नकुड़ पालिका नीलामी पर घमासान बेशकीमती संपत्तियां चहेतों को कौड़ियों के भाव देने का आरोप, तीन माह बाद भी जांच नहीं पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने नगर विकास मंत्री से की शिकायत, डीएम बोले—रिपोर्ट दोबारा तलब नकुड़ पालिका नीलामी पर घमासान बेशकीमती संपत्तियां चहेतों को कौड़ियों के भाव देने का आरोप, तीन माह बाद भी जांच नहीं पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने नगर विकास मंत्री से की शिकायत, डीएम बोले—रिपोर्ट दोबारा तलब नकुड़ (सहारनपुर)। नगर पालिका परिषद नकुड़ द्वारा कथित सांठगांठ कर बेशकीमती संपत्तियां अपने चहेतों को औने-पौने दाम पर नीलाम किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत के तीन माह बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा ठोस जांच न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सत्ताधारी चेयरमैन के दबाव में अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। कस्बा निवासी समाजसेवी मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि 17 नवम्बर 2025 को पालिका द्वारा कराई गई नीलामी प्रक्रिया नियमों के विपरीत थी। उनके अनुसार तहसील कार्यालय के पास स्थित लगभग 100 फीट की मेन बाजार में निर्मित दुकान, जिसकी सर्किल रेट करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है, मात्र 2 लाख 16 हजार रुपये में एक चहेते को दे दी गई। इसी प्रकार ब्लॉक कार्यालय के पास स्थित 57.58 मीटर के भूखंड, जिसकी सर्किल रेट के अनुसार कीमत लगभग 43.50 लाख रुपये बैठती है, उसे चेयरमैन के सगे बहनोई बिजेंद्र कुमार (ग्राम निवासी) के नाम मात्र 1 लाख 17 हजार रुपये में छोड़ा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उक्त भूखंड का मासिक किराया भी केवल 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। दोनों संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 53 लाख रुपये बताया जा रहा है, जबकि पालिका को मात्र करीब साढ़े तीन लाख रुपये प्राप्त हुए। आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप मनोज कुमार का कहना है कि नीलामी में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन सी संपत्ति किस वर्ग के लिए आरक्षित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण व्यवस्था को दरकिनार कर गुपचुप तरीके से सीमित लोगों के बीच बोली प्रक्रिया कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार नीलामी के दिन ही उन्होंने पालिका ईओ, नायब तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम सहित अन्य अधिकारियों को नियम विरुद्ध प्रक्रिया की सूचना दी, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के कारण अब तक संपत्तियों की फाइल तक तलब नहीं की गई और संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य लगातार जारी है। हाईकोर्ट जाने की चेतावनी मनोज कुमार ने बताया कि वह तीन माह में कई बार एसडीएम, एडीएम, डीएम और कमिश्नर से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट और लोकायुक्त तक ले जाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाएंगे। पूर्व विधायक ने भी उठाया मुद्दा मामले में पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने भी हस्तक्षेप करते हुए लखनऊ में नगर विकास मंत्री अरविन्द शर्मा से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। डीएम बोले—रिपोर्ट पुनः मंगाई जा रही इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि 24 दिसंबर को शिकायत उनके संज्ञान में आई थी। उन्होंने एडीएम प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए थे। एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिस पर आपत्ति लगाकर उसे वापस भेजा गया है। अब संशोधित रिपोर्ट पुनः मंगाई जा रही है। मामले ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
नकुड़ पालिका नीलामी पर घमासान बेशकीमती संपत्तियां चहेतों को कौड़ियों के भाव देने का आरोप, तीन माह बाद भी जांच नहीं पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने नगर विकास मंत्री से की शिकायत, डीएम बोले—रिपोर्ट दोबारा तलब नकुड़ पालिका नीलामी पर घमासान बेशकीमती संपत्तियां चहेतों को कौड़ियों के भाव देने का आरोप, तीन माह बाद भी जांच नहीं पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने नगर विकास मंत्री से की शिकायत, डीएम बोले—रिपोर्ट दोबारा तलब नकुड़ (सहारनपुर)। नगर पालिका परिषद नकुड़ द्वारा कथित सांठगांठ कर बेशकीमती संपत्तियां अपने चहेतों को औने-पौने दाम पर नीलाम किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिकायत के तीन माह बीत जाने के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा ठोस जांच न किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सत्ताधारी चेयरमैन के दबाव में अधिकारी कार्रवाई से बच रहे हैं। कस्बा निवासी समाजसेवी मनोज कुमार ने आरोप लगाया कि 17 नवम्बर 2025 को पालिका द्वारा कराई गई नीलामी प्रक्रिया नियमों के विपरीत थी। उनके अनुसार तहसील कार्यालय के पास स्थित लगभग 100 फीट की मेन बाजार में निर्मित दुकान, जिसकी सर्किल रेट करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है,
मात्र 2 लाख 16 हजार रुपये में एक चहेते को दे दी गई। इसी प्रकार ब्लॉक कार्यालय के पास स्थित 57.58 मीटर के भूखंड, जिसकी सर्किल रेट के अनुसार कीमत लगभग 43.50 लाख रुपये बैठती है, उसे चेयरमैन के सगे बहनोई बिजेंद्र कुमार (ग्राम निवासी) के नाम मात्र 1 लाख 17 हजार रुपये में छोड़ा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उक्त भूखंड का मासिक किराया भी केवल 1000 रुपये निर्धारित किया गया है। दोनों संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 53 लाख रुपये बताया जा रहा है, जबकि पालिका को मात्र करीब साढ़े तीन लाख रुपये प्राप्त हुए। आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप मनोज कुमार का कहना है कि नीलामी में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन सी संपत्ति किस वर्ग के लिए आरक्षित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण व्यवस्था को दरकिनार कर गुपचुप तरीके से सीमित लोगों के बीच बोली प्रक्रिया कराई गई। शिकायतकर्ता के अनुसार नीलामी के दिन ही उन्होंने पालिका ईओ, नायब तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम सहित अन्य अधिकारियों को नियम विरुद्ध प्रक्रिया की सूचना दी, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के
कारण अब तक संपत्तियों की फाइल तक तलब नहीं की गई और संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य लगातार जारी है। हाईकोर्ट जाने की चेतावनी मनोज कुमार ने बताया कि वह तीन माह में कई बार एसडीएम, एडीएम, डीएम और कमिश्नर से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह मामले को हाईकोर्ट और लोकायुक्त तक ले जाएंगे तथा संबंधित अधिकारियों को पक्षकार बनाएंगे। पूर्व विधायक ने भी उठाया मुद्दा मामले में पूर्व विधायक शशि बाला पुंडीर ने भी हस्तक्षेप करते हुए लखनऊ में नगर विकास मंत्री अरविन्द शर्मा से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। डीएम बोले—रिपोर्ट पुनः मंगाई जा रही इस संबंध में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि 24 दिसंबर को शिकायत उनके संज्ञान में आई थी। उन्होंने एडीएम प्रशासन को विस्तृत रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए थे। एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिस पर आपत्ति लगाकर उसे वापस भेजा गया है। अब संशोधित रिपोर्ट पुनः मंगाई जा रही है। मामले ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
- सहारनपुर। जनपद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक विद्यालय बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडियट की परीक्षा आज कड़ी सुरक्षा के बीच आरंभ हुई। सीसीटीवी कैमरों के निगरानी में आज परीक्षार्थियो ने परीक्षा दी।दो पालियो में परीक्षा सम्पन्न करायी गयी। जिलाधिकारी व एसएसपी ने सहारनपुर में परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। आज बुधवार को परीक्षा के निर्धारित 89 परीक्षा केन्द्रों पर कडी सुरक्षा के बीच परीक्षा आरंभ हुई। परीक्षा के शांति पूर्ण नकलविहीन सम्पन्न कराये जाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर सीसीटीवी की निगरानी में परिक्षार्थियों ने परीक्षा दी। प्रथम पाली में हाईस्कूल व द्वितीय पाली में इंटरमीडियट की हिंदी की परीक्षा सम्पन्न करायी गई। परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया था, इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। पहले प्रश्न पत्र को देख परिक्षार्थियों के चेहरों पर तनाव कम देखने का मिला। द्वितीय पाली में परीक्षा देने वाली आरएन टैगोर विद्यापीठ इंटर कॉलेज नकुड़ की इंटरमीडिएट की छात्रा हया अंजुम, अदीबा ताज़ीम, जैस्मीन कौर, लायबा खान, निगहत इस्लाम, श्रेया शर्मा, अनुष्का शर्मा आदि का कहना था की उनका हिंदी का पेपर अच्छा गया। हालांकि, सीसीटीवी कैमरों के बीच हुई परीक्षा में बेहद सख्ती देखी गई। परीक्षा को सुचारू से सम्पन्न कराने को जिले को 6जोन में विभाजित कर मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी है। प्रत्येक जोन में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। साथ ही परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।4
- स्कूल संचालक को जिलाधिकारी मनीष बंसल की कड़ी चेतावनी1
- Post by HR02 City News1
- यमुना नगर बुढ़िया नहर मे दो सगे भाई पूजा करने जाते है और अचानक नहर मे पैर फिसलने से नहर मे ही गिर जाते है जिसे दोनों की मौत पानी मे डूबने से हो जाती है फिर सुबह उनका शव नहर से निकला जाता है1
- कभी-कभी इंसान को परखना चाहिए जाने पूरी कहानी1
- Post by Dpk Chauhan1
- Post by सरताज अहमद पत्रकार1
- सहारनपुर। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन सिंह के सख़्त निर्देशो का असर लगातार जनपद की पुलिसिंग में देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नागल पुलिस ने बीती रात मुठभेड़ के बाद कुख्यात बी-श्रेणी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी की क्षेत्र में गौकशी की वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अभियुक्त नसीम पुत्र कय्यूम को दबोच लिया गया, जबकि उसके दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से तमंचा 315 बोर, 01 जिंदा व 01 खोखा कारतूस 315 बोर, एक जिंदा बछड़ा और गौकशी के उपकरण बरामद किए गए। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ सुसंगत धाराओ में मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में पेश किया गया।1