मेरठ में खाकी के सामने कानून-व्यवस्था तार-तार!......... पुलिस चौकी के ठीक सामने सरेआम बवाल, आखिर कहां थी पुलिस? मेरठ। वेदव्यासपुरी पुलिस चौकी के ठीक सामने कथित तौर पर हुड़दंगियों का जमावड़ा और बवाल पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी से चंद कदमों की दूरी पर काफी देर तक अराजकता का माहौल बना रहा, लेकिन पुलिस मौके पर प्रभावी कार्रवाई करती नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 112 पर सूचना दिए जाने के बावजूद हुड़दंगियों के हौसले बुलंद रहे। त्योहार की आड़ में सड़क पर हुए कथित बवाल से राहगीरों और महिलाओं में भी दहशत का माहौल बना रहा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस चौकी के सामने ही कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ती रहीं, तो चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी आखिर कहां थे? क्या पुलिस को घटना की भनक नहीं लगी या फिर सूचना के बावजूद कार्रवाई में लापरवाही बरती गई? घटना ने मेरठ पुलिस की गश्त, निगरानी और चौकसी के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कोई कार्रवाई करती है या मामला महज खानापूर्ति तक सीमित रह जाता है।
मेरठ में खाकी के सामने कानून-व्यवस्था तार-तार!......... पुलिस चौकी के ठीक सामने सरेआम बवाल, आखिर कहां थी पुलिस? मेरठ। वेदव्यासपुरी पुलिस चौकी के ठीक सामने कथित तौर पर हुड़दंगियों का जमावड़ा और बवाल पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी से चंद कदमों की दूरी पर काफी देर तक अराजकता का माहौल बना रहा, लेकिन पुलिस मौके पर प्रभावी कार्रवाई करती नजर नहीं आई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, 112 पर सूचना दिए जाने के बावजूद हुड़दंगियों के हौसले बुलंद रहे। त्योहार की आड़ में सड़क पर हुए कथित बवाल से राहगीरों और महिलाओं में भी दहशत का माहौल बना रहा। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पुलिस चौकी के सामने ही कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ती रहीं, तो चौकी प्रभारी और पुलिसकर्मी आखिर कहां थे? क्या पुलिस को घटना की भनक नहीं लगी या फिर सूचना के बावजूद कार्रवाई में लापरवाही बरती गई? घटना ने मेरठ पुलिस की गश्त, निगरानी और चौकसी के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ कथित लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कोई कार्रवाई करती है या मामला महज खानापूर्ति तक सीमित रह जाता है।
- नगर पालिका नौगांवा से वार्ड नंबर 7 से पार्षद पद के भावी उम्मीदवार दीप नगर पालिका नौगांवा से वार्ड नंबर 7 से पार्षद पद के भावी उम्मीदवार दीपक सैनी इन्होंने बताया हम अपने वार्ड का विकास करेंगे1
- हापुड़: पुरानी रंजिश में पथराव और फायरिंग, 3 घायल; SIT गठित, 4 गिरफ्तार हापुड़, उत्तर प्रदेश: पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक टकराव हो गया। सुबह करीब 8 बजे कहासुनी के बाद दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ और फायरिंग की घटना सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही ADG मेरठ जोन भानु भास्कर, DIG कलानिधि नैथानी, SP हापुड़ ज्ञानंजय सिंह और ASP विनीत भटनागर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित कराया। फायरिंग में 3 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तीनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घायलों की निगरानी और उपचार के लिए SP ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव और SP क्राइम अवनीश कुमार को अस्पताल में तैनात किया गया है। मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए SIT गठित की गई है। पुलिस ने अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। ADG भानु भास्कर ने पुलिस की पूर्व कार्रवाई को लेकर भी जांच के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि करीब छह महीने पहले इसी विवाद में FIR दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की गई थी। इसके बावजूद दोबारा हिंसा होने पर ASP देहात मेरठ अभिजीत कुमार को विभागीय जांच सौंपी गई है। उन्हें तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश हैं कि पूर्व में पर्याप्त निरोधात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक सब-इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल और 10 आरक्षियों की विशेष पुलिस टीम तैनात की गई है। ADG ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। #HapurNews #Firing #StonePelting #UPPolice #Report1Bharat1
- *फैज़ सैफी के इंतकाल पर उमड़ा जनसैलाब, विभिन्न वर्गों के लोगों ने पहुंचकर जताया शोक-गादरे* *फैज़ सैफी के इंतकाल पर उमड़ा जनसैलाब, विभिन्न वर्गों के लोगों ने पहुंचकर जताया शोक-गादरे* दिल्ली। वर्ल्ड पीस हार्मनी के अध्यक्ष हाजी शकील सैफी के बड़े बेटे फैज़ सैफी के आकस्मिक इंतकाल की खबर से दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके अंतिम दर्शन और जनाज़े में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए और परिवार से मिलकर ढांढस बंधाया। फैज़ सैफी के इंतकाल को लेकर शुरुआती दौर में अलग-अलग चर्चाएं सामने आईं। हालांकि, परिवार से हुई बातचीत में हाजी शकील सैफी द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार, फैज़ सैफी अपने पिता के साथ खाना खाने के बाद अपने कमरे में चले गए थे। वहां अपनी सुरक्षा में रखे हथियार की साफ-सफाई के दौरान कथित रूप से अचानक गोली चल गई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की आधिकारिक जांच और पुलिस की पुष्टि के बिना मौत के कारण को लेकर किसी अन्य संभावना को तथ्य मानना उचित नहीं होगा। फैज़ सैफी के इंतकाल की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग निहाल विहार पहुंचे। उनके जनाज़े में उमड़ी भीड़ के कारण सड़क पर जाम की स्थिति तक बन गई। दिल्ली के अलावा बाहर से आए लोगों ने भी परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। शोक व्यक्त करने वालों में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद, भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन, बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं उत्तर प्रदेश-दिल्ली प्रदेश प्रभारी राज़ुद्दीन गादरे, भारतीय सेवी समाज के अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद सैफी, सैफी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हसीन अहमद, एडवोकेट नुसरत अली, बहुजन मुक्ति पार्टी की दिल्ली प्रदेश प्रभारी आयुष्मति कनीज़ फातिमा, हाजी अनीस सैफी, अनवर हुसैन, मोहम्मद ज़ाकिर हुसैन सैफी, हाजी लियाकत अली, मोहम्मद वसीम, गुलशेर, मोहम्मद आसिफ सैफी, मोहम्मद अफ़ज़ाल सैफी (डासना), हाजी मोहम्मद अब्दुल जब्बार (चेयरमैन, हीरा पब्लिक स्कूल), हाजी शहाबुद्दीन (सागरपुर) सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। बताया गया कि फैज़ सैफी सैफी हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर होने के साथ-साथ पीस फाउंडेशन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। परिचितों के अनुसार वे मिलनसार स्वभाव के थे और समाज में भाईचारा एवं आपसी सौहार्द कायम करने के लिए सक्रिय रहते थे। शोक सभा और जनाज़े में शामिल लोगों ने फैज़ सैफी के लिए मगफिरत की दुआ की तथा हाजी शकील सैफी और उनके परिवार को इस गहरे सदमे को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। रिपोर्ट: गादरे इंडिया न्यूज़ – थर्ड आई4
- मेरठ दो सितंबर मेरठ बंद का क्या असर कौन से बाजार रहे बंद कौन से बाजार रोज़ की तरह खुले? बारिश से क्या असर पड़ा आंदोलन पर देखिए खबर का वीडियो मेरठ दो सितंबर मेरठ बंद का क्या असर कौन से बाजार रहे बंद कौन से बाजार रोज़ की तरह खुले? बारिश से क्या असर पड़ा आंदोलन पर देखिए खबर का वीडियो1
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- MP=उत्कृष्ट विद्यालय में श्री कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया1
- हापुड़: पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, पथराव और फायरिंग; 3 घायल हापुड़, यूपी: शहर कोतवाली क्षेत्र के बदनौली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और पथराव के साथ कई राउंड फायरिंग हुई। घटना में एक महिला समेत तीन लोग गोली लगने से घायल हुए हैं। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मेरठ रेंज के DIG कलानिधि नैथानी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। #HapurNews #Badnauli #Firing #StonePelting #Report1Bharat1
- गुड्डू पंडित विधायक, नाम तो सुना ही होगा............... बुलंदशहर: झाड़ू से जो पिट रहे हैं, ये दो बार के विधायक गुड्डू पंडित हैं, और जो झाड़ू से पीट रही हैं, ये उनकी धर्मपत्नी हैं। पत्नी अर्चना पांडा ने थाने में अपने पति, पूर्व विधायक गुड्डू पंडित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अर्चना ने बताया कि गुरुवार को वह अपने बेटे समर पंडित के साथ घर में मौजूद थीं। इसी दौरान पूर्व विधायक गुड्डू पंडित अचानक उनके घर पहुंचे और जोर-जोर से दरवाजा पीटते हुए चिल्लाने लगे। जैसे ही अर्चना ने दरवाजा खोला, आरोप है कि गुड्डू पंडित ने उन्हें जोरदार धक्का दे दिया, जिससे वह फर्श पर गिर गईं। इसके बाद आरोप है कि उन्होंने उनके बाल पकड़कर घसीटा और मारपीट की।1