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बरेली के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के मारवाड़ी गंज इलाके में एक बड़े कारोबारी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी चल रही है। यह छापेमारी पिछले पांच घंटे से जारी है। कारोबारी आशुतोष अग्रवाल मोबाइल फोन शोरूम और बाटा कंपनी के बड़े व्यवसायी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, छापेमारी वाली जगह पर पुलिस और पीएसी भी तैनात की गई है। घर के अंदर किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं है, और परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर ही मौजूद हैं। इस कार्रवाई के बीच, लुधियाना और गाजियाबाद में भी इसी तरह की छापेमारी की चर्चा है।
Muneeb husain repoter
बरेली के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के मारवाड़ी गंज इलाके में एक बड़े कारोबारी के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी चल रही है। यह छापेमारी पिछले पांच घंटे से जारी है। कारोबारी आशुतोष अग्रवाल मोबाइल फोन शोरूम और बाटा कंपनी के बड़े व्यवसायी हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, छापेमारी वाली जगह पर पुलिस और पीएसी भी तैनात की गई है। घर के अंदर किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं है, और परिवार के सभी सदस्य घर के भीतर ही मौजूद हैं। इस कार्रवाई के बीच, लुधियाना और गाजियाबाद में भी इसी तरह की छापेमारी की चर्चा है।
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- बरेली के भोजिपुरा इलाके से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ गौकशी के एक शातिर बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में गौकशी के उपकरण भी बरामद किए गए हैं।1
- बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र के रोदी गांव में एक युवती की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतका रूबी की मां सोनवती पत्नी राजू ने आरोप लगाया है कि मोहल्ले के ही सूरज पुत्र निरंजन ने उनकी बेटी को प्रेमजाल में फंसाकर जहर दिया। मां ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि रूबी और सूरज के बीच लंबे समय से संबंध थे, जिसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। जब परिवार ने रूबी का विवाह कहीं और तय कर दिया, तो सूरज ने कथित तौर पर रूबी को 28 अप्रैल की सुबह अपने साथ मरने की बात कहकर घर से बुलाया और गंगा किनारे ले जाकर जहर खिला दिया। घर लौटने पर रूबी की हालत बिगड़ी, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, चिकित्सकीय जांच में जहर सेवन की पुष्टि होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई और शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया। मृतका की मां ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी आरोपी सूरज सोशल मीडिया पर मृतका की तस्वीरें और पोस्ट डालकर परिवार का मजाक उड़ा रहा है और खुलेआम कह रहा है कि उसने ही रूबी को जहर दिया था। इसके अलावा, शिकायत में कहा गया है कि आरोपी अब मृतका की 16 वर्षीय छोटी बहन तनु को रास्ते में रोककर अश्लील टिप्पणियां करता है और जान से मारने की धमकी देता है, जिससे पीड़ित परिवार लगातार भय और दबाव का सामना कर रहा है। सोनवती ने यह भी बताया कि 9 जून की सुबह सूरज, उसके परिजन और कुछ अन्य लोग उनके घर में घुस आए और परिवार पर हमला कर दिया, जिससे कई लोगों को चोटें आईं और घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- बरेली के मलूकपुर क्षेत्र निवासी इम्तेयाज कुरैशी ने शत्रु संपत्ति से जुड़े एक मामले में निष्पक्ष एवं गोपनीय जांच की मांग उठाई है। उन्होंने प्रशासन को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मामले की जांच लेखपाल द्वारा की गई, जिससे वह संतुष्ट नहीं हैं। कुरैशी ने इस जांच को लेखपाल से हटाकर किसी अन्य विभाग अथवा गोपनीय एजेंसी से कराए जाने का आग्रह किया है। इम्तेयाज कुरैशी के अनुसार, उनकी पत्नी फरजाना बेगम ने मलूकपुर स्थित नीम वाली मस्जिद बाजदरान क्षेत्र में 120 वर्ग गज भूमि में से 54 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि यह भूमि शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आती है, जिसके बाद उन्होंने उक्त संपत्ति का क्रय-विक्रय करने से इनकार कर दिया। कुरैशी का आरोप है कि इसके बावजूद संबंधित विक्रेताओं ने बाद में यह भूमि अपनी बहन के नाम बैनामा कर दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति होने के बावजूद भूमि का क्रय-विक्रय किया जा रहा है और उस पर निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है, जिसमें कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत है। इम्तेयाज कुरैशी ने बताया कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल सहित उपजिलाधिकारी सदर एवं अन्य अधिकारियों को कई बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र एवं पारदर्शी जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त होने पर नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- उत्तर प्रदेश के बरेली में हॉटमैन के पास स्थित प्रसिद्ध बड़े बाग वाले हनुमान जी मंदिर में एक भव्य शिव पुराण कथा का आयोजन चल रहा है। यह धार्मिक अनुष्ठान 12 जून तक जारी रहेगा, जिसका एक मनमोहक दृश्य देखने को मिल रहा है।1
- बीसलपुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए विधायक विवेक कुमार वर्मा ने कुल 728.25 लाख रुपये की लागत से 8 मार्गों का शिलान्यास किया है। विधायक विवेक वर्मा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए यह जानकारी साझा की और बताया कि इन सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण से क्षेत्र के दर्जनों गांवों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे आवागमन सुगम होगा और ग्रामीणों की तस्वीर बदलेगी। जिन 8 मार्गों पर काम होगा, उनकी लागत सहित सूची इस प्रकार है: भीकमपुर उर्फ परानपुर से गांव परासी रामकिशन सम्पर्क मार्ग (136.69 लाख रुपये); बरेली-बीसलपुर मार्ग से काकोरी शहीद ठाकुर रोशन सिंह मार्ग छुट्टी कड़ी का नव निर्माण कार्य (75.18 लाख रुपये); गांव मीरपुर वाहनपुर से गांव भगवन्तपुर करोड़ सम्पर्क मार्ग का पुनः निर्माण कार्य (80.76 लाख रुपये); गांव अहिरवाडा से गांव दुवहा होते हुए शाहजहांपुर की सीमा तक नव निर्माण कार्य (173.99 लाख रुपये); गांव दौलतपुर हीरा से गांव मानपुर मरौरी तक नव निर्माण कार्य (104.98 लाख रुपये); गांव भदेंगंज मंत्रिया में गुरुद्वारा सिखसभा मानपुर मार्ग पर 2 सेल 4/4 के बॉक्स कल्वर्ट पहुंच मार्ग पर सुरक्षात्मक कार्य (71.99 लाख रुपये); गांव करेली पक्की रोड गांव भगवंतापुर मार्ग का पुनः निर्माण कार्य (33.27 लाख रुपये); और गांव राठ सम्पर्क मार्ग का पुनः निर्माण कार्य (51.39 लाख रुपये)। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से इन मार्गों की हालत खराब थी, जिससे बरसात में आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता था। अब इन सड़कों के निर्माण से किसानों, छात्रों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। विधायक विवेक वर्मा ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएंगे। इस शिलान्यास को क्षेत्र में विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।3
- एक व्यक्ति को धमकी दी गई थी कि यदि वह 'ज्यादा बनेगा' तो उसकी गाड़ी छीन ली जाएगी। इस धमकी के कुछ दिन बाद, आरोपी ने वास्तव में गाड़ी छीन ली।1
- बरेली की थाना बारादरी पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त मोईन अली को गिरफ्तार किया है, जिस पर फर्जी कंपनी बनाकर बेनामी धनराशि को हवाला के माध्यम से संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल करने का आरोप है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से ₹3 लाख नकद, एक मोबाइल फोन और कंपनी संचालन से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। यह मामला दिनांक 07.06.2026 को थाना बारादरी में मु0अ0सं0 752/2026 की धाराओं 61(2)/111/318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनएस के तहत पंजीकृत किया गया था। इसमें मोईन अली द्वारा फर्जी कंपनी के जरिए बैंक खाते संचालित कर बेनामी धनराशि प्राप्त करने और फिर उसे हवाला नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न व्यक्तियों तक पहुंचाने का खुलासा हुआ था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली ने अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दिनांक 09.06.2026 को हज्जियापुर मोड़ स्थित कोल्ड डिपो के पास से मोईन अली को पकड़ा। उसके पास से ₹3 लाख रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, और के.जी.एन. एंटरप्राइजेज का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, मंडी समिति लाइसेंस, जीएसटी रिटर्न फॉर्म 3B सहित अन्य व्यावसायिक अभिलेख बरामद हुए। पूछताछ में मोईन अली ने बताया कि उसके परिचित जमीर के दूरभाष के माध्यम से उसकी जीशान अली नामक व्यक्ति से बात हुई थी। जीशान अली ने उसे फर्जी कंपनी बनाकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने और उस खाते में आने वाली बड़ी धनराशि को कमीशन के बदले अलग-अलग लोगों तक पहुंचाने का प्रस्ताव दिया था। इसी उद्देश्य से उसने अपने नाम से "के.जी.एन. एंटरप्राइजेज" नामक कंपनी स्थापित की, जिसका कार्यालय आशुतोष सिटी, पीलीभीत बाईपास रोड, बरेली में खोला गया था। कंपनी का उद्देश्य वास्तविक व्यापार करना नहीं था, बल्कि बैंक खातों से धनराशि प्राप्त कर उसे टोकन प्रणाली और हवाला नेटवर्क के जरिए विभिन्न व्यक्तियों तक पहुंचाना था। उसने बताया कि वह पहले दिल्ली जाकर व्हाट्सएप पर प्राप्त टोकन के आधार पर संबंधित व्यक्तियों को धनराशि देता था, और बाद में हवाला कारोबार से जुड़े व्यक्तियों के माध्यम से धन का लेन-देन होने लगा। अभियुक्त को अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिल गई थी और वह बरेली छोड़कर जाने की तैयारी में था, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में कैनविज क्रेडिट कोऑपरेटिव कंपनी में निवेश की गई अपनी रकम वापस न मिलने से आक्रोशित निवेशकों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। पीड़ित निवेशकों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है, जिसमें मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही कार्रवाई की स्थिति को सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। निवेशकों का आरोप है कि कंपनी के संचालकों और एजेंटों ने लोगों को कम समय में धनराशि दोगुनी करने और आकर्षक ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये का निवेश कराया। उनका कहना है कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, और कई मामलों में पीड़ितों को उनके मुकदमों की प्रगति की जानकारी तक नहीं दी जा रही। पीड़ितों की ओर से अपनी आवाज उठा रहे सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि कंपनी से जुड़े लोगों ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और मध्यमवर्गीय परिवारों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर निवेश इकट्ठा किया। उनका दावा है कि इस घोटाले की वास्तविक राशि मीडिया में सामने आ रहे आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है। सुरेंद्र कुमार ने यह भी बताया कि आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव के कारण कई परिवार गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। एक अन्य पीड़िता सपना सिंह ने बताया कि कंपनी के एजेंटों ने उनके परिवार और रिश्तेदारों को 22 महीने में रकम दोगुनी करने और हर महीने ब्याज देने का भरोसा दिलाकर निवेश करवाया था, लेकिन निवेश के बदले दिए गए कई चेक बाद में बाउंस हो गए। उनका कहना है कि अब रकम मांगने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है, और धमकियाँ भी मिलने लगी हैं। निवेशकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून से कलेक्ट्रेट परिसर में बेमियादी धरना और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन को समर्थन दे रहे सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. के.पी. सिंह ने प्रशासन से पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने भी आरोप लगाया कि इस मामले में अब तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है और यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जून से प्रस्तावित आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। पीड़ितों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि मामले में दर्ज मुकदमों की स्थिति को सार्वजनिक किया जाए, आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, और निवेशकों की फंसी हुई रकम वापस दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। शिकायत सौंपते समय डॉ. के.पी. सिंह, प्रमोद कुमार, अनुज भारती, सूरजपाल, ज्ञानप्रकाश, सक्सेना, मिश्री लाल, वीरेंद्र पाल, पवन सक्सेना, सुरेंद्र, अमन पटेल, विमला देवी, सपना सिंह, दुलारो देवी, पूनम, रामलली, अंकित पटेल, कमल कुमार, आरती, लता पटेल, पंकज त्रिपाठी सहित कई अन्य निवेशक मौजूद थे।1
- शाहजहांपुर के थाना परौर में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा ड्यूटी छोड़कर थाने के अंदर डांस वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है, जिसने वर्दी की गरिमा को तार-तार किया है। इन वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक (SP) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह महिला सहित कुल दस पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कार्रवाई की भनक लगते ही कई कर्मियों ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट कर दीं। पुलिस महकमे ने साफ संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और रील बनाने जैसी गतिविधियाँ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।1