चित्रकूट के जिलाधिकारी महोदय ने 25 मई 2026 को जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था, कमिश्निंग गतिविधियों और SCADA Automation प्रणाली की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत सरहट के राजस्व ग्राम मानिकपुर ग्रामीण में निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) से हुई। अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल ओवरहेड टैंक (OHT) की क्षमता 175 KL / 12 मीटर और CWR की क्षमता 50 KL है। योजना के तहत प्रस्तावित 20512 मीटर पाइपलाइन में से 20188 मीटर का कार्य पूरा हो चुका है। मानिकपुर ग्रामीण के CWR से 5 HP क्षमता के दो पम्पों (एक कार्यशील, एक स्टैंडबाय) द्वारा मानिकपुर ग्रामीण OHT को भरा जाता है, जबकि 10 HP क्षमता के दो अन्य पम्पों से Kubri OHT और Hela OHT को पानी की आपूर्ति की जाती है। गृह संयोजनों की स्थिति प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल में 400, हेला में 208, उमरी में 282 और खिचरी में 243 गृह संयोजन फंक्शनल हैं, वहीं झरी ग्राम में 38 गृह संयोजनों में जलापूर्ति प्रगतिरत पाई गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि मानिकपुर ग्रामीण ओवरहेड टैंक के CWR आउटलेट पर लगा फ्लो मीटर विगत 15 दिनों से सही रीडिंग नहीं दे रहा है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कार्यदायी संस्था GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल SCADA Automation संबंधी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर प्रणाली को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि हेला ओवरहेड टैंक के माध्यम से बगदरी, गोधराई और निही ग्रामों में जलापूर्ति प्रस्तावित है, जिसकी क्षमता 125 KL / 8 मीटर है। हेला OHT से संबंधित लगभग 15624 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 16480 मीटर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 500 मीटर Cap Closing Balance शेष है। बगदरी ग्राम में 336 गृह संयोजन स्थापित हैं और सभी फंक्शनल पाए गए, जहां ग्रामीणों ने जलापूर्ति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी महोदय ने बगदरी में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई 2 मीटर नाली की मरम्मत तुरंत कराने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने FTK महिलाओं को किट वितरित की, जिन्होंने मौके पर पेयजल की जांच और क्लोरीन टेस्ट किया, जो मानकों के अनुरूप पाया गया। उन्होंने FTK महिलाओं को नियमित जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने तथा अधिशासी अभियंता को उनके लंबित मानदेय के भुगतान हेतु मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोबरहाइ ग्राम में 122 गृह संयोजनों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ होनी शेष पाई गई, और निही ग्राम के 140 गृह संयोजनों में भी अभी कमिश्निंग कार्य बाकी होने के कारण नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। जिलाधिकारी महोदय ने गोधराई और निही ग्रामों में कमिश्निंग कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर इन दोनों ग्रामों में कमिश्निंग पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति शुरू करने का सख्त निर्देश दिया, जिस पर फर्म GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य ने एक सप्ताह में जलापूर्ति प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता और तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट श्री डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री स्वप्निल यादव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट के अधिशासी अभियंता श्री आशीष कुमार भारती एवं विद्युत यांत्रिक के अधिशासी अभियंता श्री सुमित कुमार सहित सहायक अभियंता श्री शशीकांत मौर्य व श्री गुलाम सिब्टेन, जूनियर इंजीनियर श्री विजय शंकर यादव तथा फर्म GVPR चित्रकूट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
चित्रकूट के जिलाधिकारी महोदय ने 25 मई 2026 को जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्माणाधीन रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था, कमिश्निंग गतिविधियों और SCADA Automation प्रणाली की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की, जिसमें पूर्व निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया गया। निरीक्षण की शुरुआत ग्राम पंचायत सरहट के राजस्व ग्राम मानिकपुर ग्रामीण में निर्मित क्लियर वाटर रिजर्वॉयर (CWR) से हुई। अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल ओवरहेड टैंक (OHT) की क्षमता 175 KL / 12 मीटर और CWR की क्षमता 50 KL है। योजना के तहत प्रस्तावित 20512 मीटर पाइपलाइन में से 20188 मीटर का कार्य पूरा हो चुका है। मानिकपुर ग्रामीण के CWR से 5 HP क्षमता के दो पम्पों (एक कार्यशील, एक स्टैंडबाय) द्वारा मानिकपुर ग्रामीण OHT को भरा जाता है, जबकि 10 HP क्षमता के दो अन्य पम्पों से Kubri OHT और Hela OHT को पानी की आपूर्ति की जाती है। गृह संयोजनों की स्थिति प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि मानिकपुर रूरल में 400, हेला में 208, उमरी में 282 और खिचरी में 243 गृह संयोजन फंक्शनल हैं, वहीं झरी ग्राम में 38 गृह संयोजनों में जलापूर्ति प्रगतिरत पाई गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया गया कि मानिकपुर ग्रामीण ओवरहेड टैंक के CWR आउटलेट पर लगा फ्लो मीटर विगत 15 दिनों से सही रीडिंग नहीं दे रहा है। इस पर जिलाधिकारी महोदय ने कार्यदायी संस्था GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल SCADA Automation संबंधी विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा आगामी एक सप्ताह के भीतर प्रणाली को पूर्ण रूप से क्रियाशील करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि हेला ओवरहेड टैंक के माध्यम से बगदरी, गोधराई और निही ग्रामों में जलापूर्ति प्रस्तावित है, जिसकी क्षमता 125 KL / 8 मीटर है। हेला OHT से संबंधित लगभग 15624 मीटर पाइपलाइन के सापेक्ष 16480 मीटर का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 500 मीटर Cap Closing Balance शेष है। बगदरी ग्राम में 336 गृह संयोजन स्थापित हैं और सभी फंक्शनल पाए गए, जहां ग्रामीणों ने जलापूर्ति पर संतुष्टि व्यक्त की। जिलाधिकारी महोदय ने बगदरी में पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई 2 मीटर नाली की मरम्मत तुरंत कराने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी महोदय ने FTK महिलाओं को किट वितरित की, जिन्होंने मौके पर पेयजल की जांच और क्लोरीन टेस्ट किया, जो मानकों के अनुरूप पाया गया। उन्होंने FTK महिलाओं को नियमित जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपडेट करने तथा अधिशासी अभियंता को उनके लंबित मानदेय के भुगतान हेतु मुख्यालय स्तर पर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोबरहाइ ग्राम में 122 गृह संयोजनों में नियमित जलापूर्ति प्रारंभ होनी शेष पाई गई, और निही ग्राम के 140 गृह संयोजनों में भी अभी कमिश्निंग कार्य बाकी होने के कारण नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हुई है। जिलाधिकारी महोदय ने गोधराई और निही ग्रामों में कमिश्निंग कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर इन दोनों ग्रामों में कमिश्निंग पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति शुरू करने का सख्त निर्देश दिया, जिस पर फर्म GVPR के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य ने एक सप्ताह में जलापूर्ति प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट किया कि जल जीवन मिशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजना है और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार तक सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्धता और तकनीकी मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट श्री डी.पी. पाल, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) श्री स्वप्निल यादव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) चित्रकूट के अधिशासी अभियंता श्री आशीष कुमार भारती एवं विद्युत यांत्रिक के अधिशासी अभियंता श्री सुमित कुमार सहित सहायक अभियंता श्री शशीकांत मौर्य व श्री गुलाम सिब्टेन, जूनियर इंजीनियर श्री विजय शंकर यादव तथा फर्म GVPR चित्रकूट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर श्री एस. मौर्य के साथ-साथ अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में एक व्यक्ति की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है। चित्रकूट के अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने इस घटना के संबंध में एक वीडियो बाइट जारी की है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के मानिकपुर विकासखंड में आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला एक मुख्य संपर्क पुल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घोर उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। सरैया, गढ़चपा, हनुवा, कौबरा, रामपुर बांधी और रामनगर जैसे महत्वपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में और मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला यह पुल काफी नीचे होने के कारण हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ के पानी में डूब जाता है, जिससे इन गांवों का संपर्क पूरी तरह से कट जाता है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से इस पुल की ऊंचाई बढ़ाने (ऊंचा पुल निर्माण) की मांग शासन, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार करते आ रहे हैं। चुनावी समय में नेता बड़े-बड़े आश्वासन तो देते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही धरातल पर स्थिति 'ढाक के तीन पात' जैसी ही रह जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस जनसमस्या को गंभीरता से नहीं लिया है। आगामी मॉनसून सत्र के करीब आते ही ग्रामीणों में एक बार फिर डर और चिंता का माहौल है। पुल के डूबने से आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने और स्कूली बच्चों की शिक्षा पर बेहद बुरा असर पड़ता है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर उफनते पानी के बीच से निकलने को मजबूर होते हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इसे देखते हुए, ग्रामीणों ने एक बार फिर चित्रकूट जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार से इस अति-महत्वपूर्ण पुल को ऊंचा करने की योजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की जनता को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।1
- चित्रकूट जनपद के पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में बीते सोमवार की रात लगभग 11 बजे एक ढाबा संचालक और उसके दो साथियों ने बाबूलाल नामक व्यक्ति की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस घटना के बाद मृतक बाबूलाल के परिजनों में कोहराम मच गया और उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक बाबूलाल के परिजनों ने मंगलवार सुबह 8 बजे घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पड़ोसी गांव परसौंजा निवासी अमन पटेल (पुत्र महेंद्र पटेल), गोलू यादव (पुत्र देशराज) और राकेश यादव (पुत्र मूलचंद) बाइक से उनके घर आए थे। उन्होंने सोते हुए बाबूलाल को घर के बाहर बुलाया और जैसे ही बाबूलाल बाहर निकले, गोलू और राकेश ने उन्हें पकड़ लिया। अमन पटेल ने अपने हाथ में लिए चाकू से बाबूलाल के सीने पर दो-तीन वार किए, जिससे बाबूलाल गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर गए। परिजन कुछ समझ पाते, इससे पहले ही तीनों युवक मौके से फरार हो गए। परिजन बाबूलाल को आनन-फानन में पहाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की जानकारी के अनुसार, अमन, गोलू और राकेश तीनों मिलकर ढाबा चलाते हैं। कुछ देर पहले बाबूलाल और इन तीनों युवकों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे नाराज होकर तीनों युवकों ने बाबूलाल को मौत के घाट उतार दिया।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के सांईपुर मोड़ के पास एक घर में घुसकर सो रहे एक व्यक्ति की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। हत्यारों ने घर में घुसकर इस वारदात को देर रात अंजाम दिया। मृतक के परिजनों ने इस निर्मम हत्या के लिए एक ढाबा मालिक और उसके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने घर में घुसकर इस घटना को अंजाम दिया। परिजनों के अनुसार, देर रात मृतक का ढाबे में किसी बात को लेकर ढाबा मालिक से विवाद हुआ था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह और परिजनों के बयान भी लिए गए हैं।4
- रीवा में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे जैन समाज को झकझोर दिया है। पैदल विहार कर रहीं जैन साध्वियों को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी, जिसमें दो साध्वियों की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस हृदयविदारक घटना के बाद, जैन समाज ने सतना में एक मौन जुलूस निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मामले की निष्पक्ष जांच और साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की गई।1
- आज दिनांक 25 5 2026 को गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर पवित्र बिहार नदी, जिसे सीमन घाट के नाम से जाना जाता है, पर एक भव्य कलश यात्रा, घाट पूजन और रुद्राभिषेक का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह पुनीत कार्यक्रम उस प्राचीन और निर्माणाधीन शिव मंदिर के पास संपन्न हुआ, जिसके बारे में माना जाता है कि इसका निर्माण विश्वकर्मा द्वारा किया गया था, और इसने सभी के जीवन में हर्षोल्लास भर दिया। लोधेश्वर रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष श्री शांतेश्वर सिंह जी इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे, जिनकी उपस्थिति में कृष्ण कुमार मिश्रा जी, वीरेंद्र द्विवेदी जी, माताएं, बच्चे और अनेक भक्तगण शामिल हुए। यह पूरा आयोजन जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत किया गया, जिसमें कलश यात्रा, घाट पूजन और शिव अभिषेक प्रमुख थे।4
- एक बिल्ली को ध्यान से देखने का आग्रह किया गया है, जिसके विषय में बताया गया है कि वह हर जगह चढ़ चुकी है। पोस्ट के अनुसार, इस बिल्ली का अंजाम बेहद निराला है।1
- चित्रकूट जिले में जिलाधिकारी ने विकास खंड मानिकपुर अंतर्गत ग्राम बगदरी का भ्रमण किया और वहां के ग्रामवासियों से संवाद स्थापित किया। इस दौरान ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि उनके गांव में विगत एक वर्ष से नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति संचालित हो रही है और उन्हें पेयजल संबंधी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कभी कोई तकनीकी खराबी उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल ठीक कराकर शीघ्र पेयजल आपूर्ति बहाल की जाती है। जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारु एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु निरंतर मॉनिटरिंग एवं प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।1