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कोटा के संजय नगर इलाके में हुसैनी लंगर कमेटी ने एक 'खिदमत-ए-खल्क' कार्यक्रम के तहत हुसैनी लंगर का एहतेमाम किया। कमेटी के सदर आवेश खान की सरपरस्ती में आयोजित इस लंगर में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और भोजन ग्रहण किया। इस दौरान कमेटी के जिम्मेदारान और कार्यकर्ताओं ने लोगों में लंगर वितरित किया। आवेश खान ने बताया कि इस हुसैनी लंगर का मुख्य मकसद इंसानियत, भाईचारे और आपसी मोहब्बत व सौहार्द को बढ़ावा देना है। इलाके के लोगों ने भी इस नेक पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसकी सराहना की।
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
कोटा के संजय नगर इलाके में हुसैनी लंगर कमेटी ने एक 'खिदमत-ए-खल्क' कार्यक्रम के तहत हुसैनी लंगर का एहतेमाम किया। कमेटी के सदर आवेश खान की सरपरस्ती में आयोजित इस लंगर में बड़ी तादाद में लोगों ने शिरकत की और भोजन ग्रहण किया। इस दौरान कमेटी के जिम्मेदारान और कार्यकर्ताओं ने लोगों में लंगर वितरित किया। आवेश खान ने बताया कि इस हुसैनी लंगर का मुख्य मकसद इंसानियत, भाईचारे और आपसी मोहब्बत व सौहार्द को बढ़ावा देना है। इलाके के लोगों ने भी इस नेक पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसकी सराहना की।
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- मध्यप्रदेश की RE-NEET परीक्षा से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक छात्रा को परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण नियमों के अनुसार प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर ही छात्रा और उसके पिता फूट-फूटकर रोने लगे। वीडियो में दिख रहा है कि पिता, जिसने अपनी बेटी के भविष्य के लिए कथित तौर पर जमीन-जायदाद तक बेचकर उसकी पढ़ाई की तैयारी करवाई थी, बेटी को अंदर न मिलने देने के कारण सड़क पर टूटकर रोने लगता है। अपने पिता की यह हालत देखकर बेटी भी खुद को संभाल नहीं पाती और वहीं जोर-जोर से रोने लगती है। यह घटना इस बात की एक बड़ी सीख देती है कि परीक्षा के दिन समय का एक-एक मिनट कितना कीमती होता है। ऐसे में हमेशा समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए, ताकि ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- कोलकाता की छात्रा सृष्टि ने एक भीषण एक्सीडेंट में अपनी 9 पसलियां टूटने के बावजूद NEET री-एग्ज़ाम दिया। इतनी गंभीर चोटों के बावजूद वह परीक्षा देने सेंटर पहुंची, जो उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। छात्रा के परिजनों के आग्रह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने एग्जाम सेंटर पर सृष्टि के लिए एक अलग कमरे, मेडिकल सपोर्ट और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था करवाई। इस मानवीय सहायता के लिए, छात्रा के परिजनों ने बाद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से फोन पर बातचीत कर उन्हें धन्यवाद दिया।1
- कोटा के जेडीबी परीक्षा केंद्र पर नीट-यूजी की री-एग्जाम में शामिल होने से पहले छात्रों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है, जिसे एक 'बड़ी परीक्षा' के रूप में वर्णित किया गया है। प्रवेश के दौरान, एक छात्रा अपनी कान की बाली नहीं निकाल पाई, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी को उसे कैंची से काटना पड़ा। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं कि क्या इस तरह की अत्यधिक सख्ती से नकल या पेपर लीक की समस्या वास्तव में रुक जाएगी। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि नकल और पेपर लीक के पीछे कौन लोग हैं, यह सबको पता है, लेकिन उन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती, जिसे एक मुश्किल सवाल बताया गया है।1
- एसीबी कोटा ने पुलिस लाइन कोटा शहर के कांस्टेबल (चालक) हरि ओम को ₹7000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक झूठे प्रकरण में समझौता कराने के एवज में रिश्वत की यह राशि लेते पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर कोटा एसीबी यूनिट द्वारा की गई।1
- राजस्थान के कोटा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में NEET 2026 के पेपर की समीक्षा की गई है।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- बीते दिन नीट (NEET) की परीक्षा में शामिल होने पहुंचे कई छात्र तय समय से मात्र 5 मिनट की देरी के कारण परीक्षा देने से वंचित रह गए, जिससे आक्रोशित माता-पिता और बच्चों के मार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली नीट परीक्षा के लिए छात्रों को 1:30 बजे तक केंद्र पर पहुंचना था। हालांकि, ट्रैफिक जाम के कारण ये छात्र 1:35 बजे परीक्षा स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। इस घटना ने नियमों की सख्ती को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में पूछा गया है कि परीक्षा के नियम-कायदे अपनी जगह सही हैं और परीक्षार्थियों को उनका पालन भी करना चाहिए, 'पर इन नियमों की सारी सख्ती केवल बच्चों पर ही क्यों?' पोस्ट में आगे कहा गया है कि 'पेपर लीक जैसी लापरवाह घटनाओं से तो सरकारी सिस्टम भी फेल होता है और उस स्थिति में परीक्षा भी दोबारा कराई जाती है।' यह टिप्पणी व्यवस्था पर सवाल उठाती है कि जब बड़ी लापरवाहियों के लिए परीक्षाओं को दोबारा आयोजित किया जाता है, तो छात्रों को छोटी सी देरी पर बाहर क्यों कर दिया जाता है।1
- NEET परीक्षार्थियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। एक उदास कर देने वाले वीडियो के संदर्भ में बताया गया है कि छात्रों को पहले पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। जब दोबारा RENEET आयोजित किया गया, तो उन्हें परीक्षा केंद्र पर समय से न पहुँच पाने के कारण परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि यदि छात्र कुछ वजहों से परीक्षा स्थल पर देरी से पहुँचते हैं, तो उन्हें पूरी तरह से परीक्षा से वंचित करने का कोई औचित्य नहीं है। यह तर्क दिया गया कि ऐसे मामलों में, छात्रों को छूटा हुआ समय छोड़कर शेष अवधि में प्रश्नपत्र हल करने की अनुमति मिलनी चाहिए। देश की मौजूदा यातायात व्यवस्था और शहरी प्रणालियों को देखते हुए, किसी भी परीक्षार्थी का देर से पहुँचना या पेपर छूट जाना एक सामान्य बात हो सकती है।1