अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। यह 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है, जिसमें SIT ने विस्तृत जांच के लिए और समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और राम मंदिर ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। SIT ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में किसी वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति का भी सुझाव दिया है। रिपोर्ट में पिछले पांच सालों के चढ़ावे का ऑडिट कराने और अनियमितताओं को रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके बाद राज्य सरकार इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय फिर यह तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को रखा जाए या हटाया जाए। इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों - लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। बताया गया है कि चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह चोरी 200 करोड़ रुपये से भी अधिक की हो सकती है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। यह 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई है, जिसमें SIT ने विस्तृत जांच के लिए और समय मांगा है। सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और राम मंदिर ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। SIT ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में किसी वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति का भी सुझाव दिया है। रिपोर्ट में पिछले पांच सालों के चढ़ावे का ऑडिट कराने और अनियमितताओं को रोकने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि SIT ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं, जिसके बाद राज्य सरकार इस रिपोर्ट को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय फिर यह तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को रखा जाए या हटाया जाए। इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों - लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। बताया गया है कि चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह चोरी 200 करोड़ रुपये से भी अधिक की हो सकती है।
- प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र के गंधियाव गांव में जमीन की पैमाइश करने गई राजस्व टीम पर भू-माफिया ने हमला कर दिया। इस दौरान नायब तहसीलदार संध्या गोस्वामी और राजस्व टीम के सदस्यों को भू-माफिया की दबंगई का सामना करना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर करछना थाना की पुलिस और एसडीएम तपन मिश्रा मौके पर पहुँचे।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद, प्रयागराज में अग्निशमन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार को कर्नलगंज क्षेत्र में कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और अन्य शिक्षण संस्थानों की अग्नि सुरक्षा जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं, जिसके बाद उनके संचालकों को तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान की शुरुआत इंडियन प्रेस चौराहे के पास स्थित संदेश अकादमी कोचिंग सेंटर से हुई। जांच में पाया गया कि यहां लगाए गए स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म सहित कई अग्निशमन उपकरण निष्क्रिय थे। टीम ने यह भी देखा कि आपात स्थिति में उपयोग किए जाने वाले कई सुरक्षा उपकरण काम नहीं कर रहे थे, जिससे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में छात्रों के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।1
- ब्राह्मण बालकों का उपनयन, जिसे जनेऊ संस्कार भी कहा जाता है, 5 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।1
- कोचिंग संस्थानों पर आरोप है कि वे सिर्फ पैसे कमाने के लिए हैं और उन्हें छात्रों की जान की कोई परवाह नहीं है। इसी कड़ी में, मिर्ज़ापुर में कोचिंग संस्थानों की जाँच करने पहुँची पुलिस-प्रशासन की टीम एक कोचिंग सेंटर का हाल देखकर हैरान रह गई। पुलिस को वहाँ तक पहुँचने के लिए टॉर्च का सहारा लेना पड़ा, जहाँ सिर्फ एक ही कमरे में कक्षाएँ चलाई जा रही थीं। यह चौंकाने वाली स्थिति उत्तर प्रदेश के लगभग हर जिले में देखने को मिल रही है, जहाँ कोचिंग क्लासें बिना किसी सुरक्षा मानक के, यहाँ तक कि सिर्फ दो कमरों में संचालित की जा रही हैं। इन संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की मंजूरी भी नहीं होती, जिससे छात्रों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है।1
- प्रयागराज केसरवानी वैश्य सभा द्वारा आयोजित 35वां आदर्श निशुल्क सामूहिक विवाह समारोह रविवार, 21 जून 2026 को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन प्रयागराज के बहादुरगंज स्थित केसरवानी वैश्य सभा धर्मशाला एवं ठाकुर दीन ट्रस्ट प्रांगण, 116 बहादुरगंज, ठाकुर दीन का हाता में किया गया। इस अवसर पर सभा ने जरूरतमंद जोड़ों का बिना किसी शुल्क के विवाह संपन्न कराकर सामाजिक समरसता का एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' और प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने सभा के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि केसरवानी वैश्य सभा पिछले 35 वर्षों से निशुल्क सामूहिक विवाह का आयोजन कर समाज के कमजोर वर्ग को संबल प्रदान कर रही है, जो समाज में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और दहेज मुक्त विवाह का भी संदेश देता है। कार्यक्रम में सभा के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग मौजूद रहे। वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुए इस विवाह के बाद सभी जोड़ों को गृहस्थी का सामान और उपहार भी भेंट किए गए।3
- प्रयागराज के पुरामुफ़्ती थाना क्षेत्र अंतर्गत पावनपुर गांव में एक 15 वर्षीय लड़की के साथ इलाके के युवकों द्वारा गैंग रेप किए जाने की घटना सामने आई है। इस मामले में बीजेपी विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पुलिस अधिकारियों से इस घटना को लेकर सख्त लहजे में बात की। उन्होंने पुलिस से कहा कि, चाहे वह 'अकबर हो या अशरफ', ऐसी कार्यवाही की जाए जिसे उनकी 10 पुश्तें याद रखें। विधायक ने रेप के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस से यह बात कही।1
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के 'काफिर' वाले बयान ने राज्य की सियासत में नया उबाल ला दिया है। इस बयान को लेकर कांग्रेस हमलावर है और इसे भाजपा की सोच तथा उसकी राजनीति से जोड़ रही है। विपक्ष आरोप लगा रहा है कि जब सरकार अपने विकास कार्यों का बखान कर रही है, तब धर्म से जुड़े ऐसे विवादित शब्दों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। वहीं, भाजपा का कहना है कि पार्टी ने हमेशा से ही सभी वर्गों के विकास की बात की है। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर इस तरह के बयान देने की जरूरत क्यों पड़ी।1
- गोली मारकर किए गए एक ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद साहू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस वीभत्स हत्याकांड से समाज के लोग बेहद गुस्से में हैं और अपनी नाराजगी व्यक्त करने तथा विरोध जताने के लिए भारी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं।1
- लखनऊ के कैंपल रोड स्थित इरम स्कूल में आग लगने से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। यह घटना अलीगंज के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने के बाद सामने आई है, जहाँ कल ही हुई आग की घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी। इस नए हादसे के साथ ही, एक बार फिर लखनऊ के कैंपल रोड पर आग का कहर देखने को मिला है।1