जींद के विकास और आधुनिक कनेक्टिविटी के इतिहास में आगामी 17 तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ने जा रही है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने स्वयं जींद पहुँच रहे हैं। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक आगमन को लेकर बेहद सक्रिय नज़र आ रहे हैं। सोमवार को डॉ. मिड्ढा ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मिलकर जनसभा और कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए विभिन्न संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पूरा प्रशासन तैयारियों में मुस्तैद है, और यह पूरे हरियाणा, विशेषकर जींद वासियों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन उनके शहर से चलेगी। इस भव्य कार्यक्रम और विशाल जनसभा की तैयारियों के मद्देनजर दो से तीन स्थानों का अवलोकन किया गया है, और जैसे ही सबसे उपयुक्त स्थान फाइनल होता है, आगामी तैयारियां युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाई जाएँगी। जींद को मिले इस बड़े गौरव को लेकर पत्रकारों के सवाल पर डॉ. मिड्ढा ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब जींद को लेकर संकीर्ण राजनीति करने वालों के मुँह हमेशा के लिए बंद हो जाएँगे, क्योंकि जींद के माथे पर लगा 'बैकवर्ड' (पिछड़ेपन) का ठप्पा अब हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। डॉ. मिड्ढा ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद से चलना यह साबित करता है कि वर्तमान सरकार के लिए जींद का विकास सर्वोपरि है, और इस ऐतिहासिक कदम के बाद विपक्षियों के पास सरकार की कमियां निकालने या राजनीति करने के लिए कोई मुद्दा शेष नहीं बचेगा। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, जनता के बैठने के इंतजाम और ट्रैफिक रूट को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। डॉ. मिड्ढा ने जोर देकर कहा कि जींद इस ऐतिहासिक पल का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
जींद के विकास और आधुनिक कनेक्टिविटी के इतिहास में आगामी 17 तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में जुड़ने जा रही है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की पहली अत्याधुनिक हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने स्वयं जींद पहुँच रहे हैं। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा प्रधानमंत्री के इस ऐतिहासिक आगमन को लेकर बेहद सक्रिय नज़र आ रहे हैं। सोमवार को डॉ. मिड्ढा ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के साथ मिलकर जनसभा और कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिए विभिन्न संभावित स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि पूरा प्रशासन तैयारियों में मुस्तैद है, और यह पूरे हरियाणा, विशेषकर जींद वासियों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि हिंदुस्तान की पहली हाइड्रोजन ट्रेन उनके शहर से चलेगी। इस भव्य कार्यक्रम और विशाल जनसभा की तैयारियों के मद्देनजर दो से तीन स्थानों का अवलोकन किया गया है, और जैसे ही सबसे उपयुक्त स्थान फाइनल होता है, आगामी तैयारियां युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाई जाएँगी। जींद को मिले इस बड़े गौरव को लेकर पत्रकारों के सवाल पर डॉ. मिड्ढा ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब जींद को लेकर संकीर्ण राजनीति करने वालों के मुँह हमेशा के लिए बंद हो जाएँगे, क्योंकि जींद के माथे पर लगा 'बैकवर्ड' (पिछड़ेपन) का ठप्पा अब हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। डॉ. मिड्ढा ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद से चलना यह साबित करता है कि वर्तमान सरकार के लिए जींद का विकास सर्वोपरि है, और इस ऐतिहासिक कदम के बाद विपक्षियों के पास सरकार की कमियां निकालने या राजनीति करने के लिए कोई मुद्दा शेष नहीं बचेगा। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, जनता के बैठने के इंतजाम और ट्रैफिक रूट को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी। डॉ. मिड्ढा ने जोर देकर कहा कि जींद इस ऐतिहासिक पल का स्वागत करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को दूसरी बार जींद की धरती पर आ रहे हैं, जहाँ वे सुबह 9 बजे एक रैली स्थल पर पहुंचेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एशिया की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह दिन देश के लिए ऐतिहासिक होगा। यह हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त होगी और इसमें 10 डिब्बे होंगे। यह ट्रेन जींद से सोनीपत के रास्ते अप-डाउन करेगी और इसका किराया आमजन के लिए सामान्य रखा गया है। डॉ. गुप्ता ने यह भी बताया कि जहाँ पूरे देश में बिजली नहीं पहुँच सकती, वहाँ हाइड्रोजन ट्रेन को चलाया जाएगा और उन्होंने हरियाणा को पहली हाइड्रोजन ट्रेन देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया। रैली स्थल, जो जींद के नए बस स्टैंड के सामने आयोजित किया जाएगा, वहाँ महिला शक्ति ई-स्कूटी पर सवार होकर और गाँवों से ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर आएंगी। सरकार का लक्ष्य है कि कम से कम साधनों में ज्यादा से ज्यादा लोग रैली में पहुँचें, जिससे ईंधन की बचत भी होगी। जींद के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुरुक्षेत्र और पंजाब के लिए रवाना होंगे।1
- भिवानी जिले की नेहरू कॉलोनी बदहाली का शिकार है, जहाँ के निवासी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में सीवर पूरी तरह से ब्लॉक हो चुके हैं, जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीवर जाम के साथ-साथ, यहाँ के लोग पीने के पानी की भारी कमी से भी परेशान हैं और इसके लिए तरस रहे हैं।1
- कैथल में आगामी 12 जुलाई को प्रदेशभर के सभी सामाजिक संगठनों के लोग एक साथ जुटेंगे, जहाँ सरकार के खिलाफ 'आर-पार' के एलान की तैयारी है। यह अहम खुलासा ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष राजेंदर तंवर ने धाकड़ मीडिया ग्रुप से हुई बातचीत के दौरान किया।1
- आज के दिन को लिपिकीय वर्ग और CAWS के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया गया है। इस अवसर पर लिपिकीय वर्ग और CAWS के प्रति उत्साहपूर्वक समर्थन और जयघोष किया गया।1
- भिवानी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया है कि स्वास्थ्य विभाग एक पखवाड़ा मनाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य से संबंधित गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह जानकारी डॉ. शांडिल्य द्वारा साझा की गई है।1
- पूर्व सैनिकों ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग और उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया, तो अगस्त में जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सेवा करने वालों की आवाज़ को अब और अनसुना नहीं किया जा सकता है। पूर्व सैनिक अब अन्याय नहीं सहेंगे और अपने अधिकारों के लिए 'आर-पार की लड़ाई' लड़ने के मूड में हैं, जिसके लिए वे जंतर-मंतर पर फिर से डेरा डालेंगे।1
- सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देश में 'दो झंडे और दो संविधान' की व्यवस्था नहीं चलेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसी सिद्धांत के लिए अपना संघर्ष किया था।1
- नॉर्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पांडे ने आज जिला मुख्यालय स्थित जींद जंक्शन रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के सफल संचालन की सुगबुगाहट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसे देश को समर्पित किए जाने की चर्चाओं के बीच हुआ। इस दौरान महाप्रबंधक ने स्टेशन पुनर्विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए महाप्रबंधक राजेश पांडे ने बताया कि अमृत भारत योजना के तहत जींद स्टेशन को बेहद आधुनिक और खूबसूरत रूप दिया गया है, जिसमें यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, नई सीढ़ियाँ और एक शानदार स्टेशन बिल्डिंग तैयार की गई है। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्च गुणवत्ता पर जोर देते हुए स्टेशन को भविष्य में और उन्नत बनाने का संकल्प दोहराया। महाप्रबंधक ने रेलवे परिसर के बाहर एंट्री गेट पर लगने वाले जाम की समस्या सुलझाने के लिए जिला प्रशासन से जल्द संपर्क साधने की बात भी कही, ताकि यात्रियों को स्टेशन आने-जाने में कोई असुविधा न हो। हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत और उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री के आगमन से जुड़े सवालों पर महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि ट्रेन अभी ट्रायल (परीक्षण) स्टेज में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने और ट्रेन के संचालन पर अंतिम निर्णय के बाद, रेलवे प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से देश को इसकी निश्चित तिथि की जानकारी देगा। हाइड्रोजन ईंधन की उपलब्धता पर उन्होंने बताया कि शुरुआत में परिचालन की आवश्यकताओं के अनुसार हाइड्रोजन बाहर से मंगवाई जा रही है, लेकिन रेलवे का प्रयास है कि यहाँ स्थानीय स्तर पर भी एक बैकअप सिस्टम विकसित किया जाए ताकि सड़क मार्ग से आपूर्ति में कोई व्यवधान आने पर भी ट्रेन का संचालन प्रभावित न हो। स्टेशन पर पुराने वेटिंग एरिया और कुछ मुख्य ट्रेनों के ठहराव की मांगों पर जीएम ने कहा कि वर्तमान में नए ढांचे के तहत स्टेशन पर कॉनकोर्स और आधुनिक वेटिंग लाउंज की व्यवस्था की गई है, फिर भी वे यात्रियों की सहूलियत के लिए इस पूरे क्षेत्र का दोबारा आकलन करवाएंगे। ट्रेनों के ठहराव के संबंध में, उन्होंने बताया कि यह व्यावसायिक और तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर तय होता है, और स्थानीय जनता की मांग को ध्यान में रखते हुए इस विषय की दोबारा समीक्षा करवाई जाएगी।1