कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगीः यात्रा शुल्क में 35 हजार की बढ़ोतरी, अब देने होंगे 2.09 लाख रुपए हल्द्वानी 11 मई (प्रदीप पाल) कैलाश मानसरोवर की फाइल फोटो। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने यात्रा खर्च में 35 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। अब इस यात्रा का कुल खर्च पिछले साल के 1.74 लाख के मुकाबले बढ़कर 2.09 लाख रुपए हो गया है। भारतीय सीमा के भीतर यात्रियों के रहने, खाने और गाइड की व्यवस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा की जाती है। निगम ने इस बार अपने शुल्क में 8 हजार रुपए की वृद्धि की है। बीते साल यह शुल्क 57 हजार रुपए प्रति यात्री था, जो अब बढ़कर 65 हजार रुपए हो गया है। केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला ने बताया कि यह राशि केवल भारतीय क्षेत्र की व्यवस्थाओं के लिए है। वहीं, तिब्बत क्षेत्र में वीजा, मेडिकल और अन्य खर्चों के लिए विदेश मंत्रालय को 1400 डॉलर का अलग से भुगतान करना होगा। कुल बजट में यात्रा वीजा, तिब्बत का खर्च, गाइड और अन्य सभी सेवाएं शामिल हैं। 1947 से शुरू हुआ था आस्था का सफर कैलाश मानसरोवर यात्रा का इतिहास दशकों पुराना है। 1947 में आजादी के बाद यह यात्रा शुरू हुई थी, लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध के चलते इसे बंद कर दिया गया था। करीब दो दशक बाद 1981 में यह फिर शुरू हुई और 2019 तक अनवरत चलती रही। इसके बाद कोरोना महामारी और फिर भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के कारण यह यात्रा लंबे समय तक प्रभावित रही। 2025 में इसे फिर से बहाल किया गया। पिछले साल यात्रा मार्ग में बड़ा बदलाव किया गया था। अब यात्रा चंपावत और टनकपुर होते हुए कराई जा रही है। इस साल भी इसी मार्ग का अनुसरण किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को यात्रा के दौरान जागेश्वर धाम और चितई मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हुई महंगीः यात्रा शुल्क में 35 हजार की बढ़ोतरी, अब देने होंगे 2.09 लाख रुपए हल्द्वानी 11 मई (प्रदीप पाल) कैलाश मानसरोवर की फाइल फोटो। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने यात्रा खर्च में 35 हजार रुपये का इजाफा किया गया है। अब इस यात्रा का कुल खर्च पिछले साल के 1.74 लाख के मुकाबले बढ़कर 2.09 लाख रुपए हो गया है। भारतीय सीमा के भीतर यात्रियों के रहने, खाने और गाइड की व्यवस्था कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) द्वारा की जाती है। निगम ने इस बार अपने शुल्क में 8 हजार रुपए की वृद्धि की है। बीते साल यह शुल्क 57 हजार रुपए प्रति यात्री था, जो अब बढ़कर 65 हजार रुपए हो गया है। केएमवीएन के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ला ने बताया कि यह राशि केवल भारतीय क्षेत्र की व्यवस्थाओं के लिए है। वहीं, तिब्बत क्षेत्र में वीजा, मेडिकल और अन्य खर्चों के लिए विदेश मंत्रालय को 1400 डॉलर का अलग से भुगतान करना होगा। कुल बजट में यात्रा वीजा, तिब्बत का खर्च, गाइड और अन्य सभी सेवाएं शामिल हैं। 1947 से शुरू हुआ था आस्था का सफर कैलाश मानसरोवर यात्रा का इतिहास दशकों पुराना है। 1947 में आजादी के बाद यह यात्रा शुरू हुई थी, लेकिन 1962 के भारत-चीन युद्ध के चलते इसे बंद कर दिया गया था। करीब दो दशक बाद 1981 में यह फिर शुरू हुई और 2019 तक अनवरत चलती रही। इसके बाद कोरोना महामारी और फिर भारत-चीन सीमा पर बढ़े तनाव के कारण यह यात्रा लंबे समय तक प्रभावित रही। 2025 में इसे फिर से बहाल किया गया। पिछले साल यात्रा मार्ग में बड़ा बदलाव किया गया था। अब यात्रा चंपावत और टनकपुर होते हुए कराई जा रही है। इस साल भी इसी मार्ग का अनुसरण किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को यात्रा के दौरान जागेश्वर धाम और चितई मंदिर जैसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के भ्रमण का अवसर भी मिलेगा।
- ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਪ੍ਰਤਾਬਪੁਰਾ ਪਿੰਡ ਵਿੱਚ 27 ਅਤੇ 28 ਮਈ ਨੂੰ ਪਹਿਲਾ ਵਿਸ਼ਾਲ ਮੇਲਾ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਖਾਸ ਸਮਾਗਮ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਕੇ ਰੌਣਕ ਵਧਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ।1
- ਇਹ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਗੜੇਮਾਰੀ ਜਿਲਾ ਮੋਗਾ ਨੇੜਲੇ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਇਹ ਪਿੰਡਾਂ ਦੇ ਆਸ-ਪਾਸ ਗੜੇਮਾਰੀ ਜਿਲਾ ਮੋਗਾ1
- ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਮੁਹਿੰਮ ਤਹਿਤ 1 ਕਿਲੋ 3 ਗ੍ਰਾਮ ਹੈਰੋਇਨ ਸਮੇਤ ਇੱਕ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕਰਕੇ ਤਿੰਨ ਦਿਨ ਦਾ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ, ਜਿਸ ਨਾਲ ਹੋਰ ਤਸਕਰਾਂ ਦੇ ਖੁਲਾਸੇ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹੈ।1
- ਸਰਕਾਰੀ ਪਰਚੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਪੈਪਸੂ ਬੱਸ ‘ਚ ਹੰਗਾਮਾ, ਥਾਣੇਦਾਰ ‘ਤੇ ਡਰਾਈਵਰ-ਕੰਡਕਟਰ ਨੂੰ ਪਿਸਤੌਲ ਤਾਣ ਕੇ ਧਮਕਾਉਣ ਦੇ ਦੋਸ਼। *ਡਡਵਿੰਡੀ ਨੇੜੇ ਸਵਾਰੀਆਂ ਸਮੇਤ ਰੋਕਣੀ ਪਈ ਬੱਸ, ਵੀਡੀਓ ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਵਾਇਰਲ,ਲੱਗਾ ਭਾਰੀ ਜਾਮ। ਫ਼ੋਟੋ ਕੈਪਸ਼ਨ: ਡਡਵਿੰਡੀ ਨੇੜੇ ਪੈਪਸੂ ਬੱਸ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਹੰਗਾਮੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੌਕੇ ‘ਤੇ ਇਕੱਠੇ ਹੋਏ ਲੋਕ ਅਤੇ ਪੁਲਿਸ ਕਰਮਚਾਰੀ ਅਤੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦੇ ਹੋਏ ਸਵਾਰੀਆਂ ਦੀ ਤਸਵੀਰ। ਪਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ,4
- ਸਾਬਕਾ ਵਿਧਾਇਕ ਲਖਵੀਰ ਸਿੰਘ ਲੱਖਾ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਸੈਂਕੜੇ ਕਾਂਗਰਸੀ ਵਰਕਰਾਂ ਨੇ ਪਾਇਲ ਵਿੱਚ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਖਿਲਾਫ ਰੋਸ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕੀਤਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਚੋਣਾਂ ਦੀ ਵਾਰਡਬੰਦੀ ਵਿੱਚ ਧੱਕੇਸ਼ਾਹੀ ਦੇ ਦੋਸ਼ ਲਗਾਉਂਦਿਆਂ ਐਸ.ਡੀ.ਐਮ. ਨੂੰ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਸੌਂਪਿਆ ਅਤੇ ਅਦਾਲਤ ਜਾਣ ਦੀ ਚੇਤਾਵਨੀ ਦਿੱਤੀ।1
- ਫਗਵਾੜਾ ਵਿੱਚ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੀ ਲਪੇਟ ਵਿੱਚ ਆਈ ਜਵਾਨੀ ਦਾ ਇੱਕ ਭਿਆਨਕ ਦ੍ਰਿਸ਼ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਇੱਕ ਨੌਜਵਾਨ ਨਸ਼ੇ ਨਾਲ ਬੇਸੁੱਧ ਹੋ ਕੇ ਸੜਕ ਕਿਨਾਰੇ ਬੈਠਾ ਦੇਖਿਆ ਗਿਆ। ਇਹ ਘਟਨਾ ਜਵਾਨੀ ਦੇ ਭਵਿੱਖ ਅਤੇ ਨਸ਼ਿਆਂ ਦੇ ਵਧਦੇ ਪ੍ਰਕੋਪ 'ਤੇ ਗੰਭੀਰ ਸਵਾਲ ਖੜ੍ਹੇ ਕਰਦੀ ਹੈ।1
- ਕੇਕ ਖਾਣ ਵਾਲੇ ਦੇਖਣ ਇਹ ਵੀਡਿਉ ਧਿਆਨ ਨਾਲ1
- ਪਿੰਡ ਕਿਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਵਾਲਾ ਵਿੱਚ ਖੇਤਾਂ ਨੂੰ ਲੱਗੀ ਅੱਗ ਨੂੰ ਪਰਾਲੀ ਪ੍ਰੋਟੈਕਸ਼ਨ ਫੋਰਸ ਨੇ ਸਮੇਂ ਸਿਰ ਬੁਝਾ ਦਿੱਤਾ। ਫੋਰਸ ਨੇ ਇਸ ਮੌਕੇ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੂੰ ਪਰਾਲੀ ਨੂੰ ਅੱਗ ਨਾ ਲਾਉਣ ਦੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ।1
- तमिलनाडु में विजय थलपति मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद भावुक हुए, चेहरे पर मासूमियत लिये, ना अकड़, ना घमंड, धीरे धीरे कुर्सी की तरफ कदम बढ़ाते हुए, सभी को नमस्कार करके विजय थलपति कुर्सी पर बैठे, ख़ुशी के आँसू दर्शाते है कि ये कुर्सी कोई आम कुर्सी नहीं बल्कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की कुर्सी है जिस पर अब विजय थलपति बैठेंगे।"1