विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन 22 अप्रेल को विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन 22 अप्रेल को चित्तौडगढ 21 अप्रेल। विश्व प्रसिद्ध नाटक हैमलेट, ओथेलो, किंग लियर, मैकबेथ और रोमियो-जूलियट, मर्चेंट ऑफ वेनिस, ट्वेल्थ नाइट, और अ मिडसमर, नाइट्स ड्रीम जैसे लोकप्रिय रोमांटिक और हास्य नाटकों के रचयिता कवि, नाटककार, अभिनेता विलियम शेक्सपियर का जन्म 23 अप्रैल 1564 को हुआ वही 23 अप्रैल 1616 पुण्यतिथि का अवसर आता है और यूनेस्को ने 1996 को इस दिवस को विश्व पुस्तक दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पुस्तकालय, चित्तौड़गढ़ की और से एक भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। पुस्तकलायाध्यक्षा सुधा कुमारी ने बताया की 22 अप्रेल 2026 (बुधवार) को शाम 4.15 पर पुस्तकालय के सभागार में एक भव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है जिसमे नगर के ख्यातिलब्ध कवि श्री अब्दुल जब्बार, श्री शिव मृदुल, श्री सत्यनारायण व्यास, श्री नंद किशोर निर्झर, श्री रमेश मयँक, श्री अमृत वाणी,सीमा पारिक , सुनील बाटू ,श्री अब्दुल सत्तार श्री पंकज सरकार, श्री कुमार हरीश एवं अन्य कई साहित्यकार भाग लेंगे।
विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन 22 अप्रेल को विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन 22 अप्रेल को चित्तौडगढ 21 अप्रेल। विश्व प्रसिद्ध नाटक हैमलेट, ओथेलो, किंग लियर, मैकबेथ और रोमियो-जूलियट, मर्चेंट ऑफ वेनिस, ट्वेल्थ नाइट, और अ मिडसमर, नाइट्स ड्रीम जैसे लोकप्रिय रोमांटिक और हास्य नाटकों के रचयिता कवि, नाटककार, अभिनेता विलियम शेक्सपियर का जन्म 23 अप्रैल 1564 को हुआ वही 23 अप्रैल 1616 पुण्यतिथि का अवसर आता है और यूनेस्को ने 1996 को इस दिवस को विश्व पुस्तक दिवस मनाने का निर्णय लिया। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्व पुस्तक दिवस की पूर्व संध्या पर जिला पुस्तकालय, चित्तौड़गढ़ की और से एक भव्य साहित्यिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। पुस्तकलायाध्यक्षा सुधा कुमारी ने बताया की 22 अप्रेल 2026 (बुधवार) को शाम 4.15 पर पुस्तकालय के सभागार में एक भव्य गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है जिसमे नगर के ख्यातिलब्ध कवि श्री अब्दुल जब्बार, श्री शिव मृदुल, श्री सत्यनारायण व्यास, श्री नंद किशोर निर्झर, श्री रमेश मयँक, श्री अमृत वाणी,सीमा पारिक , सुनील बाटू ,श्री अब्दुल सत्तार श्री पंकज सरकार, श्री कुमार हरीश एवं अन्य कई साहित्यकार भाग लेंगे।
- चित्तौड़गढ़।कुंभानगर स्थित राम मंदिर प्रांगण में 20 अप्रैल 2026 को आयोजित वरिष्ठ नागरिक मंच की मासिक बैठक में समाजहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार मंथन किया गया। बैठक में एस्ट्रोलॉजर एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि से जुड़े सदस्य गोविन्द सोनी ने नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को अंदर से खोखला कर रहा है। सभा में यह भी मुद्दा उठा कि शहर में शराब कारोबार में नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है और लोग सड़कों पर ही नशा करते दिखाई दे रहे हैं। वक्ताओं ने प्रशासन और पुलिस से गश्त बढ़ाने व सख्त कार्रवाई की मांग की, ताकि संभावित अपराधों पर रोक लगाई जा सके। बैठक में वरिष्ठ नागरिक मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे और जनहित में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया।3
- चित्तौड़गढ़ , नये फर्टिलाईजर प्लांट के निर्माण को गैर कानूनी व अवैध बताते हुए ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा साथ ही मेन रोड़ पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को शीघ्र हटाये जाने की मांग की गई। जानकारी देते हुए हरीश बैरवा, ने बताया कि विगत गई समय से जिंके नये प्लांट की स्थापना से आस पास में निवासरत ग्रामीणों व गांवों में होने वाले दुष्परिणामों को लेकर ग्रामीणों द्वारा निरन्तर विरोध प्रकट किया जा रहा था। उसी क्रम में गुरूवार 16 अप्रेल को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी ग्रामीणजनों ने उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपा जिसमें बताया कि प्लांट कानूनी मापदंडों के अनुसार नहीं होकर गैर कानूनी है जिसे बंद किया जावे। साथ ही जिंग के वर्तमान प्लांट के सामने स्थित मुख्य मार्ग जो मेन हाईवे को जोड़ता उस पर दोनों तरफ जीरो मीटर पर अवैध अतिक्रमण होकर बड़ी बड़ी दिवारे बना दी गई। आने जाने वाले वाहनों को दिक्कत हो रही है। अतिक्रमण से आज तक हजारों लोगों की दुर्घटनों में मृत्यु हो चुकी है। अतिक्रमी पैसे देकर मामला दबा देते हैं। इस दौरान पुठोली उपसरपंच चन्द्रभान, रामेश्वरलाल जाट, पन्नालाल जाट, चन्द्रसिंह, बंटी सुवालका, चन्द्रसिंह, राजेश जाट, मनोहर जाट, नारायण बैरवा, जीतमल जाट, गोवर्धन सालवी, कालू सुथार, आशीष जाट सहित कई ग्रामीणों ने अवैध अतिक्रमण को शीघ्र हटाते हुए गैर कानूनी प्लांट को बंद किये जाने की मांग की।2
- SRI LAKSHMINATH ♥️ BHAGVAN SIV ♥️ SANKAR JI VASAKRAJ 🙏🏽 MAHARAJ GOVIND SAWARIYA SETH JI Aapki 🌺 JAY HO SDA SARVDA AAP HI AAP HO HARI 🕉 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI 🕉 🌹 🌷 🙏🏽 🕉 NMO BHAGVATE VASUYDEVAY HARI OM 🕉 SIVAY NAMAH 🌷🙏🙏🌷🌷🌷🌷💖♥️1
- राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित बहुप्रतीक्षित पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भीषण आग लगने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह हादसा ऐसे समय हुआ जब अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रिफाइनरी का उद्घाटन करने पहुंचना था। आग लगने की घटना के बाद 21 अप्रैल का प्रधानमंत्री का प्रस्तावित दौरा और उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग रिफाइनरी के Crude Distillation Unit (CDU) सेक्शन में लगी, जो कच्चे तेल की प्राथमिक प्रोसेसिंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही परिसर से काले धुएँ के विशाल गुबार उठते दिखाई दिए, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में हीट एक्सचेंजर सर्किट में तकनीकी खराबी और वाल्व/फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। घटना के तुरंत बाद रिफाइनरी प्रबंधन, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमों ने मोर्चा संभाला। बालोतरा और आसपास के क्षेत्रों से कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं है। इस हादसे के बाद केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा स्थगित करने का निर्णय लिया। नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिनी जाती है। HPCL और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में विकसित यह परियोजना लगभग 9 MMTPA क्षमता वाली है, जिससे पेट्रोल, डीज़ल, LPG और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे। इस परियोजना से पश्चिम राजस्थान में उद्योग, रोजगार और आर्थिक विकास को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन उद्घाटन से ठीक पहले हुए इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और परियोजना की तैयारियों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रधानमंत्री के नए दौरे की तारीख पर टिकी हुई है।1
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- “आज एक मिस कॉल… कल हजारों की सेवा 🐄🔥 गौ सेवा आह्वान अभियान से अभी जुड़ें _माधव लाल बैरवा, कपासन_ संरक्षक - श्री राधे कृष्ण बजरंग गौशाला सेवा संस्थान पंजी. मातृकुण्डियां1
- अजमेर/पुष्कर। राजस्थान के अजमेर जिले स्थित पुष्कर घाटी में रविवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे ने खुशियों से भरे परिवार को मातम में बदल दिया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में कुल 33 यात्री सवार थे, जो पीसांगन क्षेत्र के भडसुरी गांव में पारिवारिक कार्यक्रम में मायरा लेकर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुष्कर घाटी में सांझी छत के पास बस का स्टेयरिंग अचानक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस पहले सड़क किनारे बनी रेलिंग से टकराई और फिर पलटियां खाते हुए गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में विमला देवी और पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से खाई से निकालकर पुष्कर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से गंभीर घायलों को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया। कपड़ों की रस्सी बनाकर बचाई जानें हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर सबसे पहले मौके पर पहुंचे। खाई गहरी होने के कारण लोगों ने अपने कपड़ों की रस्सी बनाकर घायलों को बाहर निकाला। कई लोग घायल यात्रियों को कंधों पर उठाकर सड़क तक लाए। स्थानीय लोगों की तत्परता से कई जिंदगियां बच सकीं। झाड़ियों ने रोकी बस की रफ्तार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस स्थान पर बस गिरी, वहां नीचे पेड़ और कंटीली झाड़ियां थीं। बस सीधे नीचे गिरने के बजाय झाड़ियों में अटकती हुई पलटती गई, जिससे उसकी रफ्तार कम हो गई। यही वजह रही कि बड़ा हादसा और अधिक भयावह होने से बच गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पुष्कर घाटी जैसे संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। तीखे मोड़, पुराने वाहन, कमजोर सुरक्षा रेलिंग और तकनीकी जांच की कमी जैसी समस्याएं लगातार हादसों को न्योता दे रही हैं। पुष्कर घाटी का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही और कमजोर व्यवस्था का गंभीर संकेत है। दो महिलाओं की मौत ने परिवारों की खुशियां छीन लीं, जबकि स्थानीय लोगों की बहादुरी ने मानवता की मिसाल कायम की। अब देखना यह है कि प्रशासन इससे सबक लेता है या नहीं।1