बलिया जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह शनिवार को पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को जमकर फटकार लगाई और अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की सख्त चेतावनी दी। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सबसे पहले जिलाधिकारी ने परमानंदापुर स्थित कटहल नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और वहां कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ इसे पूरा किया जाए। इसके बाद डीएम मेडिकल बाईपास पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाईपास का मार्किंग कार्य तत्काल पूरा कराया जाए तथा माल्देपुर से सड़क चौड़ीकरण का चिन्हांकन शुरू किया जाए। इसके साथ ही जहां मिट्टी की कटाई और नाली निर्माण होना है, वहां बिना देरी के कार्य शुरू कराने और सड़क किनारे हुए अवैध अतिक्रमण को जल्द हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान माल्देपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के बीच उगी घास, झाड़ियां और छोटे पौधों को देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल साफ-सफाई अभियान चलाकर सड़क को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। अंत में डीएम महावीर घाट स्थित निर्माणाधीन बाढ़ शरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने शरणालय की ऊंचाई, निर्माण में प्रयुक्त सरिया की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी मानकों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बाउंड्रीवॉल का कार्य शीघ्र पूरा कराने, आवश्यक स्थानों पर पिलर लगाकर निर्माण मजबूत करने तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जिले की सभी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसडीएम सदर अभिनेंद्र सिंह, एडीएम अनिल कुमार, पीडब्ल्यूडी और आपदा विभाग के पियूष सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बलिया जिले में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह शनिवार को पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने शहर के विभिन्न निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विकास कार्यों में धीमी प्रगति और लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को जमकर फटकार लगाई और अधिकारियों को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने की सख्त चेतावनी दी। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में देरी या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सबसे पहले जिलाधिकारी ने परमानंदापुर स्थित कटहल नाला निर्माण कार्य का निरीक्षण किया और वहां कार्य की धीमी गति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ इसे पूरा किया जाए। इसके बाद डीएम मेडिकल बाईपास पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क निर्माण की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाईपास का मार्किंग कार्य तत्काल पूरा कराया जाए तथा माल्देपुर से सड़क चौड़ीकरण का चिन्हांकन शुरू किया जाए। इसके साथ ही जहां मिट्टी की कटाई और नाली निर्माण होना है, वहां बिना देरी के कार्य शुरू कराने और सड़क किनारे हुए अवैध अतिक्रमण को जल्द हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान माल्देपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के बीच उगी घास, झाड़ियां और छोटे पौधों को देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल साफ-सफाई अभियान चलाकर सड़क को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। अंत में डीएम महावीर घाट स्थित निर्माणाधीन बाढ़ शरणालय पहुंचे, जहां उन्होंने शरणालय की ऊंचाई, निर्माण में प्रयुक्त सरिया की गुणवत्ता और अन्य तकनीकी मानकों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बाउंड्रीवॉल का कार्य शीघ्र पूरा कराने, आवश्यक स्थानों पर पिलर लगाकर निर्माण मजबूत करने तथा सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जिले की सभी विकास परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एसडीएम सदर अभिनेंद्र सिंह, एडीएम अनिल कुमार, पीडब्ल्यूडी और आपदा विभाग के पियूष सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- बलिया के गंगा बहुद्देशीय सभागार में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान एक अजीब वाकया देखने को मिला। जब निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी अचानक सभागार की बिजली गुल हो गई। संजय निषाद ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि "जो जमीन सरकारी, वह जमीन हमारी है" और इसी बीच बिजली चली गई। अंधेरा होने के बावजूद कार्यक्रम रुका नहीं और मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी की व्यवस्था की। टॉर्च की रोशनी के बीच संजय निषाद मंच पर खड़े रहे और कार्यक्रम बदस्तूर जारी रहा, जो वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- बलिया के नरही थाना पुलिस ने उजियार घाट से 27 लीटर देशी शराब के साथ बिहार के एक अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) संजय वर्मा के निकट पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी सदर अक्षय कुमार और प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर सिंह के नेतृत्व में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय रोहित कुमार चौधरी के रूप में हुई है, जो मल्लाह टोली (बड़ी मस्जिद के सामने), थाना टाउन, जिला बक्सर (बिहार) का रहने वाला है। 10 जुलाई 2026 को उप निरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग कर रहे थे, तभी मुखबिर की सूचना पर उजियार घाट के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से तीन पेटियों में रखी 200 मिलीलीटर की कुल 135 शीशियां (कुल 27 लीटर देशी शराब) बरामद की गईं। इस बरामदगी के आधार पर स्थानीय नरही थाने में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 116/26 दर्ज कर आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, हेड कांस्टेबल बनारसी बाबू और कांस्टेबल सुबेन्दु कुमार शामिल रहे।1
- बिहार के भोजपुर जिला अंतर्गत जगदीशपुर में रविवार, 12 जुलाई 2026 को एक निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए इसे देखने और सुनने की बात कही गई है।1
- भोजपुर के पीरो डीएसपी स्नेह सेतु ने कहा है कि जहां भी मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है, उसकी सूचना प्रशासन को दी जाए।1
- बांकीपुर में भारतीय जनता पार्टी का अहंकार इस बार पूरी तरह से चकनाचूर हो जाएगा। इस दावे के साथ ही आगामी समय के लिए स्पष्ट राजनीतिक संकेत दिए गए हैं कि क्षेत्र का मिजाज बदल रहा है।1
- जनपद बलिया के सिकंदरपुर स्थित मोहल्ला पुरापर (मदन के पोखरा) से शुक्रवार की देर रात भरत अखाड़ा का जुलूस निकाला गया। अखाड़े के अध्यक्ष विनोद वर्मा के नेतृत्व में निकले इस जुलूस में नगर सहित आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस मोहल्ला पुरापर से निकलकर परंपरागत मार्गों जैसे मोहल्ला चिड़ैया टोल, दरगाह शाह वली कादिरी और दरगाह के मैदान से होता हुआ मध्य रात्रि में मोहल्ला डोमनपुरा स्थित ठाकुर जी मंदिर के प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। उपजिलाधिकारी ऋषिकांत राजवंशी, क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी मूलचंद चौरसिया और चौकी प्रभारी गिरिजेश कुमार सिंह अपने हमराहियों के साथ लगातार क्षेत्र में चक्रमण करते रहे। इसके अलावा सुरक्षा के मद्देनजर एलआईयू की टीम भी जुलूस के दौरान मौजूद रही।1
- उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत बलिया जिले की सदर तहसील स्थित राजकीय बालिका गृह निधरिया में 'स्कूल सुरक्षा' और आपदा प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का संचालन 11वीं एनडीआरएफ वाराणसी की टीम ने रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से किया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आकस्मिक आपदाओं के समय बालिका गृह के बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों को त्वरित और सुरक्षित कदम उठाने के लिए जागरूक करना था। यह प्रशिक्षण शिविर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और एनडीआरएफ के उपमहानिरीक्षक श्री मनोज कुमार शर्मा के मार्गदर्शन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों तथा निरीक्षक प्रवीण उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में आयोजित किया गया। एनडीआरएफ के प्रशिक्षकों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से भूकंप, आग लगने, बाढ़, सर्पदंश और भगदड़ जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके सिखाए। इसके अलावा, प्राथमिक उपचार, सीपीआर (CPR) देने की विधि और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का सजीव प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरी सजगता के साथ सहभागिता की और प्रशिक्षकों से सवाल-जवाब भी किए। इस अवसर पर रेडक्रॉस सोसायटी के जिला समन्वयक शैलेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और आपदाओं के प्रति उनकी जागरुकता पूरे समाज को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। बाल गृह की अधीक्षिका अमिता जैन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे प्रशिक्षण की आवश्यकता है। कार्यक्रम के अंत में सभी का आभार व्यक्त किया गया। इस मौके पर अजय पाण्डेय, सोनी यादव, खुशबू तिवारी सहित नागरिक सुरक्षा कोर, रेडक्रॉस सोसायटी और बालिका गृह प्रबंधन के तमाम अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।1