने से उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने अगले तीन घंटे में तेज बारिश की चेतावनी भी जारी की है।2
- चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह के विरुद्ध अनुसंधान में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने दो और अवैध पिस्टल और दो मैगजीन बरामद की हैं, जिसके साथ ही इस प्रकरण में अब तक कुल तीन अवैध पिस्टल और पाँच मैगजीन जब्त की जा चुकी हैं। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि थानाधिकारी श्यामा राम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते ने 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की थी। उन्होंने द राईट चॉईस होटल के सामने भीलवाड़ा से चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर पहुँचकर अवैध पिस्टल मय मैगजीन के खरीददार बबलु सिकलीगर तथा अवैध पिस्टल व मैगजीन का बेचान करने वाले दीपक उर्फ दीपू नायक, निखिल भोई एवं जितेन्द्र माली को गिरफ्तार किया था। इस दौरान, आरोपी बबलु सिकलीगर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन और आरोपी दीपक व निखिल के कब्जे से एक-एक मैगजीन जब्त की गई थी, जबकि साथी आरोपी जितेन्द्र को भी मौके से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया, जिसके दौरान अभियुक्तों को पीसी रिमाण्ड पर लेकर गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में अभियुक्त निखिल भोई ने बताया कि उसने पहले भी बबलु सिकलीगर को दो अवैध पिस्टल दी थीं। इसके बाद, पूर्व में न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जा चुके अभियुक्त बबलु सिकलीगर को जेल से पुनः प्राप्त किया गया और उसकी निशादेही से उसके मकान से दो और अवैध पिस्टल बरामद की गईं। इस प्रकरण में अब तक कुल तीन पिस्टल और पाँच मैगजीन बरामद की जा चुकी हैं, और अभियुक्तों को अवैध पिस्टल सप्लाई करने वाले अन्य अभियुक्त की तलाश जारी है।1