चंदौली जिले के चहनियां-बलुआ मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे एक अधूरा गड्ढा अब जानलेवा साबित हो रहा है, जिसकी मुख्य वजह विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही बताई जा रही है। यह खतरनाक गड्ढा लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। हाल ही में, तीन दिन पहले सोनहुला निवासी 18 वर्षीय बीए की छात्रा शालू कुमारी का पैर बुरी तरह से फ्रैक्चर हो गया जब वह बाइक से बचने के प्रयास में इसी गड्ढे में गिर गईं। उनके परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए वाराणसी लेकर गए। इससे कुछ दिनों पहले भी एक अन्य राहगीर अपनी बाइक सहित इसी गड्ढे में गिर गया था। यह गड्ढा दरअसल चहनियां से बलुआ होते हुए वाराणसी जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला की अधूरी व्यवस्था का परिणाम है। विभागीय अधिकारियों ने कुछ दूरी तक तो नाली का निर्माण करवाया, लेकिन फिर इसे अधूरा ही छोड़ दिया। सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ पानी क्रॉस करने के लिए बनाया गया यह नाला अब एक खुला खतरा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां काफी दूरी तक नाली मौजूद थी, और इसे पिछले साल बनाया भी गया था, लेकिन अधूरे छोड़े जाने के कारण यह आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका को बनाए रखता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें सड़क किनारे इस जानलेवा गड्ढे के बारे में पूरी जानकारी है, फिर भी वे इसे ठीक करवाने की कोई आवश्यकता नहीं समझ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़े और गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा हो। बलुआ का यह मुख्य मार्ग अब पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है।
चंदौली जिले के चहनियां-बलुआ मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे एक अधूरा गड्ढा अब जानलेवा साबित हो रहा है, जिसकी मुख्य वजह विभागीय अधिकारियों की घोर लापरवाही बताई जा रही है। यह खतरनाक गड्ढा लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। हाल ही में, तीन दिन पहले सोनहुला निवासी 18 वर्षीय बीए की छात्रा शालू कुमारी का पैर बुरी तरह से फ्रैक्चर हो गया जब वह बाइक से बचने के प्रयास में इसी गड्ढे में गिर गईं। उनके परिजन तुरंत उन्हें उपचार के लिए वाराणसी लेकर गए। इससे कुछ दिनों पहले भी एक अन्य राहगीर अपनी बाइक सहित इसी गड्ढे में गिर गया था। यह गड्ढा दरअसल चहनियां से बलुआ होते हुए वाराणसी जाने वाले मुख्य मार्ग पर नाला की अधूरी व्यवस्था का परिणाम है। विभागीय अधिकारियों ने कुछ दूरी तक तो नाली का निर्माण करवाया, लेकिन फिर इसे अधूरा ही छोड़ दिया। सड़क के एक तरफ से दूसरी तरफ पानी क्रॉस करने के लिए बनाया गया यह नाला अब एक खुला खतरा बन चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले यहां काफी दूरी तक नाली मौजूद थी, और इसे पिछले साल बनाया भी गया था, लेकिन अधूरे छोड़े जाने के कारण यह आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका को बनाए रखता है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें सड़क किनारे इस जानलेवा गड्ढे के बारे में पूरी जानकारी है, फिर भी वे इसे ठीक करवाने की कोई आवश्यकता नहीं समझ रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो विभाग किसी बड़े और गंभीर हादसे का इंतजार कर रहा हो। बलुआ का यह मुख्य मार्ग अब पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है।
- चंदौली जिले में स्थित कमलापति त्रिपाठी अस्पताल मरीजों को बेहतर दवा और इलाज की सुविधा प्रदान करता है। अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर मरीजों के उपचार के लिए अपना पूरा समय देते हैं, जिसकी व्यापक सराहना की गई है। यहां मरीजों के लिए मात्र ₹1 की पर्ची काटी जाती है। अस्पताल में जितनी दवाएं उपलब्ध होती हैं, वे अंदर से ही मरीजों को दी जाती हैं, जबकि अन्य आवश्यक दवाएं बाहर से खरीदने के लिए लिखी जाती हैं। यह व्यवस्था सभी मरीजों के लिए एक समान है, और अस्पताल के डॉक्टर अग्रिम आदेशों का पालन सुनिश्चित करते हैं।2
- धीना के धानापुर क्षेत्र स्थित गुरैनी पंप कैनाल पर गंगा कटान की रोकथाम की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को लगातार 26वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने पर बैठे किसानों ने पहले कराए गए कटानरोधी कार्यों की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई। भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन संगठन के कार्यकारी सदस्य दीनानाथ श्रीवास्तव ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में गुरैनी पंप कैनाल को गंगा के कटान से बचाने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना स्वीकृत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस परियोजना के कार्य में उपयोग किए गए पत्थरों की खराब गुणवत्ता और निर्माण में अनियमितताओं के कारण अधिकांश पत्थर गंगा में समाहित हो गए। श्रीवास्तव ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है, जिससे कटान की समस्या आज भी बनी हुई है। किसानों ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों से धन की वसूली करने तथा भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। धरनारत किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक गंगा कटान को रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी उपाय नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस धरने में मुख्य रूप से दीनानाथ श्रीवास्तव, शिवराज सिंह, दुर्गेश सिंह, अविनाश सिंह, चंद्रिका मौर्य, सुजीत सिंह, रंगीले यादव, अशोक यादव, अच्छे खान, गुड्डू यादव, नागेंद्र यादव, मौला अली सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अवध यादव और रंगीले यादव ने संयुक्त रूप से की।2
- चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र के गुरैनी गांव में गंगा नदी के कटान को लेकर किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने एक बड़ा बयान जारी किया है।1
- चहनियाँ विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा सढान में आयोजित एसपीएल सेसन वन प्रीमियर लीग क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 21 जून 2026 को धानापुर और वाराणसी के बीच खेला गया। यह प्रतियोगिता विगत कई दिनों से चल रही थी, जिसका समापन धानापुर की जीत के साथ हुआ। फाइनल मुकाबले में, टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए धानापुर ने निर्धारित 10 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 119 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में, वाराणसी की टीम 10 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 113 रन ही बना सकी। इस प्रकार, धानापुर ने वाराणसी को 6 रनों से शिकस्त देकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। धानापुर के सोनू यादव को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया, जबकि वाराणसी के 'होल्डर' को 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला। इस गरिमामयी आयोजन में गांव के सम्मानित व्यक्ति जावेद अहमद, इरशाद सिपाही, बदरुद्दीन सेठ, इजहार अहमद (पप्पू), इमरोज UPP, कामरान मास्टर, आसिफ अहमद, मिथिलेश यादव, कल्लू भाई, सुल्तान अहमद और शकील मेजर बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। लीग की आयोजन समिति में दानिश अंसारी, सैफ अहमद, कैश अहमद, तंजीम, शमशाद, तसलीम छोटू, फुजैल जिगर, शाहनवाज सिब्लु और शारूफ जैसे पदाधिकारी शामिल थे।3
- चंदौली जनपद में पशु तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, मुगलसराय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने 70 किलो 760 ग्राम संदिग्ध मांस, गोवध में प्रयुक्त होने वाले उपकरण और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सतपोखरी स्थित एक किराए की दुकान में कुछ लोग गोमांस रखकर उसकी बिक्री की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दुकान पर छापा मारा। तलाशी के दौरान तीन बोरियों और एक झोले से कुल 70.760 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद हुआ, जिसका इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर पहली बोरी में 27.540 किलोग्राम, दूसरी में 16.730 किलोग्राम, तीसरी में 21.510 किलोग्राम और झोले में 4.980 किलोग्राम मांस मिला। मौके से मांस काटने में इस्तेमाल होने वाले एक चापड़, तीन चाकू, दो रेती, एक कुल्हाड़ी और मोटरसाइकिल संख्या UP62M0369 भी जब्त की गई। सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजकुमार यादव ने भी मौके पर पहुंचकर बरामद मांस को प्रथम दृष्टया गौमांस बताया, जिसके आवश्यक नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं; अंतिम पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे बिहार के भभुआ क्षेत्र से मांस लाकर स्थानीय स्तर पर बेचते थे और इसी से अपनी आजीविका चलाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नसीर, राजू कुरैशी और रहीम के रूप में हुई है। इनके खिलाफ थाना मुगलसराय में मु0अ0सं0 304/2026 के तहत उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5/8 और आयुध अधिनियम की धारा 4/25 में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई को थाना मुगलसराय के थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संजय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मेराज अहमद, कांस्टेबल परवेज अहमद और रिक्रूट कांस्टेबल आशुतोष पाण्डेय की टीम ने सफल बनाया।1
- चंदौली के मुगलसराय में शराब बिक्री के निर्धारित समय संबंधी शासन के कड़े नियमों के बावजूद, देर रात तक अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने एक बार फिर आबकारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया जा रहा है कि कैलाशपुरी मोड़ स्थित एक मॉडल शॉप पर रात 10 बजे के बाद भी धड़ल्ले से शराब की बिक्री जारी थी। यह कोई अकेला मामला नहीं है, क्योंकि कुछ समय पहले मुगलसराय की अंग्रेजी शराब की दुकान नंबर-1 का भी ऐसा ही एक वीडियो सामने आया था, जिसमें निर्धारित समय के बाद शराब बेचने के आरोप लगे थे। इन लगातार हो रहे उल्लंघनों के बावजूद, यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कार्रवाई किसके खिलाफ की जा रही है, या क्या यह केवल फाइलों और प्रेस नोट तक ही सीमित है? शहर में यह चर्चा भी गर्म है कि शासन की स्पष्ट नीति के बावजूद, यदि दुकानें देर रात तक संचालित हो रही हैं, तो यह केवल दुकानदारों की मनमानी नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था की स्पष्ट विफलता है, जो बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक संभव नहीं मानी जा सकती। इसके अतिरिक्त, सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि मुगलसराय से बिहार की ओर शराब तस्करी का पुराना नेटवर्क फिर से सक्रिय हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इन वायरल वीडियो और स्थानीय चर्चाओं में सच्चाई होने पर, यह मामला केवल समय सीमा के उल्लंघन तक सीमित नहीं रहता। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब ये वीडियो आम लोगों के मोबाइल तक आसानी से पहुंच रहे हैं, तो जिम्मेदार विभागों की नजर इन पर क्यों नहीं पड़ती? क्या नियम सिर्फ दिखावा हैं, या कानून का समय कुछ खास लोगों के लिए 'एक्सटेंड' हो जाता है? अब सबकी निगाहें आबकारी विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या वे इस वायरल वीडियो को मात्र सोशल मीडिया की हलचल मानकर अनदेखा कर देंगे, या इसकी निष्पक्ष जांच कराकर यह उजागर करेंगे कि आखिर रात के अंधेरे में नियमों की 'बोतल' कौन खोल रहा है।2
- डीडीयू नगर में पहली बार एक सफल निर्गुण भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जगहों से आए हुए निर्गुण कलाकारों ने दिव्य माहौल बना दिया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब प्रशंसा की। भजन संध्या में बैठकर लोगों को अपनी आत्मा का मंथन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन चेतना मंच के द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।1
- चंदौली जिले के धानापुर और गुरैनी क्षेत्रों में गंगा नदी के कटान को लेकर किसानों द्वारा चलाया जा रहा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज 26वें दिन भी जारी रहा। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार चल रहा है।1