सिसई : ग्राम प्रधान, सहायक सचिव व ग्रामसभा समिति के गठन में गलत तरीके से हुई चयन प्रक्रिया को लेकर कुदरा पंचायत के ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में किया हंगामा सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है। जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।
सिसई : ग्राम प्रधान, सहायक सचिव व ग्रामसभा समिति के गठन में गलत तरीके से हुई चयन प्रक्रिया को लेकर कुदरा पंचायत के ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में किया हंगामा सिसई (गुमला)। ग्राम पंचायत कुदरा में गलत तरीके से ग्राम प्रधान व सहायक सचिव की नियुक्ति एवं ग्रामसभा समिति के गठन पर ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय में हंगामा करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर नये सिरे से चयन करने की मांग की। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देते हुए बताया है कि 22 अप्रैल 2026 को चयनित प्रक्रिया में शामिल ग्राम पंचायत मुखिया और अंचल से आये हुए सरकारी मुलाजिम के समक्ष कुदरा ग्राम निवासी जयराम और उनके नजदीकी व्यक्तियों के द्वारा अनुचित विरोध व व्यवधान पैदा कर कार्यक्रम को बाधित किया गया। उन्होंने आगे कहा कि ग्राम कुदरा निवासी जयराम उरांव पिता स्व एतवा उरांव ने लगभग एक वर्ष से स्वयं ग्राम प्रधान बनने एवं अपने नजदीकी व्यक्ति को सहायक सचिव बनाने हेतु कई प्रकार के हथकंडे अपनाते
हुए षड्यंत्र किया जा रहा है साथ ही ग्रामीणों के आँखों में धूल झोंकने का काम किया जा रहा है। देखा जाय तो इनकी चापलूसी की कहानी अनैतिक तो है ही इसके अलावे अत्यंत रोचक भी है। जानकर आश्चर्य होगा कि पूरे सरकारी तंत्र को धोखे में रखकर नियमों कानून का उलंघन करते हुए तथा बिना सरकारी आदेश पारित हुए अपनी मनमानी तरीके से खुद को प्रमाणित करने हेतु गांव के कुछ घरों में जाकर कई लोगों से हस्ताक्षर कराकर ग्राम प्रधानी का आवेदन अंचल कार्यालय में जमा किया था। तदोपरांत अपना पद का फर्जी मोहर बनवाकर इस्तेमाल भी शुरू कर दिया था उसकी यह शातिराना अंदाज एक प्रकार से लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है। उनके इस फर्जीवाड़ा को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी गुमला को लिखित रूप से आवेदन दिया जा चुका है। जयराम उरांव अपने स्वार्थ के भूख में संपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल खुद ही लेना चाहते हैं यह व्यक्ति एक दशक पहले खुद मुखिया का
चुनाव लड़ चुका है किन्तु सफल नहीं हुआ। उसके बाद दुबारा वार्ड सदस्य बने और फिर उपमुखिया का पद हासिल किया। इसी दौरान झारखंड झइबल डेवेलॉपमेंट सोसाइटी (जेटीडीएस) का अध्यक्ष रहा तत्पश्चात वर्तमान समय में ग्राम पंचायत खादबीज वितरण लैम्पस का अध्यक्ष भी है। इसके अलावे इनकी पत्नी अनिता उरांव मौजुदा समय में पंचायत समिति (सरपंच) पद पर आसीन है महत्वपूर्ण बात यह है कि जयराम उरांव ने हमेशा अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए जातिवाद व भेदभाव के द्वारा अमूमन गांव समाज को बाँटने का काम करते चला आ रहा है। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी अशोक बड़ाईक से आग्रह करते हुए कहा है कि चयनित प्रक्रिया को पूरे नियमबद्ध तरीके से एवं सरकारी दिशा निर्देशों के तहत ही नियुक्तिकरण की सहमति प्रदान करें ताकि सार्थक पहलुओं को लागू करने के बाद सभी बुनियादी सुविधाओं और सिद्धांतों का कदापि हनन न हो सके। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए ये भी कहा है कि यदि ग्रामसभा के बिना अवैध रूप से नियुक्ति होता
है तो इसका जिम्मेवार स्वयं अंचल अधिकारी होंगे। वहीं ग्रामीण विष्णु लोहरा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रत्येक प्रकरण के बारे में गंभीर मंथन करने के बाद पर्याप्त कारणों व समयक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए ऐसा लगता है कि हमारे गांव में सातवां पास व्यक्ति पढ़ा लिखा सिर्फ एक ही व्यक्ति है जिसका नाम जयराम उरांव है बाकि गांव के सभी बीए, एमए किये हुए युवक युवतियाँ अनपढ़ गवाँर के श्रेणि में आते हैं कारण हर पद व योजनाओं का अधिकार एक ही व्यक्ति को मिलना क्या यह उचित है जो व्यक्ति केवल अपना और अपनों का ही भला चाहता हो वैसा व्यक्ति कभी समाज का कल्याण नहीं कर सकता है और ना ही गांव के विकास में अपना भागीदारी सुनिश्चित कर सकता है इसलिए ऐसे अयोग्य व्यक्ति को ग्राम प्रधान बनने का कोई अधिकार नहीं है। मौके पर वार्ड सदस्य सुनीता देवी, सुरेश उरांव, विष्णु लोहरा राजू, मदन सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।
- Sunita Kachhapबसिया, गुमला, झारखंडbilkul sahi baat bol rahi hai didi 🙏💯4 hrs ago
- *घाघरा गुमला ब्रेकिंग घाघरा थाना मुख्यालय स्थित पुटो रोड में शुक्रवार शाम बड़ी लूट की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार जाने-माने व्यवसायी हरिओम गाहना घर के प्रोपराइटर शशांक सोनी दुकान बंद कर पुराना रोड स्थित अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में तीन मोटरसाइकिल सवार अज्ञात अपराधियों ने उन्हें रोक लिया और बंदूक की नोक पर लाखों रुपये के जेवरात एवं करीब 70 हजार रुपये नकद लूटकर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो राउंड फायरिंग भी की, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं तथा अपराधियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना से स्थानीय व्यवसायियों में दहशत का माहौल है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Neeraj kumar1
- भीषण गर्मी और लू का कहर अब जानलेवा रूप ले चुका है, जिसकी चपेट में आने से मांडर थाना क्षेत्र के कंजिया गांव निवासी 55 वर्षीय सब्जी विक्रेता सफरुदीन अंसारी उर्फ छोटा की मौत हो गई। सफरुदीन एनएच-75 स्थित टांगरबसली मोड़ के पास फुटपाथ पर सब्जी बेचकर अपने 7 बच्चों और परिवार का गुजारा करते थे। #mandar #ranchi #1
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- चैनपुर थाना क्षेत्र के पुटरूंगी गांव में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव निवासी मार्टिन तिर्की की 28 वर्षीय पत्नी रोस खलखो कोनार साग तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ी थी, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई।1
- गुमला सिसई थाना अंतर्गत ग्राम बांस टोली, सिसई निवासी रामजतन लोहरा उम्र 59 वर्ष पिता स्व बंधु लोहार की मृत्यु बिजली का करंट लगने के कारण हुई है।सिसई थाना के पुलिस पदाधिकारीयों के द्वारा शव को कब्जे में लेकर अग्रतर कार्रवाई करते हुए शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। इस घटना में रामजतन का एक बैल भी करंट के चपेट में आने से मर गया।घटना के बारे में जानकारी मिली की सैंदा नदी के किनारे पुनई उरांव और उसके पुत्र सुखराम उरांव के द्वारा खींचे गए चाइनिज़ तार के संपर्क में रामजतन लोहरा और उसका बैल आ गया। आशंका व्यक्त की जा रही है कि बैल पानी पीने गया होगा और बिजली के संपर्क में आने के बाद रामरतन ने जाकर उसे छुड़ाने का प्रयास किया। इस क्रम में वह भी बिजली के करंट के संपर्क में आ गया और उसकी भी मौत हो गई। दोनों की लाश नदी में तैर रही थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बिजली का तार नंगी अवस्था में नदी तक कैसे पहुंची। रामजतन और उसका बैल बिजली के तार के संपर्क में कैसे आ गए। हालांकि घटनास्थल से बिजली के तार को हटा दिया गया था जो इस घटना में संदेह पैदा कर रहा है। इस बारे में सुखराम उरांव ने बोला कि उसने सिसई के लिए एक बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है।जिसके लिए लगभग 2 किलोमीटर दूर से ही अपने घर से बिजली खेत तक पहुंचने के लिए चाइनीज तार का प्रयोग किया गया है।बावजूद इसके कि चाइनीज तार काफी असुरक्षित और खतरनाक होते हैं। जिसमें कई बार लोगों की जान भी चली जाती है उसका प्रयोग क्यों कर रहे हैं? इस पर उन्होंने बताया कि सभी ग्रामीण इसी का प्रयोग करते हैं इसलिए वह भी कर रहे हैं।उन्होंने बिजली की मीटर के बारे में कहा कि उन्हें अभी तक बिजली के मीटर उपलब्ध नहीं है बस कनेक्शन है। इस घटना से और भी कई जगह घटना घटित होने का संकेत मिल रहा है। जहां पर थोड़ा खर्च बचाने के लिए असुरक्षित चाइनीज तारों का बिजली के इस्तेमाल के लिए प्रयोग हो रहा है जहां से कभी भी इस तरह की बड़े दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।1
- Post by Neeraj kumar1
- Post by AAM JANATA1