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भारत ने कराची हमले को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना की है। इस प्रतिक्रिया में, भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि उसे 'अपने अंदर झांकना' चाहिए और आतंकवाद से छुटकारा पाने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।

2 hrs ago
user_ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
कृषि कार्य एवं पत्रकारिता ताल, रतलाम, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

भारत ने कराची हमले को लेकर पाकिस्तान द्वारा लगाए गए आरोपों की कड़ी आलोचना की है। इस प्रतिक्रिया में, भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि उसे 'अपने अंदर झांकना' चाहिए और आतंकवाद से छुटकारा पाने के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए।

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  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
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    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जून को कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 को राज्य सरकार 'युवा वर्ष' के रूप में मनाएगी, जबकि 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (जीआईएस) का आयोजन जनवरी में भोपाल में किया जाएगा। ये घोषणाएं अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस-2026 के अवसर पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित 'सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में की गईं, जहां मध्यप्रदेश के सफल उद्यमियों की विकास गाथा पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की और 137 स्टार्टअप्स को 1.5 करोड़ की सहायता राशि दी। 'मध्यप्रदेश निवेश प्रोत्साहन योजना' के तहत वृहद उद्योगों को 1,274 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, साथ ही उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन पत्र और लोन स्वीकृति पत्र भी दिए गए। देवास, पांढुर्ना, टीकमगढ़ और उज्जैन को एमएसएमई भवन की सौगात मिली, वहीं मंदसौर के मुल्तानपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 288 भू-खंड, मंडला में 165, जबलपुर में 61, बैतूल में 50, कटनी के नवीन औद्योगिक क्षेत्र में 68, नीमच के सरगना औद्योगिक क्षेत्र में 127 और खरगोन के डाबरिया औद्योगिक क्षेत्र में 103 भू-खंड आवंटित किए गए। स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए प्ले एंड प्लग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एमएसएमई विभाग के बीच एमओयू भी हस्ताक्षरित किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 4 लाख 41 हजार से अधिक एमएसएमई यूनिट्स का संचालन माताओं-बहनों द्वारा किया जा रहा है और वर्ष 2024 से 2026 के बीच एमएसएमई में नारी शक्ति का प्रतिनिधित्व 59 प्रतिशत बढ़ा है। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास हेतु 16 क्लस्टर निर्मित किए हैं और 14 नए क्लस्टरों पर कार्य जारी है। प्रदेश को ओडीओपी में उल्लेखनीय सफलता मिली है और वर्ष 2025-26 में 20 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र को आधुनिक तरीके से नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा, किसानों को शून्य ब्याज दर पर लोन दिया जाएगा और उन्हें लोन चुकाने के लिए 12 महीने की अवधि मिलेगी, जिसमें 31 मार्च की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। राज्य सरकार वर्ष 2024 को 'गरीब कल्याण वर्ष' और वर्ष 2025 को 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष' के रूप में मना चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 200 से अधिक सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। मध्य प्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और विदेशी निवेश भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें अब तक 9,300 करोड़ का निवेश धरातल पर आया है। कनाडा की मैकमैन कंपनी आगर मालवा में, यूके की दो बड़ी कंपनियां पीथमपुर में, और जापान, चीन, आयरलैंड तथा दक्षिण कोरियाई कंपनियां प्रदेश में निवेश कर रही हैं। राज्य सरकार ने 25 साल पुरानी मांग को पूरा करते हुए कपास पर मंडी शुल्क आधा करके किसानों को सौगात दी है। इसी प्रकार अरहर (तुअर) दाल से जुड़ी परेशानी पर भी सरकार काम कर रही है। प्रत्येक जिले के राजस्व का एक मॉडल तैयार किया जाएगा ताकि स्थानीय अनुकूलता के आधार पर व्यापार-व्यवसाय को प्रोत्साहन मिले।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने उद्योग विकास में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं, जिसका प्रमाण एमएसएमई विभाग का बजट 1100 करोड़ से बढ़कर 2100 करोड़ होना है। पिछले एक साल में लगभग 1200 भूखंड उद्योग स्थापित करने के लिए आवंटित किए गए हैं और आगामी डेढ़ साल में 3000 और भूखंड आवंटित किए जाएंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश के निर्यात का 49 प्रतिशत एमएसएमई सेक्टर से आता है और राज्य में जीआईएस के दौरान मिले निवेश प्रस्तावों में से 9 लाख करोड़ का निवेश जमीन पर दिखने लगा है। एमएसएमई उत्पादों के निर्यात में मध्यप्रदेश ने एक वर्ष में 4 स्थानों की छलांग लगाई है और अब देश में 11वें नंबर पर है। प्रदेश ने भारत सरकार द्वारा तय 23 सुधारों को शत प्रतिशत लागू कर देश में टॉप अचीवर का दर्जा प्राप्त किया है। जनविश्वास बिल पारित किया गया, 900 से अधिक गैर-जरूरी कानूनों को शिथिल किया गया और 100 से अधिक कानूनों में सजा के प्रावधान को पेनाल्टी में बदला गया। पिछले एक साल में 8500 कंपनियों को बैंक लोन स्वीकृति मिली है। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले ढाई साल में एमएसएमई और उद्योग विभाग के अंतर्गत 11,500 करोड़ से अधिक राशि निवेश प्रोत्साहन सहायता के रूप में दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर 235 करोड़ रुपए की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से 750 से अधिक इकाइयों को वितरित की गई है। दिसंबर 2023 में स्टार्टअप्स की संख्या लगभग 4800 थी, जो अब 7500 से अधिक हो गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं।

समिट में उद्यमियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। डॉ. पीयूष कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश को उद्योग स्थापित करने और आगे बढ़ाने वाला राज्य बताते हुए सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों और पारदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी राज्य में 200 करोड़ का निवेश कर चुकी है और एक दुर्लभ बीमारी की दवा बना रही है। आर्यवृत अभियांत्रिकी के प्रोपराइटर राजेश मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रत्येक विभाग में निवेश प्रोत्साहन सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की है और एमएसएमई सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में सरकार ने 31 मई 2026 तक की सभी देनदारियां क्लियर कर दी हैं।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा
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    रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा जिला मंदसौर म प्र 
रामप्रसाद धनगर गुर्जर तोलाखेड़ी चंदवासा
    user_Ramprasad dhangar
    Ramprasad dhangar
    Photographer शामगढ़, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
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    दर्शक अब शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज देख सकते हैं। इस न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास हैं।
    user_Parmeshvar redash
    Parmeshvar redash
    Photographer Pratapgarh, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • पहली बरसात में ही कन्थार-नानणा रोड की स्थिति इतनी बदतर हो गई कि वह पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गई। सड़क की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए वोट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
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    पहली बरसात में ही कन्थार-नानणा रोड की स्थिति इतनी बदतर हो गई कि वह पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो गई। सड़क की इस दुर्दशा से आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए वोट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है।
    user_रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    रिपोर्टर मकसूदअहमद राईन
    Local News Reporter प्रतापगढ़, प्रतापगढ़, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • Post by Ram Solanki
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    Post by Ram Solanki
    user_Ram Solanki
    Ram Solanki
    आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • ओडिशा के पवित्र धाम पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पवित्र 'स्नान यात्रा' के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। देव स्नान पूर्णिमा के मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।
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    ओडिशा के पवित्र धाम पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पवित्र 'स्नान यात्रा' के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और समस्त देशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। देव स्नान पूर्णिमा के मौके पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से सराबोर नजर आया।
    user_ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
    कृषि कार्य एवं पत्रकारिता ताल, रतलाम, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वर्ष 2028 का सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा जनसमागम होगा। उन्होंने कहा कि 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए, इसकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में उन अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लिया जा रहा है, जिन्होंने वर्ष 2004 और 2016 के सिंहस्थ का सफल संचालन किया था। उनके सुझावों और मार्गदर्शन के आधार पर, सिंहस्थ 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
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    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि वर्ष 2028 का सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा जनसमागम होगा। उन्होंने कहा कि 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए, इसकी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए, एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में उन अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लिया जा रहा है, जिन्होंने वर्ष 2004 और 2016 के सिंहस्थ का सफल संचालन किया था। उनके सुझावों और मार्गदर्शन के आधार पर, सिंहस्थ 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
    user_Mangal Dev Rathore
    Mangal Dev Rathore
    मंदसौर नगर, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Post by Manish Dhakd
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    Post by Manish Dhakd
    user_Manish Dhakd
    Manish Dhakd
    आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • आगर मालवा जिले के ग्राम गुन्दीकलां से ठीकरिया तक प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क को बने लगभग पाँच वर्ष से अधिक समय हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया, जिसके कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में हरिजन मोहल्ले सहित आसपास के घरों में पानी भर जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान जलभराव की इस समस्या से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। घरों में पानी घुसने से न केवल घरेलू सामान खराब होते हैं, बल्कि गंदगी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन जनपद पंचायत अध्यक्ष और भाजपा मंडल अध्यक्ष का आवागमन होता है, फिर भी इस गंभीर समस्या पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिलेगी और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी टल जाएगी।
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    आगर मालवा जिले के ग्राम गुन्दीकलां से ठीकरिया तक प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क को बने लगभग पाँच वर्ष से अधिक समय हो चुका है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं किया गया, जिसके कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में हरिजन मोहल्ले सहित आसपास के घरों में पानी भर जाता है।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दौरान जलभराव की इस समस्या से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। घरों में पानी घुसने से न केवल घरेलू सामान खराब होते हैं, बल्कि गंदगी और बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन जनपद पंचायत अध्यक्ष और भाजपा मंडल अध्यक्ष का आवागमन होता है, फिर भी इस गंभीर समस्या पर आज तक ध्यान नहीं दिया गया है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से लोगों को राहत मिलेगी और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका भी टल जाएगी।
    user_जावेद खान पत्रकार
    जावेद खान पत्रकार
    आगर, आगर मालवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
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