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सोना और चांदी की लागत कम हो गई
अमित कुमार
सोना और चांदी की लागत कम हो गई
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- नौरंगाबाद चौराहे पर लगा भीषण जाम में फंसी दो एंबुलेंस रिपोर्टर श्याम पाण्डे।1
- लखीमपुर खीरी जिले के थाना सिंगाही क्षेत्र के अंतर्गत अवैध मिट्टी खनन का खेल लगातार जारी है। खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात मिट्टी खनन में लगे हुए हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग और प्रशासन पूरी तरह मौन नजर आ रहा है। हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो और खबरें सामने आने के बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उल्लेखनीय है कि इसी क्षेत्र में पूर्व में खनन अधिकारी एवं उनके गनर के साथ हाथापाई की घटना भी सामने आ चुकी है, इसके बावजूद अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। इससे खनन माफियाओं के हौसले और भी बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नियमों को ताक पर रखकर लगातार मिट्टी खनन किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों और सबूतों के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता अवैध खनन को बढ़ावा दे रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन वायरल वीडियो और खबरों का संज्ञान लेगा या खनन माफिया इसी तरह खुलेआम कानून को चुनौती देते रहेंगे?1
- कस्बा खीरी से ओयल ट्रामा सेंटर जाने वाली सड़क, जिसे जिला पंचायत की ओर से करीब एक साल पहले रातों-रात बनाया गया था, अब कई जगह से उखड़ चुकी है। सड़क पर बजरी निकल आई है और हालात ऐसे हैं कि कई हिस्से गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के समय ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया। अब सड़क की बार-बार मरम्मत के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे भ्रष्टाचार के आरोप भी लग रहे हैं।1
- Post by INDIA TV24 NEWS1
- पलिया में नगर पालिका की करोड़ों की जमीन पर फिर चला निर्माण, प्रशासन की सख्ती बेअसर? लखीमपुर खीरी की पलिया तहसील स्थित दुधवा रोड पर नगर पालिका परिषद की करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध निर्माण एक बार फिर शुरू हो गया है। हैरानी की बात यह है कि मंगलवार को ही एसडीएम पलिया अवनीश कुमार ने लेखपाल को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रुकवाया था, बावजूद इसके आज फिर से निर्माण गतिविधियां शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बार-बार प्रशासनिक रोक के बाद भी निर्माण का दोबारा शुरू होना कई सवाल खड़े करता है। क्या भूमाफियाओं में तहसील प्रशासन का कोई डर नहीं है? या फिर प्रशासनिक मिलीभगत के चलते ही हर बार आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है? नगर पालिका की भूमि पर खुलेआम हो रहे इस अवैध निर्माण ने एसडीएम पलिया की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। यदि प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी निर्माण नहीं रुक पा रहा, तो आदेशों की प्रभावशीलता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठना लाज़मी है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस बार सिर्फ निर्माण रुकवाने तक सीमित रहता है या अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त और स्थायी कार्रवाई करता है। पलिया की जनता जवाब चाहती1
- नदी का अस्तित्व सिमटा नाले तक, पर्यावरणीय संतुलन पर मंडराया खतरा पूरनपुर (पीलीभीत)। पूरनपुर तहसील क्षेत्र में बहने वाली जुकना नदी की हजारों एकड़ जमीन पर भू-माफियाओं ने खुलेआम अवैध कब्जा जमा लिया है। कभी सैकड़ों एकड़ चौड़ाई में बहने वाली यह नदी अब सिमटकर एक छोटे से नाले के रूप में रह गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे खेल में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत है, जिसके चलते सरकारी आदेशों और नियम-कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गढ़वा खेड़ा चौकी क्षेत्र के पिपरिया मझरा के पास जुकना नदी का जल प्रवाह तो पहले ही समाप्त हो चुका है, अब उसकी जमीन भी दबंगों के कब्जे में जाती दिख रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, भू-माफिया नदी की जमीन पर अवैध रूप से खेती कर रहे हैं, वहीं कई स्थानों पर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इससे न केवल नदी का प्राकृतिक स्वरूप नष्ट हो रहा है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह अवैध कब्जा कोई नई बात नहीं, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी इस पूरे नेटवर्क से मिले हुए हैं, जिसके चलते शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। नदियों और जलाशयों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सरकार द्वारा बार-बार जारी किए गए आदेश यहां बेअसर साबित हो रहे हैं। इस गंभीर मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन तत्काल मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जा हटवाए, नदी की जमीन को मुक्त कराए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करे। साथ ही, जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उनकी भी निष्पक्ष जांच कराकर सख्त सजा दिलाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जब इस संबंध में जिला प्रशासन से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अवैध अतिक्रमण हटवाया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग इन आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और मौके पर तत्काल ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह जांच महज औपचारिकता बनकर रह जाती है या जुकना नदी को उसके वजूद और अधिकार वापस मिल पाते हैं।1
- पता नहीं किसकी नजर लग गई 😔😭1
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | लखीमपुर खीरी लखीमपुर खीरी में दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। गोला क्षेत्र में दिल्ली से बहराइच जा रही एक कार ट्रक में जा घुसी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। बताया जा रहा है कि कार सवार अपने साथी के तिलक समारोह में शामिल होने के लिए घर जा रहे थे। घना कोहरा और धुंध हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है। घायल को जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।4