एटा जिले के अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में इमरजेंसी गेट से महिला अस्पताल तक जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले चार महीने से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य के नाम पर सड़क पर केवल गिट्टी बिछाकर छोड़ दी गई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है, क्योंकि सड़क पर भरे पानी के कारण गिट्टी के बीच बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। इसके चलते मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल के कर्मचारी फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। गर्भवती महिला गायत्री देवी, जो नियमित जांच के लिए सीएचसी आती हैं, ने बताया कि चार महीने पहले गिट्टी डालने के बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे अस्पताल पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, आशा कार्यकर्ता शीला देवी ने भी जर्जर मार्ग पर चिंता जताते हुए कहा कि खराब सड़क के कारण मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल तक पहुंचाने में भारी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि उबड़-खाबड़ रास्ते और बिखरी हुई गिट्टी के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों और अस्पताल स्टाफ ने संबंधित विभाग से इस अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों की ओर से इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
एटा जिले के अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में इमरजेंसी गेट से महिला अस्पताल तक जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले चार महीने से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य के नाम पर सड़क पर केवल गिट्टी बिछाकर छोड़ दी गई है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है, क्योंकि सड़क पर भरे पानी के कारण गिट्टी के बीच बने गड्ढे दिखाई नहीं देते। इसके चलते मरीज, उनके तीमारदार और अस्पताल के कर्मचारी फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। गर्भवती महिला गायत्री देवी, जो नियमित जांच के लिए सीएचसी आती हैं, ने बताया कि चार महीने पहले गिट्टी डालने के बाद काम को अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे अस्पताल पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वहीं, आशा कार्यकर्ता शीला देवी ने भी जर्जर मार्ग पर चिंता जताते हुए कहा कि खराब सड़क के कारण मरीजों को निजी वाहनों से अस्पताल तक पहुंचाने में भारी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि उबड़-खाबड़ रास्ते और बिखरी हुई गिट्टी के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को स्ट्रेचर पर ले जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों और अस्पताल स्टाफ ने संबंधित विभाग से इस अधूरे निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने की मांग की है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों की ओर से इस मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
- उत्तर प्रदेश के जनपद एटा के जलेसर स्थित आईटीआई विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के गांव नगला धनीराम में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों की जान पर भारी पड़ रही है। गांव में ललित कुमार पुत्र गंगा सिंह के घर के समीप लगा एक हाईटेंशन विद्युत पोल आधार से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जो अब केवल बिजली के तारों के सहारे खड़ा है। बरसात और तेज हवा के दौरान यह पोल कभी भी गिर सकता है, जिसके कारण आसपास रहने वाले परिवारों में इस पोल की वजह से दहशत का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के संबंध में कई बार विद्युत विभाग को सूचित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पोल को नहीं बदला गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से तत्काल इस क्षतिग्रस्त पोल को बदलने, सुरक्षा व्यवस्था करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है ताकि किसी संभावित जनहानि से बचा जा सके।1
- एटा के राजकीय इण्टर कॉलेज (GIC) से एक बेहद हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ ओ-लेवल (O Level) की ऑफलाइन परीक्षा देने आए दर्जनों छात्र-छात्राओं का भविष्य सिर्फ चंद मिनटों की देरी की वजह से दांव पर लगा दिया गया। परीक्षा का समय सुबह 10 बजे निर्धारित था और दूर-दराज से आए मासूम बच्चे और बच्चियाँ सुबह 9:15 बजे ही परीक्षा केंद्र पर पहुँच चुके थे। इसके बावजूद, नियमों की दुहाई देकर कॉलेज के शिक्षकों ने गेट बंद कर दिया और बच्चों को अंदर घुसने नहीं दिया। गेट पर रोते-बिलखते पीड़ित छात्रों ने शिक्षकों के सामने हाथ जोड़े, मिन्नतें कीं और कहा कि थोड़ी बहुत देरी के लिए उन्हें माफ़ कर दिया जाए, वरना उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। लेकिन वहाँ मौजूद निष्ठुर शिक्षकों का दिल नहीं पघला। उन्होंने बच्चियों के आँसू नहीं देखे और बेरहमी से उन्हें परीक्षा देने से वंचित कर दिया, जिससे निराश होकर बच्चे कॉलेज गेट पर ही फूट-फूटकर रोने लगे।4
- चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए थाना हाथरस गेट पुलिस ने चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 950 ग्राम चांदी के चोरी हुए आभूषण और ₹1,610 नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर गठित टीम ने संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहन चेकिंग अभियान के दौरान आरटीओ कार्यालय के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 14 नवंबर 2025 को तवेला गली के रहने वाले गगन वर्मा ने थाना हाथरस गेट में शिकायत दर्ज कराई थी कि चोर उनकी 'साक्षी ज्वैलर्स' नामक दुकान का शटर काटकर करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण चुरा ले गए। इसके अलावा, 15 जून 2026 को महादेव कॉलोनी में किराये पर रहने वाले कृष्णपाल ने भी अपने मकान में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जलालपुर निवासी अनंत और जलालपुर गणेशपुर निवासी सनी सेंगर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने सुनसान मकानों की रेकी कर चोरी करने की बात स्वीकार की है और साक्षी ज्वैलर्स की दुकान का शटर काटने का जुर्म भी कबूल किया है। प्रभारी निरीक्षक नितिन कसाना के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है और उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- हाथरस के कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के मोहल्ला रमनपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शनिवार दोपहर शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। यह हादसा विद्यालय की ऊपरी मंजिल पर बने एक कमरे में हुआ। आग लगने की वजह से कमरे में रखा बिस्तर और अन्य सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। राहत की बात यह रही कि विद्यालय में रह रही सभी 21 छात्राएं इस हादसे में पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के समय सभी छात्राएं नीचे मैस में बैठकर भोजन कर रही थीं, जिसके कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। कमरे से धुआं उठता देखकर विद्यालय के शिक्षकों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। इस दौरान जब छोटी दमकल का पानी खत्म हो गया, तो विद्यालय की ही पानी की टंकी से पानी का इस्तेमाल कर आग पर काबू पाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजेव नाथ सिन्हा भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यालय की छात्राओं से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और घटना की पूरी जानकारी ली। इस पूरी घटना में किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।1
- सादाबाद थाना क्षेत्र के मढ़नई गांव में शादी समारोह के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसे में चार वर्षीय मासूम बच्ची की पोखर में डूबने से मौत हो गई। देवनगर सलेमपुर रोड के रहने वाले सत्यवीर सिंह अपनी चार वर्षीय बेटी सोना और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ गांव मढ़नई में अपने रिश्तेदार प्रवीण (पुत्र युगराज सिंह) के यहां आयोजित भात कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। रविवार को प्रवीण की बारात आगरा के शमशाबाद क्षेत्र में जानी थी, लेकिन इस हृदयविदारक घटना के बाद शादी वाले घर की तमाम खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घटना के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब एक बजे मासूम सोना घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक लापता हो गई थी। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी देर तक गांव में उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। देर शाम जब परिजनों को आशंका हुई कि बच्ची पास के पोखर में तो नहीं चली गई, तो ग्रामीणों की मदद से पोखर में तलाश शुरू कराई गई। पोखर की सफाई कराए जाने के दौरान मासूम बच्ची का शव बरामद हुआ। उसे तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और आवश्यक कार्रवाई की, जिसके बाद परिजन बच्ची के शव को सादाबाद स्थित अपने घर ले गए। इस हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।4