देश के दिग्गज निशानेबाज और पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा का शनिवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। 49 वर्षीय जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब 3:52 बजे एक चार्टर्ड विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुँचा। एयरपोर्ट स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स पर प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि के बाद, उनके पार्थिव शरीर को सीधे चांदमारी स्थित कासा रिसॉर्ट ले जाया गया, जहाँ उसे अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके उपरांत, वहाँ से शव यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई। बाबतपुर एयरपोर्ट पर एसडीएम पिंडरा, एडीएम, एसीपी गोमती जोन और कोतवाली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व आजमगढ़ जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह सहित कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे। जसपाल राणा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ा है, लेकिन वाराणसी में उनके अंतिम संस्कार के पीछे उनकी स्वयं की अंतिम इच्छा बताई जा रही है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्होंने कई बार अपने परिजनों के सामने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ही अपना अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा जताई थी। उनके चाचा राजेंद्र राणा ने इस बात की पुष्टि की कि परिवार ने उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए वाराणसी में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया है। हिंदू धर्म में मोक्ष की नगरी मानी जाने वाली वाराणसी का मणिकर्णिका घाट सबसे पवित्र श्मशान घाटों में से एक है, जहाँ अंतिम संस्कार को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है। देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गौरवपूर्ण उपलब्धियां दिलाने वाले जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, शुभचिंतकों और गणमान्य लोगों के पहुँचने की संभावना है।
देश के दिग्गज निशानेबाज और पद्मश्री एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित जसपाल राणा का शनिवार को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। 49 वर्षीय जसपाल राणा का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब 3:52 बजे एक चार्टर्ड विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुँचा। एयरपोर्ट स्थित एयर कार्गो कॉम्प्लेक्स पर प्रशासनिक अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि के बाद, उनके पार्थिव शरीर को सीधे चांदमारी स्थित कासा रिसॉर्ट ले जाया गया, जहाँ उसे अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके उपरांत, वहाँ से शव यात्रा मणिकर्णिका घाट के लिए रवाना हुई। बाबतपुर एयरपोर्ट पर एसडीएम पिंडरा, एडीएम, एसीपी गोमती जोन और कोतवाली पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व आजमगढ़ जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह सहित कई प्रमुख लोग भी उपस्थित रहे। जसपाल राणा का परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी जिले से जुड़ा है, लेकिन वाराणसी में उनके अंतिम संस्कार के पीछे उनकी स्वयं की अंतिम इच्छा बताई जा रही है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, उन्होंने कई बार अपने परिजनों के सामने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर ही अपना अंतिम संस्कार किए जाने की इच्छा जताई थी। उनके चाचा राजेंद्र राणा ने इस बात की पुष्टि की कि परिवार ने उनकी इस अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए वाराणसी में अंतिम संस्कार कराने का निर्णय लिया है। हिंदू धर्म में मोक्ष की नगरी मानी जाने वाली वाराणसी का मणिकर्णिका घाट सबसे पवित्र श्मशान घाटों में से एक है, जहाँ अंतिम संस्कार को विशेष आध्यात्मिक महत्व दिया जाता है। देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई गौरवपूर्ण उपलब्धियां दिलाने वाले जसपाल राणा के निधन से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, शुभचिंतकों और गणमान्य लोगों के पहुँचने की संभावना है।
- विश्व फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपने 'मैजिक' से इतिहास रचते हुए साबित कर दिया है कि उम्र उनके लिए महज एक संख्या है। फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से करारी शिकस्त दी, और इस शानदार जीत के नायक 38 वर्षीय मेसी रहे, जिन्होंने अपने विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक दागकर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। मेसी ने इस मैच में तीनों गोल स्वयं करके न केवल अर्जेंटीना को विजयी आगाज दिया, बल्कि विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली। इस हैट्रिक के साथ उनके विश्व कप गोलों की संख्या 16 तक पहुँच गई है, जिससे उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह मेसी के विश्व कप करियर की पहली हैट्रिक है। इस कमाल के साथ, वे विश्व कप इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए हैं। अब पूरी दुनिया की निगाहें अर्जेंटीना के कप्तान मेसी पर टिकी हैं, क्योंकि इस विश्व कप में एक और गोल करते ही वे मिरोस्लाव क्लोज़े का रिकॉर्ड तोड़कर विश्व कप इतिहास के अकेले सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन जाएँगे। अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मैच को यादगार बनाते हुए मेसी ने एक बार फिर यह दर्शाया है कि फुटबॉल की सबसे बड़ी कहानियाँ अभी समाप्त नहीं हुई हैं। जब भी उनके कदम मैदान पर बढ़ते हैं, रिकॉर्ड टूटते हैं और नया इतिहास लिखा जाता है, क्योंकि 'यह सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, एक युग है... नाम है लियोनेल मेसी!'1
- उत्तर प्रदेश के 27 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस अलर्ट के बीच, राज्य में उमस और गर्मी में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जौनपुर में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। वहीं, प्रदेश में मानसून अब महराजगंज के करीब पहुंच चुका है।1
- केंद्रीय मंत्री और अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का भदोही-जौनपुर सीमा पर स्थित धौरहरा पुलिस चौकी के पास पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यह अभिनंदन मड़ियाहूं से मिर्जापुर जाते समय हुआ, जहाँ वरिष्ठ नेता अमजद अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया। इस स्वागत कार्यक्रम में महिलाओं सहित बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयघोष के बीच पूरे क्षेत्र का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा, और कार्यकर्ताओं में अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति सम्मान व समर्थन व्यक्त करने का खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान पूरा क्षेत्र राजनीतिक रंग में रंगा हुआ नजर आया, जहाँ कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मंत्री के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और समर्थन का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष हरिलाल पाल, राजदेव पटेल, कप्तान सरोज, किरण चौरसिया, सनी बिंद और सरफराज नवाज सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। यह स्वागत कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल का भदोही-जौनपुर सीमा पर स्थित धौरहरा पुलिस चौकी के पास पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। यह अभिनंदन तब हुआ जब वे मड़ियाहूं से मिर्जापुर जा रही थीं, वरिष्ठ नेता अमजद अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। इस स्वागत कार्यक्रम में महिलाओं सहित पार्टी के अनेक समर्थक मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और जोरदार जयघोष से पूरे क्षेत्र का माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा, और कार्यकर्ताओं ने अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति सम्मान तथा समर्थन व्यक्त करते हुए गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र राजनीतिक रंगों में रंगा नजर आया, जहाँ कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और सभी ने केंद्रीय मंत्री के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एवं समर्थन का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष हरिलाल पाल, राजदेव पटेल, कप्तान सरोज, किरण चौरसिया, सनी बिंद, सरफराज नवाज सहित कई अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। यह स्वागत कार्यक्रम शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के रिपोर्टर सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने जून माह के तीसरे बुधवार की सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं, जिसे उन्होंने नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश लाने वाला दिन बताया है। इस शुभ अवसर पर यह संकल्प लेने का आह्वान किया गया है कि समाज में मानवाधिकारों की रक्षा, कमजोर वर्गों के उत्थान और न्याय तथा समानता की स्थापना के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। एक जागरूक नागरिक के रूप में हर व्यक्ति के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने को कर्तव्य बताया गया है। ऑर्गेनाइजेशन ने सभी नागरिकों से प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक बेहतर व न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में अपना योगदान देने की अपील की है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि यह दिन सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता लेकर आए।1
- मंगलवार को वाराणसी के अस्सी घाट पर 'जन-जन का हो यही प्रयास, स्वच्छ रहे हर गंगा घाट' के उद्घोष के साथ एक स्वच्छता अभियान चलाया गया। 'नमामि गंगे' के स्वयंसेवकों ने मां गंगा की निर्मलता के आग्रह को लेकर गंगा तट की साफ-सफाई की। इस दौरान घाट की सीढ़ियों और किनारों से पॉलीथिन व अन्य प्रदूषित सामग्रियों को हटाकर उन्हें कूड़ेदान तक पहुँचाया गया। इस अभियान का संयोजन नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने किया। अभियान के अंतर्गत स्थानीय नागरिकों, पुरोहितों, दुकानदारों और पर्यटकों से इस जन-अभियान में शामिल होने की अपील की गई। आम जनता को पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली में शामिल करने और गंगा को निर्मल बनाए रखने के लिए जागरूक करते हुए कपड़े के झोले भी वितरित किए गए। स्वयंसेवकों ने हाथों में 'गंदगी है तो बीमारी है, सफाई है तो स्वास्थ्य है' और 'सबका साथ हो, गंगा साफ हो' जैसे नारों वाली तख्तियां लेकर घाट पर स्वच्छता की अलख जगाई। अभियान के दौरान विशेष रूप से उपस्थित उत्तर प्रदेश नमामि गंगे विभाग के संयोजक श्रीकृष्ण दीक्षित ने कहा कि धर्म तभी सार्थक होता है जब हम प्रकृति और अपनी गंगा माँ का सम्मान करें, और आस्था का सम्मान ही स्वच्छता का संकल्प है। उन्होंने गंगा को हमारी धरोहर बताते हुए इसकी निर्मलता बनाए रखने को परम कर्तव्य कहा। गंगा सेवक एवं नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला ने जोर दिया कि गंगा की स्वच्छता केवल एक पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवनदायिनी धरोहर से जुड़ा विषय है। उन्होंने इसे निर्मल बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य बताते हुए कहा कि गंगा सिर्फ एक नदी नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी पहचान और हमारी जीवनरेखा है, और छोटी-छोटी पहल ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं। इस श्रमदान अभियान में महानगर सहसंयोजक सारिका गुप्ता, महानगर प्रभारी पुष्पलता वर्मा, गीता दीक्षित, अतुल गुप्ता, अनूप भदौरिया, मनीष बाजपेयी, विधि दीक्षित और राहुल खन्ना सहित कई अन्य स्वयंसेवक उपस्थित रहे।1
- नेता विपक्ष राहुल गांधी कल कोटा में छात्रों के साथ संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम से पहले, प्रशासन द्वारा राहुल गांधी के कार्यक्रम से संबंधित होर्डिंग्स हटाए जा रहे हैं। साथ ही, कई कोचिंग संस्थानों को भी धमकी दी गई है कि वे राहुल गांधी के कार्यक्रम में शामिल न हों।1
- उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ सुल्तानपुर में लोगों पर पुलिस की मौजूदगी में ही जानलेवा हमला किया गया। इस घटना के दौरान पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप है। मूल पोस्ट में तीखे शब्दों में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून नाम की कोई चीज नहीं बची है और राज्य में कानून व्यवस्था लगातार बदतर होती जा रही है।1