*शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष की आपत्ति पर जनपद सदस्य जगमोहन बघेल का पलटवार* *🟠विधायक निधि से हुए काम पर नाम खोजने से पहले भाजपा जनप्रतिनिधि अपने काम और अपनी निधि का हिसाब सार्वजनिक करें* *🟠ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में विधायक निधि से स्वीकृत 6.40 लाख रुपये की सीसी सड़क निर्माण कार्य की शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती खेमेश्वरी बघेल द्वारा की गई टिप्पणी पर जनपद सदस्य श्री जगमोहन बघेल ने कड़ा पलटवार किया है* *🟠उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राजनीति करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिस निधि से कार्य स्वीकृत हुआ है, उसका श्रेय और उल्लेख उसी के अनुरूप होना चाहिए विधायक निधि से बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल द्वारा ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा को 6.40 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है ऐसे में शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना केवल राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को नाम की चिंता इतनी ही है तो पहले भाजपा के जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछना चाहिए कि जिन विकास कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम होना चाहिए था, वहां उनका नाम क्यों नहीं रखा गया?* *🟠उन्होंने कहा कि करपावंड पंचायत में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से वर्ष 2025-26 में लगभग 20.30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति वाले कार्य का भूमिपूजन बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप की उपस्थिति में हुआ उसी दौरान सांसद निधि से लगभग 4.86 लाख रुपये की लागत से बीजागुड़ा में अलेख महिमा गुड़ी के समीप शेड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ यदि छोटे देवड़ा की शिलान्यास पट्टी पर विधायक का नाम नहीं होने को भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इतना बड़ा मुद्दा मानती हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि करपावंड में निर्वाचित विधायक श्री लखेश्वर बघेल का नाम क्यों नहीं था?* *🟠क्या यह भी भाजपा की वही “सबका साथ, सबका विकास” वाली नीति है?* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि यह सवाल केवल एक नाम का नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा का है यदि किसी कार्य में विधायक का नाम जानबूझकर नहीं रखा गया, तो क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई? क्या भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जताई? या फिर सत्ता के दबाव में अधिकारियों को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की छूट मिली हुई है?* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि पूरे बस्तर विधानसभा क्षेत्र में घूमकर देख लें कि किस जनप्रतिनिधि ने अपनी निधि से कितने काम कराए हैं और उन कार्यों की शिलान्यास पट्टियों पर किन-किन लोगों के नाम अंकित हैं यदि वे नाम को लेकर सवाल उठा रही हैं तो सबसे पहले अपनी जनपद सदस्य निधि से कराए गए कार्यों की पूरी सूची और शिलान्यास पट्टियों का विवरण सार्वजनिक करें* *🟠दूसरों पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन अपनी निधि और अपने काम का हिसाब देना भी जरूरी है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल की पहचान किसी शिलान्यास पट्टी पर लिखे नाम की मोहताज नहीं है जनता के बीच रहना, गांव-गांव पहुंचना, छोटे-बड़े हर व्यक्ति की बात सुनना और आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराना ही उनकी वास्तविक पहचान है जनता उनके काम और व्यवहार को देख रही है* *🟠उन्होंने कहा कि यदि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने नाम की राजनीति शुरू की है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि बस्तर विधानसभा में लंबे समय तक भाजपा के विधायक रहे, प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार रहने के बावजूद क्षेत्र के लिए कितने ठोस और स्थायी विकास कार्य किए गए केवल “सबका साथ, सबका विकास” का नारा लगाने से विकास नहीं होता, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि कांग्रेस किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान के खिलाफ नहीं है लेकिन यदि भाजपा की ओर से राजनीतिक मर्यादा की शुरुआत नाम और शिलान्यास पट्टियों से की जा रही है, तो उसी कसौटी पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के कार्यों और व्यवहार का भी मूल्यांकन होगा* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष से अपील की कि शिलान्यास पट्टी पर नाम ढूंढने की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाएं और बताएं कि उनके क्षेत्र में उनकी अपनी निधि से कितने काम हुए हैं जनता को नाम नहीं, काम चाहिए और विकास के नाम पर राजनीति करने वालों से जनता अब हिसाब भी मांग रही है* *शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष की आपत्ति पर जनपद सदस्य जगमोहन बघेल का पलटवार* *🟠विधायक निधि से हुए काम पर नाम खोजने से पहले भाजपा जनप्रतिनिधि अपने काम और अपनी निधि का हिसाब सार्वजनिक करें* *🟠ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में विधायक निधि से स्वीकृत 6.40 लाख रुपये की सीसी सड़क निर्माण कार्य की शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती खेमेश्वरी बघेल द्वारा की गई टिप्पणी पर जनपद सदस्य श्री जगमोहन बघेल ने कड़ा पलटवार किया है* *🟠उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राजनीति करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिस निधि से कार्य स्वीकृत हुआ है, उसका श्रेय और उल्लेख उसी के अनुरूप होना चाहिए विधायक निधि से बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल द्वारा ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा को 6.40 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है ऐसे में शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना केवल राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को नाम की चिंता इतनी ही है तो पहले भाजपा के जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछना चाहिए कि जिन विकास कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम होना चाहिए था, वहां उनका नाम क्यों नहीं रखा गया?* *🟠उन्होंने कहा कि करपावंड पंचायत में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से वर्ष 2025-26 में लगभग 20.30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति वाले कार्य का भूमिपूजन बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप की उपस्थिति में हुआ उसी दौरान सांसद निधि से लगभग 4.86 लाख रुपये की लागत से बीजागुड़ा में अलेख महिमा गुड़ी के समीप शेड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ यदि छोटे देवड़ा की शिलान्यास पट्टी पर विधायक का नाम नहीं होने को भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इतना बड़ा मुद्दा मानती हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि करपावंड में निर्वाचित विधायक श्री लखेश्वर बघेल का नाम क्यों नहीं था?* *🟠क्या यह भी भाजपा की वही “सबका साथ, सबका विकास” वाली नीति है?* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि यह सवाल केवल एक नाम का नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा का है यदि किसी कार्य में विधायक का नाम जानबूझकर नहीं रखा गया, तो क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई? क्या भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जताई? या फिर सत्ता के दबाव में अधिकारियों को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की छूट मिली हुई है?* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि पूरे बस्तर विधानसभा क्षेत्र में घूमकर देख लें कि किस जनप्रतिनिधि ने अपनी निधि से कितने काम कराए हैं और उन कार्यों की शिलान्यास पट्टियों पर किन-किन लोगों के नाम अंकित हैं यदि वे नाम को लेकर सवाल उठा रही हैं तो सबसे पहले अपनी जनपद सदस्य निधि से कराए गए कार्यों की पूरी सूची और शिलान्यास पट्टियों का विवरण सार्वजनिक करें* *🟠दूसरों पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन अपनी निधि और अपने काम का हिसाब देना भी जरूरी है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल की पहचान किसी शिलान्यास पट्टी पर लिखे नाम की मोहताज नहीं है जनता के बीच रहना, गांव-गांव पहुंचना, छोटे-बड़े हर व्यक्ति की बात सुनना और आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराना ही उनकी वास्तविक पहचान है जनता उनके काम और व्यवहार को देख रही है* *🟠उन्होंने कहा कि यदि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने नाम की राजनीति शुरू की है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि बस्तर विधानसभा में लंबे समय तक भाजपा के विधायक रहे, प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार रहने के बावजूद क्षेत्र के लिए कितने ठोस और स्थायी विकास कार्य किए गए केवल “सबका साथ, सबका विकास” का नारा लगाने से विकास नहीं होता, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि कांग्रेस किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान के खिलाफ नहीं है लेकिन यदि भाजपा की ओर से राजनीतिक मर्यादा की शुरुआत नाम और शिलान्यास पट्टियों से की जा रही है, तो उसी कसौटी पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के कार्यों और व्यवहार का भी मूल्यांकन होगा* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष से अपील की कि शिलान्यास पट्टी पर नाम ढूंढने की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाएं और बताएं कि उनके क्षेत्र में उनकी अपनी निधि से कितने काम हुए हैं जनता को नाम नहीं, काम चाहिए और विकास के नाम पर राजनीति करने वालों से जनता अब हिसाब भी मांग रही है*
*शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष की आपत्ति पर जनपद सदस्य जगमोहन बघेल का पलटवार* *🟠विधायक निधि से हुए काम पर नाम खोजने से पहले भाजपा जनप्रतिनिधि अपने काम और अपनी निधि का हिसाब सार्वजनिक करें* *🟠ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में विधायक निधि से स्वीकृत 6.40 लाख रुपये की सीसी सड़क निर्माण कार्य की शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती खेमेश्वरी बघेल द्वारा की गई टिप्पणी पर जनपद सदस्य श्री जगमोहन बघेल ने कड़ा पलटवार किया है* *🟠उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राजनीति करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिस निधि से कार्य स्वीकृत हुआ है, उसका श्रेय और उल्लेख उसी के अनुरूप होना चाहिए विधायक निधि से बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल द्वारा ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा को 6.40 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है ऐसे में शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना केवल राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को नाम की चिंता इतनी ही है तो पहले भाजपा के जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछना चाहिए कि जिन विकास कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम होना चाहिए था, वहां उनका नाम क्यों नहीं रखा गया?* *🟠उन्होंने कहा कि करपावंड पंचायत में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से वर्ष 2025-26 में लगभग 20.30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति वाले कार्य का भूमिपूजन बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप की उपस्थिति में हुआ उसी दौरान सांसद निधि से लगभग 4.86 लाख रुपये की लागत से बीजागुड़ा में अलेख महिमा गुड़ी के समीप शेड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ यदि छोटे देवड़ा की शिलान्यास पट्टी पर विधायक का नाम नहीं होने को भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इतना बड़ा मुद्दा मानती हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि करपावंड में निर्वाचित विधायक श्री लखेश्वर बघेल का नाम क्यों नहीं था?* *🟠क्या यह भी भाजपा की वही “सबका साथ, सबका विकास” वाली नीति है?* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि यह सवाल केवल एक नाम का नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा का है यदि किसी कार्य में विधायक का नाम जानबूझकर नहीं रखा गया, तो क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई? क्या भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जताई? या फिर सत्ता के दबाव में अधिकारियों को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की छूट मिली हुई है?* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि पूरे बस्तर विधानसभा क्षेत्र में घूमकर देख लें कि किस जनप्रतिनिधि ने अपनी निधि से कितने काम कराए हैं और उन कार्यों की शिलान्यास पट्टियों पर किन-किन लोगों के नाम अंकित हैं यदि वे नाम को लेकर सवाल उठा रही हैं तो सबसे पहले अपनी जनपद सदस्य निधि से कराए गए कार्यों की पूरी सूची और शिलान्यास पट्टियों का विवरण सार्वजनिक करें* *🟠दूसरों पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन अपनी निधि और अपने काम का हिसाब देना भी जरूरी है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल की पहचान किसी शिलान्यास पट्टी पर लिखे नाम की मोहताज नहीं है जनता के बीच रहना, गांव-गांव पहुंचना, छोटे-बड़े हर व्यक्ति की बात सुनना और आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराना ही उनकी वास्तविक पहचान है जनता उनके काम और व्यवहार को देख रही है* *🟠उन्होंने कहा कि यदि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने नाम की राजनीति शुरू की है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि बस्तर विधानसभा में लंबे समय तक भाजपा के विधायक रहे, प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार रहने के बावजूद क्षेत्र के लिए कितने ठोस और स्थायी विकास कार्य किए गए केवल “सबका साथ, सबका विकास” का नारा लगाने से विकास नहीं होता, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि कांग्रेस किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान के खिलाफ नहीं है लेकिन यदि भाजपा की ओर से राजनीतिक मर्यादा की शुरुआत नाम और शिलान्यास पट्टियों से की जा रही है, तो उसी कसौटी पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के कार्यों और व्यवहार का भी मूल्यांकन होगा* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष से अपील की कि शिलान्यास पट्टी पर नाम ढूंढने की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाएं और बताएं कि उनके क्षेत्र में उनकी अपनी निधि से कितने काम हुए हैं जनता को नाम नहीं, काम चाहिए और विकास के नाम पर राजनीति करने वालों से जनता अब हिसाब भी मांग रही है* *शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष की आपत्ति पर जनपद सदस्य जगमोहन बघेल का पलटवार* *🟠विधायक निधि से हुए काम पर नाम खोजने से पहले भाजपा जनप्रतिनिधि अपने काम और अपनी निधि का हिसाब सार्वजनिक करें* *🟠ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में विधायक निधि से स्वीकृत 6.40 लाख रुपये की सीसी सड़क निर्माण कार्य की शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती खेमेश्वरी बघेल द्वारा की गई टिप्पणी पर जनपद सदस्य श्री जगमोहन बघेल ने कड़ा पलटवार किया है* *🟠उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर राजनीति करने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिस निधि से कार्य स्वीकृत हुआ है, उसका श्रेय और उल्लेख उसी के अनुरूप होना चाहिए विधायक निधि से बस्तर विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष श्री लखेश्वर बघेल द्वारा ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा को 6.40 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है ऐसे में शिलान्यास पट्टी पर नाम को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना केवल राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को नाम की चिंता इतनी ही है तो पहले भाजपा के जनप्रतिनिधियों से यह सवाल पूछना चाहिए कि जिन विकास कार्यों में क्षेत्र के निर्वाचित विधायक का नाम होना चाहिए था, वहां उनका नाम क्यों नहीं रखा गया?* *🟠उन्होंने कहा कि करपावंड पंचायत में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से वर्ष 2025-26 में लगभग 20.30 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति वाले कार्य का भूमिपूजन बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप की उपस्थिति में हुआ उसी दौरान सांसद निधि से लगभग 4.86 लाख रुपये की लागत से बीजागुड़ा में अलेख महिमा गुड़ी के समीप शेड निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन हुआ यदि छोटे देवड़ा की शिलान्यास पट्टी पर विधायक का नाम नहीं होने को भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष इतना बड़ा मुद्दा मानती हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि करपावंड में निर्वाचित विधायक श्री लखेश्वर बघेल का नाम क्यों नहीं था?* *🟠क्या यह भी भाजपा की वही “सबका साथ, सबका विकास” वाली नीति है?* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि यह सवाल केवल एक नाम का नहीं, बल्कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक मर्यादा का है यदि किसी कार्य में विधायक का नाम जानबूझकर नहीं रखा गया, तो क्या संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई? क्या भाजपा के जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति जताई? या फिर सत्ता के दबाव में अधिकारियों को अपनी सुविधा के अनुसार काम करने की छूट मिली हुई है?* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि पूरे बस्तर विधानसभा क्षेत्र में घूमकर देख लें कि किस जनप्रतिनिधि ने अपनी निधि से कितने काम कराए हैं और उन कार्यों की शिलान्यास पट्टियों पर किन-किन लोगों के नाम अंकित हैं यदि वे नाम को लेकर सवाल उठा रही हैं तो सबसे पहले अपनी जनपद सदस्य निधि से कराए गए कार्यों की पूरी सूची और शिलान्यास पट्टियों का विवरण सार्वजनिक करें* *🟠दूसरों पर उंगली उठाना आसान है, लेकिन अपनी निधि और अपने काम का हिसाब देना भी जरूरी है* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि बस्तर विधायक श्री लखेश्वर बघेल की पहचान किसी शिलान्यास पट्टी पर लिखे नाम की मोहताज नहीं है जनता के बीच रहना, गांव-गांव पहुंचना, छोटे-बड़े हर व्यक्ति की बात सुनना और आवश्यकता के अनुसार विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध कराना ही उनकी वास्तविक पहचान है जनता उनके काम और व्यवहार को देख रही है* *🟠उन्होंने कहा कि यदि भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष ने नाम की राजनीति शुरू की है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि बस्तर विधानसभा में लंबे समय तक भाजपा के विधायक रहे, प्रदेश और केंद्र में भाजपा की सरकार रहने के बावजूद क्षेत्र के लिए कितने ठोस और स्थायी विकास कार्य किए गए केवल “सबका साथ, सबका विकास” का नारा लगाने से विकास नहीं होता, बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए* *🟠श्री जगमोहन बघेल ने कहा कि कांग्रेस किसी भी जनप्रतिनिधि के सम्मान के खिलाफ नहीं है लेकिन यदि भाजपा की ओर से राजनीतिक मर्यादा की शुरुआत नाम और शिलान्यास पट्टियों से की जा रही है, तो उसी कसौटी पर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के कार्यों और व्यवहार का भी मूल्यांकन होगा* *🟠उन्होंने भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष से अपील की कि शिलान्यास पट्टी पर नाम ढूंढने की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाएं और बताएं कि उनके क्षेत्र में उनकी अपनी निधि से कितने काम हुए हैं जनता को नाम नहीं, काम चाहिए और विकास के नाम पर राजनीति करने वालों से जनता अब हिसाब भी मांग रही है*
- नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना.... दंतेवाड़ा में नदी तट पर तीज की रौनक, सुहागिनों ने की पूजा-अर्चना। दंतेवाड़ा में तीज पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। नदी के तट पर सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने तीज माता की पूजा कर आशीर्वाद लिया। नदी किनारे तीज पर्व का उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। महिलाओं ने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। वहीं, तीज के अवसर पर नदी तट पर लोगों की चहल-पहल भी बढ़ गई।3
- कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel *✰कौन हैं आदि गणेश और उनकी वास्तविक भक्ति विधि क्या है?✰* अधिक जानकारी के लिए अवश्य देखिए *SANT RAMPAL JI MAHARAJ* YouTube Channel1
- लखनपुरी स्कूल से 290 किलो सरिया चोरी करने वाले चोर को पुलिस ने पकड़ा 15 सितंबर शाम 6 बजे जिला पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के शासकीय प्राथमिक स्कूल से करीब, 300 किलो लोहे का सरिया चोरी करने वाले ईतवारी मण्डावी उम्र 38 वर्ष निवासी दल्लीराजहरा,हाल लखनपुरी, थाना चारामा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से 290 किलो सरिया, पिकअप वाहन और कटर मशीन समेत 4 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति बरामद की। 6 सितंबर को रिपोर्ट के बाद पुलिस ने,100 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी कबूल की। सरिया कटर मशीन से काटकर घर में छिपाया गया था। कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक हेमंत मार्गिया, आरक्षक तरुण सिन्हा, भागीरथी मण्डावी और सहायक आरक्षक शंकर खुंटे शामिल रहे।1
- गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर कांकेर। सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ। दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं। दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा। भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं। विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।1
- नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल1
- त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-व्यापारी बैठक बाजारों में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग पर चर्चा, पुलिस ने किया पैदल पेट्रोलिंग धमतरी। आगामी त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रखने पुलिस और व्यापारी संघ की बैठक हुई। एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर एएसपी डीसी पटेल एवं डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने व्यापारियों से यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाली भीड़, पार्किंग, प्रमुख चौक-चौराहों और आमजन की सुविधा पर चर्चा हुई। पुलिस एवं व्यापारियों ने आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति जताई। बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मकई चौक से सदर बाजार होते हुए इतवारी बाजार तक पैदल पेट्रोलिंग की। इस दौरान यातायात दबाव वाले स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने त्योहारी दिनों में बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी करने की बात कही। व्यापारियों से दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।1