खबर जिला सागर से। जनगणना महाअभियान का शुभारंभ 1 मई से जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए करें स्वगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक जानकारी अपडेट कर सकेंगे - कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. जनगणना के प्रथम चरण का प्रशिक्षण शुरू तीन चरणों में होगी जनगणना सागर 17 फरवरी 2026 जनगणना का सभी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए करें एवं स्व गणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। साथ ही डेटा कलेक्शन पूरे विश्वास के साथ करें। उक्त जानकारी कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. ने जनगणना–2027 जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण में दी। कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. ने बताया कि जनगणना 2027 का कार्य तीन चरणों में होना है, जिसमें सर्वप्रथम 1 मई से मकानों की गणना की जाएगी। इसी प्रकार आगे के दो चरण होंगे। उन्होंने कहा कि प्रगणकों को नियुक्त किया जाएगा, उनका प्रशिक्षण विस्तार से दिया जाए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, चार्ज अधिकारी श्री पी. एल. प्रजापति, मास्टर ट्रेनर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। घर-घर डेटा संग्रहण के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। मोबाइल एप के माध्यम से होगा डिजिटल सर्वे। अधिकारियों ने कार्यप्रणाली, प्रगणक और पर्यवेक्षक के दायित्वों की जानकारी दी। कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में जनगणना 2027 की आवश्यक जानकारी देते हुए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को भारत की जनगणना के संबंध में संक्षिप्त परिचय एवं नीति निर्माण सहित जनगणना 2027 के मुख्य बिंदुओं एवं प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कर्ता अधिकारियों द्वारा सभा कक्ष में उपस्थित जिले के समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारी (तहसीलदार), जिला सूचना अधिकारी को प्रक्रिया में आंकड़ों की सटीकता के महत्व आदि की जानकारी विस्तार पूर्वक दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के दौरान डेटा संग्रह और उसकी जांच की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि आंकड़ा संग्रहण करने के लिए प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर स्वयं के मोबाइल फोन में एप के माध्यम से जानकारी एकत्रित करना तथा स्वगणना (एसई) पोर्टल के माध्यम से जानकारी का एकत्रीकरण किए जाने के संबंध में भी अवगत कराया गया। स्वगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापित कर सबमिट किया जाएगा। इसी प्रकार प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के कार्य प्रवाह के संबंध में भी विस्तार पूर्वक समझाया गया। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि पूरी जनगणना प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षण, एचएलबी की पहचान तथा लेआउट मैप, डेटा संग्रहण एवं सत्यापन, डेटा सिंक एवं पर्यवेक्षण तथा समापन और प्रमाणन प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा। बैठक के दौरान प्रगणकों के मुख्य कर्तव्यों से भी उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसमें प्रशिक्षण, मोबाइल एप के उपयोग, मकान सूचीकरण, एचएलबी का लेआउट तैयार करना, एचएलओ एप के माध्यम से डेटा एकत्रित करना सहित पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने जैसे घटकों की जानकारी दी गई। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि इसी प्रकार पर्यवेक्षकों के मुख्य कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि सुपरवाइजर ऐप और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से प्रगणक के डेटा की निगरानी, फील्ड कार्य के दौरान प्रगणक को इस कार्य से संबंधित कोई समस्या आए तो उसका निराकरण जैसी अन्य जानकारी भी प्रदान की गई। जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल (SE पोर्टल), मोबाइल एप (HLO APP) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन की कार्ययोजना है। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। सागर की जिला स्तरीय टीम का प्रशिक्षण 17-18 फरवरी को ग्रामीण क्षेत्र के लिए और 19-20 को शहरी क्षेत्र की ट्रेनिंग का आयोजन किया जा रहा है।
खबर जिला सागर से। जनगणना महाअभियान का शुभारंभ 1 मई से जनगणना का कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए करें स्वगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक जानकारी अपडेट कर सकेंगे - कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. जनगणना के प्रथम चरण का प्रशिक्षण शुरू तीन चरणों में होगी जनगणना सागर 17 फरवरी 2026 जनगणना का सभी कार्य पूरी पारदर्शिता एवं निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए करें एवं स्व गणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब अपनी जानकारी अपडेट कर सकेंगे। साथ ही डेटा कलेक्शन पूरे विश्वास के साथ करें। उक्त जानकारी कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. ने जनगणना–2027 जिला स्तरीय अधिकारियों को दिए जा रहे प्रशिक्षण में दी। कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. ने बताया कि जनगणना 2027 का कार्य तीन चरणों में होना है, जिसमें सर्वप्रथम 1 मई से मकानों की गणना की जाएगी। इसी प्रकार आगे के दो चरण होंगे। उन्होंने कहा कि प्रगणकों को नियुक्त किया जाएगा, उनका प्रशिक्षण विस्तार से दिया जाए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, समस्त एसडीएम, तहसीलदार, चार्ज अधिकारी श्री पी. एल. प्रजापति, मास्टर ट्रेनर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। घर-घर डेटा संग्रहण के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। मोबाइल एप के माध्यम से होगा डिजिटल सर्वे। अधिकारियों ने कार्यप्रणाली, प्रगणक और पर्यवेक्षक के दायित्वों की जानकारी दी। कलेक्टर कार्यालय के सभा कक्ष में जनगणना 2027 की आवश्यक जानकारी देते हुए राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों हेतु जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को भारत की जनगणना के संबंध में संक्षिप्त परिचय एवं नीति निर्माण सहित जनगणना 2027 के मुख्य बिंदुओं एवं प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षण कर्ता अधिकारियों द्वारा सभा कक्ष में उपस्थित जिले के समस्त अनुविभागीय जनगणना अधिकारी, चार्ज जनगणना अधिकारी (तहसीलदार), जिला सूचना अधिकारी को प्रक्रिया में आंकड़ों की सटीकता के महत्व आदि की जानकारी विस्तार पूर्वक दी गई। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना 2027 के दौरान डेटा संग्रह और उसकी जांच की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई। बताया गया कि आंकड़ा संग्रहण करने के लिए प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर स्वयं के मोबाइल फोन में एप के माध्यम से जानकारी एकत्रित करना तथा स्वगणना (एसई) पोर्टल के माध्यम से जानकारी का एकत्रीकरण किए जाने के संबंध में भी अवगत कराया गया। स्वगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक जानकारी अपडेट कर सकेंगे, जिसे बाद में प्रगणक द्वारा सत्यापित कर सबमिट किया जाएगा। इसी प्रकार प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों को प्रगणक और पर्यवेक्षक के कार्य प्रवाह के संबंध में भी विस्तार पूर्वक समझाया गया। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि पूरी जनगणना प्रक्रिया के दौरान प्रशिक्षण, एचएलबी की पहचान तथा लेआउट मैप, डेटा संग्रहण एवं सत्यापन, डेटा सिंक एवं पर्यवेक्षण तथा समापन और प्रमाणन प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा। बैठक के दौरान प्रगणकों के मुख्य कर्तव्यों से भी उपस्थित अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसमें प्रशिक्षण, मोबाइल एप के उपयोग, मकान सूचीकरण, एचएलबी का लेआउट तैयार करना, एचएलओ एप के माध्यम से डेटा एकत्रित करना सहित पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने जैसे घटकों की जानकारी दी गई। राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनर श्री शिवांशु कुमार एवं श्री पवन कुमार ने बताया कि इसी प्रकार पर्यवेक्षकों के मुख्य कर्तव्यों से अवगत कराते हुए बताया गया कि सुपरवाइजर ऐप और फील्ड निरीक्षण के माध्यम से प्रगणक के डेटा की निगरानी, फील्ड कार्य के दौरान प्रगणक को इस कार्य से संबंधित कोई समस्या आए तो उसका निराकरण जैसी अन्य जानकारी भी प्रदान की गई। जनगणना 2027 में स्व-गणना पोर्टल (SE पोर्टल), मोबाइल एप (HLO APP) के माध्यम से आंकड़ों का संकलन किया जाएगा। इसी क्रम में मकान सूचीकरण ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) वेब पोर्टल के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉक का सृजन की कार्ययोजना है। जनगणना प्रबंधन और निगरानी प्रणाली वेब पोर्टल के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाएगी। सागर की जिला स्तरीय टीम का प्रशिक्षण 17-18 फरवरी को ग्रामीण क्षेत्र के लिए और 19-20 को शहरी क्षेत्र की ट्रेनिंग का आयोजन किया जा रहा है।
- खबर जिला सागर के शाहगढ़ से है। फर्जी, डीएसपी बन l नौकरी दिलाने के नाम पर लगा रहे लोगों को चूना।जब, लोगों को शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना, धरा गए नक़ली डीएसपी,और उनकी बुलेरो।1
- .. तहसील में अधिकारी नदारद, बुजुर्ग महिलाएं होती रही परेशान1
- मंदिर की राशि पर डाका?” बेरखेड़ी में संत रविदास मंदिर फंड घोटाले का आरोप, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी1
- मां जानकी करीला मंदिर पर अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से वालंटियरों,नगर परिषद कर्मचारियों,पुलिस विभाग आदि को एसडीआरएफ अशोकनगर द्वारा अग्नि सुरक्षा का दिया गया प्रशिक्षण। मां जानकी करीला मंदिर प्रांगण में बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुंगावली इसरार खान के निर्देश पर एसडीआरएफ अशोकनगर टीम एवं मुंगावली नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के द्वारा भेजी गई फायर ब्रिगेड प्रभारी नवेद काज़ी की टीम द्वारा करीला धाम ट्रस्ट के सभी वालंटियरों को अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र द्वारा आग़ पर काबू पाने की प्रक्रिया समझाई गई एवं फायर उपकरण चलाकर आग नियंत्रण करने की विधि बताई गईं। बता दें कि मां जानकी करीला धाम एक प्रसिद्ध स्थान है जहां श्रद्धालुओं का प्रतिदिन आवागमन बना रहता है इसके साथ ही विशेष त्योहार पर भी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का करीला धाम पर आगमन होता है जिसको मद्दे नजर रखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन सुरक्षा का प्रशिक्षण आयोजित किया गया प्रशिक्षण में करीला ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव तहसीलदार मुंगावली सुश्री सोनम शर्मा बहादुरपुर तहसीलदार कैलाशचंद्र मालवीय राजस्व विभाग से रईस खान एसडीआरएफ टीम से ट्रेनर आशीष ऋषिश्वर सब इंस्पेक्टर एसडीआरएफ के जवान विवेक राहुल अरविंद कपिल देवेंद्र नीरज आदि जवान उपस्थित रहे।नगर परिषद से फायर ब्रिगेड प्रभारी नवेद काजी फायर ड्राइवर प्रेमनारायण नरवरिया भगवत कुशवाह एवं समस्त पटवारी, ट्रस्ट कर्मचारी वालेंटियर पुलिस जवान आदि उपस्थित रहे।4
- पूर्व मंत्री एवं विधायक खुरई भूपेंद्र सिंह के विशेष निर्देशों के परिपालन में संपूर्ण प्रक्रियाएं पूर्ण - कार्ययोजना हुई तैयार1
- Post by User32131
- हंसते गाते 🙏💞💕😄🥰1
- खबर जिला सागर से। जिला पुलिस सागर दिनांक: ___ *Dial 112 की साहसिक कार्यवाही से कुएं में गिरे हिरण के शावक को मिला नया जीवन* *Dial 112 को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि देवलचौरी–सेमरा घाट रोड, खेरई, जैसिनगर क्षेत्र में एक कुएं में हिरण का शावक गिर गया है। सूचना के अनुसार शावक जीवित था तथा कुएं में पानी भरा होने से उसकी जान को गंभीर खतरा था। सूचना इवेंट नंबर 26020441747 के माध्यम से मिलते ही सागर कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल थाना मोतीनगर क्षेत्र की Dial 112 एफआरवी को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए पायलट साजिद खान स्वयं कुएं में उतरे और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हिरण के शावक को सुरक्षित बाहर निकाला। तत्पश्चात वन विभाग को सूचना देकर शावक को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। चिकित्सकीय परीक्षण उपरांत शावक पूर्णतः स्वस्थ पाया गया। इस सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रभारी 112 आर.के.एस. चौहान, आरक्षक महेंद्र, आरक्षक पवन दीपक एवं पायलट साजिद खान का विशेष योगदान रहा। टीम की त्वरित निर्णय क्षमता, तकनीकी समन्वय एवं मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक बेजुबान वन्यजीव का जीवन सुरक्षित किया जा सका। यह घटना पुनः सिद्ध करती है कि Dial 112 सेवा न केवल मानव जीवन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि पशु-पक्षियों एवं वन्यजीवों की रक्षा में भी समान रूप से सजग और संवेदनशील है। सागर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 पर सूचना दें। आपकी सजगता और हमारी तत्परता मिलकर हर जीवन की रक्षा कर सकती है। सागर डायल 112 — सेवा, संवेदना और साहस का प्रतीक।1