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1 hr ago
user_Raju Yadav
Raju Yadav
Artist Handia, Prayagraj•
1 hr ago

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • रविवार दोपहर लगभग 2 बजे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज के हंडिया पहुंचे, जहां कांग्रेस समर्थकों ने माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। यह स्वागत उनकी 'गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के दौरान हुआ।
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    रविवार दोपहर लगभग 2 बजे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रयागराज के हंडिया पहुंचे, जहां कांग्रेस समर्थकों ने माला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। यह स्वागत उनकी 'गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' के दौरान हुआ।
    user_Pramod yadav
    Pramod yadav
    पत्रकार दैनिक भास्कर हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • प्रयागराज जिले के सराय ममरेज इलाके में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ बिजली के एक पोल से गिरने के कारण 45 वर्षीय बिजली कर्मी की मौत हो गई। इस हादसे से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़क जाम कर दिया।
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    प्रयागराज जिले के सराय ममरेज इलाके में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ बिजली के एक पोल से गिरने के कारण 45 वर्षीय बिजली कर्मी की मौत हो गई। इस हादसे से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सड़क जाम कर दिया।
    user_JOURNALIST PANKAJ SINGH
    JOURNALIST PANKAJ SINGH
    Teacher हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • हावड़ा में एक कथित 'डॉन' को शहर की सड़कों पर उसके अंडरवियर में घुमाया गया। इस शख्स पर 2021 में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और 20 से अधिक बम फेंकने का आरोप है। पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में उसे गिरफ्तार किया था, और आज उसकी परेड निकाली गई। पुलिस ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य सभी गुंडों को एक कड़ा संदेश देना था।
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    हावड़ा में एक कथित 'डॉन' को शहर की सड़कों पर उसके अंडरवियर में घुमाया गया। इस शख्स पर 2021 में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और 20 से अधिक बम फेंकने का आरोप है।

पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में उसे गिरफ्तार किया था, और आज उसकी परेड निकाली गई। पुलिस ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य सभी गुंडों को एक कड़ा संदेश देना था।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक 7वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर लिया गया है। इस घटना को लेकर छात्रा के परिवार ने एक पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि पड़ोसी ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके साथ ही, परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई है।
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    उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक 7वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर लिया गया है। इस घटना को लेकर छात्रा के परिवार ने एक पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि पड़ोसी ने छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इसके साथ ही, परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई है।
    user_BHADOHI REPUBLIC NEWS (BRN BHARAT)
    BHADOHI REPUBLIC NEWS (BRN BHARAT)
    Newspaper publisher ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्थानीय जानकारी के अनुसार, नल का पानी तालाब में सही तरीके से पहुंचाने के लिए एक नाली की तत्काल आवश्यकता है।
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    स्थानीय जानकारी के अनुसार, नल का पानी तालाब में सही तरीके से पहुंचाने के लिए एक नाली की तत्काल आवश्यकता है।
    user_Vinayak Singh
    Vinayak Singh
    ज्ञानपुर, भदोही, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सीएचसी जसरा के परिसर के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। रविवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर दवाओं और मेडिकल सामग्री के ढेर को देखा तो वे दंग रह गए। आरोप है कि जिन दवाओं और जांच किटों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे धूल और कचरे में सड़ती पाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर महंगे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है, और जांच सुविधाएं होने के बावजूद निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। यह भी आरोप है कि मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और फिर चुपचाप फेंक दी जाती हैं, ताकि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चलता रहे। इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। गरीब और असहाय मरीज आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा टूट जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
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    प्रयागराज के जसरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से सामने आई तस्वीरों और वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश सरकार जहां गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं सीएचसी जसरा के परिसर के बाहर कबाड़ और कचरे के ढेर में सरकारी दवाइयां, जांच किट और चिकित्सा सामग्री बेतरतीब हालत में पड़ी मिलीं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सोशल मीडिया पर बवाल मच गया।

रविवार को स्थानीय लोगों ने सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर दवाओं और मेडिकल सामग्री के ढेर को देखा तो वे दंग रह गए। आरोप है कि जिन दवाओं और जांच किटों को गरीब मरीजों तक पहुंचना चाहिए था, वे धूल और कचरे में सड़ती पाई गईं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर महंगे मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर किया जाता है, और जांच सुविधाएं होने के बावजूद निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर भेजा जाता है। यह भी आरोप है कि मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां व किट स्टोरों में पड़ी-पड़ी खराब हो जाती हैं और फिर चुपचाप फेंक दी जाती हैं, ताकि निजी मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी सेंटरों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशनखोरी का संगठित खेल चलता रहे।

इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। गरीब और असहाय मरीज आर्थिक शोषण झेलने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी संसाधनों की खुलेआम बर्बादी की जा रही है। क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोगों ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी डॉक्टरों, कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा टूट जाएगा। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाता है।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रयागराज, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, भदोही और बांदा के कई स्थानों पर भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई है। इस चेतावनी के मद्देनज़र, इन सभी दस जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से विशेष अपील की है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें और पूरी तरह सतर्क रहें। यह जानकारी रविवार को दोपहर 03 बजे मिली।
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    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रयागराज, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट, चंदौली, भदोही और बांदा के कई स्थानों पर भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई है। इस चेतावनी के मद्देनज़र, इन सभी दस जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से विशेष अपील की है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें और पूरी तरह सतर्क रहें। यह जानकारी रविवार को दोपहर 03 बजे मिली।
    user_Pramod yadav
    Pramod yadav
    पत्रकार दैनिक भास्कर हंडिया, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • प्रयागराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसरा में सरकारी दवाइयां और जांच किट कबाड़ के ढेर में पड़े मिलने से हड़कंप मच गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोलती है, जिस पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है। रविवार को सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं, जांच किट और अन्य चिकित्सा सामग्री बेतरतीब तरीके से कबाड़ के ढेर में पड़ी मिलीं। इस नजारे ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को कहते हैं, और अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ देने की बजाय निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच कराने के लिए भेजते हैं। सूत्रों के अनुसार, शासन द्वारा मरीजों के मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां और जांच किट मरीजों तक नहीं पहुंचतीं, बल्कि स्टोरों में पड़ी रहती हैं और बाद में उन्हें कबाड़ में फेंक दिया जाता है। आरोप है कि यह निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने और कमीशनखोरी का एक संगठित खेल है, जिसके कारण गरीब मरीजों का हक मारा जा रहा है और सरकारी धन की खुलेआम बर्बादी हो रही है। इस गंभीर मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस अनैतिक खेल पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो गरीब मरीजों का शोषण लगातार जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है, या यह शिकायत भी पुरानी शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।
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    प्रयागराज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) जसरा में सरकारी दवाइयां और जांच किट कबाड़ के ढेर में पड़े मिलने से हड़कंप मच गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रदेश सरकार के दावों की पोल खोलती है, जिस पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है।

रविवार को सीएचसी जसरा की बाउंड्री के बाहर बड़ी मात्रा में सरकारी दवाएं, जांच किट और अन्य चिकित्सा सामग्री बेतरतीब तरीके से कबाड़ के ढेर में पड़ी मिलीं। इस नजारे ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल के चिकित्सक मरीजों को सरकारी दवाइयां देने के बजाय बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को कहते हैं, और अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं का लाभ देने की बजाय निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर जांच कराने के लिए भेजते हैं।

सूत्रों के अनुसार, शासन द्वारा मरीजों के मुफ्त इलाज और जांच के लिए भेजी गई दवाइयां और जांच किट मरीजों तक नहीं पहुंचतीं, बल्कि स्टोरों में पड़ी रहती हैं और बाद में उन्हें कबाड़ में फेंक दिया जाता है। आरोप है कि यह निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने और कमीशनखोरी का एक संगठित खेल है, जिसके कारण गरीब मरीजों का हक मारा जा रहा है और सरकारी धन की खुलेआम बर्बादी हो रही है।

इस गंभीर मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। क्षेत्रवासियों ने उच्चस्तरीय जांच कर दोषी चिकित्सकों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस अनैतिक खेल पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो गरीब मरीजों का शोषण लगातार जारी रहेगा। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले पर क्या ठोस कदम उठाता है, या यह शिकायत भी पुरानी शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगी।
    user_Umesh chandra patrkar
    Umesh chandra patrkar
    Advertising Photographer मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज के कोरांव में देसी शराब की दुकान पर निर्धारित समय के बाद भी शराब बेची जा रही है। जानकारी के अनुसार, दुकान बंद होने के बावजूद सेल्समैन द्वारा शराब बेची जा रही थी, जिससे आसपास के लोगों में भारी आक्रोश है।
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    प्रयागराज के कोरांव में देसी शराब की दुकान पर निर्धारित समय के बाद भी शराब बेची जा रही है। जानकारी के अनुसार, दुकान बंद होने के बावजूद सेल्समैन द्वारा शराब बेची जा रही थी, जिससे आसपास के लोगों में भारी आक्रोश है।
    user_दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा
    मेजा, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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