झुंझुनूं जिले के कारी गांव निवासी छात्र उमेश सैनी ने नीट पेपर लीक प्रकरण से हताश होकर सीकर स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता नरेंद्र कड़वाल ने पीड़ित परिवार की आरएलपी सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल से वीडियो कॉल पर बात करवाई। इस दौरान हनुमान बेनीवाल ने परिवार को सांत्वना देते हुए छात्र को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि उमेश सैनी नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से मानसिक रूप से आहत थे। यह पिछले एक माह में दूसरी घटना है, जब नीट पेपर लीक मामले से परेशान होकर झुंझुनूं जिले के दो छात्रों ने सीकर में आत्महत्या कर ली है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
झुंझुनूं जिले के कारी गांव निवासी छात्र उमेश सैनी ने नीट पेपर लीक प्रकरण से हताश होकर सीकर स्थित अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के नेता नरेंद्र कड़वाल ने पीड़ित परिवार की आरएलपी सुप्रीमो व सांसद हनुमान बेनीवाल से वीडियो कॉल पर बात करवाई। इस दौरान हनुमान बेनीवाल ने परिवार को सांत्वना देते हुए छात्र को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ विपक्ष पर भी निशाना साधा। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि उमेश सैनी नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से मानसिक रूप से आहत थे। यह पिछले एक माह में दूसरी घटना है, जब नीट पेपर लीक मामले से परेशान होकर झुंझुनूं जिले के दो छात्रों ने सीकर में आत्महत्या कर ली है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल बना हुआ है।
- राजस्थान के झुंझुनूं जिले में राज्य सरकार के प्रभारी सचिव नवीन जैन ने सेवा शिविरों की वास्तविक सफलता का पैमाना आमजन की संतुष्टि और हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना बताया है। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और लंबित कामों का समाधान भी शिविरों में ही किया जाए। नवलगढ़ नगर पालिका में शहरी सेवा शिविर के निरीक्षण के दौरान नवीन जैन ने निर्देश दिए कि प्रत्येक आवेदनकर्ता को तुरंत रसीद दी जाए और कार्य पूरा होने की समय-सीमा भी बताई जाए। इसके बाद उन्होंने ग्राम पंचायत गोठड़ा का दौरा किया, जहाँ ग्रामीणों से सीधा संवाद कर मूंग मिनिकिट और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ वितरित किया। उन्होंने अधिकारियों को पंपलेट और जनसंपर्क के माध्यम से योजनाओं की जानकारी हर गाँव तक पहुँचाने के निर्देश दिए। झुंझुनूं नगर परिषद में आयोजित कार्यक्रम में भी नवीन जैन ने लाभार्थियों को पट्टे और विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सौंपा, साथ ही कचरा संग्रहण अभियान और निराश्रित पशुओं की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जरूरी दिशा-निर्देश दिए। दिन के अंत में, कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक हर हाल में पहुँचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिविरों में बैठने वाले कर्मचारियों को योजनाओं की पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि लोगों को सही मार्गदर्शन और त्वरित समाधान मिल सके। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने भी कहा कि प्रशासन का लक्ष्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक राहत और सुविधाएँ पहुँचाना है।1
- आज सुबह कुचामन और खिंवसर इलाके में एक भयंकर तूफान आया। यह तूफान अभी अजमेर की तरफ बढ़ रहा है, जिसका एक वीडियो भी सुबह का बताया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सावधान और सतर्क रहें।1
- चूरू जिले के निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इस स्थिति के साथ-साथ क्षेत्र में पड़ी तेज़ गर्मी से भी कुछ राहत महसूस की गई है।1
- सीकर जिले के लोसल कस्बे में एक भामाशाह ने अपने परिजनों की स्मृति में एक ई-लाइब्रेरी का निर्माण कराया है। यह पहल सामुदायिक शिक्षा और सुविधा के लिए की गई है।1
- चंडीगढ़ में एक हिमाचली व्यक्ति की जान लेने वाले तीन सनकी शूटर सामने आए हैं। ये वही तीन सनकी शूटर हैं जिन्होंने चंडीगढ़ में इस हिमाचली व्यक्ति की जान ली है।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में आयोजित हो रहे ग्रामीण सेवा शिविर आमजन के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बन रहे हैं। इसी क्रम में, सुजानगढ़ उपखंड की चरला ग्राम पंचायत और तारानगर उपखंड की भालेरी ग्राम पंचायत में लगे शिविरों में दो संवेदनशील मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ। चरला ग्राम पंचायत के ग्रामीण सेवा शिविर में सरोज देवी अपनी पुत्रियों सोनू और आयना के साथ पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि पति मदनराम के निधन के बाद परिवार आर्थिक संकट और बेटियों की शिक्षा-पालन-पोषण की चिंता से जूझ रहा था। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लेते हुए दोनों बालिकाओं की पात्रता जांच कर पालनहार योजना के तहत उनके आवेदन तुरंत स्वीकृत कर दिए। इस योजना से जुड़ने के बाद सोनू और आयना को शिक्षा, पालन-पोषण और अन्य जरूरी आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षा और मजबूती मिलेगी। सरोज देवी ने इस समाधान के लिए राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। वहीं, तारानगर उपखंड की भालेरी ग्राम पंचायत में 15 जून को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में यासीन नामक लाभार्थी को भी बड़ी राहत मिली। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत उन्हें लंबे समय से पेंशन राशि नहीं मिल रही थी, क्योंकि उनके नए बैंक खाते की जानकारी पीपीओ (पेंशन भुगतान आदेश) में अपडेट नहीं थी, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर में अधिकारियों और कार्मिकों ने उनकी समस्या सुनते ही तत्परता से नए बैंक खाते की जानकारी पीपीओ में अपडेट की, जिसके परिणामस्वरूप उनकी रुकी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन पुनः सुचारू रूप से शुरू हो गई। समस्या के तत्काल समाधान से प्रसन्न यासीन ने भी सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें नियमित रूप से पेंशन का लाभ मिल पाएगा। ये दोनों उदाहरण दर्शाते हैं कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं पात्र लोगों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचाई जा रही हैं, जिससे आमजन को मौके पर ही त्वरित समाधान मिल रहा है।1
- काली फिल्म लगाकर वाहन चलाने वाले चालकों को प्रशासन ने सतर्क किया है। स्पष्ट किया गया है कि अब ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चालान काटे जाएंगे।1
- भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने दावा किया है कि राहुल गांधी के राजस्थान में आने के बाद कांग्रेस के कई चापलूस नेता सामने आएंगे। हालांकि, इस बयान के बाद यह सवाल भी उठाया गया है कि आखिर राहुल गांधी को लेकर ऐसी बातें क्यों की जा रही हैं।1