सतना। नगर निगम के बजट सम्मिलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और अंतत: नगर निगम का बजट पास कर दिया गया। इस बैठक में कई धु्रव देखे गए। जिसमे एक बार महापौर-कमिश्रर के बीच तनाव, तो सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों के बीच तूतू मैंमैं, आयुक्त एवं पार्षदों के बीच आरोप -प्रत्यारोप, जैसे ध्रुवों के कारण पूरी बैठक कई ध्रुवों से घूमती नजर आई। अंतत: घाटे का बजट दिखाकर पास कर दिया गया तो दस प्रतिशत सम्पत्ति कर में वृद्धि का प्रस्ताव वापस लिया गया। नगर निगम परिषद की बैठक में कई प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। 4 अरब 66 करोड़ का बजट पास हो गया वहीं 19 करोड़ 66 लाख का घाटा दिखाया गया है। पार्षद निधि को लेकर बढ़ी टसल 25 लाख पार्षद निधि को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं पार्षदों ने ने 50 लाख का प्रस्ताव सुझाया। फिर एक बार मेयर ने कमिश्नर को घेरा कि पार्षद निधि के कामों क्यों रोका, क्यों रुकी है पार्षद निधि की फाइल। उन्होंने कहा कि अभी निगमायुक्त जवाब दें। पार्षदों की समस्याओं को लेकर पार्षदों में काफी असंतोष दिखाई दिया। 25 लाख पार्षद निधि की लंबित फाइलों के मुद्दे को पार्षद अर्चना गुप्ता और अभिषेक तिवारी ने उठाते हुए कमिश्नर शेर सिंह मीना से जवाब जानना चाहा। पार्षद अभिषेक तिवारी ने पार्षद निधि के औचित्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। कमिश्नर ने दो टूक कह दिया कि मैं आपके मुंह नहीं लगना चाहता नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा नेता प्रतिपक्ष रावेन्द्र सिंह मिथलेश ने राजस्व वसूली को लेकर प्रश्र किए। विदित हो कि बताया गया था कि राजस्व वसूली पिछले वर्ष से अधिक है। नेता प्रतिपक्ष का कहना रहा है कि लक्ष्य कितना था यह नहीं बताया गया? नेता प्रतिपक्ष ने शहर के विज्ञापन का मुद्दा उठाया। साथ ही पाइप लाइन का मामला उठाया। पेयजल आपूर्ति का भी मामला उठा लेकिन स्पीकर ने मामले को टाल दिया। शहर में सीवर के घटिया काम को लेकर विधायक प्रतिनिधि राजदीप सिंह ने बोला कि क्यों ना लाया जाए सदन में निंदा प्रस्ताव। अगली परिषद में सीवर लाइन के ठेकेदार के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। घोटाले पर चर्चा चौराहा सौंदर्यीकरण मामले में हुए करोड़ों के घोटाले के मुख्य आरोपी प्रभारी कार्यपालन( मूल कार्य उपयंत्री) के विरुद्ध जांच लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ पुलिस विभाग में अपराध पंजीबद्ध है और इनके खिलाफ पूर्ण होकर इनको मुख्य आरोपी बनाया गया है। वहीं इस विशेष सम्मेलन में शासन की गाइडलाइन के विपरीत उपयंत्री सुलभ पाठक को अवैध तरीके से 5 से 6 बड़े प्रमुख पदों का प्रभार दिए जाने का मुद्दा वार्ड 37 की महिला पार्षद प्रवीण-आशुतोष सिंह द्वारा प्राथमिकता से उठाया गया। सम्पत्ति कर में वृद्धि क्यों नहीं हुई? यहां पर सम्पत्ति कर की वृद्धि वापस ली गई इसके पीछे लोगों के विभिन्न कारण बताए जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कई कारणों से ही सम्पत्ति कर वापस लिया गया। प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि अंतिम दिन तक लगभग 26 करोड़ टैक्स की वसूली राजस्व विभाग द्वारा की गई है जो पिछले वित्तीय वर्ष से 10 प्रतिशत से अधिक है। एक कारण यह भी है कि शहर की जनता और कुछ राजनीतिज्ञों की मांगों का बड़ा दबाव था, कई सत्ता पक्ष के लोग भी इसके विपरीत थे। एक कारण यह भी है कि महापौर जाते जाते अपनी छवि नहंीं बिगाडऩा चाहते हैं। ऐसा माना जा सकता है कि सभी कारणों के कारण यह सब हुआ।
सतना। नगर निगम के बजट सम्मिलन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और अंतत: नगर निगम का बजट पास कर दिया गया। इस बैठक में कई धु्रव देखे गए। जिसमे एक बार महापौर-कमिश्रर के बीच तनाव, तो सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्षदों के बीच तूतू मैंमैं, आयुक्त एवं पार्षदों के बीच आरोप -प्रत्यारोप, जैसे ध्रुवों के कारण पूरी बैठक कई ध्रुवों से घूमती नजर आई। अंतत: घाटे का बजट दिखाकर पास कर दिया गया तो दस प्रतिशत सम्पत्ति कर में वृद्धि का प्रस्ताव वापस लिया गया। नगर निगम परिषद की बैठक में कई प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। 4 अरब 66 करोड़ का बजट पास हो गया वहीं 19 करोड़ 66 लाख का घाटा दिखाया गया है। पार्षद निधि को लेकर बढ़ी टसल 25 लाख पार्षद निधि को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं पार्षदों ने ने 50 लाख का प्रस्ताव सुझाया। फिर एक बार मेयर ने कमिश्नर को घेरा कि पार्षद निधि के कामों क्यों रोका, क्यों रुकी है पार्षद निधि की फाइल। उन्होंने कहा कि अभी निगमायुक्त जवाब दें। पार्षदों की समस्याओं को लेकर पार्षदों में काफी असंतोष दिखाई दिया। 25 लाख पार्षद निधि की लंबित फाइलों के मुद्दे को पार्षद अर्चना गुप्ता और अभिषेक तिवारी ने उठाते हुए कमिश्नर शेर सिंह मीना से जवाब जानना चाहा। पार्षद अभिषेक तिवारी ने पार्षद निधि के औचित्य पर ही सवाल खड़े कर दिए। कमिश्नर ने दो टूक कह दिया कि मैं आपके मुंह नहीं लगना चाहता नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा नेता प्रतिपक्ष रावेन्द्र सिंह मिथलेश ने राजस्व वसूली को लेकर प्रश्र किए। विदित हो कि बताया गया था कि राजस्व वसूली पिछले वर्ष से अधिक है। नेता प्रतिपक्ष का कहना रहा है कि लक्ष्य कितना था यह नहीं बताया गया? नेता प्रतिपक्ष ने शहर के विज्ञापन का मुद्दा उठाया। साथ ही पाइप लाइन का मामला उठाया। पेयजल आपूर्ति का भी मामला उठा लेकिन स्पीकर ने मामले को टाल दिया। शहर में सीवर के घटिया काम को लेकर विधायक प्रतिनिधि राजदीप सिंह ने बोला कि क्यों ना लाया जाए सदन में निंदा प्रस्ताव। अगली परिषद में सीवर लाइन के ठेकेदार के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा। घोटाले पर चर्चा चौराहा सौंदर्यीकरण मामले में हुए करोड़ों के घोटाले के मुख्य आरोपी प्रभारी कार्यपालन( मूल कार्य उपयंत्री) के विरुद्ध जांच लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ पुलिस विभाग में अपराध पंजीबद्ध है और इनके खिलाफ पूर्ण होकर इनको मुख्य आरोपी बनाया गया है। वहीं इस विशेष सम्मेलन में शासन की गाइडलाइन के विपरीत उपयंत्री सुलभ पाठक को अवैध तरीके से 5 से 6 बड़े प्रमुख पदों का प्रभार दिए जाने का मुद्दा वार्ड 37 की महिला पार्षद प्रवीण-आशुतोष सिंह द्वारा प्राथमिकता से उठाया गया। सम्पत्ति कर में वृद्धि क्यों नहीं हुई? यहां पर सम्पत्ति कर की वृद्धि वापस ली गई इसके पीछे लोगों के विभिन्न कारण बताए जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कई कारणों से ही सम्पत्ति कर वापस लिया गया। प्रशासनिक सूत्र बताते हैं कि अंतिम दिन तक लगभग 26 करोड़ टैक्स की वसूली राजस्व विभाग द्वारा की गई है जो पिछले वित्तीय वर्ष से 10 प्रतिशत से अधिक है। एक कारण यह भी है कि शहर की जनता और कुछ राजनीतिज्ञों की मांगों का बड़ा दबाव था, कई सत्ता पक्ष के लोग भी इसके विपरीत थे। एक कारण यह भी है कि महापौर जाते जाते अपनी छवि नहंीं बिगाडऩा चाहते हैं। ऐसा माना जा सकता है कि सभी कारणों के कारण यह सब हुआ।
- Post by जितेंद्र राय1
- Post by Abhay TV News1
- CM योगी की मां पर अभद्र टिप्पणी करने वाला मौलाना हुआ गिरफ्तार #newsupdate #taazasamachar #न्यूज़1
- Post by संजय राणा पत्रकार चित्रकूट1
- ब्रेकिंग चित्रकूट: बागै नदी में डूबने से दो मासूमों की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम* चित्रकूट। जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरौली मजरा केयूटरा पुरवा गांव में मंगलवार सुबह एक हृदयविदारक हादसा हो गया। बागै नदी के चकरेही घाट पर नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 9 बजे शिवम राजपूत (पुत्र नवल) और आशीष राजपूत (पुत्र गोविंद) नदी में नहाने के लिए गए थे। इसी दौरान गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण दोनों बच्चे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव बाहर निकलवाए और आवश्यक कार्रवाई में जुट गई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी और बच्चों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- PM FASAL BIMA YOJANA"प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की फसल को नुकसान होने पर बीमा सुरक्षा दी जा रही है।"1
- Post by जितेंद्र राय1