तीन माह के मासूम का सौदा! नवजात तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, अपहरण के बाद बच्चे को बेचने की थी तैयारी—टीला मोड़ पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर सात आरोपियों को दबोचा। गाजियाबाद में नवजात और दुधमुंहे बच्चों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करने और निःसंतान दंपत्तियों को मोटी रकम में बेचने वाले गिरोह का थाना टीला मोड़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह ने करन गेट क्षेत्र से महज तीन माह के मासूम का अपहरण कर उसे बेचने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने सौदे को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह की दो महिला सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब करन गेट निवासी फुरकान ने 11 अगस्त को थाना टीला मोड़ में शिकायत दर्ज कराई कि उसके तीन माह के बेटे अलवक्श का 9 अगस्त को नौशाद और उसकी पत्नी रुकसार ने अपहरण कर लिया है। मासूम के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मैनुअल इनपुट, और सर्विलांस का सहारा लिया। लगातार की गई जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के संबंध में अहम सुराग मिले। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 12 अगस्त को हिंडन नदी चौकी क्षेत्र के फर्रुखनगर में घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अपहृत मासूम और घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने मासूम को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपियों के मुताबिक गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से नवजात और दुधमुंहे बच्चों वाले परिवारों को निशाना बनाते थे। गिरोह की महिलाएं ऐसे परिवारों में घुल-मिलकर पहले उनकी गतिविधियों और बच्चों की दिनचर्या की जानकारी जुटाती थीं। मौका मिलते ही बच्चे को अगवा कर लिया जाता था। इसके बाद बच्चे की तस्वीर खींचकर व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक भेजी जाती और निःसंतान दंपत्तियों से संपर्क कर सौदेबाजी शुरू की जाती थी। पूछताछ में सामने आया कि तीन माह के अलवक्श को भी इसी योजना के तहत 9 अगस्त को उसके घर से उठाया गया था। पुलिस के मुताबिक मासूम को कांधला, शामली निवासी मौसीना पत्नी नफीस को बेचने की बात चल रही थी। बच्चे को सितारा नाम की महिला के माध्यम से कांधला ले जाया जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने फर्रुखनगर में आरोपियों को दबोच लिया। शहर बदलकर बदलते थे ठिकाने पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य बच्चों की तस्करी के लिए लगातार स्थान बदलते रहते थे, ताकि उनकी पहचान और गतिविधियों का पता न चल सके। बच्चे की बिक्री से मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने बच्चों को अपना निशाना बनाया और किन-किन लोगों को बच्चों की बिक्री की गई। गिरफ्तार आरोपियों में ऐनुल, नौशाद, नागेंद्र उर्फ सुक्का, नसीम, आबिद, सुमित्रा और रुकसार शामिल हैं। वहीं सितारा पत्नी सहजाद और मौसीना पत्नी नफीस को पुलिस ने वांछित घोषित किया है। दोनों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
तीन माह के मासूम का सौदा! नवजात तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, अपहरण के बाद बच्चे को बेचने की थी तैयारी—टीला मोड़ पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर सात आरोपियों को दबोचा। गाजियाबाद में नवजात और दुधमुंहे बच्चों को निशाना बनाकर उनका अपहरण करने और निःसंतान दंपत्तियों को मोटी रकम में बेचने वाले गिरोह का थाना टीला मोड़ पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह ने करन गेट क्षेत्र से महज तीन माह के मासूम का अपहरण कर उसे बेचने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने सौदे को अंजाम तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरोह की दो महिला सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब करन गेट निवासी फुरकान ने 11 अगस्त को थाना टीला मोड़ में शिकायत दर्ज कराई कि उसके तीन माह के बेटे अलवक्श का 9 अगस्त को नौशाद और उसकी पत्नी रुकसार ने अपहरण कर लिया है। मासूम के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही मैनुअल इनपुट, और सर्विलांस का सहारा लिया। लगातार की गई जांच के दौरान पुलिस को गिरोह की गतिविधियों के संबंध में अहम सुराग मिले। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 12 अगस्त को हिंडन नदी चौकी क्षेत्र के फर्रुखनगर में घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से अपहृत मासूम और घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने मासूम को उसके परिजनों को सकुशल सौंप दिया। पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने का तरीका सामने आया तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपियों के मुताबिक गिरोह के सदस्य योजनाबद्ध तरीके से नवजात और दुधमुंहे बच्चों वाले परिवारों को निशाना बनाते थे। गिरोह की महिलाएं ऐसे परिवारों में घुल-मिलकर पहले उनकी गतिविधियों और बच्चों की दिनचर्या की जानकारी जुटाती थीं। मौका मिलते ही बच्चे को अगवा कर लिया जाता था। इसके बाद बच्चे की तस्वीर खींचकर व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों तक भेजी जाती और निःसंतान दंपत्तियों से संपर्क कर सौदेबाजी शुरू की जाती थी। पूछताछ में सामने आया कि तीन माह के अलवक्श को भी इसी योजना के तहत 9 अगस्त को उसके घर से उठाया गया था। पुलिस के मुताबिक मासूम को कांधला, शामली निवासी मौसीना पत्नी नफीस को बेचने की बात चल रही थी। बच्चे को सितारा नाम की महिला के माध्यम से कांधला ले जाया जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने फर्रुखनगर में आरोपियों को दबोच लिया। शहर बदलकर बदलते थे ठिकाने पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य बच्चों की तस्करी के लिए लगातार स्थान बदलते रहते थे, ताकि उनकी पहचान और गतिविधियों का पता न चल सके। बच्चे की बिक्री से मिलने वाली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने बच्चों को अपना निशाना बनाया और किन-किन लोगों को बच्चों की बिक्री की गई। गिरफ्तार आरोपियों में ऐनुल, नौशाद, नागेंद्र उर्फ सुक्का, नसीम, आबिद, सुमित्रा और रुकसार शामिल हैं। वहीं सितारा पत्नी सहजाद और मौसीना पत्नी नफीस को पुलिस ने वांछित घोषित किया है। दोनों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
- हर्ष विहार में सड़क या नाला—पता ही नहीं चलता! उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी विधानसभा क्षेत्र के हर्ष विहार, वार्ड नंबर 237 में सड़क की हालत बदहाल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क पर पानी और नाले का गंदा पानी भरा रहता है, जिससे सड़क और नाले का फर्क तक पता नहीं चलता। लोगों के मुताबिक, स्कूल जाते बच्चे, बाइक सवार, ऑटो और बैटरी रिक्शा चालक आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई बार बच्चे और वाहन नाले में गिर चुके हैं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने बचाया है। आरोप है कि विधायक सुरेंद्र कुमार और निगम पार्षद पूनम निर्मल से बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जलभराव और गंदगी के कारण मच्छर और बीमारी का खतरा भी बना हुआ है। अब स्थानीय लोगों का सवाल है—आखिर कब बनेगी सड़क और कब मिलेगा जलभराव से निजात?1
- #अनूपशहर विधायक संजय शर्मा के नेतृत्व में #भव्य_तिरंगा_यात्रा भाजपा कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल #अनूपशहर विधायक संजय शर्मा के नेतृत्व में #भव्य_तिरंगा_यात्रा भाजपा कार्यकर्ता भारी संख्या में शामिल1
- 15 अगस्त को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। दिल्ली के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील इलाकों और महत्वपूर्ण स्थानों पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस बल जगह-जगह तैनात है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।1
- भारतीय व्यापार महोत्सव में अजमेरा फैशन ने पेश की भारतीय टेक्सटाइल विरासत और विकास की झलक *अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली* नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। भारत मंडपम, नई दिल्ली में शुरू हुए भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 के पहले दिन अजमेरा फैशन लिमिटेड ने देश की समृद्ध टेक्सटाइल विरासत और उद्योग की विविधता को खास अंदाज में प्रदर्शित किया। 12 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस महोत्सव में अजमेरा फैशन के पवेलियन में देशभर के करीब 100 टेक्सटाइल वेंडर्स को एक साझा मंच दिया गया है। अजमेरा फैशन का पवेलियन केवल खरीद-बिक्री का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की यात्रा और विरासत को दर्शाने वाला मंच बना है। इसमें स्थानीय कारीगरों, निर्माताओं और व्यापारियों को एक साथ लाकर छोटे कारोबारियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और नए बाजारों से जुड़ने का अवसर दिया गया है। कढ़ाई के जरिए दिखी आधुनिक भारत की तस्वीर पवेलियन में प्रदर्शित एक विशेष लहंगा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस पर कढ़ाई के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अशोक चक्र और राष्ट्रीय ध्वज के प्रतीकों को दर्शाया गया है। साथ ही देश की हाल की अंतरिक्ष उपलब्धियों, सौर ऊर्जा परियोजनाओं, तकनीक और बुनियादी ढांचे में हुए बदलावों को भी कढ़ाई के जरिए प्रदर्शित किया गया है। परिधान पर ‘सबका साथ, सबका विकास’ और ‘विकसित भारत’ जैसे संदेश भी उकेरे गए हैं। अजमेरा फैशन लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ अजय अजमेरा ने कहा कि 100 वेंडर्स को एक साथ लाने का उद्देश्य भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की सामूहिक ताकत को राष्ट्रीय मंच पर सामने लाना है। उन्होंने कहा कि भारत की विरासत उसकी ताकत है, जबकि नवाचार और विकास इस विरासत को दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। महोत्सव के पहले दिन भारत की विकास यात्रा को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। वंदे भारत ट्रेन, मंगलयान मिशन, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, कृषि पहल, अंतरिक्ष अनुसंधान और सौर ऊर्जा के विस्तार सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति को नवाचार, बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और आत्मनिर्भरता से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। अजमेरा फैशन के अनुसार, 100 वेंडर्स की भागीदारी से भारत के टेक्सटाइल इकोसिस्टम को एक साझा मंच मिला है। इससे निर्माताओं, वेंडर्स और उद्यमियों को अधिक दृश्यता मिलने के साथ देशभर के बाजारों से जुड़ने का अवसर भी मिला है।1
- भारतीय शोषित सेना की मांग जनपथ मार्ग का नाम बदल कर स्वर्गीय रामविलास पासवान रखा जाए1
- #बहेड़ी में #आजाद #समाज_पार्टी #काशीराम की #प्रेस_कॉन्फ्रेंस #बहेड़ी में #आजाद #समाज_पार्टी #काशीराम की #प्रेस_कॉन्फ्रेंस1
- हिमाचल के सोलन जिले में सुबाथू के पास कठनी में स्थित Yogtirth Dhyanyog Ashram एवं Ayurved Shodh Sansthan एक ऐसा केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से लोग Ayurveda, Panchakarma और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से अपने स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के लिए पहुँचते हैं। आश्रम के अनुसार, यहाँ Ayurvedic doctors की consultation के बाद गठिया, diabetes, liver और kidney से जुड़ी समस्याएँ, skin problems, joint और spine pain, migraine, stress, sleep-related issues, women’s health सहित कई health concerns के लिए personalised Ayurvedic care दी जाती है। Cancer जैसी गंभीर बीमारियों के मामलों में किसी भी दावे को मुख्य चिकित्सा का विकल्प न मानें और अपने treating doctor की सलाह अवश्य लें।1
- 863 पक्षियों और जानवरों को बचाया गया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया दिल्ली के जमा मस्जिद थाने की टीम ने 863 पक्षियों और जानवरों को बचाया गया: सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने PFA, वर्ल्ड वाइड एनिमल, और फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट के साथ मिलकर कबूतर मार्केट में संयुक्त छापेमारी की। • अवैध वन्यजीव व्यापार के खिलाफ जामा मस्जिद के कबूतर मार्केट की पांच दुकानों पर संयुक्त छापेमारी की गई। • अलग-अलग पालतू जानवरों की दुकानों से 863 पक्षियों और जानवरों को बरामद/बचाया गया। • 431 ऐसे पक्षी बरामद किए गए जो प्रथम दृष्टया संरक्षित/प्रतिबंधित/अनुसूची (शेड्यूल) के अंतर्गत आते हैं। • 432 अन्य पक्षियों और जानवरों को क्रूर, भीड़-भाड़ वाली और अस्वच्छ स्थितियों से बचाया गया। • पांच लोगों की पहचान आरोपियों के तौर पर की गई और कानून के अनुसार उनसे मुचलका भरवाया गया। • जामा मस्जिद पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 432/2026 दर्ज की गई। • यह मामला वाइल्डलाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट और BNS के तहत दर्ज किया गया है। • अवैध वन्यजीव व्यापार में शामिल स्रोत, सप्लाई चेन और अन्य लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।1