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सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान बीडीओ जयकिशन को विदाई दी गई और मोहन कुमार सिंह का स्वागत किया गया।
Ayush Kumar
सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के दौरान बीडीओ जयकिशन को विदाई दी गई और मोहन कुमार सिंह का स्वागत किया गया।
More news from बिहार and nearby areas
- सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर में शादी में हुई मारपीट के बाद पीड़ित परिवार गमगीन है। इस घटना के बाद अब परिवार को अपने बेटे और बहू के घर पहुंचने का इंतजार है।1
- बिहार के सहरसा जिला अंतर्गत महिषी प्रखंड के कोशी पीड़ित गांवों में पानी बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने के कारण बहोरवा-बेलडावर पथ पर परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया है।1
- सहरसा से पूर्णिया जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित बैजनाथ पुर चौक वर्षों से एक बड़ी समस्या का केंद्र बना हुआ है। सड़क निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सड़क मार्ग का निर्माण अधूरा रहने के कारण थोड़ी सी बारिश होते ही यह इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोग लंबे समय से इस जर्जर और अधूरी सड़क से निजात पाने का इंतजार कर रहे हैं।1
- खगड़िया में राहुल गांधी के समर्थन में 'राहुल गांधी जिंदाबाद' और 'राहुल-राहुल' के नारे लगाए गए। जगदूत न्यूज एजेन्सी के अनुसार, इस दौरान अरुण बर्मा भी मौजूद रहे।1
- बिहार के मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी परिसर में शराब पीने का गंभीर मामला सामने आया है। चौसा बीआरसी (BRC) भवन के भीतर शराब पीने की गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की, जहां से चार लोगों को हिरासत में लिया गया। जांच के बाद दो शिक्षकों और एक डेटा ऑपरेटर के शराब पीने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उत्पाद विभाग की सूचना पर की गई इस त्वरित कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों में नवसृजित प्राथमिक विद्यालय कुल्हड़िया बासा के प्रधान शिक्षक कुंदन कुमार, एनपीएस नरघू टोला के विशिष्ट शिक्षक राधेश्याम पासवान और डेटा ऑपरेटर अरविंद कुमार शामिल हैं। थाने में ब्रेथ एनालाइजर से की गई जांच में इन तीनों के शराब पीने की पुष्टि हुई, जबकि एक अन्य शिक्षक की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय पुलिस ने तुरंत इस छापेमारी को अंजाम दिया था। मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी संजय कुमार ने चौसा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि डेटा ऑपरेटर को विभागीय कार्रवाई कर टर्मिनेट करने की बात कही है। निलंबन की अवधि में दोनों शिक्षकों का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र कुमारखंड तय किया गया है, जहां उन्हें रोजाना बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करानी होगी और इसी के सत्यापन के बाद ही जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग से विभागीय जांच भी शुरू की जाएगी। यह घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बीआरसी परिसर में ही शिक्षकों के प्रशिक्षण, बैठकों और शैक्षणिक योजनाओं की समीक्षा होती है। ऐसे गरिमामय सरकारी परिसर में शराब पीने का यह आरोप पूरी शिक्षा व्यवस्था की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और सवाल गूंज रहा है कि क्या सरकारी दफ्तर भी शराबबंदी कानून से अछूते हैं?2
- सहरसा जिले के सोनबरसा प्रखंड स्थित नगर पंचायत सोनबरसा के वार्ड संख्या 6 में शुक्रवार सुबह 34 वर्षीय रूपेश साह का शव उनके घर के दरवाजे पर संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और मृतक के परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है। पत्नी पूनम देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन पुत्रों को छोड़ गए हैं। परिजनों के अनुसार, रूपेश साह गुरुवार की शाम सलखुआ थाना क्षेत्र के हेरपुर गांव में आयोजित एक भोज में शामिल होने गए थे, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उनका शव घर के बाहर पड़ा मिला। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा स्थित सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। घटना के बाद से स्थानीय निवासियों और परिजनों में शोक का माहौल है।1