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डिण्डौरी में किसानों की मांगों को लेकर गरजा भारतीय किसान संघ ** *सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के नाम सौंपा ज्ञापन* *40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान खरीदी और कृषि महाविद्यालय की मांग* *भावान्तर नहीं भाव चाहिए: जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू* डिंडौरी। किसानों की ज्वलंत समस्याओं और जिले की प्रमुख मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर डिंडौरी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों की संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और कृषि, खाद, बीज, फसल बीमा, बिजली, सिंचाई, पशु चिकित्सा, उद्यानिकी एवं राजस्व से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई। भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार से कृषि आदान एवं कृषि यंत्रों से जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने, किसान सम्मान निधि में वृद्धि कर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने, कृषि उत्पादों की आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाने तथा जीएम फसलों को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग की। खाद और फसल बीमा की समस्या पर जताई चिंता ज्ञापन में प्रदेश के किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराने, एनपीके पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने, फसल बीमा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा सैटेलाइट सर्वे के स्थान पर फसल कटाई प्रयोग को प्रभावी बनाने की मांग की गई। अतिवृष्टि, कीट एवं बीमारियों से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी रखी गई। कृषि मंडियों में आधुनिक टेस्टिंग, तौल एवं ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करने तथा धान, सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा सहित सभी प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग की गई। जिले की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया भारतीय किसान संघ ने डिंडौरी जिले की स्थानीय समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया। मेंहदवानी तहसीलदार को हटाने, जिले में नवीन समितियों के कार्यालय खोलने, किसानों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने तथा धान की खरीदी का लक्ष्य 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग प्रमुख रही। पशु चिकित्सा विभाग में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने, जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में पावर ट्रेलर, जैविक खाद, स्थाई ढांचा और फेंसिंग तार के लक्ष्य बढ़ाने की मांग की गई।सिंचाई के लिए स्थाई बिजली कनेक्शन की मांग नदी, कुआं, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों से लगी कृषि भूमि वाले किसानों को सिंचाई के लिए स्थाई विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके साथ ही जले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में बदलने और किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। ये रहे प्रमुख पदाधिकारी और किसान ज्ञापन कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, आशाराम यादव, तहसील उपाध्यक्ष लालसिंह, प्रचार प्रमुख कृष्ण कुमार, रामेश्वर, लखन, हीरालाल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक मांग पर समय-सीमा तय कर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। संघ ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। दिनांक - १५ सितम्बर २०२६

14 hrs ago
user_Sharda Prasad Namdeo
Sharda Prasad Namdeo
शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago
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डिण्डौरी में किसानों की मांगों को लेकर गरजा भारतीय किसान संघ ** *सैकड़ों किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के नाम सौंपा ज्ञापन* *40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर धान खरीदी और कृषि महाविद्यालय की मांग* *भावान्तर नहीं भाव चाहिए: जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू* डिंडौरी। किसानों की ज्वलंत समस्याओं और जिले की प्रमुख मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मंगलवार को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर डिंडौरी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। सैकड़ों की संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और कृषि, खाद, बीज, फसल बीमा, बिजली, सिंचाई, पशु चिकित्सा, उद्यानिकी एवं राजस्व से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग उठाई। भारतीय किसान संघ ने केंद्र सरकार से कृषि आदान एवं कृषि यंत्रों से जीएसटी समाप्त करने, सभी फसलों का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य निर्धारित करने, किसान सम्मान निधि में वृद्धि कर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर करने, कृषि उत्पादों की आयात-निर्यात नीति किसान हितैषी बनाने तथा जीएम फसलों को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देने की मांग की। खाद और फसल बीमा की समस्या पर जताई चिंता ज्ञापन में प्रदेश के किसानों को पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद उपलब्ध कराने, एनपीके पर डीएपी की तरह सब्सिडी देने, फसल बीमा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा सैटेलाइट सर्वे के स्थान पर फसल कटाई प्रयोग को प्रभावी बनाने की मांग की गई। अतिवृष्टि, कीट एवं बीमारियों से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा दिलाने की मांग भी रखी गई। कृषि मंडियों में आधुनिक टेस्टिंग, तौल एवं ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करने तथा धान, सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा सहित सभी प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित

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करने की मांग की गई। जिले की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया भारतीय किसान संघ ने डिंडौरी जिले की स्थानीय समस्याओं को भी ज्ञापन में शामिल किया। मेंहदवानी तहसीलदार को हटाने, जिले में नवीन समितियों के कार्यालय खोलने, किसानों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने तथा धान की खरीदी का लक्ष्य 22 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर करने की मांग प्रमुख रही। पशु चिकित्सा विभाग में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने, जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने तथा उद्यानिकी विभाग की योजनाओं में पावर ट्रेलर, जैविक खाद, स्थाई ढांचा और फेंसिंग तार के लक्ष्य बढ़ाने की मांग की गई।सिंचाई के लिए स्थाई बिजली कनेक्शन की मांग नदी, कुआं, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों से लगी कृषि भूमि वाले किसानों को सिंचाई के लिए स्थाई विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके साथ ही जले ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे में बदलने और किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। ये रहे प्रमुख पदाधिकारी और किसान ज्ञापन कार्यक्रम में भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, तहसील अध्यक्ष खमोद चंदेल, आशाराम यादव, तहसील उपाध्यक्ष लालसिंह, प्रचार प्रमुख कृष्ण कुमार, रामेश्वर, लखन, हीरालाल सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे। भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक मांग पर समय-सीमा तय कर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। संघ ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा जताई। दिनांक - १५ सितम्बर २०२६

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  • ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल ​स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ​ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।
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    ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल
​स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी
​ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।
    user_Jagannath Sahu
    Jagannath Sahu
    Teacher शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
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    UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
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    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
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    उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है.   यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है.
 थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है.   यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है.
थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • *कांग्रेस की झूठ की मशीन फिर बेनकाब!* ⛔️ UPI को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया भ्रम कि ₹2,000 से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन पर सरचार्ज लगेगा, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त है। गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। देश की जनता अब कांग्रेस के झूठ को समझ चुकी है! *सुनिए, पूरी सच्चाई! ⬆️*
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    *कांग्रेस की झूठ की मशीन फिर बेनकाब!* ⛔️
UPI को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया भ्रम कि ₹2,000 से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन पर सरचार्ज लगेगा, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। 
सच्चाई यह है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त है।
गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। देश की जनता अब कांग्रेस के झूठ को समझ चुकी है!
*सुनिए, पूरी सच्चाई! ⬆️*
    user_Akash Chakarwarti
    Akash Chakarwarti
    Local News Reporter घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।
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    हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया 
हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर 
उमरिया नगर  सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई ।
महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह  स्मृति की याद में मनाया जाता है ।
तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह  व्रत धारण करती है  ।
    user_Chandu Yadav
    Chandu Yadav
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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    धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* 
*कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* 
डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है।
दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव
डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है—
थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़
इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़
किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव
*वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
फसल की लगातार निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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    उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • नगर में गड्ढा या गड्ढे में नगर बादल सड़के जनता परेशान. उमरिया जिले से ब्यूरो चीफ शम्मी खान नियाजी. Mo. No✨7869083710
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    नगर में गड्ढा या गड्ढे में नगर बादल सड़के जनता परेशान.
उमरिया जिले से ब्यूरो चीफ शम्मी खान नियाजी. Mo. No✨7869083710
    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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