सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं। रेणुका जी सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं।
सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं। रेणुका जी सिरमौर जिले के रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में दिवाली बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। गिरीपार क्षेत्र की बात करें तो यहां दो दिवाली मनाई जाती हैं, एक बूढ़ी दिवाली और एक आने वाली दिवाली। पुरानी परंपरा के अनुसार आज पंकज गर्ग की दुकान के बाहर बुजुर्गों और नौजवानों ने सफेद कपड़े का घाघरा-सूट बनाकर ढोलकी की थाप पर पारंपरिक नृत्य किया। करीब 2 घंटे तक सभी ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर उप-प्रधान भी उपस्थित रहे। पंकज गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, और हमारे जिम्मेदार लोगों ने इन परंपराओं को आज भी कायम रखा हुआ है। मुझे गर्व है कि ऐसी परंपराएं भविष्य में भी कायम रहेंगी। उन्होंने कहा कि यह अति सुंदर नृत्य है और परंपरा के अनुसार कलाकारों को श्रद्धा अनुसार 1100 रुपये से 11000 रुपये तक बधाई के रूप में दिए जाते हैं।