तनाव में खाकी… 5 साल में 34 जवानों ने उठाया खौफनाक कदम, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े राजस्थान पुलिस में बढ़ते मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विधानसभा में गृह विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनवरी 2021 से 6 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 34 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने आत्महत्या की। मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, घरेलू कलह, स्वास्थ्य समस्याएं और ड्यूटी का दबाव इसके प्रमुख कारण रहे। आत्महत्या करने वालों में कांस्टेबल से लेकर ASI और अन्य अधिकारी शामिल हैं। कई पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर और जहर खाकर जान दी। पारिवारिक कारण तो कई मामलों में स्वास्थ्य खराब आत्महत्या करने वालों में पुलिस कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एएसआइ और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सबसे अधिक मामले मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े पाए गए। कई मामलों में पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर या जहर खाकर आत्महत्या की। रिपोर्ट में सामने आया कि जैसलमेर, धौलपुर, जयपुर, बीकानेर, डूंगरपुर, उदयपुर, बूंदी और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में आत्महत्या के मामले दर्ज हुए। कुछ मामलों में स्वास्थ्य खराब रहने और मानसिक संतुलन बिगड़ने की बात भी सामने आई। वहीं कई पुलिसकर्मियों के बारे में बताया गया कि वे लंबे समय से पारिवारिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। सर्विस रिवाॅल्वर से मार ली गोली बूंदी पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल ने ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली, जबकि उदयपुर और जयपुर में कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या की। रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में परिजन ने घरेलू तनाव और मानसिक दबाव की जानकारी दी है। ये है प्रमुख कारण मानसिक तनाव और अवसाद पारिवारिक विवाद और घरेलू कलह लंबी ड्यूटी और कार्य का अधिक दबाव स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं मानसिक संतुलन बिगड़ना पारिवारिक जीवन के लिए समय की कमी तनावपूर्ण कार्य वातावरण तनाव कम करने के लिए हेल्पलाइन सुविधा शुरू विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह विभाग ने बताया कि पुलिसकर्मियों में बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। जिलों में अधिकारियों को पुलिसकर्मियों के साथ संवाद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैठकें आयोजित कर कार्यस्थल पर होने वाली समस्याओं के समाधान की कोशिश की जा रही है। सरकार ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
तनाव में खाकी… 5 साल में 34 जवानों ने उठाया खौफनाक कदम, सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े राजस्थान पुलिस में बढ़ते मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विधानसभा में गृह विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनवरी 2021 से 6 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 34 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने आत्महत्या की। मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, घरेलू कलह, स्वास्थ्य समस्याएं और ड्यूटी का दबाव इसके प्रमुख कारण रहे। आत्महत्या करने वालों में कांस्टेबल से लेकर ASI और अन्य अधिकारी शामिल हैं। कई पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर और जहर खाकर जान दी। पारिवारिक कारण तो कई मामलों में स्वास्थ्य खराब आत्महत्या करने वालों में पुलिस कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एएसआइ और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सबसे अधिक मामले मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े पाए गए। कई मामलों में पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर या जहर खाकर आत्महत्या की। रिपोर्ट में सामने आया कि जैसलमेर, धौलपुर, जयपुर, बीकानेर, डूंगरपुर, उदयपुर, बूंदी और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में आत्महत्या के मामले दर्ज हुए। कुछ मामलों में स्वास्थ्य खराब रहने और मानसिक संतुलन बिगड़ने की बात भी सामने आई। वहीं कई पुलिसकर्मियों के बारे में बताया गया कि वे लंबे समय से पारिवारिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे। सर्विस रिवाॅल्वर से मार ली गोली बूंदी पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल ने ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली, जबकि उदयपुर और जयपुर में कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या की। रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में परिजन ने घरेलू तनाव और मानसिक दबाव की जानकारी दी है। ये है प्रमुख कारण मानसिक तनाव और अवसाद पारिवारिक विवाद और घरेलू कलह लंबी ड्यूटी और कार्य का अधिक दबाव स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं मानसिक संतुलन बिगड़ना पारिवारिक जीवन के लिए समय की कमी तनावपूर्ण कार्य वातावरण तनाव कम करने के लिए हेल्पलाइन सुविधा शुरू विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह विभाग ने बताया कि पुलिसकर्मियों में बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। जिलों में अधिकारियों को पुलिसकर्मियों के साथ संवाद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैठकें आयोजित कर कार्यस्थल पर होने वाली समस्याओं के समाधान की कोशिश की जा रही है। सरकार ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं
- मुहाना इलाके में फिरौती के लिए युवक का अपहरण का प्रयास,बदमाशों ने जमकर पीटा जयपुर के मुहाना थाना इलाके में फिरौती के लिए एक युवक का किडनैप करने की कोशिश का मामला सामने आया है। छुड़ाकर भागने पर बदमाशों ने पीछा कर दोबारा उसे पकड़ लिया और जमीन पर पटक-पटक कर पीटने के बाद बदमाश कार से फरार हो गए। मुहाना थाने में पीड़ित की ओर से कार सवार बदमाशों के खिलाफ रविवार दोपहर रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- सांगानेर के रामपुरा रोड निवासी 21 साल के युवक के किडनैप की कोशिश की। वह सुबह करीब 5 बजे मॉर्निंग वॉक कर घर लौट रहा था। इसी दौरान रीको कांटा के पास एक कार तेजी से आकर उसके आगे रुकी। कार में सवार 5-6 लड़के उतरे और उसे पकड़ लिया। मारपीट कर उसकी तलाशी ली। कुछ नहीं मिलने पर कर में बैठ कर ले गए और धमकाया कि उसका किडनैप कर घरवालों से फिरौती वसूलकर छोड़ेंगे। जैसे-तैसे बदमाशों को धक्का देकर उनके चंगुल से भाग निकला। भागने को लेकर गुस्साए बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मारपीट के दौरान लोगों को आते देखकर बदमाश कार में बैठकर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने ने के साथ ही बदमाशों की तलाश करने में जुटी हुई है।1
- गर्मी के मौसम में दो जहरीले नागों में लड़ाई है या प्यार ... आंधी तहसील की ग्राम पंचायत खरड़ में दो सर्पराज आपस में प्यार जाता रहे है या दोनो में झगड़ा हो रहा है कोई कह नहीं सकता इन बेजुबानों के दिल में क्या है1
- पटना के दानापुर में अजीबोगरीब मामला: ATM कक्ष में चल रहा सैलून, बाहर लगा SBI का बोर्ड पटना जिले के दानापुर क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बैंक परिसर में लगे एटीएम बूथ में सैलून संचालित होने की जानकारी सामने आई है। बाहर तो स्पष्ट रूप से बैंक का बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन अंदर पैसे निकालने की मशीन मौजूद नहीं है। इसकी जगह वहां एक सैलून चल रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थिति देखकर वे भी अचंभित हैं। लोगों का कहना है कि जब वे एटीएम से पैसे निकालने पहुंचे तो पाया कि वहां न तो मशीन है और न ही सामान्य एटीएम जैसी सुविधा, बल्कि भीतर बाल कटिंग और सौंदर्य सेवाएं दी जा रही हैं। बताया जा रहा है कि संबंधित बैंक प्रबंधन का कहना है कि अब इस स्थान को किराए पर दे दिया गया है। हालांकि, इस तरह के उपयोग को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या बैंक परिसर का उपयोग इस प्रकार किया जाना उचित है, और यदि एटीएम सेवा बंद की गई है तो ग्राहकों को इसकी पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। आम नागरिकों का कहना है कि बैंक जैसी सार्वजनिक सेवा से जुड़ी जगहों पर पारदर्शिता और स्पष्ट जानकारी होना जरूरी है, ताकि लोगों को असुविधा न हो। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर बैंक प्रबंधन की ओर से आगे की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- राजस्थान के देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में पेयजल समस्या गंभीर होती जा रही है। आम जनता कल दोपहर 12 बजे टोंक जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर आवाज उठाएगी।1
- जयपुर में ऑटो किराए को लेकर नया विवाद सामने आया है। एक ड्राइवर ने यात्री से तय किराए से ज़्यादा पैसे मांगे, जिस पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर भीड़ जमा हो गई और यह मनमानी का मुद्दा फिर गरमा गया।1
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी। उनकी इस उपस्थिति ने राष्ट्रीय राजनीति में कई नए सियासी संकेतों और अटकलों को जन्म दिया है।1
- कांग्रेस पार्टी पर अपने सहयोगियों को धोखा देने और उन्हें 'पनौती' साबित होने का गंभीर आरोप लगा है। लालू परिवार, ममता और हाल ही में तमिलनाडु में DMK जैसी पार्टियों को कांग्रेस के साथ गठबंधन के बाद नुकसान उठाना पड़ा है। यह आरोप राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के गठबंधन समझौतों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।1
- राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सादगी और जनसंपर्क चर्चा में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की हालिया गतिविधियाँ इन दिनों प्रदेशभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। जनता से सीधे संवाद और जमीनी स्तर पर समस्याओं को सुनने की उनकी शैली को लोग सराह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में आमजन की समस्याएँ सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के प्रयासों को सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बताया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम विकास चौपाल के बाद मुख्यमंत्री का कड़ेल गांव पहुंचना भी सुर्खियों में रहा। वहां उन्होंने लादू मेघवाल के घर जाकर आत्मीय वातावरण में भोजन किया तथा परिवारजनों से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना गया। मुख्यमंत्री की इस पहल को समर्थक जनसेवा और सरल नेतृत्व का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस प्रकार के जनसंपर्क कार्यक्रम शासन और जनता के बीच दूरी कम करने में सहायक होते हैं। प्रदेश में यह घटनाक्रम शासन की जमीनी पहुंच और जनसंवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।1