यह पोस्ट ग्राम पंचायतों में सरपंच और पंचायत सचिवों द्वारा सरकारी खातों से 'प्रशासनिक खर्च' और 'स्टेशनरी' के नाम पर लाखों रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी पर गंभीर सवाल उठाती है। इसमें कहा गया है कि पंचायत की तिजोरी से खर्च होने वाले हर एक रुपये का मिलान कानूनन रोकड़ बही (Cash Book) और बैंक स्टेटमेंट से होना अनिवार्य है। आरोप है कि दोनों पदाधिकारी अक्सर आपसी साठगांठ कर, बिना किसी वास्तविक कार्य या फर्जी बिलों के आधार पर, संयुक्त डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) का उपयोग करके पैसे निकाल लेते हैं। नागरिकों से इस वित्तीय हेराफेरी पर चुप न बैठने का आग्रह किया गया है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत, उन्हें सरपंच-सचिव द्वारा खर्च की गई एक-एक पाई का बिल, वाउचर और कैश-बुक की प्रमाणित प्रति मांगने का पूरा वैधानिक अधिकार है। यह सुझाव दिया गया है कि ₹10 का पोस्टल ऑर्डर लेकर दिए गए विधिक प्रारूप में ब्लॉक ऑफिस में तत्काल आरटीआई दाखिल करें। ऐसा करने से खर्चों का असली ऑडिट सामने आएगा और लोक धन का दुरुपयोग करने वाले सीधे कानून के शिकंजे में फंसेंगे। यह सामग्री सामान्य नागरिकों और ग्राम सभा सदस्यों की विधिक साक्षरता और प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन के लिए है। यदि ब्लॉक स्तर या पंचायत स्तर पर लोक सूचना अधिकारी द्वारा 30 कार्यदिवसों के भीतर प्रमाणित वित्तीय प्रतियां प्रदान नहीं की जाती हैं, तो आवेदक अधिनियम की धारा 19(1) के तहत संबंधित जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत या जिला कलेक्टर के समक्ष 'प्रथम अपील' दायर कर कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करा सकते हैं। हालांकि, विभिन्न राज्यों के पंचायती राज वित्तीय नियमों और केंद्रीय सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों, जैसे ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के अनुसार, आहरण की वित्तीय सीमाओं और प्रशासनिक व्यय के नियमों में प्रांतीय नीतियों के अनुसार आंशिक भिन्नता हो सकती है।
यह पोस्ट ग्राम पंचायतों में सरपंच और पंचायत सचिवों द्वारा सरकारी खातों से 'प्रशासनिक खर्च' और 'स्टेशनरी' के नाम पर लाखों रुपये की कथित वित्तीय हेराफेरी पर गंभीर सवाल उठाती है। इसमें कहा गया है कि पंचायत की तिजोरी से खर्च होने वाले हर एक रुपये का मिलान कानूनन रोकड़ बही (Cash Book) और बैंक स्टेटमेंट से होना अनिवार्य है। आरोप है कि दोनों पदाधिकारी अक्सर आपसी साठगांठ कर, बिना किसी वास्तविक कार्य या फर्जी बिलों के आधार पर, संयुक्त डिजिटल हस्ताक्षर (DSC) का उपयोग करके पैसे निकाल लेते हैं। नागरिकों से इस वित्तीय हेराफेरी पर चुप न बैठने का आग्रह किया गया है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6(1) के तहत, उन्हें सरपंच-सचिव द्वारा खर्च की गई एक-एक पाई का बिल, वाउचर और कैश-बुक की प्रमाणित प्रति मांगने का पूरा वैधानिक अधिकार है। यह सुझाव दिया गया है कि ₹10 का पोस्टल ऑर्डर लेकर दिए गए विधिक प्रारूप में ब्लॉक ऑफिस में तत्काल आरटीआई दाखिल करें। ऐसा करने से खर्चों का असली ऑडिट सामने आएगा और लोक धन का दुरुपयोग करने वाले सीधे कानून के शिकंजे में फंसेंगे। यह सामग्री सामान्य नागरिकों और ग्राम सभा सदस्यों की विधिक साक्षरता और प्रक्रियात्मक मार्गदर्शन के लिए है। यदि ब्लॉक स्तर या पंचायत स्तर पर लोक सूचना अधिकारी द्वारा 30 कार्यदिवसों के भीतर प्रमाणित वित्तीय प्रतियां प्रदान नहीं की जाती हैं, तो आवेदक अधिनियम की धारा 19(1) के तहत संबंधित जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत या जिला कलेक्टर के समक्ष 'प्रथम अपील' दायर कर कड़ी दंडात्मक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करा सकते हैं। हालांकि, विभिन्न राज्यों के पंचायती राज वित्तीय नियमों और केंद्रीय सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों, जैसे ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के अनुसार, आहरण की वित्तीय सीमाओं और प्रशासनिक व्यय के नियमों में प्रांतीय नीतियों के अनुसार आंशिक भिन्नता हो सकती है।
- प्रस्तुत जानकारी गट्टा सब्जी और स्टफिंग से संबंधित है, जिसमें इन खाद्य घटकों का जिक्र किया गया है।1
- हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर में, भारतीय किसान यूनियन (लोकहित) के राष्ट्रीय प्रवक्ता, लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता और 'किसान संसद' के राष्ट्रीय संयोजक हरीश हूण ने किसानों के अधिकारों, कानून व्यवस्था, क्षेत्रीय सम्मान तथा आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि गढ़मुक्तेश्वर का नेतृत्व स्थानीय बेटा-बेटी के हाथों में ही होना चाहिए। हरीश हूण ने दोहराया कि उनका जीवन किसानों की लड़ाई को समर्पित है। वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दिलाने, किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में स्थित थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के बछलोता गाँव में एक वर्षों पुराने मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान 24 जून 2026 को पंडितों द्वारा संपन्न होगा। इस कार्यक्रम में समस्त ग्रामीण और सभी श्रद्धालु मिलकर सहयोग प्रदान करेंगे। यह समारोह वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार होगा, जिसमें मंदिर में प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा (आवाहन) वैदिक मंत्रों और अनुष्ठानों के साथ की जाएगी। प्राण-प्रतिष्ठा के उपरांत प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर होगा।1
- गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके फरार चल रहे आरोपी नदीम खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 2000 रुपये के नकली नोट, दो नवजात बच्चों के फोटोग्राफ और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में मई महीने में एक 11 दिन की नवजात बच्ची के अपहरण और बिक्री की साजिश का खुलासा हुआ था, जिसके बाद से नदीम खान फरार था। इस घटना में पहले ही 12 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अपहृत बच्ची को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया था। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि उनका गिरोह नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था और बच्चों को खरीदने के लिए नकली नोटों का इस्तेमाल करता था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। फिलहाल, इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की जांच-पड़ताल की जा रही है।1
- Post by गौरव प्रताप कोरी1
- सलीम टी कंपनी मुंबई के नल बाजार स्थित लोबान गली में दुकान नंबर 240 पर है। कंपनी से 8850940740 और 8655916414 नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। पोस्ट में मोहसिन शेख व्लॉग्स का भी जिक्र है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर से, फादर्स डे के अवसर पर पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ जी ने एक अत्यंत हृदयस्पर्शी सेवा संदेश दिया है। इस संदेश में उन्होंने कहा, "बचपन में जिन हाथों ने संभाला, अब उनके कांपते हाथों को थाम लीजिए। क्योंकि थकना अब उनका हक़ है और थामना... अब हमारी ज़िम्मेदारी।" इस आह्वान को "बिल्कुल सत्य वचन" बताते हुए, उन्होंने पितरों की सेवा को सनातन धर्म का सार बताया है। पंडित वशिष्ठ जी ने इस बात पर जोर दिया कि "पितृ ऋण" सभी ऋणों में सबसे बड़ा है, और मनुस्मृति के कथन "पितरः प्रथमे देवता:" का उद्धरण करते हुए स्पष्ट किया कि पिता ही पहले देवता हैं। उन्होंने पिता के निस्वार्थ जीवन दान की तुलना सूर्यदेव के बिना थके प्रकाश देने से की। उनके अनुसार, बुढ़ापे में अपने पिता का सहारा बनना ही "वशिष्ठ कुल" और "सूर्य उपासक" की सच्ची पहचान है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ जी, जो स्वयं एक ज्योतिषाचार्य और सूर्यदेव उपासक हैं, मोदीनगर से पंडित मदन मोहन मालवीय जी द्वारा 1939 में स्थापित अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। इस संगठन को "सेवा, संस्कार और समाज" का संगम बताया गया है। उनका यह संदेश विशेष रूप से उन लोगों को संबोधित है जिन्होंने "अपना आंगन" बड़ा करने की चाह में "पिता का आंगन" छोटा कर दिया है। यह संदेश अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा द्वारा आयोजित पंच दिवसीय श्री हनुमंत कथा के विश्राम दिवस पर दिया गया, जिसका उद्देश्य कल्याण देव वृद्धावस्था आश्रम के जनकल्याण हेतु था, और कथा व्यास पंडित अरविन्द भाई ओझाजी थे। इस पूरे संदर्भ को "पितृदेवो भवः" की भावना से जोड़ते हुए, पंडित जी के सेवा भाव के सदा अक्षुण्ण रहने की कामना की गई है।1
- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार जी ने योग करने का कार्य किया, जिसके बाद वह लगातार ट्रोल हो रहे हैं। उनका यह वीडियो योग दिवस पर वायरल हुआ।2
- उत्तराखंड के चंपावत स्थित एक जिम में एक्सरसाइज करने के बाद हार्ट अटैक से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हाल के समय में ऐसी मौतें एक मेडिकल इमरजेंसी के रूप में सामने आई हैं, जहाँ हंसते-खेलते लोग अचानक मौत का शिकार हो रहे हैं।1