भोपाल आबकारी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 जून 2026 को अल सुबह मुखबिर की सूचना पर छावनी पठार, बंजारा बस्ती, ट्रांसपोर्ट नगर कोकता और हरिपुरा में छापेमारी की। कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी श्री आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान कुल 600 किलोग्राम महुआ लाहन और 35 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। इस संबंध में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34 (1) क, च के तहत कुल पाँच प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है: गीता बाई (पति विजय पंजाबी, 26 वर्ष, निवासी छावनी पठार भोपाल), सुगना बाई (पति प्रभुलाल बंजारा, 50 वर्ष, निवासी कोकता ट्रांसपोर्ट नगर भोपाल), निशा (पति रतन पंजाबी, 37 वर्ष, निवासी छावनी पठार भोपाल), डुली बाई (पति विजय बंजारा, 45 वर्ष, निवासी डेरी कोकता भोपाल) और बसंती बाई (पति हेमंत बंजारा, 40 वर्ष, निवासी हरिपुरा भोपाल)। जब्त किए गए अवैध लाहन और मदिरा की कुल कीमत 67,000 रुपये आंकी गई है। मौके पर महुआ लाहन के नमूने लेकर उसे नष्ट कर दिया गया, जबकि सभी दर्ज प्रकरणों में विवेचना जारी है। यह कार्रवाई वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा द्वारा की गई थी, जिसमें सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके, सुरेन्द्र देवांगन, महेश विश्वकर्मा, विवेक सक्सेना, आबकारी उपनिरीक्षक स्वाति बघेल, चंदर सिंह और जिला आबकारी बल का सराहनीय योगदान रहा। सहायक आयुक्त आबकारी श्री वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया है कि इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेंगी।
भोपाल आबकारी विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 जून 2026 को अल सुबह मुखबिर की सूचना पर छावनी पठार, बंजारा बस्ती, ट्रांसपोर्ट नगर कोकता और हरिपुरा में छापेमारी की। कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन तथा सहायक आबकारी आयुक्त श्री वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी श्री आर.जी. भदौरिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान कुल 600
किलोग्राम महुआ लाहन और 35 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। इस संबंध में मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 (संशोधन 2000) की धारा 34 (1) क, च के तहत कुल पाँच प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इस कार्रवाई में पकड़े गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है: गीता बाई (पति विजय पंजाबी, 26 वर्ष, निवासी छावनी पठार भोपाल), सुगना बाई (पति प्रभुलाल बंजारा, 50 वर्ष,
निवासी कोकता ट्रांसपोर्ट नगर भोपाल), निशा (पति रतन पंजाबी, 37 वर्ष, निवासी छावनी पठार भोपाल), डुली बाई (पति विजय बंजारा, 45 वर्ष, निवासी डेरी कोकता भोपाल) और बसंती बाई (पति हेमंत बंजारा, 40 वर्ष, निवासी हरिपुरा भोपाल)। जब्त किए गए अवैध लाहन और मदिरा की कुल कीमत 67,000 रुपये आंकी गई है। मौके पर महुआ लाहन के नमूने लेकर उसे नष्ट कर दिया गया, जबकि सभी
दर्ज प्रकरणों में विवेचना जारी है। यह कार्रवाई वृत्त प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा द्वारा की गई थी, जिसमें सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके, सुरेन्द्र देवांगन, महेश विश्वकर्मा, विवेक सक्सेना, आबकारी उपनिरीक्षक स्वाति बघेल, चंदर सिंह और जिला आबकारी बल का सराहनीय योगदान रहा। सहायक आयुक्त आबकारी श्री वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया है कि इस प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेंगी।
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ी खबर के तहत टी टी नगर पुलिस ने कांग्रेस नेता मुजाहिद सिद्दीकी सहित कई अन्य कांग्रेसी नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है।3
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की है। यह भेंट मुख्यमंत्री आवास पर हुई।1
- राज्यसभा चुनाव को लेकर मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज होने के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस बिना किसी ठोस मुद्दे के राज्यसभा चुनाव को लेकर बेवजह विवाद खड़ा कर रही थी। उन्होंने बताया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होना पूरी तरह से तकनीकी कारणों से हुआ था, और कांग्रेस ने यह सब जानबूझकर किया। मंत्री के अनुसार, कांग्रेस को यह बात अच्छी तरह पता थी कि अगर तीसरी सीट पर चुनाव होता तो भाजपा ही जीतती। क्रॉस वोटिंग के डर और अपनी साख बचाने के लिए कांग्रेस ने कथित तौर पर झूठा फॉर्म भरा, और जब यह फॉर्म खारिज हुआ तो राजनीतिक स्टंटबाजी शुरू कर दी। मंत्री सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले से 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर दिया है। कांग्रेस की याचिका खारिज होने से यह एक बार फिर साबित हो गया है कि वह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मजाक उड़ाती है और उनके साथ छेड़छाड़ करती है। सारंग ने दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि वे सुप्रीम कोर्ट को ही चोर बता रहे हैं, जो कांग्रेस की अलोकतांत्रिक मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को सही बताया और कांग्रेस पर बेईमानी की राह पर चलने का आरोप लगाया।1
- भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस विधायकों के कथित बिगड़े बोल पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शर्मा ने इस संदर्भ में स्पष्ट रूप से कहा कि आंदोलन और प्रदर्शन को हमेशा लोकतांत्रिक तरीके से ही किया जाना चाहिए।1
- भोपाल के हुजूर क्षेत्र से एक शिकायत प्राप्त हुई है, जिसमें बताया गया है कि गलियों की सफाई नहीं हो रही है। शिकायतकर्ता के अनुसार, गलियों में काफी समय से 'पैसा' पड़ा हुआ है, लेकिन 'ब्लड वाले' भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, शिकायतकर्ता ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।1
- भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग ने मीनाक्षी नटराजन की याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह राज्यसभा चुनाव को लेकर बिना किसी ठोस मुद्दे के विवाद खड़ा कर रही है। मंत्री सारंग के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म रद्द होना पूरी तरह से तकनीकी मामला था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने यह सब जानबूझकर किया, क्योंकि उन्हें पता था कि यदि तीसरी सीट पर चुनाव होता तो भाजपा ही जीतती। कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग के डर और अपनी इज्जत बचाने के लिए एक 'झूठा फॉर्म' भरा, और जब फॉर्म खारिज हो गया तो उन्होंने 'राजनीतिक स्टंटबाजी' शुरू कर दी। विश्वास सारंग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 'दूध का दूध और पानी का पानी' कर दिया है। कांग्रेस की याचिका खारिज होने से यह एक बार फिर स्थापित हो गया है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं का मज़ाक उड़ाती है और उनके साथ छेड़छाड़ करती है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को 'सही निर्णय' बताया। मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह जैसे नेता सुप्रीम कोर्ट को ही 'चोर' कह रहे हैं, जो कांग्रेस की 'अलोकतांत्रिक मानसिकता' का परिचायक है। अंत में, सारंग ने कहा कि कांग्रेस 'बेईमानी की राह' पर चलती है।1
- मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से आज कोई राहत नहीं मिली है, जिससे उनके मामले की स्थिति यथावत है। अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट कल करेगा। इसी बीच, बीजेपी के उम्मीदवारों को आज जीत का प्रमाण पत्र मिलेगा। इस घटनाक्रम पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि हाईकमान को सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा, जबकि केंद्रीय चुनाव आयोग के पास अधिकार होने के बावजूद वह कल इस मामले में फैसला दे सकता था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए एक 'रबर स्टाम्प' के तौर पर काम कर रहा है और रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं। सिंघार ने न्याय में इतनी देरी पर सवाल उठाते हुए दोहराया कि आयोग बीजेपी के हिसाब से काम कर रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि यदि आज सुनवाई हो जाती तो कांग्रेस को स्टे मिल जाता। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोर्ट को कल इस महत्वपूर्ण मामले में फैसला देकर एक नजीर कायम करनी चाहिए।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ बार-बार हो रही बिजली कटौती से परेशान होकर एक भाजपा नेता ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक जूनियर इंजीनियर (JE) को जमकर पीट दिया। इस घटना के बाद सामने आई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, जे.ई. साहब का कान का पर्दा फट गया है, और आशंका जताई जा रही है कि उन्हें और भी कई गंभीर चोटें आई होंगी। यह पूरा मामला अब स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।1