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प्रदर्शन की जिम्मेदारी से बचा जा सकता है क्या? CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस पर डॉ. सैयद रिजवान अहमद ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब पेपर लीक के मामले में धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की जा सकती है, तो फिर आंदोलन के नेतृत्व से हिंसा और तोड़फोड़ पर जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जा सकती?" लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन नेतृत्व के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है। यदि नैतिक जिम्मेदारी का सिद्धांत सरकार पर लागू होता है, तो वही सिद्धांत आंदोलनों के नेतृत्व पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।

8 hrs ago
user_PUBLIC MEDIA NEWS
PUBLIC MEDIA NEWS
Local News Reporter Alirajpur, Madhya Pradesh•
8 hrs ago
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प्रदर्शन की जिम्मेदारी से बचा जा सकता है क्या? CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। इस पर डॉ. सैयद रिजवान अहमद ने सवाल उठाते हुए कहा, "जब पेपर लीक के मामले में धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की जा सकती है, तो फिर आंदोलन के नेतृत्व से हिंसा और तोड़फोड़ पर जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जा सकती?" लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन नेतृत्व के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है। यदि नैतिक जिम्मेदारी का सिद्धांत सरकार पर लागू होता है, तो वही सिद्धांत आंदोलनों के नेतृत्व पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।

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  • विपक्ष ने आज संसद में विरोध के दौरान एक शॉर्ट प्ले किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर आए। राहुल गांधी ने भी चंदा दानपात्र में डाला और पुजारी अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए। फिर पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भाग गए
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    विपक्ष ने आज संसद में विरोध के दौरान एक शॉर्ट प्ले किया। सांसद पप्पू यादव पुजारी बनकर आए। राहुल गांधी ने भी चंदा दानपात्र में डाला और पुजारी अयोध्या सांसद के पैर छूते दिखाई दिए। फिर पुजारी बने पप्पू यादव दानपात्र लेकर भाग गए
    user_PUBLIC MEDIA NEWS
    PUBLIC MEDIA NEWS
    Local News Reporter Alirajpur, Madhya Pradesh•
    8 hrs ago
  • ककराना बाजार नर्मदा तट
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    ककराना बाजार नर्मदा तट
    user_Media samaj sevak
    Media samaj sevak
    Farmer Alirajpur, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। _निवाली, सेंधवा संवाददाता: राजा शर्मा / सुनील सोनी_ *"भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है" : निवाली में गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई श्री शिवमहापुराण कथा* *निवाली, सेंधवा1 जुलाई शनिवार* - नगर की कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में *श्री शिवमहापुराण कथा* का भव्य शुभारंभ शनिवार को हुआ। कथा का वाचन जगद्गुरु संत *गोपेश्वरदेव महाराज* दोपहर दो बजे से कथा विश्राम तक कर रहे हैं। *शोभायात्रा से हुआ कथा का आगाज* कथा से पूर्व श्री सत्यनारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और भजनों के साथ निकली इस कलशयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर श्याम बाजार, राम बाजार और किला परिसर होते हुए कथा स्थल कृषि उपज मंडी पहुंची। मार्ग में भक्तजन भजनों और गरबा पर झूमते हुए चले। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने शोभायात्रा का स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन कर श्रद्धालुओं ने सिर पर पुराण की प्रति धारण की। विशेष रूप से सजाए गए रथ पर कथावाचक गोपेश्वरदेव महाराज विराजित थे। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, वहीं राम बाजार में पालीवाल समाज ने भव्य स्वागत किया। "शिव की भक्ति से महापों का भी नाश"* कथा के पहले दिन कथावाचक ने कहा कि *जो व्यक्ति भगवान शिव की महापुराण सुन लेता है, उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते*। भगवान अत्यंत दयालु हैं। शिव की भक्ति से बड़े से बड़े पापों का भी नाश हो जाता है। महाराज ने कहा, "भगवान को कपट और छल पसंद नहीं है। उन्हें निर्मल मन भाता है। भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि जो मेरा ध्यान करते हुए शरीर त्यागता है, मैं उसका कल्याण करता हूं। *भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन से भगवान की भक्ति होगी, तभी जीवन सफल होगा।*" *विपत्ति में होती है चारों की परीक्षा* प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा: *"धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी"* अर्थात धैर्य, धर्म, मित्र और नारी - इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति के समय ही होती है। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखना चाहिए और मित्र की पहचान भी बुरे समय में ही होती है। कथा में यह भी बताया गया कि भगवान शिव को *केतकी का पुष्प क्यों नहीं चढ़ाया जाता*। कथा के अनुसार केतकी पुष्प ने एक बार ब्रह्मा जी के पक्ष में शिव जी के विरुद्ध झूठ बोला था, जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया। कथा का अमृतपान करने सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जल की व्यवस्था की थी। --- 🙏 _खबर को लाइक करें, शेयर करें और धन्यवाद_ --- भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। (राजा शर्मा/ सुनील सोनी) निवाली, सेंधवा 1 जुलाई शनिवार, नगर के कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में श्री शिवमहापुराण कथा प्रारंभ शनिवार को हुआ। कथा के पहले श्री सत्यनारायण मंदिर से शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ प्रारंभ हुआ। भजनों, गरबा पर झूमे श्रद्धालु शोभायात्रा, कलशयात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई जो श्याम बाजार, राम बाजार, किला परिसर होते हुए कथा स्थल पहुंची। भजनों, गरबा के साथ श्रद्धालु खूब झूमे। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन किया गया। श्रद्धालु सिर पर पुराण की प्रति लेकर शोभायात्रा में चले। विशेष रथ पर कथावाचक जगद्गुरु संत गोपेश्वरदेव महाराज विराजित हुए। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने स्वागत किया। राम बाजार में पालीवाल समाज ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भक्त को यमलोक में नहीं रहने देते है शिव जो भगवान शिव की महापुराण को सुन लेता है उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते है। भगवान दयालु है। शिव की भक्ति से महापापों का भी नाश हो जाता है। शिवमहापुराण कथा में भगवान शिव ने कहा है कि मेरा ध्यान करते हुए कोई भी शरीर त्यागता है तो में उसका कल्याण करता हु। भगवान को कपट छल छिद्र पसंद नहीं है। वह कहते है मुझे निर्मल मन अच्छा लगता है। भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। विपरीत समय में धैर्य, मित्र की परीक्षा होती है कथा वाचक ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि धीरज धरम मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी। इसका अर्थ यह है कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी (नारी)—इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति या संकट के समय ही होती है। विपरीत परिस्थिति में धैर्य होना चाहिए, मित्र की असली परीक्षा बुरे समय में होती है कथा का अमृतमयी सैकड़ों भक्तों ने रसपान किया भक्तों को केतकी का पुष्प भगवान को क्यों नही चढता इसकी कथा भी सुनाई केतकी पुष्प ने ब्रह्मा के पक्ष मे शिव के विरुद्ध झूठ झूठ बोला था जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया
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    भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। 
_निवाली, सेंधवा संवाददाता: राजा शर्मा / सुनील सोनी_
*"भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है" : निवाली में गाजे-बाजे के साथ शुरू हुई श्री शिवमहापुराण कथा*
*निवाली, सेंधवा1 जुलाई शनिवार* - नगर की कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में *श्री शिवमहापुराण कथा* का भव्य शुभारंभ शनिवार को हुआ। कथा का वाचन जगद्गुरु संत *गोपेश्वरदेव महाराज* दोपहर दो बजे से कथा विश्राम तक कर रहे हैं।
*शोभायात्रा से हुआ कथा का आगाज*
कथा से पूर्व श्री सत्यनारायण मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों और भजनों के साथ निकली इस कलशयात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ होकर श्याम बाजार, राम बाजार और किला परिसर होते हुए कथा स्थल कृषि उपज मंडी पहुंची।
मार्ग में भक्तजन भजनों और गरबा पर झूमते हुए चले। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने शोभायात्रा का स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन कर श्रद्धालुओं ने सिर पर पुराण की प्रति धारण की। विशेष रूप से सजाए गए रथ पर कथावाचक गोपेश्वरदेव महाराज विराजित थे। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, वहीं राम बाजार में पालीवाल समाज ने भव्य स्वागत किया।
"शिव की भक्ति से महापों का भी नाश"*
कथा के पहले दिन कथावाचक ने कहा कि *जो व्यक्ति भगवान शिव की महापुराण सुन लेता है, उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते*। भगवान अत्यंत दयालु हैं। शिव की भक्ति से बड़े से बड़े पापों का भी नाश हो जाता है। 
महाराज ने कहा, "भगवान को कपट और छल पसंद नहीं है। उन्हें निर्मल मन भाता है। भगवान शिव स्वयं कहते हैं कि जो मेरा ध्यान करते हुए शरीर त्यागता है, मैं उसका कल्याण करता हूं। *भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन से भगवान की भक्ति होगी, तभी जीवन सफल होगा।*"
*विपत्ति में होती है चारों की परीक्षा*
प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा: 
*"धीरज, धर्म, मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी"* 
अर्थात धैर्य, धर्म, मित्र और नारी - इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति के समय ही होती है। विपरीत परिस्थितियों में धैर्य रखना चाहिए और मित्र की पहचान भी बुरे समय में ही होती है।
कथा में यह भी बताया गया कि भगवान शिव को *केतकी का पुष्प क्यों नहीं चढ़ाया जाता*। कथा के अनुसार केतकी पुष्प ने एक बार ब्रह्मा जी के पक्ष में शिव जी के विरुद्ध झूठ बोला था, जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया।
कथा का अमृतपान करने सैकड़ों भक्तजन उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और जल की व्यवस्था की थी।
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🙏 _खबर को लाइक करें, शेयर करें और धन्यवाद_
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भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। 
(राजा शर्मा/ सुनील सोनी) 
निवाली, सेंधवा 1 जुलाई शनिवार, 
नगर के कृषि उपज मंडी स्थित शेड में गौरीशंकर कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में श्री शिवमहापुराण कथा प्रारंभ शनिवार को हुआ। कथा के पहले श्री सत्यनारायण मंदिर से शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ प्रारंभ हुआ। 
भजनों, गरबा पर झूमे श्रद्धालु
शोभायात्रा, कलशयात्रा सत्यनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई जो श्याम बाजार, राम बाजार, किला परिसर होते हुए कथा स्थल पहुंची। भजनों, गरबा के साथ श्रद्धालु खूब झूमे। मंदिर परिसर में अग्रवाल समाज ने स्वागत किया। सत्यनारायण मंदिर में विधिवत श्री शिवमहापुराण का पूजन किया गया। श्रद्धालु सिर पर पुराण की प्रति लेकर शोभायात्रा में चले। विशेष रथ पर कथावाचक जगद्गुरु संत गोपेश्वरदेव महाराज विराजित हुए। श्याम बाजार में अनेक परिवारों ने स्वागत किया। राम बाजार में पालीवाल समाज ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। 
भक्त को यमलोक में नहीं रहने देते है शिव
जो भगवान शिव की महापुराण को सुन लेता है उसे शिव यमलोक में नहीं रहने देते है। भगवान दयालु है। शिव की भक्ति से महापापों का भी नाश हो जाता है। शिवमहापुराण कथा में भगवान शिव ने कहा है कि
मेरा ध्यान करते हुए कोई भी शरीर त्यागता है तो में उसका कल्याण करता हु। भगवान को कपट छल छिद्र पसंद नहीं है। वह कहते है मुझे निर्मल मन अच्छा लगता है। भगवान की भक्ति से ही मन निर्मल होता है। जब सच्चे मन ने भगवान की भक्ति होगी। 
विपरीत समय में धैर्य, मित्र की परीक्षा होती है
कथा वाचक ने प्रसंग सुनाते हुए कहा कि धीरज धरम मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी। इसका अर्थ यह है कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी (नारी)—इन चारों की असली परीक्षा विपत्ति या संकट के समय ही होती है। विपरीत परिस्थिति में धैर्य होना चाहिए, मित्र की असली परीक्षा बुरे समय में होती है 
कथा का अमृतमयी सैकड़ों भक्तों ने रसपान किया भक्तों को केतकी का पुष्प भगवान को क्यों नही चढता इसकी कथा भी सुनाई केतकी पुष्प ने ब्रह्मा के पक्ष मे शिव के विरुद्ध झूठ झूठ बोला था जिससे नाराज होकर शिव ने केतकी पुष्प का त्याग कर दिया
    user_Sunil Soni
    Sunil Soni
    Niwali, Barwani•
    31 min ago
  • वृक्ष हमारे पृथ्वी की धरोहर है इसका संतुलन बनाए रखना हमारा कर्तव्य लालजी भाई पाटीदार बिलोदा घोड़ी वाले ने मेरी नाव बस्ती में जबकि मैं वह उपस्थित नहीं था और वहां उसने मेरे नेम कटवा दिए इसलिए मैं शिकायत कर रहा हूं क्योंकि जिला वृक्ष काटना मतलब एक जीवित मनुष्य के काटने के बराबर है इसलिए मैंने वीडियो अपलोड किया कृपया करके प्रशासन कोई सख्त कदम उठाए तो अच्छी बात है मानवाधिकार सुरक्षा संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन जिला अध्यक्ष डेनी पटेल
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    वृक्ष हमारे पृथ्वी की धरोहर है इसका संतुलन बनाए रखना हमारा कर्तव्य 
लालजी भाई पाटीदार बिलोदा घोड़ी वाले ने मेरी नाव बस्ती में जबकि मैं वह उपस्थित नहीं था और वहां उसने मेरे नेम कटवा दिए इसलिए मैं शिकायत कर रहा हूं क्योंकि जिला वृक्ष काटना मतलब एक जीवित मनुष्य के काटने के बराबर है इसलिए मैंने वीडियो अपलोड किया कृपया करके प्रशासन कोई सख्त कदम उठाए तो अच्छी बात है मानवाधिकार सुरक्षा संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन जिला अध्यक्ष डेनी पटेल
    user_Dainy patel
    Dainy patel
    Building society अरथुना, बांसवाड़ा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान का समापन, 300 पौधों का रोपण बड़वानी। बड़वानी पुलिस द्वारा चलाए गए "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान का सफल समापन थाना वरला क्षेत्र के रोजानीमाल स्थित कुपसदेव मंदिर पहाड़ी पर किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर करीब 300 पौधे लगाए। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेल तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में डीएफओ आई.एस. गाडरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी अजय वाघमारे समेत कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। बड़वानी पुलिस ने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।
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    नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0 अभियान का समापन, 300 पौधों का रोपण
बड़वानी। बड़वानी पुलिस द्वारा चलाए गए "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान का सफल समापन थाना वरला क्षेत्र के रोजानीमाल स्थित कुपसदेव मंदिर पहाड़ी पर किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, समाजसेवियों और ग्रामीणों ने मिलकर करीब 300 पौधे लगाए।
पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और शिक्षा, खेल तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में डीएफओ आई.एस. गाडरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर, एसडीओपी अजय वाघमारे समेत कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। बड़वानी पुलिस ने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बारिश का कहर: शेगांव रोड का पुल डूबा, स्कूली बच्चों और किसानों की बढ़ी परेशानी नागलवाड़ी। पिछले लगभग 18 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नागलवाड़ी क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। शेगांव रोड स्थित नाले के पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। वहीं, ओझर की डेब नदी भी पूरे उफान पर दिखाई दी। लगातार बारिश के कारण आसपास की कई दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल काफी नीचे बना हुआ है, इसलिए हर वर्ष बरसात के दौरान यहां पानी भर जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग किसानों, स्कूली बच्चों और भिलट देव शिखर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल पर रेलिंग नहीं होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की ऊंचाई बढ़ाने, चौड़ीकरण कराने और दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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    बारिश का कहर: शेगांव रोड का पुल डूबा, स्कूली बच्चों और किसानों की बढ़ी परेशानी
नागलवाड़ी। पिछले लगभग 18 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नागलवाड़ी क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर हैं। शेगांव रोड स्थित नाले के पुल के ऊपर से पानी बहने लगा, जिससे आवागमन प्रभावित हो गया। वहीं, ओझर की डेब नदी भी पूरे उफान पर दिखाई दी।
लगातार बारिश के कारण आसपास की कई दुकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पुल काफी नीचे बना हुआ है, इसलिए हर वर्ष बरसात के दौरान यहां पानी भर जाता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
यह मार्ग किसानों, स्कूली बच्चों और भिलट देव शिखर धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने बताया कि पुल पर रेलिंग नहीं होने के कारण खतरा और बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की ऊंचाई बढ़ाने, चौड़ीकरण कराने और दोनों ओर मजबूत रेलिंग लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
    user_Allrounder Rahul Gupta
    Allrounder Rahul Gupta
    पत्रकार राजपुर, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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