देवास शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है, जहाँ क्लब ग्राउंड पर 42 से ज़्यादा दूल्हे अपनी बारातें लेकर पहुँचे, लेकिन देर रात तक एक भी दुल्हन मौके पर नहीं आई। इस घटना के बाद सभी दूल्हों में भारी गुस्सा देखा गया। बताया जा रहा है कि विदिशा निवासी एक युवक ने कई लोगों से संपर्क कर शादी कराने का दावा किया था। उसने वादा किया था कि इंदौर के एक अनाथ आश्रम से लड़कियाँ लाकर सभी की शादी करवाई जाएगी। इस दावे के बदले आरोपी ने दूल्हों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की ठगी की। तय तारीख पर, सभी दूल्हे सेहरा बांधकर और अपने रिश्तेदारों के साथ क्लब ग्राउंड पहुँचे। मंडप सजाया गया और बारातें तैयार थीं, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी दुल्हनों का कोई अता-पता नहीं चला। धीरे-धीरे लोगों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद मौके पर ज़ोरदार हंगामा हुआ। पीड़ितों ने आरोपी पर शादी के नाम पर लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें एक साथ इतने सारे दूल्हों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। इस घटना को लेकर कहा गया, “बारात तैयार थी, सेहरे सज चुके थे… लेकिन देवास में 42 दूल्हों की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना उस वक्त टूट गया, जब शादी कराने का दावा करने वाला शख्स दुल्हनों समेत गायब हो गया।”
देवास शहर में शादी के नाम पर ठगी का एक हैरतअंगेज़ मामला सामने आया है, जहाँ क्लब ग्राउंड पर 42 से ज़्यादा दूल्हे अपनी बारातें लेकर पहुँचे, लेकिन देर रात तक एक भी दुल्हन मौके पर नहीं आई। इस घटना के बाद सभी दूल्हों में भारी गुस्सा देखा गया। बताया जा रहा है कि विदिशा निवासी एक युवक ने कई लोगों से संपर्क कर शादी कराने का दावा किया था। उसने वादा किया था कि इंदौर के एक अनाथ आश्रम से लड़कियाँ लाकर सभी की शादी करवाई जाएगी। इस दावे के बदले आरोपी ने दूल्हों और उनके परिवारों से हजारों से लेकर लाखों रुपए तक की ठगी की। तय तारीख पर, सभी दूल्हे सेहरा बांधकर और अपने रिश्तेदारों के साथ क्लब ग्राउंड पहुँचे। मंडप सजाया गया और बारातें तैयार थीं, लेकिन घंटों के इंतजार के बाद भी दुल्हनों का कोई अता-पता नहीं चला। धीरे-धीरे लोगों को एहसास हुआ कि वे ठगी का शिकार हो चुके हैं, जिसके बाद मौके पर ज़ोरदार हंगामा हुआ। पीड़ितों ने आरोपी पर शादी के नाम पर लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई और पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, संभवतः यह देश का पहला ऐसा मामला है जिसमें एक साथ इतने सारे दूल्हों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया गया है। इस घटना को लेकर कहा गया, “बारात तैयार थी, सेहरे सज चुके थे… लेकिन देवास में 42 दूल्हों की जिंदगी का सबसे बड़ा सपना उस वक्त टूट गया, जब शादी कराने का दावा करने वाला शख्स दुल्हनों समेत गायब हो गया।”
- शाजापुर के स्थानीय किला परिसर में बालिकाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का दोहरा उद्देश्य 'सुरक्षा और जागरूकता' था, जहाँ बालिकाओं को शारीरिक मजबूती के साथ-साथ अपने कानूनी अधिकारों की स्पष्ट जानकारी देना सिखाया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आनंद कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में 'शक्ति दल' द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए चलाए जा रहे आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के एक अहम हिस्से के रूप में संपन्न हुआ। शिविर में मुख्य अतिथि जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए महिला सुरक्षा कानूनों, उनके बुनियादी कानूनी अधिकारों और संकट के समय विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और परामर्श सेवाओं पर प्रकाश डाला, साथ ही नालसा की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे 'महिलाओं एवं बच्चों के लिए विधिक सेवाएं योजना', 'बाल हितैषी विधिक सेवाएं योजना', 'पीड़ित प्रतिकर योजना' और 'विधिक सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली' के बारे में भी बताया। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक मुफ्त न्याय की सुविधा आसानी से पहुँचाना है। कानूनी योजनाओं के अलावा, शिविर में महिलाओं से जुड़े व्यावहारिक मुद्दों पर भी चर्चा हुई। छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग, घरेलू हिंसा से बचाव के तरीके, बाल संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों और शिक्षा के अधिकार से संबंधित कानूनी पहलुओं के प्रति जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकों सहित 70 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। शिविर के अंतिम चरण में एक संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जहाँ छात्राओं ने बेझिझक कानून और सुरक्षा से संबंधित अपनी शंकाएं व सवाल सामने रखे, जिनका मुख्य अतिथि ने संतोषजनक उत्तर देकर समाधान किया। इस शिविर का प्राथमिक उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के लिए न्याय तक सुलभ पहुँच सुनिश्चित करना और उनमें यह आत्मविश्वास जगाना था कि कानून उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा है।3
- उज्जैन के डॉक्टर रवि सोलंकी ने लोगों से अपील की है कि वे शिप्रा तीर्थ परिक्रमा में शामिल होकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दें।1
- इंदौर शहर की मानवता नगर और सर्वसंपन्न नगर कॉलोनी से जुड़े दस्तावेज़ और रिपोर्ट कई गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। इनमेें स्वीकृत नक्शे और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर, प्लॉट नंबरों से संबंधित विवाद, और रहवासियों की चिंताओं जैसे मुख्य मुद्दे शामिल हैं। इन घटनाक्रमों के बीच, इंदौर शहर में भूमाफियाओं के कथित आतंक और नियम विरुद्ध भवन निर्माण की बात भी सामने आ रही है। विशेष रिपोर्टों और उपलब्ध दस्तावेज़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि स्वीकृत लेआउट बनाम वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है, जिससे विशेष रूप से प्लॉट 120 और 120A–D को लेकर विवाद पैदा हो गया है। इस पूरी स्थिति ने रहवासियों के बीच गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं, और प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है। यह पूरी जानकारी उपलब्ध दस्तावेज़ों, शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि सामने आए तथ्यों को प्रस्तुत करना है।1
- सुसनेर थाने में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान, यह तय किया गया कि ईद की मुख्य नमाज 28 मई को सुबह 8 बजे अदा की जाएगी।1
- सुसनेर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें एसडीओपी ने नगर परिषद के आला अधिकारियों को साफ-सफाई बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।1
- आज की तारीख में भी ग्राम विकास योजना के कई कार्य पूरे नहीं हो पाए हैं, जिसके चलते बहुत सारी ग्राम पंचायतों को अभी तक सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के मद्देनज़र, यह माँग की गई है कि मध्य प्रदेश की सभी पंचायतों को अपने-अपने विकास कार्यों की विस्तृत जाँच करनी चाहिए।1
- शाजापुर जिले में पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा के लिए रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक अपराध बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए पुलिस लाइन और जिले के चार थानों – सुंदरसी, सलसलाई, मोहन बड़ोदिया और मक्सी – को आईएसओ सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान एसपी ने अपराधों के लंबित मामलों, बढ़ते साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मातहतों को कड़े निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान, एसपी ने महिला संबंधी अपराधों को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को इन मामलों में पूरी संवेदनशीलता दिखाने और तेजी से निराकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जिले में नशे के खिलाफ एक सघन अभियान छेड़ने तथा प्रशासन के साथ तालमेल बिठाकर 'कोटपा एक्ट' के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। गंभीर और चिन्हित अपराधों में आरोपियों को शत-प्रतिशत सजा दिलाने पर विशेष जोर देते हुए, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज अपराधों के आरोपियों के डोजियर तैयार करने को कहा गया। साइबर अपराधों की समीक्षा करते हुए, साइबर सेल को उन मामलों में फरियादियों को राशि त्वरित रूप से वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया, जिनमें ठगों के खातों में राशि 'होल्ड' कराई गई है। पुलिस अधीक्षक ने थानों में लंबित अपराधों और चालानों का शीघ्र निराकरण करने, वारंटों और जमानती की समय सीमा के भीतर तामीली कराने तथा गवाहों को तय पेशी पर न्यायालय में उपस्थित कराने के भी सख्त निर्देश दिए। आगामी त्योहारों के मद्देनजर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है, जिसके तहत सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने शासकीय वाहनों में बलवा ड्रिल (दंगा नियंत्रण) और अश्रु गैस से जुड़ी सामग्री अनिवार्य रूप से रखने का निर्देश दिया गया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- मध्य प्रदेश के सुसनेर में जैन समाज का आक्रोश रीवा में जैन साध्वियों के साथ हुई एक घटना के विरोध में फूट पड़ा। इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जैन समाज के सदस्यों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।1
- सादनखेड़ी-चारखेड़ी मार्ग पर वर्षों से चली आ रही एक बड़ी समस्या का समाधान अब शुरू हो गया है। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के अथक प्रयासों से इस 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य जारी है, जिससे अब ग्रामीणों को 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों में गहरा हर्ष है, क्योंकि उन्हें जल्द ही सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के ये प्रयास रंग लाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप पहले श्रमदान से बनी इस सड़क पर अब डामरीकरण का कार्य भी किया जा रहा है।1