सुपौल में LPG आपूर्ति सामान्य, कालाबाजारी पर सख्ती—जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी सुपौल जिले में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। खासकर LPG गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोका जा सके। जहां मौके पर जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले की गैस एजेंसियों के पास लगभग 14,561 LPG सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि आज 5,062 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। बीते 7 अप्रैल 2026 को 5,258 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, वहीं अब भी 22,749 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है। प्रशासन का दावा है कि जिले में LPG की स्थिति लगातार सुधर रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 47 पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष 4 एजेंसियों पर भी जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा 26 गैस एजेंसियों और 31 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर जांच और छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां 8 अप्रैल को 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन किया गया। जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न खरीदें और गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। सभी एजेंसियों के माध्यम से होम डिलीवरी द्वारा समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
सुपौल में LPG आपूर्ति सामान्य, कालाबाजारी पर सख्ती—जिला प्रशासन की कड़ी निगरानी जारी सुपौल जिले में आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। खासकर LPG गैस और ईंधन की उपलब्धता को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी को रोका जा सके। जहां मौके पर जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी विकास कुमार कर्ण ने बताया कि जिला प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में जिले की गैस एजेंसियों के पास लगभग 14,561 LPG सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि आज 5,062 अतिरिक्त सिलेंडर मिलने की संभावना है। बीते 7 अप्रैल 2026 को 5,258 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई, वहीं अब भी 22,749 उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जानी है। प्रशासन का दावा है कि जिले में LPG की स्थिति लगातार सुधर रही है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 47 पर फिलहाल LPG उपलब्ध है, जबकि शेष 4 एजेंसियों पर भी जल्द आपूर्ति होने की उम्मीद है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और तेल कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा रहा है। प्रशासन द्वारा 26 गैस एजेंसियों और 31 होटलों एवं प्रतिष्ठानों पर जांच और छापेमारी की गई है। घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग और कालाबाजारी के आरोप में अब तक तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। समाहरणालय स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां 8 अप्रैल को 22 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनका त्वरित निष्पादन किया गया। जिला प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर न खरीदें और गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। सभी एजेंसियों के माध्यम से होम डिलीवरी द्वारा समय पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
- करंट लगने से महिला किसान की मौत, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप1
- मधेपुरा से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने बीएन मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चरणबद्ध आंदोलन के तहत आज ABVP कार्यकर्ताओं ने मधेपुरा में आक्रोश मार्च निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान ABVP की राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य समीक्षा यदुवंशी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कुलपति ने विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में उचित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। वहीं, ABVP के पूर्व प्रदेश मंत्री अभिषेक यादव ने भी कुलपति पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे विरोध करने वाले छात्रों पर झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। इस बीच, परिषद के जिला सह संयोजक मेघा मिश्रा और प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नीतीश सिंह यादव ने साफ कहा कि जब तक विश्वविद्यालय की साख बहाल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को राज्य स्तर से लेकर सरकार तक उठाया जाएगा। गौरतलब है कि एक संविदा कर्मी द्वारा कुलपति और उनके निजी सहायक पर लगाए गए कथित आरोपों के बाद यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे मामले में कुलपति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बाइट ---प्रदर्शनकारी4
- Post by Sumit Kumar1
- Post by Avinash Kumar1
- Post by Purushottam Yadav @1211
- Post by RTI activist1
- मधेपुरा बीएन मंडल विश्वविद्यालय में संविदा पर कार्यरत एक महिला कर्मी द्वारा कुलपति पर लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय के कर्मचारी संगठन एकजुट हो गए हैं। बुधवार से विश्वविद्यालय मुख्यालय समेत सभी अंगीभूत कॉलेजों के कर्मचारियों ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दिया है। कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि हाल के दिनों में कुछ व्यक्तियों द्वारा विश्वविद्यालय, यहां कार्यरत कर्मियों और कुलपति की छवि धूमिल करने का कुत्सित एवं घृणित प्रयास किया जा रहा है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। कुलसचिव सौंपे ज्ञापन में विशेष रूप से उस घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है, जिसमें एक संविदा महिला कर्मी ने कुलपति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्मचारी संगठनों ने इन आरोपों को मिथ्या और मनगढ़ंत बताते हुए संबंधित कर्मी को तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की है। विरोध प्रकट करने वालों में प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष अखिलेश कुमार, मो. हामिद रजा, सोनू कुमार, वैभव कुमार, विनोद कुमार, अमित कुमार, अवनीत कुमार, नवीन कुमार, सत्यम कुमार, अमित कुमार, शंकर कुमार, शंभू प्रसाद यादव, विनय कुमार सिंह समेत अन्य शामिल थे।4
- मधेपुरा: जिले के भर्राही थाना क्षेत्र अंतर्गत पत्रकार को जबरन झूठा आरोप में फंसा के जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दिया गया थाना में आवेदन1
- Post by RTI activist1