भीलवाड़ा में वर्ल्ड फादर्स डे के अवसर पर रविवार, 21 जून को इंटरनेशनल माहेश्वरी कपल क्लब, भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा एक सादे समारोह में दो 'पितृ भक्त' व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अशोक सोडाणी के हाथों राजेंद्र सिंघवी और अमित पोखरना को उपरणा, पगड़ी पहनाकर क्लब का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस सम्मान की खास बात यह रही कि सम्मानित होने वाले दोनों व्यक्ति जैन समाज से हैं, जबकि सम्मान करने वाला माहेश्वरी समाज था। राजेंद्र सिंघवी और अमित पोखरना पिछले दो दशकों से अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में करोड़ों रुपए से अधिक के परमार्थ हितार्थ कार्य कर चुके हैं, और उन्होंने आज तक किसी से भी अपना सम्मान नहीं करवाया था। राजेंद्र सिंघवी अपने पिता स्वर्गीय श्री दीपचंद सिंघवी और माता स्वर्गीय श्रीमती शांता देवी सिंघवी की स्मृति में शिक्षा, चिकित्सा, ब्लड डोनेशन कैंप, आई कैंप, मेडिकल कैंप, गौशालाओं के लिए सहायता, पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां और बर्ड हाउस जैसे सेवा कार्य बीते बीस वर्षों से नियमित रूप से कर रहे हैं। उनका अगला संकल्प अपने पैतृक गांव रूद में अपने माता-पिता की स्मृति में एक स्कूल भवन का निर्माण करना है। वहीं, अमित पोखरना अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती बादाम देवी पोखरना और पिता स्वर्गीय श्री मीठा लाल पोखरना की पुण्य स्मृति में पिछले बीस वर्षों से 'जी-9' के नाम से पक्षियों के लिए परिंडा वितरण करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और जरूरतमंद बच्चों को जर्सियां, स्वेटर और कंबल भी बांटते हैं, तथा अपने परिवारजनों के साथ अन्य अनेकों परमार्थ कार्य में जुटे हैं। इस अवसर पर अपने संबोधन में इंटरनेशनल माहेश्वरी कपल क्लब भारत के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अशोक सोडाणी ने कहा कि उनका प्रयास है कि आम व्यक्ति जो इंसानियत की सेवा कर रहे हों, वे किसी भी धर्म, जाति या मजहब से हों, उनका सम्मान करना वे अपना उत्तरदायित्व समझते हैं।
भीलवाड़ा में वर्ल्ड फादर्स डे के अवसर पर रविवार, 21 जून को इंटरनेशनल माहेश्वरी कपल क्लब, भीलवाड़ा जिला शाखा द्वारा एक सादे समारोह में दो 'पितृ भक्त' व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अशोक सोडाणी के हाथों राजेंद्र सिंघवी और अमित पोखरना को उपरणा, पगड़ी पहनाकर क्लब का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इस सम्मान की खास बात यह रही कि सम्मानित होने वाले दोनों व्यक्ति जैन समाज से हैं, जबकि सम्मान करने वाला माहेश्वरी समाज था। राजेंद्र सिंघवी और अमित पोखरना पिछले दो दशकों से अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में करोड़ों रुपए से अधिक के परमार्थ हितार्थ कार्य कर
चुके हैं, और उन्होंने आज तक किसी से भी अपना सम्मान नहीं करवाया था। राजेंद्र सिंघवी अपने पिता स्वर्गीय श्री दीपचंद सिंघवी और माता स्वर्गीय श्रीमती शांता देवी सिंघवी की स्मृति में शिक्षा, चिकित्सा, ब्लड डोनेशन कैंप, आई कैंप, मेडिकल कैंप, गौशालाओं के लिए सहायता, पशु-पक्षियों के लिए पानी की टंकियां और बर्ड हाउस जैसे सेवा कार्य बीते बीस वर्षों से नियमित रूप से कर रहे हैं। उनका अगला संकल्प अपने पैतृक गांव रूद में अपने माता-पिता की स्मृति में एक स्कूल भवन का निर्माण करना है। वहीं, अमित पोखरना अपनी माता स्वर्गीय श्रीमती बादाम देवी पोखरना और पिता स्वर्गीय श्री मीठा
लाल पोखरना की पुण्य स्मृति में पिछले बीस वर्षों से 'जी-9' के नाम से पक्षियों के लिए परिंडा वितरण करते हैं। इसके अतिरिक्त, वे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और जरूरतमंद बच्चों को जर्सियां, स्वेटर और कंबल भी बांटते हैं, तथा अपने परिवारजनों के साथ अन्य अनेकों परमार्थ कार्य में जुटे हैं। इस अवसर पर अपने संबोधन में इंटरनेशनल माहेश्वरी कपल क्लब भारत के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. अशोक सोडाणी ने कहा कि उनका प्रयास है कि आम व्यक्ति जो इंसानियत की सेवा कर रहे हों, वे किसी भी धर्म, जाति या मजहब से हों, उनका सम्मान करना वे अपना उत्तरदायित्व समझते हैं।
- भीलवाड़ा के शांति भवन में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और आयुष विभाग द्वारा मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में भीलवाड़ा के विधायक अशोक कोठारी ने स्वयं योगाभ्यास किया और उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवन अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करते हुए स्वस्थ रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और एक स्वस्थ भारत के निर्माण में अपना योगदान देना था। पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने 'करें योग, रहें निरोग' के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का भी संकल्प लिया।2
- भीलवाड़ा जिले के उपरेडा कस्बे में बनेड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के नवीन कब्रिस्तान परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के उद्देश्य से एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी (उपरेड़ा) के नेतृत्व में, वर्षा ऋतु के आगमन पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया गया। इस कार्यक्रम के तहत 20 बरगद के पौधे और प्रदूषण नियंत्रण व हरियाली बढ़ाने के लिए 50 से अधिक कंदील के पौधे रोपे गए। पौधारोपण के साथ ही, लगाए गए सभी पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके चारों ओर कांटेदार बाड़ लगाई गई और उन्हें वृक्ष बनने तक नियमित देखभाल करने का भी संकल्प लिया गया। इस अवसर पर मौलाना बरकत अली (सरदारनगर) ने विशेष सहयोग प्रदान किया और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान की सराहना करते हुए अधिक से अधिक लोगों से वृक्षारोपण से जुड़ने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता मुबारक मंसूरी ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि क्षेत्र में पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना, हरियाली बढ़ाना तथा मवेशियों, आमजन और जीव-जंतुओं के लिए छायादार वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने पेड़ों को प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण बताते हुए बेहतर वर्षा और स्वच्छ वातावरण के लिए वृक्षारोपण को अत्यंत आवश्यक बताया। मंसूरी ने जानकारी दी कि इस वर्ष वर्षा ऋतु के दौरान नवीन कब्रिस्तान परिसर और पुराने कब्रिस्तान परिसर में 101 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण भी किया जाएगा, ताकि अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सकें। "एक पेड़ – अनेक जीवन" के संदेश के साथ आयोजित इस पहल को स्थानीय लोगों ने सराहनीय कदम बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया।3
- राजस्थान के बनेड़ा तहसील के निंबाहेड़ा कला गांव में सड़कों की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष है। पूरे गांव की सड़कें पानी से भरकर 'स्विमिंग पूल' में तब्दील हो गई हैं, जिससे आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बारे में प्रशासन को बार-बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद भी प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है और शिकायतों को अनदेखा कर रहा है।4
- दहेज मृत्यु के एक मामले को झूठा पाए जाने के बाद एक नया और गंभीर सवाल उठ खड़ा हुआ है। मामले की जाँच के दौरान जब्त किए गए करोड़ों रुपये के जेवर आखिर कहाँ गए? इस सवाल के जवाब में अधिकारियों द्वारा “बंदर ले गए” कहने से जनता में भारी रोष और अविश्वास का माहौल है। इस हैरान कर देने वाले जवाब के बाद अब जनता पूछ रही है कि आखिर इतना शातिर कौन निकला—बंदर, या कोई और? करोड़ों की कीमत के जेवरों के गायब होने और ऐसा बेतुका जवाब मिलने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। आम लोग मांग कर रहे हैं कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह भी रेखांकित किया गया है कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए जवाबदेही और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है।1
- आगामी महिला T20 वर्ल्ड कप फाइनल का विजेता कौन होगा, यह सवाल उठाया गया है। दर्शकों से आग्रह किया गया है कि वे इस महत्वपूर्ण मुकाबले के संभावित विजेता के बारे में जानने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करें।1
- विश्व योग दिवस के अवसर पर चित्तौड़गढ़ योगमय हो उठा। इस दौरान घोसुण्डा में, सुख सेवा संस्थान में योग का मंत्र गूंजा और सभी ने नशामुक्त जीवन का संकल्प लिया।1
- परिवार में रिश्तों के कत्ल का एक खौफनाक मामला बेनकाब हुआ है, जहाँ एक सगी बहन के लड़के ने अपने ही परिजनों के खिलाफ घिनौनी साजिश रची। इस षड्यंत्र के तहत, उसने स्पष्ट रूप से कहा था कि 'पहले नानी को मार दो, फिर मामा को भी निपटा देंगे।' इस भयावह योजना को अंजाम देते हुए, बहू ने अपनी सास को कीटनाशक देकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि उन रिश्तों, विश्वास और पारिवारिक मूल्यों की भी हत्या है जहाँ अपनापन और विश्वास होना चाहिए था। जब स्वार्थ और गलत इरादे हावी हो जाते हैं, तब इंसान अपने ही लोगों का दुश्मन बन जाता है। इस जघन्य अपराध के दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में यह स्पष्ट संदेश जाए कि रिश्तों के नाम पर किया गया अपराध भी उतना ही गंभीर है जितना कोई अन्य जघन्य अपराध।1
- भीलवाड़ा जिले में रविवार को री-नीट यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों और सख्त निगरानी के बीच किया गया। जिले के पांच परीक्षा केंद्रों पर कुल 2302 अभ्यर्थी इस महत्वपूर्ण परीक्षा में शामिल हुए। अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 1:30 बजे तक जारी रही, जिसमें उन्हें बायोमेट्रिक सत्यापन, पूर्ण फ्रिस्किंग और त्रिस्तरीय जांच के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और समझने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी प्रदान किया गया। परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसमें प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ भारतीय वायुसेना को भी सौंपी गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जैमर लगाए गए थे, जबकि जिला प्रशासन ने केंद्रों के 300 मीटर दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया था। जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने पुष्टि की कि सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थीं और प्रभारी सचिव द्वारा भी केंद्रों का निरीक्षण किया गया था, तथा परीक्षा एनटीए, भारत सरकार और राज्य सरकार की सभी गाइडलाइन के अनुरूप संचालित की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारसमल जैन ने बताया कि सभी पांच परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था और पुलिस अधिकारी परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। परीक्षा देने पहुंची अभ्यर्थी प्रिया राठौड़ ने पिछले पेपर लीक प्रकरण के बाद इस दोबारा परीक्षा के आयोजन को विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों ने इस परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत की है और सभी चाहते हैं कि यह निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। प्रिया ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया, उम्मीद जताई कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होगा।1